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सोमवार, 19 सितंबर 2022

करेंट अफेयर्स 2022 : अंडमान निकोबार द्वीप समूह देश का पहला स्वच्छ सुजल प्रदेश घोषित

केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सभी गांवों को हर घर जल सुविधा और खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह को देश का पहला स्वच्छ सुजल प्रदेश घोषित किया है। शेखावत ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी को इसका प्रमाण पत्र सौंपा।

गुरुवार, 21 जुलाई 2022

करेंट अफेयर्स 2022 : हेनले पासपोर्ट इंडेक्स-2022 जारी, भारत 87वें स्थान पर

  • लंदन की इमिग्रेशन कंसल्टेंसी 'हेनली एंड पार्टनर्स' की ओर से हेनले पासपोर्ट इंडेक्स-2022 में भारत 87वां स्थान पर रहा। यह रैंकिंग इंटरनेशन एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के डेटा पर आधारित है।
  • इंडेक्स में जापान का पासपोर्ट पहले स्थान पर रहा। जापान के लोग अपने पासपोर्ट से 193 देशों में वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं। 
  • रैंकिंग में दूसरे स्थान पर सिंगापुर और दक्षिण कोरिया हैं, जिनके पासपोर्ट से 192 देशों में बिना वीजा यात्रा की जा सकती है। जर्मनी और स्पेन ने तीसरा स्थान मिला हैं, जिससे वे 190 देशों की यात्रा कर सकते है। 
  • इंडेक्स की रैंकिंग में भारत 87वां स्थान पर रहा। भारत के नागरिक अपने पासपोर्ट से 60 देशों में बिना वीजा या वीजा ऑन अराइवल के जरिए यात्रा कर सकते हैं।  
  • दुनिया में सबसे खराब पासपोर्ट की रैंकिंग में पाकिस्तान चौथे (109वें) नंबर पर रहा। सीरिया तीसरे (110वें), इराक दूसरे (111वें) और अफगानिस्तान पहले (112वें) स्थान पर रहा।

करेंट अफेयर्स 2022 : मध्य प्रदेश के कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में बसाए जाएंगे चीते


  • मध्य प्रदेश के कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में बसाए जाएंगे चीते, नामीबिया से समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
  • भारत सरकार ने देश में एक बार फिर चीता परियोजना की शुरुआत की है। इसके लिए दक्षिणी अफ्रीकी देश नामीबिया के साथ वन्यजीव संरक्षण और सतत जैव-विविधता उपयोग संबंधी समझौता-ज्ञापन पर 20 जुलाई, 2022 को हस्ताक्षर किए गए।
  • समझौता ज्ञापन के तहत सितंबर, 2022 में ही नामीबिया से 12 चीते मध्य प्रदेश के कूनो-पालपुर नेशनल पार्क में बसाए जाएंगे।
  • वर्तमान में चीते की मौजूदगी दक्षिणी अफ्रीका के नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और जिम्बाब्वे में है, जहां वे अनुकूल पारिस्थितिकीय-जलवायु विविधता में रहते हैं। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने वर्ष 2010 से 2012 तक देश के 10 स्थानों का सर्वे कराया था। सर्वेक्षणों के बाद भारत में चीते के बसने लायक स्थान मध्यप्रदेश का कूनो-पालपुर नेशनल पार्क पाया गया।
  • कूनो राष्ट्रीय उद्यान की वर्तमान क्षमता अधिकतम 21 चीतों की है। एक बड़ा इलाका बहाल हो जाने के बाद वहां 36 चीतों को रखा जा सकता है। शिकार किये जाने वाले जंतुओं की उपलब्धता बढ़ाकर कूनो वन्यजीव प्रखंड (1280 वर्ग किलोमीटर) का शेष हिस्सा भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
  • कूनो-पालपुर राष्ट्रीय उद्यान के स्थानीय समुदायों के लिये जन जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं, जिनका स्थानीय शुभंकर 'चिंटू चीता' है।
  • नामीबिया के साथ हुए समझौता-ज्ञापन के तहत जैव-विविधता संरक्षण, जिसमें चीते के संरक्षण पर जोर दिया गया है। साथ ही चीते को उनके पुराने इलाके में दोबारा स्थापित करना है, जहां से वे विलुप्त हो गये हैं।
  • भारत में चीते को फिर से बसाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2020 में निर्देश दिए थे। इसके बाद पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) को इस महत्वपूर्ण कार्य का भार सौंपा। एनटीसीए का मार्गदर्शन सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नामित विशेषज्ञ समिति कर रही है।

