शनिवार, 9 मई 2026

मई और अक्टूबर का दूसरा शनिवार : विश्व प्रवासी पक्षी दिवस

विश्व प्रवासी पक्षी दिवस

(World Migratory Bird Day)

आज का दिन : मई और अक्टूबर का दूसरा शनिवार

विश्व प्रवासी पक्षी दिवस-2026 की थीम
Every Bird Counts – Your Observations Matter!

  • विश्व प्रवासी पक्षी दिवस प्रतिवर्ष मई एवं अक्टूबर माह के दूसरे शनिवार को मनाया जाता है। 
  • 2026 में 9 मई को यह दिवस मनाया जा रहा है। साथ ही 10 अक्टूबर, 2026 को भी यह दिवस मनाया जाएगा। वर्ष में दो बार यह दिवस मनाने का कारण उत्तरी व दक्षिणी गोलार्द्ध में पक्षियों के प्रवास की अलग-अलग अवधि है।
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहला विश्व प्रवासी पक्षी दिवस 8-9 अप्रेल, 2006 को मनाया गया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही उनके प्रवास स्थल आर्द्रभूमियों के संरक्षण के प्रति प्रेरित करना है। 
  • यूरोपीय देशों से प्रतिवर्ष हजारों प्रवासी पक्षी भारत आते हैं। 
  • अधिकतर प्रवासी पक्षी रात में सफर करते हैं, लेकिन शहरों की लाइट्स इन पक्षियों भटका देती है और इसी कारण से कई पक्षियों की मौत भी हो जाती है। इसके प्रति जागरूक होने का समय आ गया है।

सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे मार्ग पर स्थित है भारत

  • प्रवासी पक्षियों के प्रजनन स्थल से सर्दियों के प्रवास स्थल जाने के हवाई मार्ग को 'फ्लाईवेज' कहा जाता है। भारत सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे मार्ग पर स्थित होने के कराण प्रवासी पक्षियों का पसंदीदा स्थल है। 
  • पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार हर साल 29 देशों के पक्षी भारत के लिए उड़ान भरते हैं। प्रवासी पक्षियों की 250 से अधिक प्रजातियां भारत आती हैं। इनमें कॉम्ब डक (नटका), साइबेरिया सारस (कुरजां), ग्रेटर फ्लेमिंगो, ब्लैक विंग्ट स्टिल्ट, कॉमन टील, वुड सैंडपाइपर आदि प्रमुख प्रजातियां हैं। 
  • भारत में आने वाले पक्षियों के आने का सामान्य समय अक्टूबर माह है और दिसंबर तक ये देश के जलाशयों पर दिखाई देते हैं। देश में प्रवासी पक्षियों के प्रमुख निवास स्थानों में राजस्थान का केवलादेव घना पक्षी विहार, सांभर, खींचन, गोवा का सालिम अली पक्षी अभयारण्य, केरल का कुमारकॉम पक्षी अभयारण्य, दिल्ली का बायोडायवर्सिटी पाक, ओडिशा की चिल्का झील, तमिलनाडु का वेदानथंगल आदि प्रमुख हैं। 
  • राजस्थान के खींचन गांव को तो कुरजां नगरी के रूप में नई पहचान मिली है।
  • प्रवासी पक्षियों से पर्यावरण व जलीय पारिस्थितिकी का विकास होता है। 

*विश्व प्रवासी पक्षी दिवस-2026 का विषय/थीम*

Every Bird Counts – Your Observations Matter!

गुरुवार, 7 मई 2026

7 मई 2026 : सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस

सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस

(Border Roads Organisation Foundation Day)

आज का दिन : 7 मई 2026

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Border Roads Organisation  logo

  • सीमा सड़क संगठन का गठन 7 मई, 1960 को किया गया। इसीलिए प्रतिवर्ष 7 मई को सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस मनाया जाता है।
  • सीमा सड़क संगठन का मुख्य कार्य देश के दुर्गम तथा दूर-दराज सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण करना है।
  • सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसका मूल उद्देश्य देश के उत्तरी तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के तीव्र विस्तार में समन्वय स्थापित करना था।
  • वर्ष 2026 में 67वां सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) दिवस मनाया जा रहा है।
  • सीमा सड़क संगठन दल में भारतीय थल सेना तथा जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) से संबंधित कुशल अधिकारियों का समूह होता है जिसका नेतृत्व थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के हाथ में होता है।
  • सीमा सड़क संगठन अब तक देश के दुर्गम तथा दूर-दराज क्षेत्रों में 50,500 किलोमीटर से अधिक सड़क का निर्माण, 42000 मीटर लंबाई के 430 से अधिक बड़े स्थाई पुलों के निर्माण के अलावा 19 हवाई अड्डों का भी निर्माण कर चुका है। यह निर्माण कार्य उन क्षेत्रों में किया गया है जहां कोई निर्माण एजेंसियां शायद ही कार्य करने का साहस कर सके।
  • हाल ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने देश के बाकी हिस्सों से पंजाब के कासोवाल एन्क्लेव को जोडऩे के लिए रावी नदी पर निर्धारित समय से काफी पहले एक नये स्थायी पुल का निर्माण करते हुए इसे उपयोग के लिए खोल दिया है। लगभग 35 वर्ग किलोमीटर का यह क्षेत्र इससे पूर्व सीमित भार क्षमता के पंटून पुल के माध्यम से जुड़ा था।
  • सीमावर्ती इलाकों जैसे सिक्किम, भूटान, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अंडमान व निकोबार में जीवन को चलाये रखने में वहां के लोगों का सीमा सड़क संगठन पर पूरा भरोसा है।
  • यह संगठन प्रतिवर्ष 95 सड़कों (3000 किलो मीटर) पर बर्फ हटाने का कार्य करता है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क बना रह सके।
  • सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री और उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री थे। वर्तमान में रक्षा राज्य मंत्री सीमा सड़क विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
  • वर्तमान यानी सन् 2026 में सीमा सडक़ संगठन के महानिदेशक (डीजीबीआर) लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह हैं।
  • सीमा सड़क संगठन की ओर से किए गए/किए जा रहे कुछ दुर्गम व अति महत्वपूर्ण कार्यं निम्न हैं- हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति तथा पांगी घाटी में अटल सुरंग (रोहतांग सुरंग) का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में 720 मीटर लंबे दिगरू पुल का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के ही अकाजन-जोनाई-पासी घाट सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग 52) पर स्थित साइमन नदी पर निर्मित 480 मीटर लंबे पुल का निर्माण, जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में निर्माणाधीन जेड-मोड सुरंग आदि।
  • सीमा सड़क संगठन का ध्येय वाक्य है- श्रमेण सर्वम् साध्यम।

