रविवार, 17 मई 2026

17 मई 2026 : विश्व हाइपरटेंशन दिवस

विश्व हाइपरटेंशन दिवस

(World Hypertension Day)

आज का दिन : 17 मई 2026


  • सन् 2005 से प्रतिवर्ष 17 मई को विश्व हाइपरटेंशन दिवस या विश्व उच्च रक्तचाप दिवस मनाया जा रहा है।
  • विश्व उच्च रक्तचाप लीग (World Hypertension League) ने लोगों में जागरूकता लाने के लिए सन् 2005 से विश्व हाइपरटेंशन दिवस मनाना शुरू किया था।
  • विश्व हाइपरटेंशन दिवस के सप्ताह के दौरान, मीडिया और सार्वजनिक रैलियों के माध्यम से उच्च रक्तचाप के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न देशों की सरकारों, पेशेवर समाजों, गैर सरकारी संगठनों और निजी उद्योगों के साथ भागीदारी करते हुए इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक किया जाता है।
  • जब हमारे शरीर या मन को किसी चुनौती का सामना करना पड़ता है तो हमारी मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया तेज हो जाती है, ब्लडप्रेशर और हृदय की धड़कन बढ़ जाती है और शरीर में रक्तसंचार तेज होता है। इसे ही उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन कहा जाता है। इससे शरीर में एड्रनलीन की मात्रा बढ़ जाती है। यह स्थिति अधिक देर बनी रहे तो कई शारीरिक व मानसिक समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन को हृदय संबंधी मृत्यु के लिये मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है।
  • हाल ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रतिदिन भोजन में 5 ग्राम से कम नमक खाने की एडवाइजरी जारी की थी। अगर इसकी पालना की जाए तो दुनिया में लगभग 2.5 मिलियन जिंदगियां प्रतिवर्ष बचाई जा सकती हैं।


*विश्व हाइपरटेंशन दिवस-2026 का विषय/थीम*

"Controlling Hypertension Together: check your blood pressure regularly, defeat the silent killer”

17 मई 2026 : विश्व दूरसंचार दिवस

विश्व दूरसंचार दिवस  

(World Telecom Day)

आज का दिन : 17 मई 2026

विश्व दूरसंचार दिवस
अथवा
विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस
(World Telecom Day)
or
(World Telecommunication and Information Society Day)

*विश्व दूरसंचार दिवस-2026 का विषय/थीम*
Digital lifelines – Strengthening resilience in a connected world
 

  • प्रतिवर्ष 17 मई को विश्व दूरसंचार दिवस मनाया जाता है। 
  • 17 मई, 1865 को दूरसंचार संघ की स्थापना के उपलक्ष्य में सन् 1969 से 'विश्व दूरसंचार दिवस' मनाया जा रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मार्च, 2006 में प्रतिवर्ष 17 मई को 'विश्व सूचना एवं समाज दिवस' मनाने का निर्णय किया।  लेकिन वर्ष 2006 के नवंबर माह में तुर्की के एंटालिया शहर में हुई कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि विश्व दूरसंचार दिवस और विश्व सूचना एवं समाज दिवस एक ही दिन 17 मई को मनाए जाएंगे।
  • विश्व में दूरसंचार क्रांति ने एकदम परिवर्तन ला दिया है। विकास की गति तीव्र हो गई है। इंटरनेट पलक झपकते सूचना पहुंचाने का कार्य कर रहा है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में दूरसंचार का सही उपयोग करने के लिए लोगों को प्रेरित करना है।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वर्तमान दौर में डिजिटल तकनीक समाज के हर क्षेत्र की प्रगति में सहायक बन रही है। लेकिन अभी भी यह कई लोगों की पहुंच से दूर है। लगभग 2.6 बिलियन लोग जिनमें अधिकांश महिलाएं और लड़कियां हैं, इंटरनेट से अछूते हैं। उन डिजिटल जीवन-रेखाओं को मजबूत करें, जिनके सहारे दुनिया चलती है। उन नेटवर्कों और प्रणालियों को डिजाइन करने में सहयोग करें, जो झटकों को झेल सके और तेजी से उबर सके और यह सुनिश्चित करना सबसे ज़्यादा जरूरी है कि तब कोई भी व्यक्ति दुनिया से कटकर ऑफलाइन न रह जाए। इसीलिए वर्ष 2026 की थीम डिजिटल जीवन-रेखाओं को आगे बढ़ाने वाली रखी गई है।
  • अक्टूबर 2024 में नई दिल्ली में विश्व दूरसंचार माननीकरण सम्मेलन की सफल मेजबानी की गई। इस सम्मेलन में 150 से अधिक देशों के लगभग 3,700 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इस सम्मेलन में दुनिया के डिजिटल भविष्य को आकार देने वाले आठ ऐतिहासिक प्रस्तावों को स्वीकार किया गया।
  • हाल ही भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ यानी आईटीयू में रेडियो संचार ब्यूरो के निदेशक पद के लिए एम.रेवती को अपना उम्मीदवार भी बनाया गया है।
  • दूरसंचार के क्षेत्र में भारत ने आज जो तरक्की की है उसकी नींव 1881 में रखी गई थी। तब देश में पहली औपचारिक टेलीफोन सेवा की स्थापना की गई।
  • 28 जनवरी, 1882 को तत्कालीन गवर्नर-जनरल काउंसिल के सदस्य मेजर ई. बैरिंग ने कोलकाता, चेन्नई और मुंबई में टेलीफोन एक्सचेंज खोलने की घोषणा की। इस दिन को 'रेड लेटर डे' कहा जाता है।

