विश्व विरासत दिवस
(World Heritage Day)
आज का दिन : 18 अप्रेल 2026- प्रतिवर्ष 18 अप्रेल को विश्व विरासत दिवस मनाया जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र के मुख्य घटक 'संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन' यानी यूनेस्को की ओर से पहली बार विश्व विरासत दिवस 18 अप्रेल, 1983 को मनाया गया। वर्तमान में विश्व स्तर पर इसे इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (ICOMOS) द्वारा मनाया जाता है।
- विश्व विरासत दिवस को International Day for Monuments and Sites के नाम से भी जाना जाता है।
- हमारे पूर्वजों की अनमोल वस्तुओं को संजोकर रखना और उनके प्रति लोगों को जागरूक करना ही विश्व विरासत दिवस या विश्व धरोहर दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है।
- इतिहास में जाएं तो एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1968 ई. में विश्व प्रसिद्ध इमारतों और प्राकृतिक स्थलों की रक्षा के लिए एक प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र के सामने 1972 ई. में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान रखा गया, जहां ये प्रस्ताव पारित हुआ। भारत नवंबर, 1977 में इसका हिस्सा बना।
- 18 अप्रैल, 1978 ई. में विश्व के कुल 12 स्थलों को विश्व विरासत स्थलों की
सूची में शामिल किया गया। यह कार्य 'यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर' के तहत
किया गया। इस दिन को तब 'विश्व स्मारक और पुरातत्व स्थल दिवस' के रूप में
मनाया जाता था।
- वर्तमान यानी 2025 में विश्व धरोहर सूची में 1223 स्थल शमिल हैं। इनमें 952 सांस्कृतिक स्थल, 231 प्राकृतिक स्थल और 40 स्थल शामिल हैं। दुनिया के 196 देश अक्टूबर, 2024 तक विश्व धरोहर सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं।
- भारत के 43 स्थल विश्व विरासत सूची में शामिल हैं और यूनेस्को की संभावित सूची में 62 स्थल शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही मुख्य सूची में स्थान मिलने की उम्मीद है।
- हाल ही नई दिल्ली में 21 से 31 जुलाई 2024 तक विश्व धरोहर समिति का 46वां सत्र आयोजित किया। यह भारत की मेजबानी में आयोजित विश्व धरोहर समिति का पहला सत्र है। इसमें 140 से अधिक देशों के लगभग 2900 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 18 अप्रेल, 2026 को विश्व विरासत दिवस पर देश के एएसआई स्मारकों में आगंतुकों का प्रवेश नि:शुल्क रखने की घोषणा की है।
'एक विरासत को अपनाओ' कार्यक्रम
- भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से 'एक विरासत को अपनाओ' कार्यक्रम 2017 में शुरू किया गया था। वर्ष 2023 में 'एक विरासत को अपनाओ 2.0' के रूप में इसे नया रूप दिया गया। यह कार्यक्रम निजी और सार्वजनिक कंपनियों को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड का उपयोग संरक्षित स्मारकों पर सुविधाओं को विकसित करने की अनुमति देता है। अब तक इस कार्यक्रम के तहत 21 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। हमारे देश में 3,697 प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल हैं, जिन्हें राष्ट्रीय महत्व का घोषित किया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई इनका संरक्षण और रखरखाव करती है।
- देश का पहला पुरातत्व अनुभव संग्रहालय: हाल ही केंद्रीय गृहमंत्री ने 16 जनवरी, 2025 को गुजरात के वडनगर में देश के पहले पुरातत्व अनुभव संग्रहालय का उद्घाटन किया।
- इसके अलावा हाल ही भारत की तीन साहित्यिक कृतियों- रामचरितमानस, पंचतंत्र और सहृदयलोकस्थान को मेमोरी ऑफ द वल्र्ड कमेटी फॉर एशिया एंड द पैसिफिक-2024 में अंकित की गई।
भारत के विश्व विरासत स्थल