मंगलवार, 5 मई 2026

मई का पहला मंगलवार : विश्व अस्थमा दिवस

विश्व अस्थमा दिवस

(World Asthma Day)


आज का दिन : मई का पहला मंगलवार 


  • विश्व अस्थमा दिवस प्रतिवर्ष मई माह के पहले मंगलवार को मनाया जाता है।
  • ग्लोबल इनीशिएटिव फॉर अस्थमा द्वारा पहली बार विश्व अस्थमा दिवस सन् 1998 में मनाया गया।
  • वर्ष 2025 में मई माह का प्रथम मंगलवार 5 मई को है। इसलिए 5 मई को विश्व अस्थमा दिवस मनाया जा रहा है।
  • पहले विश्व अस्थमा दिवस का आयोजन सन् 1998 में स्पेन के बार्सिलोना में किया गया। तब इसे 35 देशों में आधिकारिक रूप से मनाया गया। वर्तमान में लगभग सारी दुनिया में विश्व अस्थमा दिवस मनाया जाता है।
  • कोविड-19 यानी कोरोना वायरस भी अस्थमा की तरह ही फेफड़ों पर आक्रमण करता है। इसलिए महामारी के इस दौर में अस्थमा मरीजों को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
  • विश्व अस्थमा दिवस मनाने का उद्देश्य इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक करना है। इस बीमारी का मुख्य कारण प्रदूषण है। अस्थमा के रोगी को हर मौसम में सावधानी बरतनी पड़ती है।
  • ग्लोबल इनीशिएटिव फॉर अस्थमा (जीआईएनए) को वर्ष 1993 में शुरू किया गया था। इसे राष्ट्रीय हृदय, फेफड़े और रक्त संस्थान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान, संयुक्त राज्य अमेरिका एवं विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से शुरू किया गया था। यह संस्थान अस्थमा के प्रसार को रोकने एवं उससे होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए अन्य स्वास्थ्य क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करता है।


*विश्व अस्थमा दिवस-2026 का विषय/थीम*

"Access to anti-inflammatory inhalers for everyone with asthma – still an urgent need"

रविवार, 3 मई 2026

3 मई 2026 : विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस

आज का दिन : 3 मई 2026

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस

(World Press Freedom Day)

  • प्रतिवर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 1993 में प्रति वर्ष 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने की घोषणा की। यह दिन इसलिए चुना गया क्योंकि यूनेस्को द्वारा नामीबिया के विंडहॉक में 29 अप्रेल से 3 मई, 1991 तक प्रेस की स्वतंत्रता पर कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था।
  • विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र के 'जन सूचना विभाग' ने मिलकर किया था।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाने का उद्देश्य प्रेस यानी मीडिया की स्वतंत्रता को मुखर बनाना है।  यह दिन प्रेस की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने और इसके लिए सार्थक पहल करने तथा दुनिया भर में प्रेस की स्वतंत्रता की स्थिति का आकलन करने का भी दिन है। एक प्रकार से यह अभिव्यक्ति की आजादी का पर्व है।
  • वर्ष 2025 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की 32वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है।
  • यूनेस्को की ओर से 1993 से प्रतिवर्ष विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर किसी एक देश की मेजबानी में ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2025 में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की मेजबानी बेल्जियम को सौंपी गई है। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में 7 मई को ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। 
  • यूनेस्को की ओर से वर्ष 2026 के विश्व प्रेस फ्रीडम दिवस पर 4 अप्रेल, 2026 को जाम्बिया के लुसाका में एक ग्लोबल कॉन्फे्रंस का आयोजन किया गया है। इस ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का विषय/थीम है:- "शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण"।