चीते के साथ मानव हितों का टकराव कम

  • चीते का वैज्ञानिक नाम एसिनोनिक्स ज्यूबेटस है। 
  • अन्य बड़े मांसाहारी जंतुओं में चीते के साथ मनुष्यों के हितों का टकराव बहुत कम है, क्योंकि चीता मनुष्यों के लिये खतरा नहीं है तथा वे आम तौर पर मवेशियों के बड़े रेवड़ों पर हमला नहीं करता। 
  • शिकारी पशुओं की सर्वोच्च प्रजाति में से चीते की वापसी से ऐतिहासिक विकासपरक संतुलन कायम होगा, जिसका इको-प्रणाली के विभिन्न स्तरों पर भारी प्रभाव पड़ेगा। इस तरह वन्यजीवों के प्राकृतिक वासों (घास के मैदान, झाडिय़ों वाले मैदान और खुली वन इको-प्रणालियां) की बहाली और उनका बेहतर प्रबंधन संभव होगा। साथ ही उन पशुओं का भी संरक्षण करके उनकी संख्या बढ़ाई जायेगी, जिनका शिकार चीता करता है। 
  • भारत सरकार ने 1952 में चीते को विलुप्त घोषित किया था। इससे पहले कोरिया (छत्तीसगढ़) के महाराजा रामानुज प्रताप सिंह देव ने 1947 में तीन चीतों का शिकार किया था। इसके बाद से ही देश से चीते विलुप्त हो गए थे।
  • कूनो-पालपुर में चीते को बसाने के लिए 500 हेक्टेयर का बाड़ा तैयार किया गया है, जिसके चारों तरफ सोलर पावर से इलेक्ट्रिक फेंसिंग की गई है।

मंगलवार, 14 जून 2022

करेंट अफेयर्स 2022 : रक्षा मंत्रालय ने लॉन्च की 'अग्निपथ योजना' सेना में भर्ती होंगे 'अग्निवीर'


  • देश की थल सेना, वायु सेना और नौसेना में युवाओं को करियर का सुनहरा अवसर देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 'अग्निपथ योजना' को लॉन्च किया है। इसके तहत सेना में युवाओं की भर्ती होगी, जिन्हें 'अग्निवीर' कहा जाएगा।
  • 'अग्निपथ योजना' की लॉन्चिग नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 14 जून, 2022 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज पांडे, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार और वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने की।
  • अग्निपथ योजना
  • यह योजना युवाओं (लड़के/लड़कियों दोनों) को तीनों सेनाओं से जुड़कर देश सेवा करने का अवसर प्रदान करेगी। साथ ही सेना में करियर का रास्ता भी खोलेगी।
  • कुल पद : भारतीय थल सेना पहले-दूसरे वर्ष 40,000, तीसरे साल 45,000 और चौथे साल 50,000 अग्निवीर भर्ती होंगे।
  • भारतीय वायुसेना में पहले-दूसरे वर्ष 3,500 तीसरे साल 4,400 और चौथे साल 5,300 अग्निवीर भर्ती होंगे।
  • भारतीय नौसेना में पहले-दूसरे वर्ष 3,000, तीसरे साल 3,000 और चौथे साल 3,000 अग्निवीर भर्ती होंगे।
  • पहली भर्ती 90 दिनों के भीतर शुरू होगी, यानी पहला बैच 2023 में आ जाएगा।
  • आयु सीमा : 17 वर्ष 6 माह से 21 वर्ष तक
  • (भर्ती की इस आयु सीमा से सेनाओं की औसत आयु 32 से घटकर 24-26 वर्ष रह जाएगी।)
  • योग्यता : 10वीं और 12वीं पास, अग्निवीरों के लिए भी मेडिकल और फिजिकल फिटनेस के नियम वही रहेंगे, जो अब तक अन्य सैनिकों के लिए रहे हैं। यानी भर्ती सेना रैली के तहत ही होगी)
  • (10वीं और 12वीं पास युवाओं को अग्निवीर के तौर पर अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए मौका दिया जाएगा।)
  • सेवाकाल : 4 वर्ष
  • (इसके बाद अग्निवीर चाहे तो रेगुलर काडर के लिए आवेदन कर सकता है। तीनों सेनाओं में नियमित सेवा के लिए मेरिट और 4 साल के सेवाकाल का प्रदर्शन भी देखा जाएगा। एक बैच के 25 प्रतिशत युवा नियमित सेना के लिए पात्र होंगे।)
  • वेतनमान : पहले वर्ष में 4.76 लाख रुपए वार्षिक का पैकेज मिलेगा, जो चौथे वर्ष के अंत तक 6.92 लाख रुपए हो जाएगा।
  • (सर्विस समाप्ति पर 11.7 लाख रुपए का पैकेज मिलेगा। यह सेवा निधि कर मुक्त होगी। सेवा के दौरान शहादत होने पर परिजनों को 1 करोड़ रुपए और दिव्यांग होने या गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में 44 लाख रुपए का कवरेज मिलेगा)।
  • अग्निवीर को सेवा मुक्त किए जाने के बाद 'अग्निवीर स्किल सर्टिफिकेट' प्रदान किया जाएगा। जिससे उन्हें दूसरी नौकरी प्राप्त करने में आसानी होगी।