*विश्व दूरसंचार दिवस-2025 का विषय/थीम*

Gender equality in digital transformation


शनिवार, 16 मई 2026

16 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस

अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस

(International Day of Light)


आज का दिन : 16 मई 2026


  • संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञ एजेंसी यूनेस्को की ओर से पहला अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस 16 मई, 2018 को मनाया गया। यह दिवस जीवन के विविध क्षेत्रों में प्रकाश के महत्व को दर्शाता है। यूनेस्को की ओर से वर्ष 2015 को अंतरराष्ट्रीय प्रकाश वर्ष (International Year of Light and Light-based Technologies 2015) के रूप में मनाया गया था। यह दिवस 1960 में भौतिक वैज्ञानिक थियोडोर मेमन द्वारा लेजर के पहले सफल संचालन की स्मृति में मनाया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रकाश दिवस-2026 के उपलक्ष्य में एक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया जाएगा। जिसका उद्देश्य वैश्विक संवाद और ज्ञान-साझाकरण के लिए एक मंच प्रदान करना है, जिसमें समावेशी वैज्ञानिक विकास को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव उत्पन्न करने में प्रकाश-आधारित अनुसंधान बुनियादी ढांचों की भूमिका पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

16 मई 2026 : राष्ट्रीय डेंगू दिवस

आज का दिन : 16 मई 2026

राष्ट्रीय डेंगू दिवस

(National Dengu Day)

national-dengu-day-in-hindi
  • देश में प्रतिवर्ष 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है।
  • भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से यह दिवस मनाया जाता है। 
  • इस दिवस को मनाने का उद्देश्य मच्छर के काटने से होने वाले घातक वायरल रोग डेंगू के प्रति जागरुकता फैलाना है। 
  • राष्ट्रीय डेंगू दिवस डेंगू फैलने का मौसम (बरसात) शुरू होने से पहले मनाया जाता है ताकि देश में इस रोग के नियंत्रण के लिए निवारक उपायों की तैयारी को तेज किया जा सके। 
  • राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के निदेशालय, भारत में डेंगू की निगरानी और रोकथाम के लिए नोडल केंद्र है।
  • भारत सरकार ने जुलाई माह को डेंगू विरोधी माह घोषित किया है। 

डेंगू संबंधी तथ्यात्मक जानकारी

  • डेंगू चार वायरसों डीईएनवी-1, डीईएनवी-2, डीईएनवी-3 और डीईएनवी-4 के कारण होने वाला एक वायरल रोग है। डेंगू इन्हीं चार डेंगू वायरसों में से किसी एक से मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है।
  • एडीज इजिप्टी मच्छर दिन के समय काटता है।
  • एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने के बाद तीन से चौदह दिनों के भीतर लक्षण विकसित होते है।
  • डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति लक्षणों की शुरुआत के चार से पांच दिनों के दौरान एडीज मच्छरों के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है।
  • डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण प्रभावी वेक्टर नियंत्रण उपायों पर निर्भर करता है। सभी अस्पतालों को डेंगू के मामलों की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को देनी अनिवार्य होती है।

डेंगू के लक्ष्ण एवं उपचार

  • डेंगू के दौरान रोगी को अचानक तेज बुखार होता है और फिर यह लगातार रहता है। तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द और चकत्ते हो जाते है।
  • डेंगू हेमोरेजिक बुखार में तीव्र बुखार की शुरुआत होती है जिसके बाद पेट दर्द, उल्टी, रक्तस्राव भी हो सकता है।
  • डेंगू के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवाएं नहीं हैं। डॉक्टर द्वारा सही प्रकार से इलाज लेने पर यह मृत्यु दर को एक प्रतिशत से कम करता है। रोगी के लिए पैरासिटामोल के साथ एनाल्जेिसिक (दर्द निवारक) का उपयोग तथा अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ पीना और पर्याप्त आराम करना जरूर होता है।