गुइलेर्मो कैनो प्रेस फ्रीडम पुरस्कार

  • यूनेस्को की ओर से 1997 से प्रति वर्ष गुइलेर्मो कैनो प्रेस फ्रीडम पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह व्यक्ति अथवा संस्था, जिन्होंने प्रेस की स्वतंत्रता में योगदान दिया हो, उन्हें प्रदान किया जा रहा है। गुइलेर्मो कैनो इसाजा कोलिम्बया के पत्रकार थे, जिनकी 17 दिसंबर 1986 को कोलंबिया की राजधानी बोगोटा में उनके समाचार पत्र एल एस्पेक्टाडोर के कार्यालय के सामने हत्या कर दी गई थी। उन्हीं के सम्मान में इस पुरस्कार का नाम रखा गया है। 

निकारागुआ के अखबार ला प्रेंस ने जीता 2025 का प्रेस स्वतंत्रता पुरस्कार

  • यूनेस्को की ओर से 7 मई, 2025 को बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में होने वाली ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में वर्ष 2025 का गुइलेर्मो कैनो प्रेस स्वतंत्रता  पुरस्कार निकारागुआ के अखबार ला प्रेंस को प्रदान किया जाएगा।   

भारत में प्रेस की स्वतंत्रता

  • भारतीय संविधान में अनुच्छेद 19(1) (क) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता शामिल की गई है। इसका आशय है-शब्दों, लेखों, चिह्नों, प्रिटिंग या किसी अन्य प्रकार से अपने विचारों को व्यक्त करना।
  • अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में प्रेस की स्वतंत्रता भी शामिल है।
  • लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता आधार स्तंभ का कार्य करती है।
  • हमारे देश में 16 नवंबर को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है। 16 नवंबर 1966 को भारतीय प्रेस परिषद् ने विधिवत कार्य शुरू किया था। इसलिए यह दिवस मनाया जाता है।

*विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस-2026 का विषय/थीम*

Shaping a Future at Peace: Promoting Press Freedom for Human Rights, Development, and Security

शनिवार, 2 मई 2026

2 मई 2026 : विश्व टूना दिवस

विश्व टूना दिवस

(World Tuna Day)

आज का दिन : 2 मई 2026
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  • प्रतिवर्ष 2 मई को विश्व टूना दिवस मनाया जाता है।
  • 7 दिसंबर 2016 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिवस को मनाने का संकल्प अपनाया। इस प्रकार पहली बार यह दिवस 2 मई, 2017 को मनाया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से यह दिवस टूना मछली को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
  • टूना मछली में ओमेगा-3 बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसमें मिनरल्स, प्रोटीन और विटामिन बी12 भी होते हैं। यह दुनिया के अनेक देशों का मुख्य भोजन है। टूना मछली के यही गुण अब उसके अस्तित्व पर ही संकट का कारण बनते जा रहे हैं। इसलिए अब इसे संरक्षण की सख्त आवश्कता है।
  • टूना और इसकी जैसी अन्य मछली प्रजातियों में से 40 प्रतिशत हिन्द महासागर, अटलांटिक महासागर और भूमध्य सागर में पाई जाती हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 2022 को International Year of Artisanal Fisheries and Aquaculture (अंतरराष्ट्रीय कलात्मक मत्स्य पालन और जलीय कृषि वर्ष) के रूप में मनाया गया था। 
  • खाद्य और कृषि संगठन की ओर से 2027 तक टूना मछली को संधारणीय स्तर पर पकडने पर जोर देना है। 

शुक्रवार, 1 मई 2026

1 मई 2026 : अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस
(International Labour Day)

आज का दिन : 1 मई 2026

  • प्रतिवर्ष पूरे विश्व में 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है। इसे श्रमिक दिवस और मई दिवस भी कहा जाता है।
  • श्रमिक दिवस मजदूर वर्ग की ताकत और विकास में मजदूरों यानी श्रमिकों की भूमिका को रेखांकित करता है।
  • पश्चिमी दुनिया में औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप जन्में श्रमिक वर्ग को उनके अधिकार और अलग पहचान दिलाने के लिए ही मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत हुई।
  • दुनिया में पहली बार 18वीं सदी के मध्य इंग्लैंड में मजदूर संगठनों का उदय हुआ।
  • 1884 में अमेरिका की न्यूयार्क सेंट्रल लेबर यूनियन ने मजदूर दिवस परेड के लिए सितंबर माह के पहले सोमवार का दिन तय किया।
  • अमेरिका में मजदूर वर्ग के लिए 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग को लेकर श्रमिक संगठनों ने 1 मई, 1886 को देशव्यापी हड़ताल की। यहीं से 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई।
  • इंग्लैंड में श्रमिक दिवस का प्रथम आयोजन 4 मई, 1890 को हुआ।
  • चीन में मई दिवस का प्रथम आयोजन 1924 में हुआ।
  • वियतनाम में पहली बार मई दिवस 1975 में मनाया गया।
  • पूरी दुनिया में श्रमिकों के उत्थान में लगे 'अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन' की स्थापना को 100 साल हो चुके हैं। इसकी स्थापना सन् 1919 में की गई।
  • भारत में मजदूर दिवस प्रथम बार सन् 1923 ई. में मनाया गया। सन् 1923 में कम्युनिस्ट नेता सिंगारवेलु चेट्टियार के नेतृत्व में मद्रास (चेन्नई) में देश का प्रथम श्रमिक दिवस मनाया गया।
  • अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर दुनिया के 80 से अधिक देशों में सवैतनिक अवकाश रहता है।

 

1 मई 2026 : गुजरात व महाराष्ट्र दिवस

गुजरात व महाराष्ट्र दिवस

(Gujarat & Maharashtra Day)

