राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और वर्ष 2015 के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार दिए। संगीत नाटक अकादमी का फेलोशिप (अकादमी रत्न) तथा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) कलाकारों तथा कला क्षेत्र के शिक्षकों और विद्वानों को दिया जाने वाला प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार है।
संगीत क्षेत्र में वर्ष 2015 का संगीत कला पुरस्कार निम्न कलाकारों को दिया गया
- हिन्दुस्तानी संगीत के लिए कृष्ण बिष्ट एवं मशकूर अली खान
- हिन्दुस्तानी वाद्य यंत्र-सितार के लिए कार्तिक कुमार
- हिन्दुस्तानी वाद्य यंत्र सरोद के लिए ब्रिज नारायण
- कर्नाटक गायन संगीत के लिए आर. एन. त्यागराजन एवं आर. एन. थरानाथन (संयुक्त पुरस्कार)
- कर्नाटक गायन संगीत के लिए सुगुण वर्धाचारी
- कर्नाटक वाद्य यंत्र वायलिन के लिए लालगुडी जी. जे. आर. कृष्णन
- कर्नाटक वाद्य यंत्र नागस्वरम हेतु एम. के. एस. सिवा
- सुगम संगीत के लिए भूपिंदर सिंह, हृदयनाथ मंगेशकर एवं प्रफुल्ल कर
निम्न कलाकारों को नृत्य क्षेत्र में 2015 का अकादमी पुरस्कार दिया गया
- भरतनाट्यम के लिए रंगनायकी जयरमन
- कथकली के लिए के. कुन्हीरमन
- कुचिपुड़ी के लिए जी. पदमजा
- ओडिसी के लिए आलोका कानूनगो
- सत्तरिया नृत्य के लिए शरोदी सैकिया
- मोहिनीअट्टम के लिए मंदाकिनी त्रिवेदी
- छऊ नृत्य के लिए सदाशिव प्रधान
- समकालिक नृत्य के लिए डब्ल्यू लोकेन्द्रजीत सिंह
- नृत्य के लिए संगीत के लिए राजकुमार भारती
निम्न कलाकारों को रंगमंच क्षेत्र में 2015 का अकादमी पुरस्कार दिया गया
- पटकथा लेखन हेतु नंद किशोर आचार्य एवं शफात खान
- निर्देशन के लिए परवेज अख्तर एवं मुश्ताक काक
- अभिनय के लिए मनोज एन. जोशी एवं हिमानी शिवपुरी
- पृष्ठभूमि डिजाइन के लिए प्रदीप मुले
- रंगमंच की अन्य विधाओं के लिए सरोजिनी नांगियार
- रंगमंच में ओवरऑल योगदान के लिए रानी बलबीर कौर
वर्ष 2015 के अकादमी पुरस्कारों के लिए इस श्रेणी में निम्न कलाकार पुरस्कृत किए गए
- राजस्थान की कव्वालियों हेतु सैयद साबरी जयपुरी
- पंजाब के लोक संगीत हेतु परमजीत सिंह सिद्धू
- छत्तीसगढ़ के लोकसंगीत के लिए खुमन लाल साओ
- बिहार के लोक रंगमंच के लिए रामचंद्र सिंह
- जम्मू एवं कश्मीर के लोक संगीत के लिए खेम राज सिंह
- केरल की मार्शल आट्र्स के लिए एस. आर. डी. प्रसाद
- महाराष्ट्र के लोक नृत्य हेतु छाया एवं माया खुटेगावकर (संयुक्त पुरस्कार)
- मणिपुर के पारंपरिक नृत्य और संगीत हेतु गंग्मे अलूना
- कठपुतली के लिए के. के. रामचंद्र पुलावर एवं टी एन शंकरनाथन
कला प्रदर्शन के लिए समग्र योगदान/ छात्रवृत्ति के क्षेत्र में
- शांता गोखले एवं चमन आहूजा
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