बुधवार, 3 जून 2026

3 जून, 2026 : विश्व साइकिल दिवस

विश्व साइकिल दिवस
(World Bicycle Day)

आज का दिन : 3 जून, 2026

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  • प्रतिवर्ष 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाया जाता है।
  • 12 अप्रेल, 2018 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने हर साल 3 जून को विश्व साइकिल दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया। इस तरह सन् 2018 में प्रथम साइकिल दिवस मनाया गया।
  • विश्व साइकिल दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को साइकिल चलाने के प्रति प्रोत्साहित करना है, क्योंकि साइकिल पर्यावरण हित में, सेहत बढ़ाने वाली और सस्ती परिवहन सुविधा है।
  • सतत विकास के लिए साइकिल के संबंध में 15 मार्च 2022 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक और संकल्प अपनाया।
  • संयुक्त राष्ट्र के सतत् विकास लक्ष्य-2030 में खेलों को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसी कड़ी में विश्व भर में साइक्लिंग को प्रोत्साहन देने के लिए यूएन महासभा ने यह निर्णय लिया।
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक स्तर पर वर्ष 2018 से 2030 तक विभिन्न गतिविधियां की जाएंगी। विश्व साइकिल दिवस इन्हीं वैश्विक गतिविधियों का एक हिस्सा है।
  • हमारे देश में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से 22 दिसंबर, 2024 को 'फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल' अभियान की शुरुआत की गई। इस पहल में अब तक लगभग 3 लाख नागरिकों ने भाग लिया है, वहीं 3.44 बिलियन से अधिक लोगों ने डिजिटल समर्थन भी दिया है। हालांकि देश में साइकिल चालकों के लिए अलग से लेन बनाए जाने की सख्त आवश्यकता है।

साइकिल चलाने के फायदे

  • चार पहियों से दो पहिए तक का सफर करने वाली साइकिल से सफर करना बेहद सेहतमंद है। साइकिल से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। प्रतिदिन साइकिल चलाने से ब्रेन में हेल्प हार्मोंस का निर्माण होता है, जिससे स्ट्रेस दूर होता है। साइक्लिंग से ब्लड सेल्स और स्किन में पर्याप्त ऑक्सीजन की सप्लाई से स्किन ग्लो करती है। बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है, जिससे हार्ट भी हैल्दी रहता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 

मंगलवार, 2 जून 2026

2 जून 2026 : तेलंगाना स्थापना दिवस

तेलंगाना स्थापना दिवस

(Telangana Formation Day)

आज का दिन : 2 जून 2026

  • भारत के सबसे युवा राज्य तेलंगाना का स्थापना दिवस 2 जून को मनाया जाता है।
  • 2 जून, 2014 को आंध्र प्रदेश से अलग कर तेलंगाना राज्य का गठन किया गया। इसीलिए इस दिन को तेलंगाना दिवस या तेलंगाना गठन दिवस या तेलंगाना स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • अपने गठन के समय तेलंगाना देश का 29वां राज्य था। वर्तमान में यह 28वां राज्य है। तेलंगाना का अर्थ है- तेलुगभाषियों की भूमि। इस राज्य की अधिकांश आबादी तेलुगूभाषी है।
  • वर्तमान यानी 2026 में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला हैं।
  • वर्तमान यानी 2026 में तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी हैं।
  • तेलंगाना के प्रथम मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव थे।

तेलंगाना राज्य का गठन

  • केंद्रीय कैबिनेट ने 5 दिसंबर, 2013 को आंध्र प्रदेश से अलग कर तेलंगाना राज्य का निर्माण करने का निर्णय किया।
  • आंध्र प्रदेश विधानसभा में तेलंगाना विधेयक 30 जनवरी, 2014 को खारिज हो गया।
  • 8 फरवरी, 2014 को केंद्रीय कैबिनेट ने तेलंगाना विधेयक को मंजूरी दे दी।
  • इसके बाद 18 फरवरी, 2014 को लोकसभा और 20 फरवरी, 2014 को राज्यसबा में आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक पारित हुआ।
  • 1 मार्च, 2014 को राष्ट्रपति ने इस विधेयक पर अपने हस्ताक्षर किए।
  • 2 जून, 2014 से तेलंगाना राज्य विधिवत रूप से अस्तित्व में आया।
  • तेलंगाना की राजधानी के रूप में हैदराबाद को चुना गया। यह ऐतिहासिक शहर दस साल के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की संयुक्त राजधानी बनाया गया। आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती है।


तेलंगाना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

  • तेलंगाना की राजधानी - हैदराबाद है।
  • तेलंगाना का क्षेत्रफल - 1,14,840 वर्ग किमी
  • तेलंगाना के जिले - राज्य गठन के समय तेलंगाना में 10 जिले हैदराबाद, रंगारेड्डी, मेडक, नलगोंडा, महबूबनगर, वारंगल, करीमनगर, निजामाबाद , आदिलाबाद और खम्मम थे। वर्तमान यानी 2022 में तेलंगाना में 33 जिले हैं।
  • तेलंगाना से 17 लोकसभा सदस्य चुने जाते हैं। वहीं 7 राज्यसभा सीटें हैं।
  • तेलंगाना में द्विसदनीय विधानमंडल है। विधानसभा में 119 और विधान परिषद् में 40 सीटें हैं।
  • तेलंगाना की प्रमुख नदियां - गोदावरी, कृष्णा, भीमा, मूसी, मंजीरा।
  • उच्च न्यायालय - हैदराबाद
  • तेलंगाना के नृत्य - पेरिनी शिवतांडवम, बोनालू
  • तेलंगाना राज्य के उत्तर और उत्तर पश्चिम में महाराष्ट्र, पश्चिम में कर्नाटक, उत्तर-पूर्व में छत्तीसगढ़ और पूर्व में ओडिशा स्थित हैं।
  • तेलंगाना के वन्य जीव अभयारण्य - शिवराम वन्यजीव अभयारण्य और मंजीरा वन्य जीव अभयारण्य।