आज का दिन : 1 मई 2026

  • 1 मई, 1960 को बॉम्बे राज्य का विभाजन कर दो राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात का निर्माण किया गया।
  • देश की स्वतंत्रता से पहले यह राज्य मुख्य रूप से दो भागों में विभक्त था। एक ब्रिटिश क्षेत्र एवं दूसरा देशी रियासतें।
  • स्वतंत्रता के पश्चात् राज्यों के पुनर्गठन के फलस्वरूप सौराष्ट्र, कच्छ एवं ब्रिटिश गुजरात को मिलाकर द्विभाषी बॉम्बे राज्य का गठन किया गया।
  • बाद में इसी राज्य को दो भागों में विभाजित कर 1 मई, 1960 को गुजरात एवं महाराष्ट्र राज्य का निर्माण किया गया।
  • वर्ष 2026 के राज्य स्थापना दिवस पर गुजरात सरकार की ओर से 66वां गुजरात गौरव दिवस मनाया जा रहा है।
  • सन् 2026 में राज्य दिवस पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से महाराष्ट्र दिवस मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र में 1 मई को सार्वजनिक अवकाश रहता है।

गुजरात राज्य के बारे में जानने योग्य तथ्य

  • गुजरात राज्य का क्षेत्रफल 1,96,024 वर्ग कि.मी. है।
  • गुजरात राज्य की राजधानी गांधीनगर है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गुजरात राज्य की जनसंख्या- 6,04,39,692 है। जिसमें पुरुष-3,14,91,260, महिलाएं-2,89,48,432 हैं।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार गुजरात राज्य में लिंगानुपात- 919/1000 पुरुष पर है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार साक्षरता दर- 78 प्रतिशत है। इसमें पुरुष साक्षरता 85.8 प्रतिशत और महिला साक्षरता 69.7 प्रतिशत है।
  • वर्तमान यानी सन् 2026 में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और राज्यपाल आचार्य देवव्रत हैं।
  • गुजरात का राज्य पशु- गिर सिंह है।
  • गुजरात का राज्य पक्षी- हंसाबर।
  • गुजरात से लोकसभा के लिए 26 एवं राज्यसभा की 11 सीटें हैं।
  • गुजरात राज्य के प्रमुख लोकनृत्य हैं-गरबा, डांडियारास, घेरिया रास, गोफे, जेरियन, पणिहारी, रासलीला, लास्या, गणपति भजन, टिप्पणी आदि।
  • गुजरात राज्य में बहने वाली प्रमुख नदियां हैं- साबरमती, माही, नर्मदा, ताप्ती, बनास, सरस्वती एवं दमन गंगा।
  • गुजरात प्रदेश के पूर्व में राजस्थान, दक्षिण-पूर्व में मध्य प्रदेश, दक्षिण में महाराष्ट्र, उत्तर में पाकिस्तान, पश्ïिचम में अरब सागर है।
  • गुजरात राज्य में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य हैं- गिर नेशनल पार्क (जूनागढ), बालाराम नेशनल पार्क (बनासकांठा), बल्वाडर नेशनल पार्क (भावनगर)


महाराष्ट्र राज्य के बारे में जानने योग्य तथ्य

  • महाराष्ट्र राज्य का क्षेत्रफल- 3,07,713 वर्ग किमी. है।
  • महाराष्ट्र राज्य की राजधानी मुम्बई है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र राज्य की जनसंख्या 11,23,74,333 है, जिसमें से पुरुषों की संख्या 5,82,43,056 और महिलाओं की संख्या 5,41,31,277 है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र राज्य में लिंगानुपात- 929/1000 पुरुष पर है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार महाराष्ट्र की साक्षरता दर- 82.3 प्रतिशत है जिसमें 88.4 प्रतिशत पुरुष और 75.9 प्रतिशत महिलाएं साक्षर हैं।
  • महाराष्ट्र राज्य में जनसंख्या घनत्व- 365 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है।
  • वर्तमान यानी सन् 2026 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा हैं।
  • महाराष्ट्र का राज्य पशु विशालकाय गिलहरी है।
  • महाराष्ट्र का राज्य पक्षी हरियल है।
  • महाराष्ट्र से लोकसभा की 48 एवं राज्यसभा की 19 सीटें हैं। 
  • महाराष्ट्र की राजधानी मुम्बई देश की आर्थिक राजधानी कही जाती है। 
  • महाराष्ट्र को देश का 'पावर हाउस' कहा जाता है। 
  • मुम्बई में देश का सबसे बड़ा बंदरगाह है। 
  • महाराष्ट्र के प्रमुख लोकनृत्य हैं- लावनी, तमासा, डाहीकल, लेजिम, गोधलगीत, बोहरा, कोली।
  • महाराष्ट्र राज्य में बहने वाली प्रमुख नदियां हैं- गोदावरी, भीमा और कृष्णा। ये नदियां बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं। 
  • महाराष्ट्र के उत्तर में गुजरात, पूर्वोत्तर में मध्य प्रदेश, दक्षिण में कर्नाटक एवं आंध्रप्रदेश तथा पश्चिम में अरब सागर है।
  • महाराष्ट्र राज्य में स्थित प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य हैं- टडोवा नेशनल पार्क (चन्द्रपुर), बोरीवाली नेशनल पार्क (मुंबई), पेंच नेशनल पार्क (नागपुर), नवेगाय नेशनल पार्क (भंडारा), तन्सा वन्य जीव अभयारण्य (थाणे)।

मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

28 अप्रेल 2026 : कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस

कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस

(World Day for Safety and Health at Work)

आज का दिन : 28 अप्रेल 2026

  • अंतरराष्ट्रीय मजदूर संगठन (आईएलओ) की ओर से प्रतिवर्ष 28 अप्रेल को 'कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस' मनाया जाता है।
  • आईएलओ ने पहली बार यह दिवस सन् 2003 में मनाया था। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य कर्मचारियों को कार्यस्थल पर स्वास्थ्य के साथ ही सुरक्षा व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जागरूक करना है। यह एक प्रकार से जागरूकता दिवस है। संयुक्त राष्ट्र के सतत सुरक्षा विकास 2030 के एजेंडे में व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य भी शामिल है।
  • वर्तमान में विभिन्न व्यवसायों में एआई और डिजिटल उपकरणों का उपयोग बढ़ा है। खतरनाक माने जाने वाले व्यवसायों में रोबोट का उपयोग श्रमिकों की सुरक्षा में उपयोगी साबित हो रहा है। जैसे आज रोबोट भारी सामान उठा रहे हैं, विषाक्त पदार्थों वाले व्यवसायों और अत्यधिक तापमान वाली जगहों पर काम में सहयोग कर रहे हैं।
  • ट्रेड यूनियन आंदोलन द्वारा प्रतिवर्ष 28 अप्रेल को मृत एवं घायल श्रमिकों के स्मृति दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिवस 1996 से मनाया जा रहा है। इसी संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र का 'कार्यस्थल पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य दिवस' महत्वपूर्ण है।
  • हमारे देश में भी श्रमिकों व अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति चेतना जगाने के लिए प्रतिवर्ष 4 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा) मनाया जाता है।

रविवार, 26 अप्रैल 2026

26 अप्रेल 2026 : विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस

विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस

(World Intellectual Property Day)

आज का दिन : 26 अप्रेल 2026
 
  • विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन की ओर से प्रतिवर्ष 26 अप्रेल को 'विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस' मनाया जाता है।
  • प्रथम बार विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस सन् 2000 में मनाया गया था।
  • 26 अप्रेल, 1970 को विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन की स्थापना का समझौता लागू हुआ था, इसलिए विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस मनाने के लिए इस दिन को चुना गया।
  • विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य पेटेंट, ट्रेडमार्क, इंडस्ट्रियल डिजाइन, कॉपीराइट जैसे बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
  • बौद्धिक संपदा की परिभाषा के अनुसार, किसी व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा सृजित कोई रचना, संगीत, साहित्यिक कृति, कला, खोज, नाम अथवा डिजाइन आदि, उस व्यक्ति अथवा संस्था की 'बौद्धिक संपदा' कहलाती है। व्यक्ति अथवा संस्था को अपनी इन कृतियों पर प्राप्त अधिकार को 'बौद्धिक संपदा अधिकार' कहा जाता है।
  • विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन (World Intellectual Property Organization) संयुक्त राष्ट्र की महत्वपूर्ण एजेंसी है। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में स्थित है। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश इसके सदस्य बन सकते हैं। लेकिन इसकी सदस्यता बाध्यकारी नहीं है। भारत 1975 में विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन का सदस्य बना था।


भारत बौद्धिक सम्पदा अधिकार संबंधी स्थिति

  • भारत विश्व व्यापार संगठन का संस्थापक सदस्य है, इसलिए भारत ने व्यापार संबंधी बौद्धिक सम्पत्ति अधिकारों (टीआरआईपीएस) से संबंधित करार का समर्थन किया है। इसके अनुसार भारत सहित सभी सदस्य देश परस्पर वार्ता से निर्धारित किए गए प्रतिमानों और मानकों का पालन अनुबंधित समय सीमा के अंतर्गत करेंगे।
  • देश में एक बौद्धिक सम्पत्ति अधिकार प्रणाली स्थापित है, जो विश्व व्यापार संगठन के अनुरूप है और सभी स्तरों पर चाहे वह सांविधिक, प्रशासनिक अथवा न्यायिक हो, पूर्णत: कार्यरत है। 
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के अधीन 'महानियंत्रण, पेटेंट, डिजाइन और ट्रेड मार्क' के कार्यालय का गठन किया गया है। यह पेटेण्ट, डिजाइन, ट्रेडमार्क और भौगोलिक निदर्शन से संबंधित सभी मामलों को प्रकाशित करता है। 
  • इसके साथ ही देश में स्वत्वाधिकारों (कॉपीराइट्स) और इससे संबंधित अधिकारों के पंजीकरण सहित सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के शिक्षा विभाग में एक कॉपीराइट कार्यालय की स्थापना की गई है।
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन पेटेंट, डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय द्वारा वर्ष 2009 से देश में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा सम्मान प्रदान किए जाते हैं। भारत रत्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती 15 अक्टूबर 2022 को वर्ष 2021 और 2022 के विजेताओं को राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार प्रदान किए गए थे। 

*विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस-2026 का विषय/थीम*
IP and Sports: Ready, Set, Innovate

शनिवार, 25 अप्रैल 2026

25 अप्रेल 2026 : विश्व मलेरिया दिवस

आज का दिन : 25 अप्रेल 2026

विश्व मलेरिया दिवस

(World Malaria Day)