डेंगू से बचने के लिए सावधानियां

  • प्लास्टिक के बर्तनों, बाल्टियों, उपभोग किए गए ऑटोमोबाइल टायरों, कूलर (वॉटर कूलर), पालतू पशुओं के पीने के पानी के बर्तनों और फूलदान आदि का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य बदला जाना चाहिए।
  • उपयुक्त लाविसाइड (लार्वानाशी) का उपयोग जल भंडारण बर्तनों (कंटेनर) में किया जाना चाहिए, जिन्हें खाली नहीं किया जा सकता है।
  • पानी के बर्तनों को ढक्कन से ढंका जाना चाहिए।
  • मच्छरों के काटने से बचने के लिए दिन में एरोसोल का उपयोग किया जा सकता है।
  • संचारण के मौसम (बरसाती मौसम) के दौरान सभी को हाथों और पैरों को ढंकने वाले कपड़े पहनने चाहिए।
  • दिन में सोने के दौरान मच्छर दानी या मच्छर भागने वाले उत्पादों का उपयोग किया जा सकता है।
  • मच्छरों के काटने को रोकने के लिए खिड़की की स्क्रीन, कीटनाशकयुक्त मच्छर दानी, कॉइल्स (मच्छर भागने वाली अगरबत्ती) और कीटनाशकों का छिड़काव जैसे व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय का उपयोग किया जा सकता है।

16 मई 2026 : सिक्किम स्थापना दिवस

सिक्किम स्थापना दिवस

(Sikkim Foundation Day)

आज का दिन : 16 मई 2026

  • प्रतिवर्ष 16 मई को सिक्किम स्थापना दिवस मनाया जाता है।
  • 16 मई, 1975 को सिक्किम को 38वें संविधान संशोधन के बाद पूर्ण राज्य का दर्जा प्रदान किया गया। यह भारतीय गणतंत्र का 22वां राज्य बना।
  • इससे पूर्व 5 सितंबर, 1950 को सिक्किम भारत का संरक्षित राज्य बना था। इसके बाद भारतीय संविधान के 36वें संशोधन के बाद 1964 में यह एक राज्य बना।
  • भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित सिक्किम राज्य का इतिहास 13वीं शताब्दी से माना जाता है। इस शताब्दी में लेप्चा प्रमुख थेकोंग-थेक एवं तिब्बत के राजकुमार खे- भूमसा के मध्य उत्तरी सिक्किम में काब लुंगत्सोक बंधुत्व के एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
  • सन् 1642 में सिक्किम में नामग्याल राजवंश का शासन शुरू हुआ। इसकी स्थापना फुन्त्सोंग नामग्याल ने की थी। जिन्हें तीन बौद्ध भिक्षुओं ने राजा घोषित किया था। इस राजवंश ने सिक्किम पर 300 से ज्यादा वर्षों तक शासन किया।
  • वर्तमान यानी सन् 2026 में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के प्रेम सिंह तमांग (पीएस गोले) सिक्किम के मुख्यमंत्री हैं। ओम प्रकाश माथुर सिक्किम के राज्यपाल हैं।


सिक्किम से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • सिक्किम की राजधानी गंगटोक है।
  • सिक्किम राज्य की सीमा एकमात्र प. बंगाल राज्य से लगती है।
  • भारत के तीन देशों से सीमा लगने वाले राज्यों में सिक्किम भी शामिल है। इसकी सीमा चीन, नेपाल व भूटान से लगती है।
  • सिक्किम का क्षेत्रफल 7,096 वर्ग कि.मी. है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सिक्किम की जनसंख्या 6,10,577 है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सिक्किम में लिंगानुपात 890/1000 है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार सिक्किम में साक्षरता दर 81.4 प्रतिशत है।
  • सिक्किम से लोकसभा एवं राज्यसभा के लिए एक-एक सदस्य चुना जाता है।
  • सिक्किम में लेपचा जनजाति निवास करती है।
  • सिक्किम का राज्य पशु लाल पांडा और राज्य पक्षी रक्त तीतर है।
  • सिक्किम की मुख्य भाषाएं- भुटिया, लेप्चा, नेपाली, लिम्बुई, अंग्रेजी।
  • सिक्किम के पर्वत- दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी कंचनजंगा सिक्किम के उत्तरी-पश्चिमी भाग में नेपाल की सीमा पर है।
  • सिक्किम के दर्रे- नाथूला, जेलेप ला, सिंगलीला।
  • सिक्किम का राष्ट्रीय अभयारण्य- गंगटोक स्थित खगचंदमेंदा नेशनल पार्क। कंचनजंगा नेशनल पार्क यानी कंचनजंगा बायोस्फीयर यूनेस्को की हेरिटेज सूची में शामिल होने वाला भारत का 11वां बायोस्फीयर रिजर्व है।

शुक्रवार, 15 मई 2026

15 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस

आज का दिन : 15 मई 2026

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस 

(International Day of Families)

 