सोमवार, 1 जून 2026

1 जून 2026 : विश्व माता-पिता दिवस

विश्व माता-पिता दिवस

(Global Day of Parents)

आज का दिन : 1 जून 2026


  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिवर्ष 1 जून को विश्व माता-पिता दिवस यानी Global Day of Parents के रूप में मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 सितम्बर, 2012 को ग्लोबल डे ऑफ पैरेंट्स मनाने का प्रस्ताव स्वीकार किया था। पहला माता-पिता दिवस 1 जून, 2013 को मनाया गया। 
  • यूनिसेफ की ओर से ग्लोबल पेरेंट्स डे के हिस्से के रूप में जून माह को पेरेंटिंग मंथ के रूप में मनाया जा रहा है। महीने भर चलने वाले इस अभियान में माता-पिता बनने की खुशियों और चुनौतियों के बारे में मार्मिक कहानियां दिखाई जाएंगी।
  • ग्लोबल डे ऑफ पैरेंट्स को मनाने का उद्देश्य जीवन में माता-पिता का महत्व रेखांकित करते हुए उनके त्याग और बलिदान के प्रति श्रद्धा प्रकट की जाती है।
  • हमारी भारतीय संस्कृति में माता-पिता को देवताओं का स्थान प्राप्त है। पुराण-शास्त्रों में 'मातृ देवो: भव:' और 'पितृ देवो: भव:' से माता-पिता को जीवन में उच्च स्थान प्रदान किया गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसी से सम्बन्धित दूसरा दिवस 'अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस' प्रतिवर्ष 15 मई को मनाया जाता है। सन् 1993 में यह दिवस मनाने की घोषणा की गई थी। सन् 1994 को 'अंतरराष्ट्रीय परिवार वर्ष' के रूप में मनाया गया था।
  • अमेरिका में जुलाई के चौथे रविवार को नेशनल पैरेंट्स डे मनाया जाता है। वियतनाम में 7 जुलाई को तो फिलीपींस में दिसंबर महीने के पहले सोमवार को पैरेंट्स दिवस मनाया जाता है।

*विश्व माता-पिता दिवस-2026 का विषय/थीम* 

Together for Parents

1 जून 2026 : विश्व दुग्ध दिवस

विश्व दुग्ध दिवस

(World Milk Day)

आज का दिन : 1 जून 2026

*विश्व दुग्ध दिवस-2026 का विषय/थीम*
Celebrating Women Farmers
 

  • प्रतिवर्ष 1 जून को विश्व दुग्ध दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन की ओर से पहली बार 1 जून, 2001 को विश्व दुग्ध दिवस मनाया गया।
  • विश्व दुग्ध दिवस आम जनजीवन में दूध की आवश्यकता को रेखांकित करने के साथ ही डेयरी उद्योग को समर्पित है।
  • दूध को 'सम्पूर्ण आहार' का दर्जा दिया गया है। दूध हमें गाय, भैंस, भेड़, बकरी आदि से प्राप्त होता है। आजकल तो ऊंटनी का भी दूध प्रचलन में है, जिसमें प्रोटीन, विटामिन्स आदि की भरपूर मात्रा होती है। दूध हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। दूध में कैल्शियम, प्रोटीन, पोटेशियम, फॉस्फोरस, विटामिन डी, विटामिन बी 12, विटामिन ए, विटामिन बी2, नियासिन आदि पाए जाते हैं।

दूध उत्पादन में भारत प्रथम स्थान पर

  • दूध उत्पादन में भारत 1998 से विश्व में प्रथम स्थान पर है। भारत का वैश्विक दूध उत्पादन में 25 प्रतिशत हिस्सा है। 
  • डेयरी उद्योग से देश में लगभग 8 करोड़ परिवारों को आजीविका मिल रही है। वहीं डेयरी सेक्टर का देश की जीडीपी में 5 प्रतिशत योगदान है। 
  • वर्ष 2023-24 के दौरान देश में दूध का अतापदन 239.2 मिलियन टन हो गया है। 
  • राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश देश के शीर्ष पांच प्रमुख दूध उत्पादक राज्य हैं। 
  • केंद्र सरकार ने देश में दूसरी दुग्ध क्रांति के लिए दिसंबर, 2014 से राष्ट्रीय गोकुल मिशन चलाया हुआ है। इसके तहत राष्ट्रीय पशु उत्पादकता मिशन कार्यरत है।
  • भारत में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है। देश में श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन की जयंती पर यह दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2014 से यह दिवस मनाया जा रहा है।


*विश्व दुग्ध दिवस-2026 का विषय/थीम*

Celebrating Women Farmers

रविवार, 31 मई 2026

31 मई 2026 : विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस

(World No Tobacco Day)

आज का दिन : 31 मई 2026

  • प्रतिवर्ष 31 मई को 'विश्व तम्बाकू निषेध दिवस' मनाया जाता है। इस दिवस को विश्व धूम्रपान निषेध दिवस भी कहा जाता है।
  • सन् 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की विश्व स्वास्थ्य महासभा ने 7 अप्रेल 1988 को 'धूम्रपान न करने वाला एक विश्व' दिवस मनाया था। इसके बाद 1989 से 31 मई को 'विश्व तम्बाकू निषेध दिवस' मनाने का निर्णय लिया गया।
  • 'विश्व तम्बाकू निषेध दिवस' को मनाने का उद्देश्य तम्बाकू (धूम्रपान) के विरोध में माहौल तैयार कर आमजन को इसकी हानियों व खतरों के प्रति जागरुक करना है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हृदय संबंधी बीमारियों के कारण होने वाले अधिकांश मौतों की वजह तंबाकू उत्पाद एवं धूम्रपान है। उच्च रक्तचाप यानी हाई ब्लड प्रेशर के बाद तंबाकू हृदय संबंधी बीमारियों का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के पुरस्कार

  • विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से व्यक्तिगत व संस्था श्रेणी में अवार्ड प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2026 के डब्ल्यूएचओ महानिदेशक विशेष पुरस्कार के लिए व्यक्तिगत श्रेणी में यमन गणराज्य की प्रधानमंत्री डॉ. शया मोहसिन जिंदानी (विदेश मामलों और प्रवासी मंत्री) को चुना गया है।
  • डब्ल्यूएचओ अपने छह रीजन में तंबाकू नियंत्रण के लिए किए  गए प्रभावी कार्यों के लिए विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पुरस्कार प्रदान करता है। दक्षिण-पूर्व एशिया रीजन में वर्ष 2026 के विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पुरस्कार के लिए भारत के राजस्थान राज्य एवं ICMR - राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान, स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, म्यांमार के पीपल्स हेल्थ फांउडेशन, थाईलैंड के कार्यवाहन सब-लेफ्टिनेंट ट्राकुल थोथम और तंबाकू नियंत्रण अनुसंधान एवं ज्ञान प्रबंधन केन्द्र को चुना गया है।

भारत में तंबाकू नियंत्रण के प्रयास

  • भारत सरकार ने सन् 2003 में 'सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद' (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम पारित किया।
  • भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन सन् 2007 से पूरे देश में 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' (एनटीसीपी) संचालित किया जा रहा है। शुरुआत में इसे 21 राज्यों के 42 जिलो में पायलट परियोजना के रूप में प्रारम्भ किया गया था।
  • भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (पैकेजिंग और लेबलिंग) नियम, 2008' में 13 अप्रैल 2020 को संशोधन करते हुए कंपनियों को तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर सचित्र और बड़े-बड़े शब्दों में तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली हानियों को प्रदर्शित करने के लिए पाबंद किया है। इन प्रावधानों का उल्लंघन, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन, व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और  वितरण का निषेध) अधिनियम, 2003 की धारा 20 में निर्धारित प्रावधानों के तहत करावास या जुर्माने के साथ दंडनीय अपराध है।


*विश्व तम्बाकू निषेध दिवस-2026 का विषय/थीम*

Unmask the appeal – countering tobacco and nicotine addiction


शुक्रवार, 29 मई 2026

29 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस

अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस

(International Day of UN Peacekeepers)

आज का दिन : 29 मई 2026

*अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस-2026 का विषय/थीम*
Invest in Peace

  • प्रतिवर्ष 29 मई को 'अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस' मनाया जाता है।
  • सन् 2003 से प्रतिवर्ष 'अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस' मनाया जा रहा है। 1948 में स्थापित संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना को वर्ष 2024 में 76 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
  • 'अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस' मनाने के संबंध में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसम्बर 2002 को प्रस्ताव (57/129) पारित किया।
  • अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस को मनाने का मूल उद्देश्य शांति स्थापना हेतु शहीद हुए सैनिकों को याद करना एवं उन्हें सम्मान प्रदान करना है। इसी के साथ सभी पुरुष एवं महिला शांति सैनिकों को श्रद्धांजलि देना एवं उनके कार्यों, जज्बे एवं समर्पण का सम्मान करना है।
  • अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस को मनाने का आग्रह यूक्रेनी शांति स्थापना एसोसिएशन एवं यूक्रेन सरकार ने किया था।

संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षकों को डैग हैमर्शहोल्ड मेडल

  • अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस के उपलक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र द्वारा शांति हेतु सेवा करते हुए अपने प्राण गंवाने वाले सैनिको को मरणोपरांत डैग हैमर्शहोल्ड मेडल प्रदान किया जाता है। यह पदक संयुक्त राष्ट्र के दूसरे महासचिव डैग हैमर्शहोल्ड के नाम पर दिया जाता है। इसकी स्थापना दिसंबर, 2000 में की गई थी। 
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से दो भारतीय शांतिरक्षकों ब्रिगेडियर अमिताभ झा और हवलदार संजय सिंह को मरणोपरांत डैग हैमर्शहोल्ड मेडल-2025 से सम्मानित किया गया है।
  • वर्ष 2024 का UN Military Gender Advocate of the Year पुरस्कार घाना की स्क्वाड्रन लीडर शेरॉन साइम को दिया गया है। वहीं यूएन महिला पुलिस अधिकारी पुरस्कार से सिएरा लियोन की जैनब ग्बला को सम्मानित किया गया है।
  • पिछली बार यानी वर्ष 2023 के लिए भारत की मेजर राधिका सेन को UN Military Gender Advocate of the Year पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

1948 से हुई शुरुआत

  • प्रतिवर्ष 29 मई को ही इस दिवस को मनाने की वजह यह है कि इस दिन को सन् 1948 में संयुक्त राष्ट्र ट्रूस सुपरविजन ऑर्गेनाईजेशन (यूएनटीएसओ) को अरब-इसराइल युद्ध में शांति वार्ता की निगरानी रखने के लिए निर्धारित किया गया था।
  • भारत ने दुनिया में शांति स्थापना के लिए हमेशा ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सन् 1950 में भारत ने कोरिया को कस्टोडियन फोर्स प्रदान कर विश्व में शांति स्थापना में अपने योगदान की शुरुआत की।
  • संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान में वर्दीधारी कर्मियों की संख्या के मामले में योगदान देने वाला भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है। भारत के 6,000 से अधिक सैन्य और पुलिसकर्मी संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न शांति मिशनों में तैनात हैं।
  •  यह भी जानने योग्य है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रथम तीन महत्वपूर्ण शांति सहयोगियों में भारत भी शामिल है।

