मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

7 अक्टूबर 2026 : विश्व कपास दिवस

विश्व कपास दिवस

(World Cotton Day)

आज का दिन : 7 अक्टूबर 2026

  • प्रतिवर्ष 7 अक्टूबर को विश्व कपास दिवस मनाया जाता है। 
  • प्रथम विश्व कपास दिवस 7 अक्टूबर, 2019 को मनाया गया। लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 30 अगस्त, 2021 को 7 अक्टूबर को विश्व कपास दिवस के रूप में मनाने का संकल्प पारित किया था। इसलिए यह चौथा वर्ल्ड कॉटन डे है। कपास उत्पादक देशों सी-4 (बेनिन, बुर्कीना फासो, चाड और माली) ने विश्व व्यापार संगठन के सहयोग से पहले दो दिवस मनाए।
  • विश्व कपास दिवस को संयुक्त राष्ट्र, विश्व खाद्य संगठन, संयुक्त राष्ट्र व्यापार व विकास सम्मेलन (UNCTAD), विश्व व्यापार संगठन तथा अंतरराष्ट्रीय कपास सलाहकार समिति द्वारा मनाया जा रहा है। 
  • कपास उत्पादक देशों सी-4 (बेनिन, बुर्कीना फासो, चाड और माली) के प्रयासों से 7 से 11 अक्टूबर, 2019 तक जिनेवा में कपास समारोह का आयोजन किया गया था।
  • विश्व कपास दिवस मनाने का उद्देश्य कपास तथा इससे जुड़े लोगों को अवसर प्रदान करना तथा विकासशील देशों के लिए निजी सेक्टर तथा निवेशकों के बीच सहयोग बढ़ाना है।
  • संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार दुनिया के पांच महाद्वीपों के लगभग 80 देशों में कपास का उत्पादन किया जाता है। कपास की खेती में लगभग 32 मिलियन लोग/किसान शामिल हैं। इनमें से आधे से अधिक महिलाएं शामिल हैं। कपास से लगभग 100 मिलियन परिवार लाभाविन्त होते हैं।
  • भारत विश्व के सबसे बड़े कपास उत्पादक और उपभोक्ता देशों में शामिल है।
  • 'इंटरनेशनल कॉटन एडवाइजरी कमेटी' संयुक्त राष्ट्र और कपास उत्पादक देशों, उपभोक्ताओं और इसके व्यापार में जुटे राष्ट्रों का संगठन है। भारत के अंशुल शर्मा वर्ष 2021 में इस कमेटी के अध्यक्ष थे। वर्तमान यानी वर्ष 2026 में कोटे डी आइवर के एचईएम एली टूर इसके अध्यक्ष हैं।
  • विश्व कॉटन दिवस-2026 का मेजबान शहर उजबेकिस्तान का ताशकंद है, जहां 7 अक्टूबर, 2026 को मुख्य कार्यक्रम का आयोजन होगा।

भारत ने चला रखा है कपास प्रौद्योगिकी सहायता कार्यक्रम

  • भारत ने सन् 2012 से 2018 तक कपास प्रौद्योगिकी सहायता कार्यक्रम (टीएपी) संचालित किया था। इसमें छह अफ्रीकी देश (बेनिन, बुर्किना फासो, चाड, मालावी, नाइजीरिया और युगांडा) शामिल थे। 
  • तत्कालीन केन्द्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति जूबिन ईरानी ने जिनेवा में आयोजित कपास सम्मेलन में अफ्रीका के लिए कपास प्रौद्योगिकी सहायता कार्यक्रम (टीएपी) के दूसरे चरण की घोषणा की थी। दूसरा चरण पांच वर्षों का होगा। कार्यक्रम के कवरेज को विस्तार दिया जाएगा और इसमें पांच अन्य देशों-माली, घाना, टोगो, जाम्बिया और तन्जानिया को शामिल किया जाएगा। कपास प्रौद्योगिकी सहायता कार्यक्रम (टीएपी) में शामिल होने वाले देशों की संख्या 11 हो गई हैं। 
  • जिनेवा में आयोजित पहले विश्व कपास दिवस सम्मेलन में भारत के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बुनकर पिट्टा रामुलु ने चरखे पर अपनी कला का प्रदर्शन किया था।
  • वर्ष 2020 में विश्व कपास दिवस के अवसर पर तत्कालीन केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने भारतीय कपास का पहला ब्रांड एवं लोगो लॉन्च किया था। विश्व कपास व्यापार में भारतीय कपास का ब्रांड नाम 'कस्तूरी कॉटन' रखा गया है। यह ब्रांड सफेदी, चमक, मृदुलता, शुद्धता, शुभ्रता, अनूठापन एवं भारतीयता का प्रतिनिधित्व करता है। 

 

*विश्व कपास दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Building Prosperity Through Trade, Transformation and Partnership


    सोमवार, 5 अक्टूबर 2026

    अक्टूबर का प्रथम सोमवार : विश्व आवास दिवस-2026

    विश्व आवास दिवस-2026

    (World Habitat Day-2026)