  • प्रतिवर्ष 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से सन् 13 में प्रतिवर्ष 15 मई को अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाने की घोषणा की गई। तब से प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जा रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा ने वर्ष 14 को ‘अंतरराष्ट्रीय परिवार वर्ष’ के रूप में मनाया था।
  • अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को परिवार का महत्व बताना है। इस दिन विभिन्न संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर आमजन को परिवार का महत्व बताया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस का एक प्रतीक चिह्न (लोगो) भी संयुक्त राष्ट्र संघ ने जारी किया है। इस लोगो  में हरे रंग के एक गोल घेरे के बीच एक हार्ट और घर अंकित किया गया है।
  • परंपरागत रूप से भारतीय समाज परिवार प्रधान है। आज भी अधिकांश भारतवासी परिवार को जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं और उसमें रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।
  • यूएन की ओर से अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस-2026 पर बढ़ती असमानताओं के कारण पारिवारिक जीवन में बच्चों के भविष्य, स्वस्थ विकास में सहायता, एकीकृत और परिवार-केंद्रित नीतियों को एकीकृत करने के महत्व पर जोर दिया जा रहा है।
  • कतर की राजधानी दोहा में 4 से 6 नवंबर, 2025 तक सामाजिक विकास के लिए दूसरा विश्व शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया था। यह शिखर सम्मेलन 1995 के कोपेनहेगन घोषणा पत्र पर आधारित था, जिसमें परिवारों को समाज की नींव के रूप में मान्यता दी गई थी।

    *अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस-2020 का विषय/थीम*

    Families, Inequalities and Child Wellbeing

    मंगलवार, 12 मई 2026

    12 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

    अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस

    (International Nurses Day)

    आज का दिन : 12 मई 2026

    अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस 2026 थीम

    • दया व सेवा की प्रतिमूर्ति फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर प्रतिवर्ष पूरे विश्व में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है।
    • इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज द्वारा सन् 1965 से 12 मई का दिन 'अन्तर्राष्ट्रीय नर्स दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है।
    • ब्रिटेन के उच्च कुल में 12 मई, 1820 को जन्मीं फ्लोरेंस ने सेवा का मार्ग चुना। 13 अगस्त, 1910 को फ्लोरेंस का निधन हो गया।
    • 'द लेडी विद द लैंप' (दीपक वाली महिला) के नाम से प्रसिद्ध फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने नर्सिंग सेवा की शुरुआत की थी।
    • हाल ही गुजरे कोविड-19 महामारी के दौर में जब कोरोना वायरस से बचने के लिए लोग एक-दूसरे से दूर हो रहे थे, उस समय भी नर्सों ने मरीजों के साथ रहकर उन्हें इलाज दिया। कोरोना महामारी में मरीजों की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी स्टाफ  नर्स के कंधों पर रही। कोरोनाकाल में लोगों की सेवा में जुटीं नर्सेज अग्रिम पंक्ति की योद्धा हैं।
    • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नर्सेज व दाइयों को समर्पित करते हुए वर्ष 2020 को अंतरराष्ट्रीय नर्स व दाई वर्ष (International Year of the Nurse and the Midwife) के रूप में मनाया था।
    • फ्लोरेंस से पूर्व किसी ने भी बीमार घायलों की देख-रेख और उनके उपचार पर ध्यान नहीं दिया था। लेकिन इस पुण्यात्मा ने तस्वीर बदल दी और नर्सिंग जैसे सेवा के पेशे को जन्म दिया।
    • फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने 'नोट्स ऑन नर्सिंग' पुस्तक भी लिखी।
    • इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेज से 130 से ज्यादा देशों के नर्सेज एसोसिएशन जुड़े हैं। सम्पूर्ण विश्व में ये एसोसिएशन लगभग 20 मिलियन से अधिक नर्सेज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
    • भारत में नर्सेज के लिए ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन ऑफ इंडिया नामक संस्था कार्यरत है।

    राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार

    • भारत सरकार का परिवार एवं कल्याण मंत्रालय सन् 1973 से प्रतिवर्ष 12 मई को 'राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार' प्रदान करता आ रहा है। प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर 'राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार' राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं। इस पुरस्कार के तहत 50 हजार रुपए नकद, एक प्रशस्ति पत्र और मेडल प्रदान किया जाता है। हालांकि वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार की घोषणा नहीं की गई है।

    *अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Our Nurses. Our Future. Empowered Nurses Save Lives.