बढ़ते तनाव के इस दौर में, शांति-स्थापना स्थिरता और उम्मीद बहाल करने का एक आजमाया हुआ और किफायती तरीका है। लेकिन इसके लिए मज़बूत राजनीतिक समर्थन - और भरोसेमंद वित्तीय सहायता की ज़रूरत होती है।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस

*अंतरराष्ट्रीय शांति सैनिक दिवस-2026 का विषय/थीम*

Invest in Peace

29 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस

अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस

(International Everest Day)

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International Everest Day-2026
  • प्रतिवर्ष 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस मनाया जाता है।
  • 29 मई, 1953 को सुबह लगभग 11:30 बजे न्यूजीलैंड के सर एडमंड हिलेरी और नेपाल के शेरपा पर्वतारोही तेनजिंग नोर्गे ने 8848.86 मीटर ऊंचे एवरेस्ट शिखर पर पहला कदम रखा था।
  • एवरेस्ट की सफलता के लिए हिलेरी को नाइट की उपाधि दी गई थी। इस अभूतपूर्ण सफलता के कारण प्रतिवर्ष 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस मनाया जाता है।
  • इस दिन इतिहास में पहली बार कोई व्यक्ति समुद्र तल से 8848.86 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा था।
  • माउंट एवरेस्ट की सफलता पर्वतारोहण के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है। यह मानव उपलब्धि की सीमाओं और मानव दृढ़ता की क्षमता को दर्शाती है।
  • माउंट एवरेस्ट को संस्कृत और नेपाली में सागरमाथा, तिब्बती में चोमोलुंगमा और चीनी में जुमुलंगमा फेंग भी कहा जाता हैं।
  • नेपाल के कामी रीता शेरपा माउंट एवरेस्ट पर सर्वाधिक बार फतह हासिल करने वाले पर्वतारोही हैं। उन्होंने 27 मई, 2025 को अपनी 31वीं चढ़ाई पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। कामी रीता ने यह विश्व रिकॉर्ड भारतीय सेना की एडवेंचर विंग के एवरेस्ट अभियान की टीम का मार्गदर्शन करते हुए बनाया। कामी रीता ने 1992 में अपनी पर्वतारोहण यात्रा शुरू की थी। उन्होंने पहली बारी 1994 में एवरेस्ट फतह किया था।
  • करेंट अफेयर्स की दृष्टि से बात करें तो हाल ही 18 मई 2025 को राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी के पर्वतारोहण दल ने माउंट एवरेस्ट फतह किया है। एनसीसी का एवरेस्ट फतह का यह तीसरा सफल अभियान है। इससे पहले 2013 और 2016 में भी एनसीसी कैडेट टीम ने सफलता प्राप्त की थी। एनसीसी की 10 सदस्यीय टीम में 5 गर्ल्स और 5 बॉयज कैडेट थे। 
  • इसी प्रकार 27 मई, 2025 को भारतीय सेना के पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है थी। इसी चढ़ाई में नेपाल के कामी रीता शेरपा ने 31वीं बार माउंट एवरेस्ट को फतह करने का रिकॉर्ड बनाया था।

सोमवार, 18 मई 2026

18 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस

(International Museum Day)

आज का दिन : 18 मई 2026

अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 2026 थीम
Museums Uniting a Divided World

  • प्रतिवर्ष 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद या इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम (आईसीओएम) की ओर से सन् 1977 से 18 मई को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस मनाया जा रहा है।
  • म्यूजियम डे मनाने का उद्देश्य लोगों को संग्रहालयों के प्रति जागरुक करने के साथ ही अपने इतिहास को संजोने और उससे सीख लेने के लिए प्रेरित करना है।
  • अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय परिषद के अनुसार, 'संग्रहालय में ऐसी अनेक वस्तुएं सुरक्षित रखी जाती हैं, जो मानव सभ्यता की याद दिलाती हैं। संग्रहालयों में रखी गई वस्तुएं प्रकृति और सांस्कृतिक धरोहरों को प्रदर्शित करती हैं।'
  • इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ म्यूजियम्स की ओर से वर्ष 1948 से प्रतिवर्ष 3 वर्ष में जनरल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है। ‘26वीं जनरल कॉन्फ्रेन्स’ चेक गणराज्य की राजधानी प्राग में 20 से 28 अगस्त, 2022 तक आयोजित की गई। अब वर्ष 2025 में होने वाली 27वीं जनरल कॉन्फ्रेंस के मेजबान शहर के रूप में दुबई को चुना गया। यह कॉन्फ्रेंस 11 से 17 नवंबर, 2025 तक दुबई में आयोजित की गई। इस कॉन्फ्रेंस की थीम The Future of Museums in Rapidly Changing Communities रखी गई। 