    आज का दिन : अक्टूबर का प्रथम सोमवार

    • प्रतिवर्ष अक्टूबर माह के प्रथम सोमवार को 'विश्व आवास दिवस' को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में विश्व आवास दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जा रहा है।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहली बार विश्व आवास दिवस सन् 1986 में मनाया गया था।
    • 'विश्व आवास दिवस' को 'विश्व पर्यावास दिवस' भी कहा जाता है।
    • विश्व आवास दिवस को मनाने के पीछे संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को आवास उपलब्ध करवाना और सदस्य देशों में लोगों के विकास की नीतियों को बढ़ावा देना है। 
    • यूएन-हैबीटाट के अनुसार दुनिया में बढ़ रही असमानता के पीछे तीन सी मुख्य कारण हैं- COVID-19, climate and conflict. कोविड महामारी ने लोगों की कमर तोड़ और उन्हें पीछे धकेल दिया, वहीं जलवायु परिवर्तन और संघर्ष भी दुनिया में नए गरीब पैदा कर रहे हैं। महामारी पर दुनिया ने लगभग विजय पा ली है। अब असमानता खत्म करने के लिए जलवायु परिवर्तन और आपसी संघर्ष से निपटना जरूरी है। 
    • यूएन-हैबीटाट की ओर से विश्व आवास दिवस-2026 के वैश्विक आयोजन 5 से 8 अक्टूबर, 2026 तक ओमान के मस्कट में किया जा रहा है।
    • वर्ष 2023 के लिए अजरबेजान के शहर बाकू में मुख्य आयोजन किया गया था।
    • वर्ष 2022 के लिए तुर्किए (तुर्की) के शहर बालिकेसिर में मुख्य आयोजन किया गया था।
    • वर्ष 2021 के लिए कैमरून के शहर याउंदे (योंडे) में मुख्य आयोजन किया गया था।

    आवास स्क्रॉल ऑफ ऑनर

    • संयुक्त राष्ट्र के मानव बस्ती कार्यक्रम की ओर से सन् 1989 में 'आवास स्क्रॉल ऑफ ऑनर' पुरस्कार शुरू किया गया था।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 2025 के लिए UN-Habitat Scroll of Honour Award-2025 से सम्मानित संस्थाएं व व्यक्ति इस प्रकार हैं- 
    • Just a Change, Lisbon, Portugal
    • Clara Marina Brugada Molina, Mexico City, Mexico
    • Public Works Studio, Beirut, Lebanon
    • Israel Smart, Jos Plateau, Nigeria
    • In addition, a Special Citation was awarded to Gangwon State (IUTC), Republic of Korea

    *विश्व आवास दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Adequate Housing for All

    गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026

    1 अक्टूबर 2026 : राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस

    राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस

    National Voluntary Blood Donation Day

    आज का दिन : 1 अक्टूबर 2026

    • देश में सन् 1975 से 1 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जा रहा है। 
    • राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
    • वर्तमान में इसे इंडियन सोसायटी ऑफ ब्लड ट्रॉसफ्यूजन एण्ड इम्यूनोहैमेटोलॉजी, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन और भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा मनाया जाता है।
    • इंडियन सोसायटी ऑफ ब्लड ट्रॉसफ्यूजन एण्ड इम्यूनोहैमेटोलॉजी की स्थापना 22 अक्टूबर 1971 में डॉ. जे.जी.जौली और मिसीज के. स्वरुप क्रिसेन ने की।
    • विश्व स्तर पर सन् 2004 से विश्व रक्तदाता दिवस प्रतिवर्ष 14 जून को मनाया जा रहा है।
    • वर्तमान समय में जरूरतमंद रोगियों को रक्त की तत्काल जरूरत को पूरा करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान दिवस की अत्यधिक आवश्यकता है।
    • औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के अनुसार रक्तदाताओं के लिए निम्न मानदंड तय किए गए हैं-रक्तदाता की उम्र 18-60 के बीच में होनी चाहिए, वजन कम से कम 45 या इससे अधिक होना चाहिए, नाड़ी दर रेंज 60 से 100/मिनट होने के साथ ही बी.पी. सामान्य हो। एचबी 12.5 ग्राम/100 एमएल और शरीर का तापमान 37.5 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक नहीं होना चाहिये।
    • एक अध्ययन के अनुसार स्वैच्छिक रक्त दाताओं के रूप में त्रिपुरा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सबसे आगे हैं। वर्ष 2021 के आंकड़ों के अनुसार भारत को हर साल 1.5 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता है।
    आओ रक्तदान करें

    1 अक्टूबर 2026 : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

    अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस

    (International Day of Older Persons)

    (आज का दिन : 1 अक्टूबर 2026)

     

    antarrashtriya-virdhajan-diwas-2024
    अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2026 थीम
    The Age of Longevity: Rethinking Systems for Longer Lives

    • अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस प्रतिवर्ष 1 अक्टूबर को मनाया जाता है।
    • अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस/अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस/विश्व प्रौढ़ दिवस भी कह सकते हैं।
    • पहली बार अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस सन् 1991 में मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र ने 14 दिसंबर, 1990 को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाने का निर्णय लिया था।
    • अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस हमें बुजुर्गों के प्रति सम्मान एवं उनके संबंध में चिंतन करने का बोध कराता है। 
    • अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2026 के अवसर पर मुख्य समारोह 1 अक्टूबर, 2026 को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा।
    • संयुक्त राष्ट्र वर्ष 2021-2030 को Decade of Healthy Ageing यानी 'स्वस्थ वृद्धावस्था दशक' के रूप में मना रहा है।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 1999 को अंतरराष्ट्रीय बुजुर्ग-वर्ष के रूप में मनाया गया था।
    • भारतीय संसद भी सन् 2007 में 'माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण विधेयक' पारित कर चुकी है।
    • संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामले विभाग के अनुसार वर्तमान में दुनिया में 700 मिलियन से अधिक लोग 60 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। वर्ष 2050 तक 2 बिलियन लोग 60 वर्ष से अधिक उम्र के होंगे। यह संख्या विश्व की जनसंख्या का लगभग 20 प्रतिशत होगी।
    • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अगले तीन दशक में वृद्धजनों की संख्या दुगुनी होने की संभावना है यानी सन् 2050 तक यह संख्या 1.50 बिलियन होगी।  साथ ही इतनी बड़ी जनसंख्या की 80 प्रतिशत आबादी अल्प व मध्यम आय वाले देशों में निवास करेगी। 

    *अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस-2026 का विषय/थीम*

    The Age of Longevity: Rethinking Systems for Longer Lives

    मंगलवार, 29 सितंबर 2026

    29 सितंबर 2026 : विश्व हृदय दिवस

    विश्व हृदय दिवस

    (World Heart Day)

    आज का दिन : 29 सितंबर 2026


    •  'वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन' प्रतिवर्ष 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाता है।
    • सन् 2000 से प्रतिवर्ष विश्व हृदय दिवस मनाया जा रहा है। वर्ष 2013 तक इस दिवस को सितंबर के अंतिम रविवार को मनाया जाता था। सन् 2014 से 29 सितंबर को यह दिवस मनाया जाने लगा है।
    • विश्व हृदय दिवस की मूल भावना यह है कि लोग हृदय की बीमारियों के प्रति सचेत रहें। वर्तमान जीवनशैली के चलते यह बीमारी बुजुर्गों ही नहीं युवाओं में भी फैल रही है। इसलिए इसके प्रति जागरुकता आवश्यक है।
    • हाल ही में हम कोविड-19 दौर से गुजरे हैं। परिस्थितियां कैसी भी हों, हमें हमारे हृदय की पहले से अधिक देखभाल की जरूरत है। वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन ने वर्ष 2026 के विश्व हृदय दिवस की थीम ‘Don’t miss a beat’ रखी है और इसी थीम पर कैम्पेन चलाने का निर्णय लिया। 
    • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व में हर साल लगभग 17.9 मिलियन लोगों की मौतों का मुख्य कारण हृदयघात और हृदय संबंधी बीमारियां हैं। यह दुनिया में प्रतिवर्ष होने वाली मौतों का 32 प्रतिशत है। दुनिया में हृदय संबंधी जटिलताओं के चलते होने वाली मौतों में से 75 प्रतिशत कम व मध्यम आय वाले देशों में होती हैं। हार्ट संबंधी बीमारियों से होने वाली मौतों में हृदयाघात यानी हार्ट अटैक और स्ट्रोक के कारण 85 प्रतिशत मौतें होती हैं।
    • वर्तमान समय में हार्टअटैक एक आम बीमारी बनती जा रही है। पहले यह माना जाता था कि इसका खतरा अधिक उम्र के लोगों को अधिक होता है, लेकिन अब यह बीमारी कम उम्र के युवाओं में भी आसानी से देखी जा सकती है।
    • डॉक्टर्स कार्डियोवास्क्युलर रोगों का जोखिम कम करने के लिए धूम्रपान छोडऩे, आदर्श वजन बरकरार रखने, नियमित रूप से व्यायाम करने, संतुलित भोजन करने व मद्यपान सीमित करने की सलाह देते हैं।

    29 सितंबर 2026 : अंतरराष्ट्रीय खाद्य हानि और अपशिष्ट न्यूनीकरण जागरुकता दिवस

    अंतरराष्ट्रीय खाद्य हानि और अपशिष्ट न्यूनीकरण जागरुकता दिवस

    (International Day of Awareness on Food Loss and Waste Reduction)