    12 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस

    अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस
    (International Day of Plant Health)

    आज का दिन : 12 मई 2026

    International Day of Plant Health Theme-2026
    Plant Biosecurity for Food Security and Nutrition
     

    • संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन की ओर से प्रतिवर्ष 12 मई को अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। पेड़-पौधों में पेस्ट और रोगों के चलते हर वर्ष लगभग 40 प्रतिशत खाद्य फसलों का नुकसान होता है। यह दिवस इसी के बारे में जागरुकता लाने के लिए मनाया जाता है। पेड़-पौधों का अच्छा स्वास्थ्य हमारे ईको सिस्टम के लिए भी उपयोगी है। वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस पर सभी से जागरूकता बढ़ाने और पौधों, जानवरों, मनुष्यों और पर्यावरण को स्वस्थ रखने के लिए कार्रवाई करने का आह्वान करता है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 2020 को अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य वर्ष (International Year of Plant Health) के रूप में मनाया गया। यूएन ने बाद में कोविड-19 महामारी के चलते इस वर्ष की अवधि 1 जुलाई 2021 तक बढ़ा दी थी।
    • 12 मई, 2026 को खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की ओर से एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम (हाइब्रिड) का आयोजन FAO मुख्यालय, रोम, इटली में किया गया है।


    *अंतरराष्ट्रीय पादप स्वास्थ्य दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Plant Biosecurity for Food Security and Nutrition

    सोमवार, 11 मई 2026

    11 मई 2026 : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

    आज का दिन : 11 मई 2026

    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस

    (National Technology Day)

    • देश में प्रतिवर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है।
    • सन् 1998 में आज ही के दिन भारत ने अपना दूसरा सफल परमाणु परीक्षण किया था। यह परमाणु परीक्षण राजस्थान के पोखरण में किया गया था।
    • सन् 1999 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
    • परमाणु परीक्षण किसी भी देश के लिए प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत बड़ी उपलब्धि है, इसलिए इस दिन को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस यानी नेशनल टैक्नोलॉजी डे के रूप में मनाते हैं।
    • भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) की ओर से प्रतिवर्ष 11 मई को विज्ञान एवं तकनीक की दुनिया के विभिन्न व्यक्तियों, नए आविष्कारकों को देश के विकास में उनके स्वदेशी तकनीकी योगदान के चलते पुरस्कृत किया जाता है।
    • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस-2026 के अवसर पर बीआरआईसी-राष्ट्रीय प्रतिरक्षा विज्ञान संस्थान (एनआईआई), नई दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यक्रम च्च्विज्ञान - टेकज्ज् आयोजित किया गया। जिसमें भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने भाग लिया।


    परमाणु शक्ति सम्पन्न छठा राष्ट्र बना था भारत

    • भारत के दूसरे परमाणु परीक्षण के बाद प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत को परमाणु शक्ति से लैस देश घोषित कर दिया था। परमाणु शक्ति बनने वाला भारत छठा राष्ट्र था।
    • पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षण के ऑपरेशन को 'ऑपरेशन शक्ति' नाम दिया गया था। 11 मई से 13 मई, 1998 तक भारत ने पांच परमाणु परीक्षण किए।
    • इस दिवस को मनाने का उद्देश्य देश की प्रौद्योगिकीय क्षमता के विकास को बढ़ावा देना है। 
    • प्रति वर्ष 11 मई को तकनीकी विकास बोर्ड द्वारा विभिन्न व्यक्तियों, नए आविष्कारकों को देश के विकास में उनके स्वदेशी तकनीकी योगदान के चलते पुरस्कृत किया जाता है।
    • 11 मई, 1998 को ही देश के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट 'हंस-3' का परीक्षण बेंगलूरु में किया गया। यह अपने ढंग का पहला ऐसा टू-सीटर एयरक्राफ्ट था जिसे एविएशन फ्लाइट ट्रेनिंग और निजी उड़ान के लिए भी उपयोग में लाया जा सकता है।

    रविवार, 10 मई 2026

    मई माह का दूसरा रविवार : मातृ दिवस

    मातृ दिवस/मदर्स डे

    (Mother's Day)

    मई माह का दूसरा रविवार

    mothers-day-2022-in-hindi
    • प्रतिवर्ष मई के दूसरे रविवार को मातृ दिवस यानी मदर्स डे मनाया जाता है।
    • वर्ष 1914 से प्रतिवर्ष मई माह के दूसरे रविवार को मातृ दिवस (मदर्स डे) मनाया जा रहा है।
    • मां के सम्मान में मनाया जाने वाला मातृ दिवस दुनिया के अलग-अलग भागों में विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है। लेकिन मई माह के दूसरे रविवार को अमेरिकी आधार पर मनाया जाने वाला मातृ दिवस महत्वपूर्ण उत्सव की तरह मनाया जाता है।
    • वर्ष 2026 में मई का दूसरा रविवार 10 मई को आया है। यानी 10 मई, 2026 को मदर्स डे मनाया जा रहा है।
    • प्राचीन काल में यूनान में मदर्स डे बसंत ऋतु के आगमन पर रिहा परमेश्वर की मां को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता था।
    • अमेरिका की ऐन जार्विस ने बच्चों के अच्छे लालन-पालन के लिए सन् 1858 में मदर्स डे वर्क क्लब की शुरुआत की थी। सन् 1905 में ऐन के निधन हुआ। इसके बाद उनकी पुत्री ऐना जार्विस ने पहली बार सन् 1908 में मदर्स डे मनाया।
    • तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन ने 8 मई, 1914 को मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाने की घोषणा की। इस दिन में अमेरिका में राष्ट्रीय अवकाश होता है।
    • यूके में मार्च के चौथे रविवार को, ग्रीस में 3 फरवरी को तथा अरब देशों में 21 मार्च को मदर्स डे मनाया जाता है।
    • मदर्स डे यानी मातृ दिवस का भारत में भी महत्व बढ़ रहा है।
    • मातृ दिवस पर प्रख्यात वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की मां पर कही ये बातें उल्लेखनीय हैं- "जब मैं पैदा हुआ, इस दुनिया में आया, वो एकमात्र ऐसा दिन था मेरे जीवन का जब मैं रो रहा था और मेरी मां के चेहरे पर एक सन्तोषजनक मुस्कान थी।"