सन् 1861 में हुई थी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना

  • संस्कृति मंत्रालय के अधीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (भा.पु.स.) [अंग्रेजी - Archaeological Survey of India (ASI)] राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासतों के पुरातत्वीय अनुसंधान तथा संरक्षण के लिए एक प्रमुख संगठन है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना सन् 1861 में की गई थी।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का इतिहास
  • भारत में पुरातात्विक और ऐतिहासिक खोज के प्रयासों की शुरुआत सर्वप्रथम सर विलियम जोन्स ने की। उन्होंने 15 जनवरी, 1784 को कलकत्ता में एशियाटिक सोसायटी का गठन किया। सोसायटी ने लोगों को भारत की पुरातन संपदा के बारे में जागरूक किया। सोसायटी ने पांडुलिपियों का संग्रहण किया।
  • विलियम जोंस से पूर्व भी टवेर्नियर, फिंच और बर्नियर, थेवेनॉट, कारेरी, फ्रायर, ओविंगटन, हैमिल्टन, एक्वेटिल डु पेरोन, जोसेफ टाईफेंथेलर, विलियम चैंबर जैसे उत्साही और मेहनती लोगों ने भारत के विभिन्न स्मारकों के सर्वेक्षण किए थे।
  • सन् 1814 में एशियाटिक सोसायटी द्वारा एकत्र की गई पुरातन भारतीय संपदा के लिए एक संग्रहालय की स्थापना की गई। बाद में एशियाटिक सोसायटी कलकत्ता की तर्ज पर ही मुंबई में सन् 1804 में और चेन्नई में सन् 1818 में ऐसी ही सोसायटी शुरू की गई।
  • सन् 1810 में स्मारकों के लिए बंगाल रेगुलेशन पहला  था।
  • सन् 1833 में जेम्स प्रिंसेप एशियाटिक सोसायटी के सचिव बने। उनकी सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि अशोक के शिलालेखों की ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को पढऩा रहा।
  • इसके बाद भी देश के विभिन्न हिस्सों से भारतीय पुरातत्व को प्रकाश में लाने में अनेक विद्वानों का सहयोग रहा, जिनमें जेम्स फग्र्यूसन, मार्खम किट्टो, एडवर्ड थॉमस, अलेजेंक्डर कनिंघम, वाल्टर एलियट, कॉलिन मैकेंजी, कर्नल मीडोज टेलर, डॉ. स्टीवेंशन आदि नाम उल्लेखनीय हैं।
  • जेम्स प्रिंसेप के सहयोगी बंगाल इंजीनियर्स के सेकेंड लेफ्टिनेंट अलेक्जेंडर कनिंघम ने सन् 1848 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लिए एक योजना तैयार की और इसे ब्रिटिश सरकार के सामने रखा। लेकिन सफल नहीं हुए।
  • इसी अवधि के दौरान यूनाइटेड किंगडम की रॉयल एशियाटिक सोसाइटी की सिफारिशों पर अंग्रेज सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर स्मारकों के जीर्णोद्धार के लिए सरकार ने राशि मंजूर की।
  • इसके बाद सन् 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीय पुरातत्व की गतिविधियां लगभग ठप रहीं।
  • अलेक्जेंडर कनिंघम ने एक बार फिर प्रयास किया और नए प्रस्ताव को लॉर्ड कैनिंग के सामने रखा। इस पर कैनिंग ने उत्तरी भारत में सर्वेक्षण की एक योजना को मंजूरी दी। 1861 में कनिंघम पहले पुरातत्व सर्वेक्षणकर्ता के रूप में नियुक्त किए गए। इस प्रकार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की स्थापना हुई।


भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का कार्य व उद्देश्य

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का प्रमुख कार्य राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारकों तथा पुरातत्वीय स्थलों और अवशेषों का रखरखाव करना है । इसके अतिरिक्त, प्राचीन स्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधानों के अनुसार यह देश में सभी पुरातत्वीय गतिविधियों को संचालित करता है। यह पुरावशेष तथा बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम, 1972 को भी विनियमित करता है।
  • राष्ट्रीय महत्व के प्राचीन स्मारकों तथा पुरातत्वीय स्थलों तथा अवशेषों के रखरखाव के लिए सम्पूर्ण देश को 24 मंडलों में विभाजित किया गया है। संगठन के पास मंडलों, संग्रहालयों, उत्खनन शाखाओं, प्रागैतिहासिक शाखा, पुरालेख शाखाओं, विज्ञान शाखा, उद्यान शाखा, भवन सर्वेक्षण परियोजना, मंदिर सर्वेक्षण परियोजनाओं तथा अन्तरजलीय पुरातत्व स्कन्ध के माध्यम से पुरातत्वीय अनुसंधान परियोजनाओं के संचालन के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित पुरातत्वविदों, संरक्षकों, पुरालेखविदों, वास्तुकारों तथा वैज्ञानिकों का कार्य दल है ।


भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का संगठन

  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रमुख को महानिदेशक कहा जाता है।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रथम महानिदेशक अलेक्जैंडर कनिंघम (1871-1885) थे। कनिंघम को भारतीय पुरातत्व का जनक भी कहा जाता है।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रथम भारतीय महानिदेशक राय बहादुर दया राम साहनी (1931 - 1935) थे।
  • स्वतंत्र भारत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के प्रथम महानिदेशक एन. पी. चक्रवर्ती (1948 -1950) बनाए गए।
  • वर्तमान यानी सन् 2025 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत हैं।


केन्द्रीय पुरातत्व पुस्तकालय

  • सन् 1902 में केन्द्रीय पुरातत्व पुस्तकालय की स्थापना नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अभिलेखागार सौंध में की गई।


*अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस-2026 का विषय/थीम*

Museums Uniting a Divided World

रविवार, 17 मई 2026

17 मई 2026 : विश्व हाइपरटेंशन दिवस

विश्व हाइपरटेंशन दिवस

(World Hypertension Day)