    आज का दिन : 29 सितंबर 2026


    • पहली बार 'अंतरराष्ट्रीय खाद्य हानि और अपशिष्ट न्यूनीकरण जागरुकता दिवस' 29 सितंबर, 2020 को मनाया गया।
    • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर 2019 को 'अंतरराष्ट्रीय खाद्य हानि और अपशिष्ट न्यूनीकरण जागरुकता दिवस' मनाने का प्रस्ताव पारित किया। दो देशों अंडोरा और सैन मरीनो ने इस प्रस्ताव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
    • इस दिवस को मनाने का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की हानि और भोजन की बर्बादी को रोकना है। अगर भोजन की इस बर्बादी को रोका जाए तो न केवल दुनिया में भूख से लडऩे में मदद मिलेगी, बल्कि इससे हम पर्यावरण भी बचा पाएंगे।
    • संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार 7 प्रतिशत ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन के लिए भोजन की बर्बादी है। साथ ही इससे दुनिया की 30 प्रतिशत कृषि भूमि से उपजी खाद्य फसलों का भी पूर्ण उपयोग नहीं हो पाता है। अगर हम भोजन को बेकार करते हैं तो हम इसके उपयोग में आए हुए पानी, भूमि, ऊर्जा, मानव संसाधन और पूंजी को बर्बाद करते हैं। इसलिए भोजन बचाना हमारी धरती के हित में है।
    • संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार विश्व के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 14 प्रतिशत उत्पादन व बिक्री के दौरान बेकार हो जाता है।
    • संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2021 को 'फलों और सब्जियों का अंतरराष्ट्रीय वर्ष' के रूप में मनाया था।


    *अंतरराष्ट्रीय खाद्य हानि और अपशिष्ट न्यूनीकरण जागरुकता दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Transformative Potential of Reducing Food Loss and Waste

    सोमवार, 28 सितंबर 2026

    28 सितंबर 2026 : विश्व रेबीज दिवस

    विश्व रेबीज दिवस

    (World Rabies Day)

    आज का दिन : 28 सितंबर 2026

    • प्रतिवर्ष 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है। 
    • प्रथम विश्व रेबीज दिवस 28 सितंबर, 2007 को मनाया गया था।
    • विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और ग्लोबल अलायंस फॉर रेबीज कंट्रोल की ओर से यह दिवस मनाया जाता है। रेबीज के प्रथम टीके की खोज करने वाले फ्रांसीसी माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. लुई पाश्चर की पुण्यतिथि 28 सिंतबर को यह दिवस मनाया जाता है। डॉ. पाश्चर ने 1885 में रेबीज के टीके का सफल परीक्षण किया था।
    • विश्व रेबीज दिवस मनाने का उद्देश्य इस घातक बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने एवं इसकी रोकथाम के प्रयासों को बढ़ावा देना है।
    • रेबीज जानवरों से फैलने वाली एक जूनोटिक बीमारी है। रेबीज एक वायरल संक्रमण है और इसके सामान्य वाहक कुत्ते, बिल्ली, बंदर जैसे जानवर हैं। इन जानवरों के काटने या खरोंचने के कारण रेबीज हो सकती है।
    • रेबीज वायरस के कारण दुनिया भर में हर साल हजारों मौतें होती हैं। डब्ल्यूएचओ ने वर्ष 2030 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य रखा है।
    • वर्ष 2007 में ही ग्लोबल अलायंस फॉर रेबीज कंट्रोल की स्थापना की गई थी। इसका मुख्यालय संयुक्त राज्य अमेरिका के कंसास में है। 

    भारत में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम (एनआरसीपी)

    • भारत सरकार की ओर से देश में राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम (एनआरसीपी) चलाया हुआ है। देश में 90 प्रतिशत मामलों में कुत्तों के काटने से रेबीज होती है। भारत में इसका इलाज राष्ट्रीय एकीकृत स्वास्थ्य पशु जन्य रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत किया जाता है। इसके तहत रोगियों को रेबीज-रोधी टीका और रेबीज-रोधी सीरम उपलब्ध करवाई जाती है। इस बीमारी से बचाव के लिए पालतू जानवरों का टीकाकरण किया जाना आवश्यक है।


    *विश्व रेबीज दिवस-2026 का विषय/थीम*

    “Stronger Together”

    28 सितंबर 2026 : सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस

    सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस

    (International Day for Universal Access to Information)

    आज का दिन : 28 सितंबर 2026

    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिवर्ष 28 सितंबर को 'सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' मनाया जाता है।
    • वर्ष 2015 में आयोजित यूनेस्को के आम सम्मेलन में 28 सितंबर को 'सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस' (आईडीयूएआई) के रूप में मान्यता दी गई है। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 74वें सत्र में अक्टूबर 2019 को इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया।
    • विश्वसनीय सूचना आमजन का अधिकार है और इसी अधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। 
    • सिएरा लियोन सरकार के सहयोग से यूनेस्को द्वारा 28 सितंबर, 2026 को वैश्विक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
    • संयुक्त राष्ट्र ने सतत विकास के वर्ष 2030 के एजेंडा के लक्ष्यों में सूचना तक पहुंच को मौलिक मानव अधिकारों में शामिल किया है।

    भारत में 'सूचना का अधिकार'