शनिवार, 7 मई 2022

करेंट अफेयर्स 2022 : केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर विधानसभा में होंगे 90 सदस्य

करेंट अफेयर्स 2022 : 6 मई 2022

राजपत्र में परिसीमन की अधिसूचना प्रकाशित

केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के पहले परिसीमन आयोग (Delimitation Commission) ने 5 मई, 2022 को परिसीमन आदेश को अंतिम रूप दिया। केंद्र सरकार ने 5 मई, 2022 को ही राजपत्र अधिसूचना प्रकाशित कर दी है। अब आगामी विधानसभा चुनाव इसी आधार पर होंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग से जुड़े निम्न बिंदू महत्वपूर्ण हैं-

1. जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग

  • आयोग का गठन 6 मार्च, 2020 को विधि मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर एक साल के लिए किया था। बाद में इसे 6 मई, 2022 तक बढ़ाया गया।
  • आयोग ने परिसीमन अधिनियम, 2002 की धारा 9(1)(ए) तथा जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 60(2)(बी) के प्रावधानों के आधार पर लोकसभा एवं विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन किया है।
  • परिसीमन आयोग अध्यक्ष - न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई (सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश)
  • पदेन सदस्य - सुशील चंद्रा (मुख्य चुनाव आयुक्त), के के शर्मा (राज्य चुनाव आयुक्त, केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर)

2. विधानसभा क्षेत्र

  • जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा क्षेत्र होंगे। इनमें जम्मू में 43 और कश्मीर घाटी में 47 विधानसभा सीटें होंगी।
  • 90 सीटों के अलावा पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) के लिए 24 सीटें खाली रखी गई हैं। ये सीटें पहले भी खाली रखी गईं थी।
  • अनुसूचित जातियों (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के लिए कुल 9 विधानसभा क्षेत्र आरक्षित किए गए हैं। इनमें 6 जम्मू और 3 विधानसभा क्षेत्र कश्मीर के लिए हैं। आरक्षित सीटों की संख्या निर्धारित करने के लिए वर्ष 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया।
  • प्रत्येक संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में 18 विधान सभा क्षेत्र होंगे।
  • स्थानीय प्रतिनिधियों की मांग को ध्यान में रखते हुए कुछ विधान सभा क्षेत्रों के नाम भी बदल दिए गए हैं। 58 नंबर विधानसभा (रियासी जिले में) का नाम श्री माता वैष्णो देवी रखा गया है।  बदले जाने वाले नामों में शामिल हैं - तांगमर्ग-एसी का नाम बदल कर गुलमर्ग-एसी, ज़ूनीमार-एसी का नाम बदल कर जैदीबल-एसी, सोनवार-एसी का नाम बदल कर लाल चौक-एसी, पैडर-एसी का नाम बदल कर पैडर-नागसेनी-एसी, कठुआ नॉर्थ-एसी का नाम बदल कर जसरोटा-एसी, कठुआ-साउथ एसी का नाम बदल कर कठुआ एसी, खुर-एसी का नाम बदल कर छंब-एसी, महोर-एसी का नाम बदल कर गुलाबगढ़-एसी, दरहाल-एसी का नाम बदल कर बुधल-एसी आदि।
  • आयोग ने विधान सभा में कश्मीरी प्रवासियों के समुदाय से कम से कम दो सदस्यों (उनमें से एक महिला होनी चाहिए) का प्रावधान और ऐसे सदस्यों को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधान सभा के मनोनीत सदस्यों की शक्ति के समान शक्ति देने की सिफारिश की है। 
  • साथ ही आयोग ने यह भी सिफारिश की है कि केंद्र सरकार पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर से विस्थापित व्यक्तियों के प्रतिनिधियों के नामांकन के माध्यम से पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर से विस्थापित व्यक्तियों को जम्मू और कश्मीर विधान सभा में कुछ प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर सकती है।