आज का दिन : 17 मई 2026


  • सन् 2005 से प्रतिवर्ष 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस या विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जा रहा है।
  • विश्व उच्च रक्तचाप लीग (World Hypertension League) ने लोगों में जागरूकता लाने के लिए सन् 2005 से विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाना शुरू किया था।
  • विश्व हाइपरटेंशन दिवस के सप्ताह के दौरान, मीडिया और सार्वजनिक रैलियों के माध्यम से उच्च रक्तचाप के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न देशों की सरकारों, पेशेवर समाजों, गैर सरकारी संगठनों और निजी उद्योगों के साथ भागीदारी करते हुए इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है।
  • जब हमारे शरीर या मन को किसी चुनौती का सामना करना पड़ता है तो हमारी मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया तेज हो जाती है, ब्लडप्रेशर और हृदय की धड़कन बढ़ जाती है और शरीर में रक्तसंचार तेज होता है। इसे ही उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन कहा जाता है। इससे शरीर में एड्रनलीन की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्थिति अधिक देर बनी रहे तो कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन को हृदय संबंधी मृत्यु के लिये मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है।
  • हाल ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रतिदिन भोजन में 5 ग्राम से कम नमक खाने की एडवाइजरी जारी की थी। अगर इसकी पालना की जाए तो दुनिया में लगभग 2.5 मिलियन जिंदगियां प्रतिवर्ष बचाई जा सकती हैं।


*विश्व हाइपरटेंशन दिवस-2026 का विषय/थीम*

"Controlling Hypertension Together: check your blood pressure regularly, defeat the silent killer”

17 मई 2026 : विश्व दूरसंचार दिवस

विश्व दूरसंचार दिवस  

(World Telecom Day)

आज का दिन : 17 मई 2026

विश्व दूरसंचार दिवस
अथवा
विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस
(World Telecom Day)
or
(World Telecommunication and Information Society Day)

*विश्व दूरसंचार दिवस-2026 का विषय/थीम*
Digital lifelines – Strengthening resilience in a connected world
 

  • प्रतिवर्ष 17 मई को विश्व दूरसंचार दिवस मनाया जाता है। 
  • 17 मई, 1865 को दूरसंचार संघ की स्थापना के उपलक्ष्य में सन् 1969 से 'विश्व दूरसंचार दिवस' मनाया जा रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मार्च, 2006 में प्रतिवर्ष 17 मई को 'विश्व सूचना एवं समाज दिवस' मनाने का निर्णय किया।  लेकिन वर्ष 2006 के नवंबर माह में तुर्की के एंटालिया शहर में हुई कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि विश्व दूरसंचार दिवस और विश्व सूचना एवं समाज दिवस एक ही दिन 17 मई को मनाए जाएंगे।
  • विश्व में दूरसंचार क्रांति ने एकदम परिवर्तन ला दिया है। विकास की गति तीव्र हो गई है। इंटरनेट पलक झपकते सूचना पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में दूरसंचार का सही उपयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वर्तमान दौर में डिजिटल तकनीक समाज के हर क्षेत्र की प्रगति में सहायक बन रही है। लेकिन अभी भी यह कई लोगों की पहुंच से दूर है। लगभग 2.6 बिलियन लोग जिनमें अधिकांश महिलाएं और लड़कियां हैं, इंटरनेट से अछूते हैं। उन डिजिटल जीवन-रेखाओं को मजबूत करें, जिनके सहारे दुनिया चलती है। उन नेटवर्कों और प्रणालियों को डिजाइन करने में सहयोग करें, जो झटकों को झेल सके और तेजी से उबर सके और यह सुनिश्चित करना सबसे ज़्यादा जरूरी है कि तब कोई भी व्यक्ति दुनिया से कटकर ऑफलाइन न रह जाए। इसीलिए वर्ष 2026 की थीम डिजिटल जीवन-रेखाओं को आगे बढ़ाने वाली रखी गई है।
  • अक्टूबर 2024 में नई दिल्ली में विश्व दूरसंचार माननीकरण सम्मेलन की सफल मेजबानी की गई। इस सम्मेलन में 150 से अधिक देशों के लगभग 3,700 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इस सम्मेलन में दुनिया के डिजिटल भविष्य को आकार देने वाले आठ ऐतिहासिक प्रस्तावों को स्वीकार किया गया।
  • हाल ही भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ यानी आईटीयू में रेडियो संचार ब्यूरो के निदेशक पद के लिए एम.रेवती को अपना उम्मीदवार भी बनाया गया है।
  • दूरसंचार के क्षेत्र में भारत ने आज जो तरक्की की है उसकी नींव 1881 में रखी गई थी। तब देश में पहली औपचारिक टेलीफोन सेवा की स्थापना की गई।
  • 28 जनवरी, 1882 को तत्कालीन गवर्नर-जनरल काउंसिल के सदस्य मेजर ई. बैरिंग ने कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में टेलीफोन एक्सचेंज खोलने की घोषणा की। इस दिन को 'रेड लेटर डे' कहा जाता है।

*विश्व दूरसंचार दिवस-2025 का विषय/थीम*

Gender equality in digital transformation


शनिवार, 16 मई 2026

16 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस

अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस

(International Day of Light)


आज का दिन : 16 मई 2026


  • संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञ एजेंसी यूनेस्को की ओर से पहला अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस 16 मई, 2018 को मनाया गया। यह दिवस जीवन के विविध क्षेत्रों में प्रकाश के महत्व को दर्शाता है। यूनेस्को की ओर से वर्ष 2015 को अंतरराष्ट्रीय प्रकाश वर्ष (International Year of Light and Light-based Technologies 2015) के रूप में मनाया गया था। यह दिवस 1960 में भौतिक वैज्ञानिक थियोडोर मेमन द्वारा लेजर के पहले सफल संचालन की स्मृति में मनाया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस-2026 के उपलक्ष्य में एक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। जिसका उद्देश्य वैश्विक संवाद और ज्ञान-साझाकरण के लिए एक मंच प्रदान करना है, जिसमें समावेशी वैज्ञानिक विकास को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्पन्न करने में प्रकाश-आधारित अनुसंधान बुनियादी ढांचों की भूमिका पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