    शनिवार, 9 मई 2026

    मई और अक्टूबर का दूसरा शनिवार : विश्व प्रवासी पक्षी दिवस

    विश्व प्रवासी पक्षी दिवस

    (World Migratory Bird Day)

    आज का दिन : मई और अक्टूबर का दूसरा शनिवार

    विश्व प्रवासी पक्षी दिवस-2026 की थीम
    Every Bird Counts – Your Observations Matter!

    • विश्व प्रवासी पक्षी दिवस प्रतिवर्ष मई एवं अक्टूबर माह के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। 
    • 2026 में 9 मई को यह दिवस मनाया जा रहा है। साथ ही 10 अक्टूबर, 2026 को भी यह दिवस मनाया जाएगा। वर्ष में दो बार यह दिवस मनाने का कारण उत्तरी व दक्षिणी गोलार्द्ध में पक्षियों के प्रवास की अलग-अलग अवधि है।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहला विश्व प्रवासी पक्षी दिवस 8-9 अप्रेल, 2006 को मनाया गया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही उनके प्रवास स्थल आर्द्रभूमियों के संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। 
    • यूरोपीय देशों से प्रतिवर्ष हजारों प्रवासी पक्षी भारत आते हैं। 
    • अधिकतर प्रवासी पक्षी रात में सफर करते हैं, लेकिन शहरों की लाइट्स इन पक्षियों भटका देती है और इसी कारण से कई पक्षियों की मौत भी हो जाती है। इसके प्रति जागरूक होने का समय आ गया है।

    सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे मार्ग पर स्थित है भारत

    • प्रवासी पक्षियों के प्रजनन स्थल से सर्दियों के प्रवास स्थल जाने के हवाई मार्ग को 'फ्लाईवेज' कहा जाता है। भारत सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे मार्ग पर स्थित होने के कराण प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा स्थल है। 
    • पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार हर साल 29 देशों के पक्षी भारत के लिए उड़ान भरते हैं। प्रवासी पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां भारत आती हैं। इनमें कॉम्ब डक (नटका), साइबेरिया सारस (कुरजां), ग्रेटर फ्लेमिंगो, ब्लैक विंग्ट स्टिल्ट, कॉमन टील, वुड सैंडपाइपर आदि प्रमुख प्रजातियां हैं। 
    • भारत में आने वाले पक्षियों के आने का सामान्य समय अक्टूबर माह है और दिसंबर तक ये देश के जलाशयों पर दिखाई देते हैं। देश में प्रवासी पक्षियों के प्रमुख निवास स्थानों में राजस्थान का केवलादेव घना पक्षी विहार, सांभर, खींचन, गोवा का सालिम अली पक्षी अभयारण्य, केरल का कुमारकॉम पक्षी अभयारण्य, दिल्ली का बायोडायवर्सिटी पाक, ओडिशा की चिल्का झील, तमिलनाडु का वेदानथंगल आदि प्रमुख हैं। 
    • राजस्थान के खींचन गांव को तो कुरजां नगरी के रूप में नई पहचान मिली है।
    • प्रवासी पक्षियों से पर्यावरण व जलीय पारिस्थितिकी का विकास होता है। 

    *विश्व प्रवासी पक्षी दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Every Bird Counts – Your Observations Matter!

