आज का दिन : 16 मई 2026
राष्ट्रीय डेंगू दिवस
(National Dengu Day)
- देश में प्रतिवर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है।
- भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से यह दिवस मनाया जाता है।
- इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मच्छर के काटने से होने वाले घातक वायरल रोग डेंगू के प्रति जागरुकता फैलाना है।
- राष्ट्रीय डेंगू दिवस डेंगू फैलने का मौसम (बरसात) शुरू होने से पहले मनाया जाता है ताकि देश में इस रोग के नियंत्रण के लिए निवारक उपायों की तैयारी को तेज किया जा सके।
- राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के निदेशालय, भारत में डेंगू की निगरानी और रोकथाम के लिए नोडल केंद्र है।
- भारत सरकार ने जुलाई माह को डेंगू विरोधी माह घोषित किया है।
डेंगू संबंधी तथ्यात्मक जानकारी
- डेंगू चार वायरसों डीईएनवी-1, डीईएनवी-2, डीईएनवी-3 और डीईएनवी-4 के कारण होने वाला एक वायरल रोग है। डेंगू इन्हीं चार डेंगू वायरसों में से किसी एक से मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है।
- एडीज इजिप्टी मच्छर दिन के समय काटता है।
- एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने के बाद तीन से चौदह दिनों के भीतर लक्षण विकसित होते है।
- डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति लक्षणों की शुरुआत के चार से पांच दिनों के दौरान एडीज मच्छरों के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।
- डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण प्रभावी वेक्टर नियंत्रण उपायों पर निर्भर करता है। सभी अस्पतालों को डेंगू के मामलों की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को देनी अनिवार्य होती है।
डेंगू के लक्ष्ण एवं उपचार
- डेंगू के दौरान रोगी को अचानक तेज बुखार होता है और फिर यह लगातार रहता है। तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द और चकत्ते हो जाते है।
- डेंगू हेमोरेजिक बुखार में तीव्र बुखार की शुरुआत होती है जिसके बाद पेट दर्द, उल्टी, रक्तस्राव भी हो सकता है।
- डेंगू के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवाएं नहीं हैं। डॉक्टर द्वारा सही प्रकार से इलाज लेने पर यह मृत्यु दर को एक प्रतिशत से कम करता है। रोगी के लिए पैरासिटामोल के साथ एनाल्जेिसिक (दर्द निवारक) का उपयोग तथा अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीना और पर्याप्त आराम करना जरूर होता है।
डेंगू से बचने के लिए सावधानियां
- प्लास्टिक के बर्तनों, बाल्टियों, उपभोग किए गए ऑटोमोबाइल टायरों, कूलर (वॉटर कूलर), पालतू पशुओं के पीने के पानी के बर्तनों और फूलदान आदि का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य बदला जाना चाहिए।
- उपयुक्त लाविसाइड (लार्वानाशी) का उपयोग जल भंडारण बर्तनों (कंटेनर) में किया जाना चाहिए, जिन्हें खाली नहीं किया जा सकता है।
- पानी के बर्तनों को ढक्कन से ढंका जाना चाहिए।
- मच्छरों के काटने से बचने के लिए दिन में एरोसोल का उपयोग किया जा सकता है।
- संचारण के मौसम (बरसाती मौसम) के दौरान सभी को हाथों और पैरों को ढंकने वाले कपड़े पहनने चाहिए।
- दिन में सोने के दौरान मच्छर दानी या मच्छर भागने वाले उत्पादों का उपयोग किया जा सकता है।
- मच्छरों के काटने को रोकने के लिए खिड़की की स्क्रीन, कीटनाशकयुक्त मच्छर दानी, कॉइल्स (मच्छर भागने वाली अगरबत्ती) और कीटनाशकों का छिड़काव जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय का उपयोग किया जा सकता है।