16 मई 2026 : राष्ट्रीय डेंगू दिवस

आज का दिन : 16 मई 2026

राष्ट्रीय डेंगू दिवस

(National Dengu Day)

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  • देश में प्रतिवर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है।
  • भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से यह दिवस मनाया जाता है। 
  • इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मच्छर के काटने से होने वाले घातक वायरल रोग डेंगू के प्रति जागरुकता फैलाना है। 
  • राष्ट्रीय डेंगू दिवस डेंगू फैलने का मौसम (बरसात) शुरू होने से पहले मनाया जाता है ताकि देश में इस रोग के नियंत्रण के लिए निवारक उपायों की तैयारी को तेज किया जा सके। 
  • राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के निदेशालय, भारत में डेंगू की निगरानी और रोकथाम के लिए नोडल केंद्र है।
  • भारत सरकार ने जुलाई माह को डेंगू विरोधी माह घोषित किया है। 

डेंगू संबंधी तथ्यात्मक जानकारी

  • डेंगू चार वायरसों डीईएनवी-1, डीईएनवी-2, डीईएनवी-3 और डीईएनवी-4 के कारण होने वाला एक वायरल रोग है। डेंगू इन्हीं चार डेंगू वायरसों में से किसी एक से मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है।
  • एडीज इजिप्टी मच्छर दिन के समय काटता है।
  • एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने के बाद तीन से चौदह दिनों के भीतर लक्षण विकसित होते है।
  • डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति लक्षणों की शुरुआत के चार से पांच दिनों के दौरान एडीज मच्छरों के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।
  • डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण प्रभावी वेक्टर नियंत्रण उपायों पर निर्भर करता है। सभी अस्पतालों को डेंगू के मामलों की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को देनी अनिवार्य होती है।

डेंगू के लक्ष्ण एवं उपचार

  • डेंगू के दौरान रोगी को अचानक तेज बुखार होता है और फिर यह लगातार रहता है। तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द और चकत्ते हो जाते है।
  • डेंगू हेमोरेजिक बुखार में तीव्र बुखार की शुरुआत होती है जिसके बाद पेट दर्द, उल्टी, रक्तस्राव भी हो सकता है।
  • डेंगू के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवाएं नहीं हैं। डॉक्टर द्वारा सही प्रकार से इलाज लेने पर यह मृत्यु दर को एक प्रतिशत से कम करता है। रोगी के लिए पैरासिटामोल के साथ एनाल्जेिसिक (दर्द निवारक) का उपयोग तथा अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीना और पर्याप्त आराम करना जरूर होता है।

डेंगू से बचने के लिए सावधानियां

  • प्लास्टिक के बर्तनों, बाल्टियों, उपभोग किए गए ऑटोमोबाइल टायरों, कूलर (वॉटर कूलर), पालतू पशुओं के पीने के पानी के बर्तनों और फूलदान आदि का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य बदला जाना चाहिए।
  • उपयुक्त लाविसाइड (लार्वानाशी) का उपयोग जल भंडारण बर्तनों (कंटेनर) में किया जाना चाहिए, जिन्हें खाली नहीं किया जा सकता है।
  • पानी के बर्तनों को ढक्कन से ढंका जाना चाहिए।
  • मच्छरों के काटने से बचने के लिए दिन में एरोसोल का उपयोग किया जा सकता है।
  • संचारण के मौसम (बरसाती मौसम) के दौरान सभी को हाथों और पैरों को ढंकने वाले कपड़े पहनने चाहिए।
  • दिन में सोने के दौरान मच्छर दानी या मच्छर भागने वाले उत्पादों का उपयोग किया जा सकता है।
  • मच्छरों के काटने को रोकने के लिए खिड़की की स्क्रीन, कीटनाशकयुक्त मच्छर दानी, कॉइल्स (मच्छर भागने वाली अगरबत्ती) और कीटनाशकों का छिड़काव जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय का उपयोग किया जा सकता है।

16 मई 2026 : सिक्किम स्थापना दिवस

सिक्किम स्थापना दिवस

(Sikkim Foundation Day)

आज का दिन : 16 मई 2026

  • प्रतिवर्ष 16 मई को सिक्किम स्थापना दिवस मनाया जाता है।
  • 16 मई, 1975 को सिक्किम को 38वें संविधान संशोधन के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया। यह भारतीय गणतंत्र का 22वां राज्य बना।
  • इससे पूर्व 5 सितंबर, 1950 को सिक्किम भारत का संरक्षित राज्य बना था। इसके बाद भारतीय संविधान के 36वें संशोधन के बाद 1964 में यह एक राज्य बना।
  • भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित सिक्किम राज्य का इतिहास 13वीं शताब्दी से माना जाता है। इस शताब्दी में लेप्चा प्रमुख थेकोंग-थेक एवं तिब्बत के राजकुमार खे- भूमसा के मध्य उत्तरी सिक्किम में काब लुंगत्सोक बंधुत्व के एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
  • सन् 1642 में सिक्किम में नामग्याल राजवंश का शासन शुरू हुआ। इसकी स्थापना फुन्त्सोंग नामग्याल ने की थी। जिन्हें तीन बौद्ध भिक्षुओं ने राजा घोषित किया था। इस राजवंश ने सिक्किम पर 300 से ज्यादा वर्षों तक शासन किया।
  • वर्तमान यानी सन् 2026 में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के प्रेम सिंह तमांग (पीएस गोले) सिक्किम के मुख्यमंत्री हैं। ओम प्रकाश माथुर सिक्किम के राज्यपाल हैं।