    गुरुवार, 7 मई 2026

    7 मई 2026 : सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस

    सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस

    (Border Roads Organisation Foundation Day)

    आज का दिन : 7 मई 2026

    border-roads-organisation-foundation-day
    Border Roads Organisation  logo

    • सीमा सड़क संगठन का गठन 7 मई, 1960 को किया गया। इसीलिए प्रतिवर्ष 7 मई को सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस मनाया जाता है।
    • सीमा सड़क संगठन का मुख्य कार्य देश के दुर्गम तथा दूर-दराज सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण करना है।
    • सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसका मूल उद्देश्य देश के उत्तरी तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के तीव्र विस्तार में समन्वय स्थापित करना था।
    • वर्ष 2026 में 67वां सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) दिवस मनाया जा रहा है।
    • सीमा सड़क संगठन दल में भारतीय थल सेना तथा जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) से संबंधित कुशल अधिकारियों का समूह होता है जिसका नेतृत्व थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के हाथ में होता है।
    • सीमा सड़क संगठन अब तक देश के दुर्गम तथा दूर-दराज क्षेत्रों में 50,500 किलोमीटर से अधिक सड़क का निर्माण, 42000 मीटर लंबाई के 430 से अधिक बड़े स्थाई पुलों के निर्माण के अलावा 19 हवाई अड्डों का भी निर्माण कर चुका है। यह निर्माण कार्य उन क्षेत्रों में किया गया है जहां कोई निर्माण एजेंसियां शायद ही कार्य करने का साहस कर सके।
    • हाल ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने देश के बाकी हिस्सों से पंजाब के कासोवाल एन्क्लेव को जोडऩे के लिए रावी नदी पर निर्धारित समय से काफी पहले एक नये स्थायी पुल का निर्माण करते हुए इसे उपयोग के लिए खोल दिया है। लगभग 35 वर्ग किलोमीटर का यह क्षेत्र इससे पूर्व सीमित भार क्षमता के पंटून पुल के माध्यम से जुड़ा था।
    • सीमावर्ती इलाकों जैसे सिक्किम, भूटान, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अंडमान व निकोबार में जीवन को चलाये रखने में वहां के लोगों का सीमा सड़क संगठन पर पूरा भरोसा है।
    • यह संगठन प्रतिवर्ष 95 सड़कों (3000 किलो मीटर) पर बर्फ हटाने का कार्य करता है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क बना रह सके।
    • सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री और उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री थे। वर्तमान में रक्षा राज्य मंत्री सीमा सड़क विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
    • वर्तमान यानी सन् 2026 में सीमा सडक़ संगठन के महानिदेशक (डीजीबीआर) लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह हैं।
    • सीमा सड़क संगठन की ओर से किए गए/किए जा रहे कुछ दुर्गम व अति महत्वपूर्ण कार्यं निम्न हैं- हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति तथा पांगी घाटी में अटल सुरंग (रोहतांग सुरंग) का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में 720 मीटर लंबे दिगरू पुल का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के ही अकाजन-जोनाई-पासी घाट सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग 52) पर स्थित साइमन नदी पर निर्मित 480 मीटर लंबे पुल का निर्माण, जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में निर्माणाधीन जेड-मोड सुरंग आदि।
    • सीमा सड़क संगठन का ध्येय वाक्य है- श्रमेण सर्वम् साध्यम।

    मंगलवार, 5 मई 2026

    मई का पहला मंगलवार : विश्व अस्थमा दिवस

    विश्व अस्थमा दिवस

    (World Asthma Day)


    आज का दिन : मई का पहला मंगलवार 


    • विश्व अस्थमा दिवस प्रतिवर्ष मई माह के पहले मंगलवार को मनाया जाता है।
    • ग्लोबल इनीशिएटिव फॉर अस्थमा द्वारा पहली बार विश्व अस्थमा दिवस सन् 1998 में मनाया गया।
    • वर्ष 2025 में मई माह का प्रथम मंगलवार 5 मई को है। इसलिए 5 मई को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जा रहा है।
    • पहले विश्व अस्थमा दिवस का आयोजन सन् 1998 में स्पेन के बार्सिलोना में किया गया। तब इसे 35 देशों में आधिकारिक रूप से मनाया गया। वर्तमान में लगभग सारी दुनिया में विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है।
    • कोविड-19 यानी कोरोना वायरस भी अस्थमा की तरह ही फेफड़ों पर आक्रमण करता है। इसलिए महामारी के इस दौर में अस्थमा मरीजों को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
    • विश्व अस्थमा दिवस मनाने का उद्देश्य इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करना है। इस बीमारी का मुख्य कारण प्रदूषण है। अस्थमा के रोगी को हर मौसम में सावधानी बरतनी पड़ती है।
    • ग्लोबल इनीशिएटिव फॉर अस्थमा (जीआईएनए) को वर्ष 1993 में शुरू किया गया था। इसे राष्ट्रीय हृदय, फेफड़े और रक्त संस्थान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान, संयुक्त राज्य अमेरिका एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से शुरू किया गया था। यह संस्थान अस्थमा के प्रसार को रोकने एवं उससे होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए अन्य स्वास्थ्य क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करता है।


    *विश्व अस्थमा दिवस-2026 का विषय/थीम*

    "Access to anti-inflammatory inhalers for everyone with asthma – still an urgent need"