3. लोकसभा क्षेत्र

  • परिसीमन आयोग ने केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की लोकसभा सीटों की संख्या (कुल 5) में कोई बदलाव नहीं किया है।
  • परिसीमन आयोग ने प्रत्येक लोकसभा सीट में 18 विधानसभा क्षेत्र शामिल किए हैं।
  • जम्मू-कश्मीर के दोनों संभागों जम्मू और कश्मीर में दो-दो लोकसभा सीटें रखी गई हैं। जबकि एक लोकसभा क्षेत्र दोनों संभागों में फैला हुआ है।
  • जम्मू-कश्मीर की पुननिर्धारित पांच लोकसभा सीटें इस प्रकार हैं- 1. श्रीनगर 2. जम्मू, 3. बारामूला, 4. अनंतनाग-राजौरी 5. ऊधमपुर।

4. 1995 में हुआ था जम्मू-कश्मीर में परिसीमन

  • केंद्रशासित प्रदेश बनने से पूर्व तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन; जम्मू और कश्मीर राज्य के संविधान तथा जम्मू और कश्मीर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1957 द्वारा शासित था। जम्मू-कश्मीर में इससे पहले सन् 1963, 1973 व 1995 में परिसीमन की प्रक्रिया हो चुकी है।

5. क्या होता है परिसीमन (Delimitation)

  • किसी भी प्रकार के प्रत्यक्ष निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा तय करने की प्रक्रिया को परिसीमन (Delimitation) कहा जाता है। इसका मुख्य आधार जनसंख्या आधारित होता है, लेकिन सीट तय करने के लिए क्षेत्रफल, भौगोलिक परिस्थितियों और संचार आदि की सुविधा पर भी विचार किया जाता है।

सोमवार, 31 जनवरी 2022

ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट-2022

स्पेन के राफेल नडाल बने सबसे अधिक ग्रैंड स्लैम जीतने वाले खिलाड़ी

  • वर्ष के पहले ग्रैंड स्लेम 'ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट-2022' के पुरुष एकल का खिताब स्पेन के राफेल नडाल ने जीता। यह नडाल का 21वां खिताब है। वे दुनिया के पहले टेनिस खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 21 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। अब तक वे 20-20 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने के मामले में रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर थे। ऑस्ट्रेलियन ओपन उन्होंने दूसरी बार जीता है। उन्होंने फाइनल में रूस के डेनिल मेदवेदेव को हराया।

एश्ले बार्टी ने जीता महिला एकल वर्ग का खिताब

  • दुनिया की नम्बर एक महिला टेनिस खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट-2022 के महिला एकल वर्ग का खिताब जीत लिया है। बार्टी ने खिताबी मुकाबले में अमेरिका की डेनिएल कॉलिन्स को हराया। बार्टी ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान एक भी सेट नहीं गंवाया। वे 1978 के बाद 44 साल में इस ग्रैंड स्लैम को जीतने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं। इससे पहले क्रिस ओÓनील ने आखिरी बार यह खिताब जीता था।

ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट-2022 के युगल वर्ग के विजेता

  • महिला युगल का खिताब चेक गणराज्य की बारबरा क्रेसिकोवा और कैटरिना सिनियाकोवा की जोड़ी ने जीता। उन्होंने फाइनल में डेनिलिना और मेइया की जोड़ी को हराया।
  • पुरुष युगल का खिताब ऑस्ट्रेलिया के निक किर्गियोस और थानासी कोकिनाकिस की जोड़ी ने जीता। इस जोड़ी ने फाइनल में हमवतन मैथ्यू एबडेन और मैक्स परसेल को हराया।
  • मिश्रित युगल का खिताब फ्रांस की क्रिस्टीना म्लादेनोविक और क्रोएशिया के इवान डोडिग ने जीता। इस जोड़ी ने फाइनल में जैमी फोरलिस और जेसन कुबलर की जोड़ी को हराया।