सिक्किम से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • सिक्किम की राजधानी गंगटोक है।
  • सिक्किम राज्य की सीमा एकमात्र प. बंगाल राज्य से लगती है।
  • भारत के तीन देशों से सीमा लगने वाले राज्यों में सिक्किम भी शामिल है। इसकी सीमा चीन, नेपाल व भूटान से लगती है।
  • सिक्किम का क्षेत्रफल 7,096 वर्ग कि.मी. है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सिक्किम की जनसंख्या 6,10,577 है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सिक्किम में लिंगानुपात 890/1000 है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सिक्किम में साक्षरता दर 81.4 प्रतिशत है।
  • सिक्किम से लोकसभा एवं राज्यसभा के लिए एक-एक सदस्य चुना जाता है।
  • सिक्किम में लेपचा जनजाति निवास करती है।
  • सिक्किम का राज्य पशु लाल पांडा और राज्य पक्षी रक्त तीतर है।
  • सिक्किम की मुख्य भाषाएं- भुटिया, लेप्चा, नेपाली, लिम्बुई, अंग्रेजी।
  • सिक्किम के पर्वत- दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी कंचनजंगा सिक्किम के उत्तरी-पश्चिमी भाग में नेपाल की सीमा पर है।
  • सिक्किम के दर्रे- नाथूला, जेलेप ला, सिंगलीला।
  • सिक्किम का राष्ट्रीय अभयारण्य- गंगटोक स्थित खगचंदमेंदा नेशनल पार्क। कंचनजंगा नेशनल पार्क यानी कंचनजंगा बायोस्फीयर यूनेस्को की हेरिटेज सूची में शामिल होने वाला भारत का 11वां बायोस्फीयर रिजर्व है।

शुक्रवार, 15 मई 2026

15 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस

आज का दिन : 15 मई 2026

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस 

(International Day of Families)

 

  • प्रतिवर्ष 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से सन् 13 में प्रतिवर्ष 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाने की घोषणा की गई। तब से प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जा रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा ने वर्ष 14 को ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार वर्ष’ के रूप में मनाया था।
  • अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को परिवार का महत्व बताना है। इस दिन विभिन्न संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को परिवार का महत्व बताया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस का एक प्रतीक चिह्न (लोगो) भी संयुक्त राष्ट्र संघ ने जारी किया है। इस लोगो  में हरे रंग के एक गोल घेरे के बीच एक हार्ट और घर अंकित किया गया है।
  • परंपरागत रूप से भारतीय समाज परिवार प्रधान है। आज भी अधिकांश भारतवासी परिवार को जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं और उसमें रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
  • यूएन की ओर से अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस-2026 पर बढ़ती असमानताओं के कारण पारिवारिक जीवन में बच्चों के भविष्य, स्वस्थ विकास में सहायता, एकीकृत और परिवार-केंद्रित नीतियों को एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया जा रहा है।
  • कतर की राजधानी दोहा में 4 से 6 नवंबर, 2025 तक सामाजिक विकास के लिए दूसरा विश्व शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। यह शिखर सम्मेलन 1995 के कोपेनहेगन घोषणा पत्र पर आधारित था, जिसमें परिवारों को समाज की नींव के रूप में मान्यता दी गई थी।

    *अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस-2020 का विषय/थीम*

    Families, Inequalities and Child Wellbeing

    मंगलवार, 12 मई 2026

    12 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

    अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

    (International Nurses Day)

    आज का दिन : 12 मई 2026

    अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 थीम

    • दया व सेवा की प्रतिमूर्ति फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर प्रतिवर्ष पूरे विश्व में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है।
    • इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज द्वारा सन् 1965 से 12 मई का दिन 'अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है।
    • ब्रिटेन के उच्च कुल में 12 मई, 1820 को जन्मीं फ्लोरेंस ने सेवा का मार्ग चुना। 13 अगस्त, 1910 को फ्लोरेंस का निधन हो गया।
    • 'द लेडी विद द लैंप' (दीपक वाली महिला) के नाम से प्रसिद्ध फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने नर्सिंग सेवा की शुरुआत की थी।
    • हाल ही गुजरे कोविड-19 महामारी के दौर में जब कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग एक-दूसरे से दूर हो रहे थे, उस समय भी नर्सों ने मरीजों के साथ रहकर उन्हें इलाज दिया। कोरोना महामारी में मरीजों की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी स्टाफ  नर्स के कंधों पर रही। कोरोनाकाल में लोगों की सेवा में जुटीं नर्सेज अग्रिम पंक्ति की योद्धा हैं।
    • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नर्सेज व दाइयों को समर्पित करते हुए वर्ष 2020 को अंतरराष्ट्रीय नर्स व दाई वर्ष (International Year of the Nurse and the Midwife) के रूप में मनाया था।
    • फ्लोरेंस से पूर्व किसी ने भी बीमार घायलों की देख-रेख और उनके उपचार पर ध्यान नहीं दिया था। लेकिन इस पुण्यात्मा ने तस्वीर बदल दी और नर्सिंग जैसे सेवा के पेशे को जन्म दिया।
    • फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने 'नोट्स ऑन नर्सिंग' पुस्तक भी लिखी।
    • इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज से 130 से ज्यादा देशों के नर्सेज एसोसिएशन जुड़े हैं। सम्पूर्ण विश्व में ये एसोसिएशन लगभग 20 मिलियन से अधिक नर्सेज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
    • भारत में नर्सेज के लिए ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया नामक संस्था कार्यरत है।

    राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार

    • भारत सरकार का परिवार एवं कल्याण मंत्रालय सन् 1973 से प्रतिवर्ष 12 मई को 'राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार' प्रदान करता आ रहा है। प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर 'राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार' राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इस पुरस्कार के तहत 50 हजार रुपए नकद, एक प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाता है। हालांकि वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार की घोषणा नहीं की गई है।

    *अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Our Nurses. Our Future. Empowered Nurses Save Lives.