    रविवार, 3 मई 2026

    3 मई 2026 : विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस

    आज का दिन : 3 मई 2026

    विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस

    (World Press Freedom Day)

    • प्रतिवर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
    • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 1993 में प्रति वर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा की। यह दिन इसलिए चुना गया क्योंकि यूनेस्को द्वारा नामीबिया के विंडहॉक में 29 अप्रेल से 3 मई, 1991 तक प्रेस की स्वतंत्रता पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था।
    • विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र के 'जन सूचना विभाग' ने मिलकर किया था।
    • अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने का उद्देश्य प्रेस यानी मीडिया की स्वतंत्रता को मुखर बनाना है।  यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और इसके लिए सार्थक पहल करने तथा दुनिया भर में प्रेस की स्वतंत्रता की स्थिति का आकलन करने का भी दिन है। एक प्रकार से यह अभिव्यक्ति की आजादी का पर्व है।
    • वर्ष 2025 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की 32वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
    • यूनेस्को की ओर से 1993 से प्रतिवर्ष विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर किसी एक देश की मेजबानी में ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2025 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की मेजबानी बेल्जियम को सौंपी गई है। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में 7 मई को ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। 
    • यूनेस्को की ओर से वर्ष 2026 के विश्व प्रेस फ्रीडम दिवस पर 4 अप्रेल, 2026 को जाम्बिया के लुसाका में एक ग्लोबल कॉन्फे्रंस का आयोजन किया गया है। इस ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का विषय/थीम है:- "शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण"।

    गुइलेर्मो कैनो प्रेस फ्रीडम पुरस्कार

    • यूनेस्को की ओर से 1997 से प्रति वर्ष गुइलेर्मो कैनो प्रेस फ्रीडम पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह व्यक्ति अथवा संस्था, जिन्होंने प्रेस की स्वतंत्रता में योगदान दिया हो, उन्हें प्रदान किया जा रहा है। गुइलेर्मो कैनो इसाजा कोलिम्बया के पत्रकार थे, जिनकी 17 दिसंबर 1986 को कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में उनके समाचार पत्र एल एस्पेक्टाडोर के कार्यालय के सामने हत्या कर दी गई थी। उन्हीं के सम्मान में इस पुरस्कार का नाम रखा गया है। 

    निकारागुआ के अखबार ला प्रेंस ने जीता 2025 का प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार

    • यूनेस्को की ओर से 7 मई, 2025 को बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में होने वाली ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में वर्ष 2025 का गुइलेर्मो कैनो प्रेस स्वतंत्रता  पुरस्कार निकारागुआ के अखबार ला प्रेंस को प्रदान किया जाएगा।   

    भारत में प्रेस की स्वतंत्रता

    • भारतीय संविधान में अनुच्छेद 19(1) (क) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल की गई है। इसका आशय है-शब्दों, लेखों, चिह्नों, प्रिटिंग या किसी अन्य प्रकार से अपने विचारों को व्यक्त करना।
    • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में प्रेस की स्वतंत्रता भी शामिल है।
    • लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आधार स्तंभ का कार्य करती है।
    • हमारे देश में 16 नवंबर को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है। 16 नवंबर 1966 को भारतीय प्रेस परिषद् ने विधिवत कार्य शुरू किया था। इसलिए यह दिवस मनाया जाता है।

    *विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Shaping a Future at Peace: Promoting Press Freedom for Human Rights, Development, and Security

    शनिवार, 2 मई 2026

    2 मई 2026 : विश्व टूना दिवस

    विश्व टूना दिवस

    (World Tuna Day)

    आज का दिन : 2 मई 2026
    world-tuna-day-2023-in-hindi
    • प्रतिवर्ष 2 मई को विश्व टूना दिवस मनाया जाता है।
    • 7 दिसंबर 2016 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिवस को मनाने का संकल्प अपनाया। इस प्रकार पहली बार यह दिवस 2 मई, 2017 को मनाया गया।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह दिवस टूना मछली को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
    • टूना मछली में ओमेगा-3 बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें मिनरल्स, प्रोटीन और विटामिन बी12 भी होते हैं। यह दुनिया के अनेक देशों का मुख्य भोजन है। टूना मछली के यही गुण अब उसके अस्तित्व पर ही संकट का कारण बनते जा रहे हैं। इसलिए अब इसे संरक्षण की सख्त आवश्कता है।
    • टूना और इसकी जैसी अन्य मछली प्रजातियों में से 40 प्रतिशत हिन्द महासागर, अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर में पाई जाती हैं।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 2022 को International Year of Artisanal Fisheries and Aquaculture (अंतरराष्ट्रीय कलात्मक मत्स्य पालन और जलीय कृषि वर्ष) के रूप में मनाया गया था। 
    • खाद्य और कृषि संगठन की ओर से 2027 तक टूना मछली को संधारणीय स्तर पर पकडने पर जोर देना है।