    • सूचना का अधिकार, जो आरटीआई के रूप में आम बोलचाल में आ गया है, भारतीय नागरिकों को प्राप्त एक संवैधानिक अधिकार है। भारत सरकार की ओर से 15 जून, 2005 को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 को अधिनियमित किया गया। चूंकि यह 12 अक्टूबर, 2005 को सम्पूर्ण धाराओं के साथ लागू किया गया था, इसलिए इस दिन देश में 'सूचना अधिकार दिवस' मनाया जाता है। सूचना के अधिकार को कुछ मामलों में तो बाध्यकारी बनाया गया है। इस अधिनियम का उद्देश्य प्रशासन की जवाबदेही तय करते हुए नागरिकों को सशक्त बनाना है, ताकि लोकतंत्र में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

    *सूचना तक सार्वभौमिक पहुंच के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Upholding Information Integrity in the Digital Age: The role of access to Information in addressing Information Disorder

    रविवार, 27 सितंबर 2026

    27 सितंबर 2026 : विश्व पर्यटन दिवस

    विश्व पर्यटन दिवस-2026 की थीम व अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

    (World Tourism Day)

    आज का दिन : 27 सितंबर 2026

    • प्रतिवर्ष 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।
    • संयुक्त राष्ट्र के विश्व पर्यटन संगठन द्वारा 1980 से प्रतिवर्ष 27 सितंबर को 'विश्व पर्यटन दिवस' मनाया जा रहा है। 
    • सन् 1970 में 27 सितंबर को विश्व पर्यटन संगठन का संविधान स्वीकार किया गया था। इसीलिए इस दिन विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

    • विश्व पर्यटन दिवस पर विश्व के लगभग सभी देशों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई राज्यों में राष्ट्रीय स्मारकों व पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है।
    • भारत में सितंबर 2002 में 'अतुल्य भारत' नाम से अभियान शुरू किया गया था।  यह अपने किस्म का पहला प्रयास था, जिसने देश में पर्यटन को बढ़ावा दिया।
    • दुनिया में भारत का स्थान शीर्ष पांच पर्यटक स्थलों में आता है। विश्व पर्यटन संगठन और वर्ल्ड टूरिज्म एण्ड ट्रैवल काउन्सिल सहित पर्यटन क्षेत्र की कई संस्थाओं भारतीय पर्यटन को सबसे ज्यादा तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र के रूप में बताया है।

    ग्लासगो घोषणा पत्र

    • स्कॉटलैंड के ग्लासगो में नवंबर 2021 में हुए संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP26) में पर्यटन क्षेत्र के लिए ग्लोसगो घोषणा पत्र जारी किया गया था। इसे 'पर्यटन में जलवायु कार्रवाई पर ग्लोसगो घोषणा पत्र' (Glasgow Declartion : Climate Action in Tourism) कहा जाता है। इस घोषणा पत्र के अनुसार अगले दशक में पर्यटन में कार्बन उत्सर्जन को कम से कम 50 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही वर्ष 2050 से पहले नेट जीरो हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई गई है।

    *विश्व पर्यटन दिवस-2026 का विषय/थीम*

    “Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism,”


    शनिवार, 26 सितंबर 2026

    26 सितंबर 2026 : सीएसआईआर स्थापना दिवस

    सीएसआईआर स्थापना दिवस

    (CSIR Foundation Day)

    आज का दिन : 26 सितंबर 2026

    csir-foundation-day

    • वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (अंग्रेजी नाम-Council of Scientific & Industrial Research - CSIR) की स्थापना 26 सितंबर, 1942 को हुई थी। यह सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस है।
    • वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद् देश को अमूल स्प्रे से लेकर एड्स की सस्ती दवा और दूध की शुद्धता मापने के यंत्र से लेकर सुपर कंप्यूटर जैसी समानांतर गणना तकनीक तक देने वाला एक स्वायत्त संस्थान है।
    • सीएसआईआर का पंजीकरण भारतीय सोसायटी पंजीकरण धारा 1860 के अंतर्गत हुआ है। हालांकि इसका वित्त प्रबंध भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा होता है। प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष और मंत्रालय के मंत्री इसके उपाध्यक्ष होते हैं। इसके प्रशासन को महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) पद का अधिकारी संभालता है। वर्तमान यानी सन् 2026 में डॉ. एन. कलाइसेल्वी सीएसआईआर के महानिदेशक हैं।
    • सीएसआईआर ने कोरोना महामारी से मुकाबले के लिए यूवी (अल्ट्रा वायलेट) तकनीक तैयार की है। इससे कोरोना वायरस को पूरी तरह नष्ट किया जाता है। प्रयोगशाला में सफल परीक्षण के बाद संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) को इस नई यूवी तकनीक से सुरक्षा प्रदान की गई है। सीएसआईआर ने वर्ष 2023 को बाजरा वर्ष (Millet Year) के रूप मनाया।
    • वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद देश का सबसे बड़ा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर अनुसंधान करने एवं इस क्षेत्र में देश को विकास के पथ पर ले जाने वाला संस्थान है। इस संस्थान के तहत देश में 38 राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं, 39 दूरस्थ केन्द्र, 3 नवोन्मेषी कॉम्प्लेक्स और 5 यूनिट कार्यरत हैं। इन सभी में 4600 से ज्यादा वैज्ञानिक और लगभग 8000 तकनीकी कर्मी कार्यरत हैं।
    • वर्ष 1942 में सीएसआईआर की स्थापना शांतिस्वरूप भटनागर की अध्यक्षता में की गई थी और भटनागर के नेतृत्व में ही इस संस्थान का विस्तार हुआ।
    • वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की ओर से सन् 1987 से प्रतिवर्ष 'सीएसआईआर युवा वैज्ञानिक पुरस्कार' दिया जा रहा है। इसके अलावा सीएसआईआर  की ओर से ग्रामीण विकास के लिए वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय नवोन्मेष हेतु पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
    • सीेसआईआर ने 1952 में हिंदी में विज्ञान पत्रिका 'विज्ञान प्रगति' का प्रकाशन शुरू किया था। हिन्दी के इस मासिक प्रकाशन में हाल के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित विकास, खोज, आविष्कार, लेख, फीचर, विज्ञान कथा, विज्ञान कविता, प्रश्नोत्तरी, साइंटून (विज्ञान कार्टून) और डॉक्यूड्रामा के रूप में तकनीकी प्रगति के बारे में जानकारी दी जाती है। हाल ही सूरत में 14-15 सितंबर, 2022 को आयोजित दूसरे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में 'विज्ञान प्रगति' को वर्ष 2022 का राष्ट्रीय राजभाषा कीर्ति पुरस्कार (प्रथम स्थान) प्राप्त हुआ है।