- वर्ष 1983 ई. में पहली बार यूनेस्को ने भारत के चार ऐतिहासिक स्थलों ताजमहल, आगरा का किला, अजंता और एलोरा की गुफाओं को विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया था। आज देश के अनेक महत्वपूर्ण स्थल यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हैं। अब तक भारत के 44 स्थान विश्व विरासत सूची में स्थान पा चुके हैं।
भारत के संभावित विश्व विरासत स्थल
| क्रम | विश्व धरोहर स्थल | अधिसूचित वर्ष | राज्य |
|---|---|---|---|
| 1. | आगरा का किला | 1983 | आगरा, उत्तर प्रदेश |
| 2. | अजंता गुफाएं | 1983 | महाराष्ट्र |
| 3. | एलोरा गुफाएं | 1983 | महाराष्ट्र |
| 4. | ताजमहल | 1983 | आगरा, उत्तर प्रदेश |
| 5. | सूर्य मंदिर | 1984 | ओडिशा |
| 6. | महाबलीपुरम में स्मारकों का समूह | 1984 | तमिलनाडू |
| 7. | काजीरंगा नेशनल पार्क | 1985 | असम |
| 8. | केवलादेव नेशनल पार्क | 1985 | राजस्थान |
| 9. | मानस वन्यजीव अभयारण्य | 1985 | असम |
| 10. | गोवा के चर्च और कॉन्वेंट | 1986 | गोवा |
| 11. | खजुराहो स्मारकों का समूह | 1986 | मध्यप्रदेश |
| 12. | हम्पी में स्मारकों का समूह | 1986 | कर्नाटक |
| 13. | फतेहपुर सीकरी | 1986 | आगरा, उत्तरप्रदेश |
| 14. | एलिफेंट गुफाएं | 1987 | महाराष्ट्र |
| 15. | ग्रेट लिविंग चोल मंदिर | 1987 | तमिलनाडू |
| 16. | पट्टडकल में स्मारकों का समूह | 1987 | कर्नाटक |
| 17. | सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान | 1987 | बंगाल |
| 18. | नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान | 1988 | पश्चिम बंगाल |
| 19. | सांची में बौद्ध स्मारक | 1989 | मध्यप्रदेश |
| 20. | हुमायूं का मकबरा, दिल्ली | 1993 | दिल्ली |
| 21. | कुतुब मीनार और उसके स्मारक, दिल्ली | 1993 | दिल्ली |
| 22. | भारत के पर्वतीय रेलवे (ये तीन हैं) | 1999 | |
| 1. दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल), | |||
| 2. कालका-शिमला (हिमाचल प्रदेश), | |||
| 3. नीलगिरि (तमिलनाडु) | |||
| 23. | महाबोधि मंदिर परिसर | 2002 | बोधगया, बिहार |
| 24. | भीमबेटका के रॉक शेल्टर | 2003 | मध्यप्रदेश |
| 25. | छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (पूर्व में विक्टोरिया टर्मिनस) | 2004 | महाराष्ट्र |
| 26. | चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क | 2004 | गुजरात |
| 27. | लाल किला परिसर | 2007 | दिल्ली |
| 28. | जंतर मंतर, जयपुर | 2010 | दिल्ली |
| 29. | पश्चिमी घाट | 2012 | कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र |
| 30. | राजस्थान के पहाड़ी किले (कुल 6 किले) | 2013 | राजस्थान |
| इसमें राजस्थान के चित्तौडगढ़़, कुंभलगढ़, सवाई माधोपुर, जैसलमेर, जयपुर और झालावाड़ में स्थित छह राजसी किले शामिल हैं। | |||
| 31. | रानी की वाव (रानी की बावड़ी) | 2014 | पाटन, गुजरात |
| 32. | महान हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान | 2014 | हिमाचल प्रदेश |
| 33. | नालंदा, बिहार में नालंदा महाविहार का पुरातत्व स्थल | 2016 | बिहार |
| 34. | कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान | 2016 | सिक्किम |
| 35. | ले कोर्बुजिए का वास्तुशिल्प कार्य, आधुनिक आंदोलन में एक उत्कृष्ट योगदान | 2016 | चंडीगढ़ |
| 36. | अहमदाबाद शहर | 2017 | गुजरात |
| 37 | मुंबई के विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको एन्सेम्बल | 2018 | मुंबई |
| 38. | जयपुर शहर | 2019 | राजस्थान |
| 39. | काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर | 2021 | तेलंगाना |
| 40. | धोलावीरा: एक हड़प्पा शहर | 2021 | गुजरात |
| 41. | शांतिनिकेतन | 2023 | पश्चिम बंगाल |
| 42. | होयसल के पवित्र मंदिर समूह | 2023 | कर्नाटक |
| 43. | मोइदम्स: अहोम राजवंश की टीला-दफन प्रणाली | 2024 | असम |