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  • प्रतिवर्ष 25 अप्रेल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहला विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रेल 2008 को मनाया गया था।
  • विश्व मलेरिया दिवस को मनाने का उद्देश्य मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करना है, जिससे हर साल लाखों लोगों की जान चली जाती है।
  • मलेरिया मादा मच्छर एनोफिलीज के काटने से होता है। इसे डॉक्टरी भाषा में प्लाज्मोडियम कहा जाता है।
  • बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मच्छरों के काटने से फैलने वाले मलेरिया के लिए दुनिया में पहली बार टीका लाया गया है और इसकी शुरूआत मलावी से हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मलेरिया की वैक्सीन को मान्यता दे दी है। इसका नाम RTS,S/AS01 है, इसे मॉसक्यूरिक्स (Mosquirix) के नाम से भी जाना जाता है। यह वैक्सीन 6 से 17 माह तक के बच्चों को दी जाती है। इसकी कुल चार डोज हैं। घाना, केन्या और मलावी में इस टीके से बच्चों की मौतों में 13 प्रतिशत की कमी आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अक्टूबर 2023 में दूसरी मलेरिया वैक्सीन को मंजूरी दी है। इस नई मलेरिया वैक्सीन का नाम R21/Matrix-M है।
  • भारत में मुख्यत: दो प्रकार का मलेरिया पाया जाता है। प्लाजमोडियम फैल्सीफेरम एवं प्लाज्मोडियम वाईवेक्स।
  • भारत के अल्मोड़ा में जन्मे डॉ. रोनाल्ड रॉस ने मलेरिया की खोज की थी।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से हाल ही जारी की गई विश्व मलेरिया रिपोर्ट 2023 के अनुसार वर्ष 2022 में दुनिया भर में मलेरिया के 249 मिलियन मामले सामने आए। इनमें भी सर्वाधिक 95 प्रतिशत मामले सिर्फ 29 देशों में हैं। अफ्रीकी देशों नाइजीरिया, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और मोजाम्बिक में पूरे दुनिया के आधे मलेरिया के मामले पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण-पूर्व एशिया के पाए गए मलेरिया के कुल मामलों में भारत में 66 प्रतिशत मामले थे। इसी तरह इस क्षेत्र में मलेरिया से होने वाली मौतों में से 94 प्रतिशत भारत और इंडोनेशिया में हुई। हालांकि भारत में मरने वालों की संख्या में वर्ष 2020 के मुकाबले 77 प्रतिशत की कमी आई है।
  • भारत में 'राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम निदेशालय' (एनवीबीडीसीपी) मलेरिया रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए केंद्रीय नोडल एजेंसी हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा एनवीबीडीसीपी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय रणनीतिक योजना विकसित है। इस योजना के सहारे भारत को 2027 तक मलेरिया से मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

*विश्व मलेरिया दिवस-2026 का विषय/थीम*

Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must.

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आज का दिन : 25 अप्रेल 2026

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि दिवस

International Delegate's Day

  • प्रतिवर्ष 25 अप्रेल को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि दिवस मनाया जाता है। 
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहली बार अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि दिवस 25 अप्रेल, 2019 को मनाया गया। 
  • यूएन महासभा ने 2 अप्रेल, 2019 को इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। 
  • 25 अप्रेल, 1945 को सैन फ्रांसिस्को में पहली बार 50 देशों के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए थे, उसी की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है।
  • यूएन के अनुसार प्रतिनिधियों के कारण ही संयुक्त राष्ट्र है। उनके बिना यह संगठन वह नहीं होता, जो आज यह है। प्रतिनिधि यानी डेलीगेट्स ही संयुक्त राष्ट्र के समझौतों पर वार्ता करते हैं और अपने देश के साथ समन्वय करते हैं। 
  • प्रतिनिधियों को संयुक्त राष्ट्र में उनके देशों द्वारा नियुक्त किया जाता है, इसलिए वे जिस सरकार के प्रतिनिधि होते हैं, उसके हितों का ध्यान रखते हैं।

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

24 से 30 अप्रेल 2026 : विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह

 यह सप्ताह : 24 से 30 अप्रेल 2026

विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह

(World Immunization Week)

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से प्रतिवर्ष अप्रेल के आखिरी सप्ताह में विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह मनाया जाता है।
  • वर्ष 2026 में यह सप्ताह 24 से 30 अप्रेल तक मनाया जा रहा है।
  • इस सप्ताह को मनाने का उद्देश्य प्रतिरक्षण के लिए टीकाकरण का महत्व बताना है। समय पर टीकाकरण होने से लोगों को कई बीमारियों से बचाया सकता है।
  • पिछले 50 वर्षों में टीकाकरण की वजह से नवजातों के जीवित रहने में 40 प्रतिशत का सुधार हुआ है। मानव जाति के इतिहास में किसी भी अन्य समय की तुलना में अब ज्यादा बच्चे अपना पहला जन्मदिन और उससे ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं।
  • वर्तमान समय में टीके इस बात का प्रमाण हैं कि यदि हम अपना ध्यान लगाएं तो बीमारियों में कमी करके जीवन को लंबा किया जाना संभव है।

*विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह-2026 का विषय/थीम*

For every generation, vaccines work

24 अप्रेल 2026 : शांति के लिए बहुपक्षीयता एवं कूटनीति हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस

 आज का दिन : 24 अप्रेल 2026

शांति के लिए बहुपक्षीयता एवं कूटनीति हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस

(International Day of Multilateralism and Diplomacy for Peace)

  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिवर्ष 24 अप्रेल को 'शांति के लिए बहुपक्षीयता एवं कूटनीति हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस' मनाया जाता है।
  • पहली बार यह दिवस 2019 में मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने 12 दिसंबर, 2018 को इस दिवस को मनाने का संकल्प अपनाया था।
  • यह दिवस इस बात को रेखांकित करता है कि समान हित के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।
  • सामान्य शब्दों में कहें तो बहुपक्षवाद कम से कम तीन राज्यों के बीच सहयोग को दर्शाता है।
  • बहुपक्षवाद यानी Multilateralism आपसी सहयोग का एक तरीका और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के संगठन का एक रूप है। बहुपक्षवाद संयुक्त राष्ट्र की स्थापना और आज तक इसके सफलतापूर्वक कार्य करते रहने का मुख्य गुण या विशेषता है।
  • सितंबर, 2024 में संयुक्त राष्ट्र में आयोजित 'भविष्य के शिखर सम्मेलन' में विश्व के नेताओं ने भविष्य के लिए एक समझौता अपनाया है, जिसमें शांति, सतत विकास और मानवाधिकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। वर्तमान में दुनिया परस्पर जुड़ी हुई है और बहुपक्षवाद और कूटनीति के मूल्य पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।


24 अप्रेल 2026 : राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

(National Panchayati Raj Day)

आज का दिन : 24 अप्रेल 2026

  • देश में प्रतिवर्ष 24 अप्रेल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। 
  • पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस सन् 2010 में मनाया गया था।
  • देश में पंचायती राज की व्यवस्था करने वाला 73वां संविधान संशोधन अधिनियम-1992 आज ही के दिन 24 अप्रेल, 1993 से लागू हुआ था। इसलिए प्रतिवर्ष 24 अप्रेल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
  • प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस एक भव्य आयोजन के रूप में मनाया जाता है और आम तौर पर दिल्ली के बाहर आयोजित किया जाता है। कई मौकों पर, प्रधानमंत्री स्वयं इस अवसर पर उपस्थित रहते हैं।  
  • राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2026 समारोह
  • भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2026 का राष्ट्र स्तरीय मुख्य समारोह नई दिल्ली में 24 अप्रेल को आयोजित किया जाएगा। इस साल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई)-2.0 की रिपोर्ट और च्च्मेरी पंचायत मेरी धरोहरज्ज् पर 3 पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। मंत्रालय की च्च्पंचायत धरोहर पहलज्ज् के अंतर्गत ग्रामीण विरासत पर तीन सचित्र पुस्तकें त्रिपुरा की ग्रामीण विरासत पर एक मोनोग्राफ, तिरुपति की ग्रामीण विरासत पर एक मोनोग्राफ और च्च्उत्तरकाशी: सौम्या काशी: हिमालयी विरासत की आत्माज्ज् जारी की जाएगी।   
  • राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026

  • पंचायती राज मंत्रालय तीन श्रेणियों में पंचायतों/संस्थाओं के उत्कृष्ट योगदान का मान्यता देते हुए विशेष श्रेणी के राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान करता है। प्रत्येक पुरस्कार में क्रमश: 1 करोड़ रुपये (प्रथम), 75 लाख रुपये (द्वितीय) और 50 लाख रुपये (तृतीय) की वित्तीय प्रोत्साहन राशि शामिल है। पुरस्कार विजेताओं को विशेष रूप से डिजाइन की गई ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते है। राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।

    2 अक्टूबर, 1959 को हुई थी देश में पंचायती राज की शुरुआत

  • देश में लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत करने के लिए सत्ता का विकेन्द्रीकरण करना एक अच्छा कदम है। इसी उद्देश्य से सन् 1957 में बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।
  • बलवंत राय मेहता समिति ने अपनी सिफारिश में जनतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की जिसे पंचायती राज कहा गया है। समिति ने 3 स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की बात कही थी-
    1. ग्राम स्तरीय पंचायत
    2. प्रखंड (ब्लॉक) स्तरीय पंचायत
    3. जिला स्तरीय पंचायत
  • पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य था। 
  • पंचायती राज योजना का शुभारम्भ 2 अक्टूबर, 1959 को प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर जिले में किया था।

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

23 अप्रेल 2026 : विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस

विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस

(World Book and Copyright Day)

आज का दिन : 23 अप्रेल 2026

  • प्रतिवर्ष 23 अप्रेल को पूरी दुनिया में विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख निकाय संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने सन् 1995 में पहली बार विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाया।
  • आम बोलचाल में विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस को 'विश्व पुस्तक दिवस' भी कहा जाता है।
  • विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाने का उद्देश्य किताबों का हमारे जीवन में महत्व बताने के साथ ही लोगों और किताबों के बीच की दूरी पाटना है।
  • 23 अप्रेल को ही विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाना मात्र प्रतीकात्मक है। अप्रेल में इस दिवस को मनाना महान साहित्यकारों विलियम शेक्सपियर, मिगुएल सर्वेंट्स और इंका गार्सिलसो डे ला वेगा आदि को श्रद्धांजलि देना है, जिनका जन्म अथवा निधन इस महीने (अप्रेल) में हुआ है 
  • इंटरनेट के इस युग में भी पुस्तकों का अपना अलग ही महत्व है। इसी महत्व को बताते हुए प्रतिवर्ष विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के माध्यम से लोगों को पुस्तकों के प्रति आकर्षित किया जाता है।
  • वल्र्ड बुक कैपिटल एडवाइजरी कमेटी की अनुशंसा पर यूनेस्को की महानिदेशक आंड्रे एजोले ने वर्ष 2025 के विश्व पुस्तक दिवस के लिए ब्राजील के रियो डी जेनेरियो को विश्व पुस्तक राजधानी नामित किया है। साथ ही वर्ष 2026 के लिए वर्ल्ड बुक कैपिटल के रूप में मोरक्को के राजधानी शहर रबात का चयन किया गया है।
  • यूनेस्को ने वर्ष 2003 में नई दिल्ली को 'वर्ल्ड बुक कैपिटल' नामित किया था।


आज का दिन : 23 अप्रेल 2026

अंग्रेजी भाषा दिवस

(English Language Day)

स्पेनिश भाषा दिवस

(Spanish Language Day)

  • संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में दो मुख्य भाषाओं अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा का दिवस 23 अप्रेल को मनाया जाता है। 23 अप्रेल को अंग्रेजी भाषा के महान साहित्यकार विलियम शेक्सपियर की जन्मतिथि और पुण्यतिथि दोनों होने के कारण इस दिन को अंग्रेजी भाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है। 23 अप्रेल को ही स्पेनिश भाषा के महान लेखक मिगुएल डे सर्वेंट्स की पुण्यतिथि भी है। इसलिए इस दिन को स्पेनिश भाषा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। ये दिवस संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संचार विभाग की ओर से मनाए जाते हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र की 6 ऑफिशियल लैंग्वेज का दिवस निम्न प्रकार मनाया जाता है-
  • चीनी : 20 अप्रैल
  • फ्रेंच : 20 मार्च
  • अंग्रेजी : 23 अप्रैल
  • स्पेनिश : 23 अप्रैल
  • रूसी : 6 जून
  • अरबी : 18 दिसंबर
  • ये दिवस वर्ष 2010 से मनाए जा रहे हैं।

बुधवार, 22 अप्रैल 2026

22 अप्रेल 2026 : पृथ्वी दिवस

पृथ्वी दिवस

(Earth Day)

आज का दिन : 22 अप्रेल 2026

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  • प्रतिवर्ष 22 अप्रेल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।
  • 22 अप्रेल, 1970 को पहली बार पृथ्वी दिवस मनाया गया। इस वर्ष दुनिया 55वां पृथ्वी दिवस मना रही है।
  • पृथ्वी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करना है। 
  • सितंबर, 1960 में अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने वसंत ऋतु में पर्यावरण के प्रति राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया। इसी के मद्देनजर बाद में 22 अप्रेल, 1970 को पहला पृथ्वी दिवस मनाया गया। 
  • यह वह दौर था जब पर्यावरण राजनीतिक सरकारों की प्राथमिकता में शामिल नहीं था। इसलिए पृथ्वी दिवस की शुरुआत एक प्रकार से पर्यावरण शिक्षा के रूप में की गई। बाद में इसने एक आंदोलन का रूप ले लिया और लगभग पूरी दुनिया में 22 अप्रेल को पृथ्वी दिवस मनाया जाने लगा।
  • अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन को 'फादर ऑफ अर्थ डे' भी कहा जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सन् 2009 में प्रतिवर्ष 22 अप्रेल को International Mother Earth Day के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया। इससे पूर्व संयुक्त राष्ट्र की ओर से सन् 2008 को 'अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी ग्रह वर्ष' के रूप में मनाया गया था।
  • हमारे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने वाला पृथ्वी दिवस हमें जागरूक करता है कि हम हमारे इस अनमोल ग्रह की देखभाल और सुरक्षा करें।
  • यूएन की ओर से 2021-2030 के दशक को 'पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर संयुक्त राष्ट्र का दशक' के रूप में मनाया जा रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार धरती से प्रतिवर्ष 10 मिलियन हैक्टेयर जंगल खत्म हो रहे हैं। यह आइसलैंड के क्षेत्रफल से भी अधिक है। जैव विविधता के कारण रोग फैलाने वाले जीवाणुओं का तेजी से प्रसार करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए एक स्वस्थ ईको सिस्टम हमें बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी 'विश्व मौसम विज्ञान संगठन' की ओर से 19 मार्च 2025 को  'वैश्विक जलवायु की स्थिति-2024' (State of the Global Climate 2024) रिपोर्ट जारी की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में भूमंडलीय तापमान में वृद्धि पेरिस समझौते की निर्धारित सीमा 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के निकट पहुंच गई है। संभावना है कि सितंबर 2029 तक विश्व का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो। पिछले 20 में से 19 माह में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से अधिक रहा है। वर्ष 2024 में पिछले 65 वर्षों के मुकाबले महासागरीय तापमान में भी सबसे अधिक वृद्धि देखी गई। वर्ष 2022-2024 की अवधि में ग्लेशियरों के पिघलने की गति भी बहुत अधिक रही।

*विश्व पृथ्वी दिवस-2026 का विषय/थीम*

Our Power, our Planet