    सीएसआईआर निम्न क्षेत्रों में कार्यरत

    • रेडियो, अंतरिक्ष भौतिकी, महासागर विज्ञान, भूभौतिकी, रसायन, औषध, जीनोमिकी, जैवप्रौद्योगिकी, नैनोप्रौद्योगिकी, खनन, वैमानिकी, उपकरण, पर्यावरणीय इंजीनियरी, सूचना प्रौद्योगिकी
    • सीएसआईआर निम्न क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाता है-
    • पर्यावरण, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्य, आवास, ऊर्जा, कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्र

    पेटेंट पोर्टफोलियो

    • वर्तमान में सीएसआईआर प्रौद्योगिकी के चुनिंदा क्षेत्रों में देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व दिलवाने के लिए अपने पेटेंट पोर्टफोलियो को मजबूत कर रहा है। सीएसआईआर को देश के किसी भी अन्य सार्वजनिक संस्थान से अधिक अमेरिकी पेटेंट हासिल हैं। सीएसआईआर प्रतिवर्ष औसतन लगभग 200 भारतीय पेटेंट और 250 विदेशी पेटेंट फाइल करता है।

    'हल्दीघाटी' की दूसरी लड़ाई

    • परंपरागत भारतीय ज्ञान के अनुसार हल्दी को घाव भरने के उपयोग में लाया जाता है। लेकिन इस पर यूएस पेटेंट कार्यालय ने विदेश में पेटेंट जारी कर दिया। इसके विरुद्ध सीएसआईआर ने एक 'नियम आधारित' संघर्ष एवं अनुसन्धान किया। भारत के प्राचीन संस्कृत व पाली ग्रंथों और अन्य नियम-कानूनों के द्वारा सीएसआईआर ने सिद्ध किया कि हल्दी का घाव भरने में उपयोग प्राचीन भारतीय ज्ञान है। इसके बाद यूएस पेटेंट कार्यालय ने इस पेटेंट को रद्द कर दिया। मीडिया ने इस मामले को 'हल्दीघाटी की दूसरी लड़ाई' नाम दिया, जिसमें सीएसआईआर की बदौलत भारत की जीत हुई।

    सीएसआईआर की मुख्य देन

    • भारत का पहला सुपर कंप्यूटर
    • स्वतंत्र भारत में विकसित 14 नए ड्रग्स में से 11
    • अमूल बेबी फूड
    • नूतन स्टोव
    • महिलाओं हेतु सहेली
    • ए नानस्टेराइडल वंस-ए-वीक ओरल गर्भनिरोधक गोली
    • मलेरिया रोकने हेतु ई-मल
    • अस्थमा हेतु हर्बल चिकित्सा संबंधी एजमॉन
    • सरस - 14 सीटर वाला 2 इंजन का टर्बोप्रॉप विमान
    • भारत का पहला पेरलेल कम्प्यूटर फ्लोसॉल्वर
    • सोनालीका तथा स्वराज ट्रैक्टर्स
    • मतदाताओं के लगाई जाने वाली अमिट स्याही

    'सागर से दवा' परियोजना

    • सीएसआईआर हमारे समुद्रों की भी गहराई से छानबीन कर रहा है। इसके तहत केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में 'सागर से दवा' परियोजना पर शोध जारी है। हमारा देश समुद्री संसाधन से संपन्न है। इसीलिए सीएसआईआर के वैज्ञानिक हर्बल उपचार और दवाइयों के विकास करने हेतु समुद्री वनस्पतियों और जीव-जंतुओं को उपयोग में लाने के लिए शोधरत है।



    शुक्रवार, 25 सितंबर 2026

    26 सितंबर 2026 : अंतरराष्ट्रीय परमाणु हथियारों का पूर्ण उन्मूलन दिवस

     आज का दिन : 26 सितंबर 2026

    अंतरराष्ट्रीय परमाणु हथियारों का पूर्ण उन्मूलन दिवस

    (International Day for the Total Elimination of Nuclear Weapons)

    • प्रतिवर्ष 26 सितंबर को अंतराष्ट्रीय परमाणु हथियारों का पूर्ण उन्मूलन दिवस मनाया जाता है।
    • 26 सितंबर, 2013 को अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क में परमाणु निरस्त्रीकरण पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की उच्च स्तरीय बैठक हुई थी। इसी दिन के महत्व को रेखांकित करने के लिए यूएन महासभा ने दिसंबर, 2013 में यह दिवस मनाने का निर्णय लिया।
    • इस दिवस को मनाने का उद्देश्य दुनिया को परमाणु हथियारों के खतरों के प्रति जागरूक करना है। परमाणु हथियार के प्रयोग से होने वाली हानि का सबसे बड़ा उदाहरण है- जापान का हिरोशिमा और नागासाकी शहर।
    • यूएन के अनुसार दुनिया में वर्ष 2026 में आज भी 12187 परमाणु हथियार बचे हैं।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से परमाणु परीक्षणों के विरुद्ध प्रतिवर्ष 29 अगस्त को International Day against Nuclear Tests मनाया जाता है।

    सोमवार, 21 सितंबर 2026

    22 सितंबर 2026 : विश्व गैंडा दिवस

     आज का दिन : 22 सितंबर 2026

    विश्व गैंडा दिवस

    (World Rhino Day)

    • प्रतिवर्ष 22 सितंबर को विश्व गैंडा दिवस मनाया जाता है।
    • विश्व राइनो दिवस मनाने की पहल 2010 में वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (WWF) दक्षिण अफ्रीका की ओर से की गई थी।
    • दुनिया में सफेद, काले, एक सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं। गैंडे को इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) की रेड लिस्ट में लुप्त होती प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
    • आईयूसीएन की रेड लिस्ट में गैंडे की पांचों प्रजातियों को शामिल किया गया है।  ये हैं- 1. व्हाइट राइनो, 2. ब्लैक राइनो, 3. एक सींग वाले गैंडे, 4. जावा राइनो और 5. सुमात्रन राइनो। इनमें से व्हाइट और ब्लैक गैंडा अफ्रीका में और बाकी तीनों मुख्यत: एशिया में पाए जाते हैं।
    • एक सींग वाला गैंडा दुनिया की सबसे बड़ी राइनो प्रजाति है। यह सबसे अधिक भारत में पाया जाता है।
    • एक सींग वाला गैंडा भारतीय प्रदेश असम का राज्य पशु है। वर्तमान में इसकी अधिकतर आबादी असम के काजीरंगा नेशनल पार्क में है।
    • हाल ही के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में करीब 3000 एक सींग वाले गैंडें हैं। अकेले असम में ही इनकी संख्या 2800 से अधिक है।
    • असम में गैंडों के संरक्षण के लिए 6 क्षेत्र चिह्नित हैं। ये हैं-काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, लाओखोवा वन्यजीव अभयारण्य, बुराचपेरी वन्यजीव अभयाण्य, ओरंग राष्ट्रीय उद्यान, पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य और मानस राष्ट्रीय उद्यान हैं।
    • सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इंडियन ऑयल ने वर्ष 2021 में एक सींग वाले गैंडे को अपना शुभंकर बनाया था। कंपनी भारत में गैंडों के संरक्षण में जुटी है।

     *विश्व गैंडा दिवस-2026 का विषय/थीम*
    Keep the Five Alive

    21 सितंबर 2026 : विश्व अल्जाइमर दिवस

    विश्व अल्जाइमर दिवस

    (World Alzheimer's Day)

    आज का दिन : 21 सितंबर 2026

    • सम्पूर्ण विश्व में प्रतिवर्ष 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया जाता है।
    • विश्व अल्जाइमर दिवस अल्जाइमर रोग एवं डिमेंशिया के बारे में लोगों में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
    • सन् 1906 में जर्मन न्यूरोलॉजिस्ट एलोइस अल्जाइमर ने इस बीमारी का पता लगाया था और इन्हीं के नाम पर इस बीमारी को 'अल्जाइमर' नाम दिया गया।
    • अल्जाइमर बीमारी से पीडि़त व्यक्ति की स्मरण शक्ति कम हो जाती है। कई मामलों में तो वह सब कुछ भूल जाता है।
    • अल्जाइमर रोग का सबसे सामान्य रूप डिमेंशिया है। यह निरंतर बढ़ने होने वाला मस्तिष्क का रोग है, जिसके परिणामस्वरूप याददाश्त और सोचने की क्षमता में कमी होती है।
    • यह एक वंशानुगत रोग के रूप में जाना जाता है। यह परिवार में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक चलता है।
    • वर्तमान में लगभग 50 मिलियन लोग दुनिया भर में इस बीमारी से परेशान हैं।
    • अल्जाइमर रोग का कोई स्थाई इलाज नहीं खोजा गया है। इस रोग के कारण अनिद्रा, चिंता, परेशानी, भटकाव और अवसाद हैं। इसके प्रारंभिक लक्षणों में स्मृति का खोना, निर्णय से जुड़ी समस्याएं, सवालों का बार-बार दोहराया जाना, मुसीबत से निपटने में परेशानी का सामना करना, रुपए-पैसों का बेहतर प्रबंधन न कर पाना मुख्य रूप से शामिल है।
    • विश्व अल्जाइमर दिवस पर अपना समर्थन दिखाने के लिए बैंगनी रंग का उपयोग करना चाहिए। बैंगनी रंग को रहस्य रंग माना जाता है और यह रोग भी अब तक एक रहस्यमय बीमारी के रूप में ही मानवता के सामने खड़ा है।  आप इस रोग के प्रति चिंता को दिखाने के लिए एक सरल तरीका अपना सकते हैं, अर्थात अपने फेसबुक पेज को बैंगनी रंग में रख सकते हैं।


    *विश्व अल्जाइमर दिवस-2026 का विषय/थीम*

    “The Earlier You Know, The More You Can Do: A Dementia Diagnosis Matters.”

    शनिवार, 19 सितंबर 2026

    21 सितंबर 2026 : अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस

    अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस

    International Day of Peace

    आज का दिन : 21 सितंबर 2026

    • प्रतिवर्ष 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जाता है।
    • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सन् 2002 से प्रतिवर्ष 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाने का निर्णय लिया था।
    • अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाने का उद्देश्य धरती पर शांति स्थापित करना है। लोगों को अहिंसा और शांति की ओर मोडऩे के लिए अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाया जाता है।
    • वर्ष 1982 से शुरू होकर 2001 तक सितंबर महीने का तीसरा मंगलवार 'अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस' या 'विश्व शांति दिवस' के लिए चुना जाता था।
    • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 सितंबर, 2001 को प्रस्ताव 55/282 के तहत सन् 2002 से प्रतिवर्ष 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस मनाने का निर्णय लिया था।
    • 16 सितंबर, 2022 को ही संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के पीस गार्डन में यूएन महासचिव एंतोनियो गुतेरस और महासभा के 77वें सत्र के अध्यक्ष क्साबा कॉरोसी ने पीस बेल को बजाकर इस दिवस को मनाया था।
    • 21 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र की लगभग सभी संस्थाएं, गैर सरकारी संगठन व दुनिया भर की सरकारें अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस को मनाती हैं।
    • 'अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस' पर सम्पूर्ण विश्व में जगह-जगह सफेद रंग के कबूतरों को उड़ाया जाता है। शांति के प्रतीक सफेद कबूतर उड़ाने की यह परम्परा बहुत पुरानी है।
    • दुनिया भर में  शांति का संदेश पहुंचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने कला, साहित्य, सिनेमा, संगीत और खेल जगत की प्रसिद्ध हस्तियों को शांतिदूत भी नियुक्त किया हुआ है।
    • संयुक्त राष्ट्र की ओर से सन् 2019 से 2028 के दशक को 'नेल्सन मंडेला शांति दशक' के रूप में मनाया जा रहा है।

    *अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Invest in Peace - For Everyone, Everywhere, Every Day

    सोमवार, 14 सितंबर 2026

    15 सितंबर 2026 : अभियंता दिवस

    अभियंता दिवस

    Engineers Day

    आज का दिन : 15 सितंबर 2026


    • प्रतिवर्ष देश में 15 सितंबर को अभियंता दिवस मनाया जाता है।
    • महान इंजीनियर और भारत रत्न से सम्मानित मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती 15 सितंबर पर यह दिवस मनाया जाता है।
    • भारत सरकार ने सन् 1968 में डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जन्म तिथि 15 सितंबर को 'अभियंता दिवस' घोषित किया था।
    • देश सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया अपने समय के बहुत बड़े इंजीनियर, वैज्ञानिक और निर्माता के रूप में जाने जाते हैं।
    • सर एम.वी. के नाम से विख्यात रहे डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म मैसूर, जो कि अब कर्नाटक में है, के 'मुद्देनाहल्ली' नामक स्थान पर 15 सितंबर, 1861 को हुआ था।
    • दक्षिण भारत के मैसूर (कर्नाटक) को एक विकसित एवं समृद्धशाली क्षेत्र बनाने में मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का अभूतपूर्व योगदान रहा है।
    • डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को 'कर्नाटक का भागीरथ' भी कहते हैं।
    • आधुनिक भारत के विश्वकर्मा के रूप में याद किए जाने वाले डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का निधन 14 अप्रेल 1962 को हुआ।
    • भारत सरकार ने देश के महान सपूत डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को सन् 1955 में देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया।