शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026

24 से 30 अप्रेल 2026 : विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह

 यह सप्ताह : 24 से 30 अप्रेल 2026

विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह

(World Immunization Week)

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से प्रतिवर्ष अप्रेल के आखिरी सप्ताह में विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह मनाया जाता है।
  • वर्ष 2026 में यह सप्ताह 24 से 30 अप्रेल तक मनाया जा रहा है।
  • इस सप्ताह को मनाने का उद्देश्य प्रतिरक्षण के लिए टीकाकरण का महत्व बताना है। समय पर टीकाकरण होने से लोगों को कई बीमारियों से बचाया सकता है।
  • पिछले 50 वर्षों में टीकाकरण की वजह से नवजातों के जीवित रहने में 40 प्रतिशत का सुधार हुआ है। मानव जाति के इतिहास में किसी भी अन्य समय की तुलना में अब ज्यादा बच्चे अपना पहला जन्मदिन और उससे ज्यादा समय तक जीवित रहते हैं।
  • वर्तमान समय में टीके इस बात का प्रमाण हैं कि यदि हम अपना ध्यान लगाएं तो बीमारियों में कमी करके जीवन को लंबा किया जाना संभव है।

*विश्व प्रतिरक्षण सप्ताह-2026 का विषय/थीम*

For every generation, vaccines work

24 अप्रेल 2026 : शांति के लिए बहुपक्षीयता एवं कूटनीति हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस

 आज का दिन : 24 अप्रेल 2026

शांति के लिए बहुपक्षीयता एवं कूटनीति हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस

(International Day of Multilateralism and Diplomacy for Peace)

  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिवर्ष 24 अप्रेल को 'शांति के लिए बहुपक्षीयता एवं कूटनीति हेतु अंतरराष्ट्रीय दिवस' मनाया जाता है।
  • पहली बार यह दिवस 2019 में मनाया गया था। संयुक्त राष्ट्र ने 12 दिसंबर, 2018 को इस दिवस को मनाने का संकल्प अपनाया था।
  • यह दिवस इस बात को रेखांकित करता है कि समान हित के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है।
  • सामान्य शब्दों में कहें तो बहुपक्षवाद कम से कम तीन राज्यों के बीच सहयोग को दर्शाता है।
  • बहुपक्षवाद यानी Multilateralism आपसी सहयोग का एक तरीका और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के संगठन का एक रूप है। बहुपक्षवाद संयुक्त राष्ट्र की स्थापना और आज तक इसके सफलतापूर्वक कार्य करते रहने का मुख्य गुण या विशेषता है।
  • सितंबर, 2024 में संयुक्त राष्ट्र में आयोजित 'भविष्य के शिखर सम्मेलन' में विश्व के नेताओं ने भविष्य के लिए एक समझौता अपनाया है, जिसमें शांति, सतत विकास और मानवाधिकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। वर्तमान में दुनिया परस्पर जुड़ी हुई है और बहुपक्षवाद और कूटनीति के मूल्य पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं।


24 अप्रेल 2026 : राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

(National Panchayati Raj Day)

आज का दिन : 24 अप्रेल 2026

  • देश में प्रतिवर्ष 24 अप्रेल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। 
  • पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस सन् 2010 में मनाया गया था।
  • देश में पंचायती राज की व्यवस्था करने वाला 73वां संविधान संशोधन अधिनियम-1992 आज ही के दिन 24 अप्रेल, 1993 से लागू हुआ था। इसलिए प्रतिवर्ष 24 अप्रेल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है।
  • प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस एक भव्य आयोजन के रूप में मनाया जाता है और आम तौर पर दिल्ली के बाहर आयोजित किया जाता है। कई मौकों पर, प्रधानमंत्री स्वयं इस अवसर पर उपस्थित रहते हैं।  
  • राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2026 समारोह
  • भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2026 का राष्ट्र स्तरीय मुख्य समारोह नई दिल्ली में 24 अप्रेल को आयोजित किया जाएगा। इस साल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई)-2.0 की रिपोर्ट और च्च्मेरी पंचायत मेरी धरोहरज्ज् पर 3 पुस्तकों का विमोचन किया जाएगा। मंत्रालय की च्च्पंचायत धरोहर पहलज्ज् के अंतर्गत ग्रामीण विरासत पर तीन सचित्र पुस्तकें त्रिपुरा की ग्रामीण विरासत पर एक मोनोग्राफ, तिरुपति की ग्रामीण विरासत पर एक मोनोग्राफ और च्च्उत्तरकाशी: सौम्या काशी: हिमालयी विरासत की आत्माज्ज् जारी की जाएगी।   
  • राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026

  • पंचायती राज मंत्रालय तीन श्रेणियों में पंचायतों/संस्थाओं के उत्कृष्ट योगदान का मान्यता देते हुए विशेष श्रेणी के राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान करता है। प्रत्येक पुरस्कार में क्रमश: 1 करोड़ रुपये (प्रथम), 75 लाख रुपये (द्वितीय) और 50 लाख रुपये (तृतीय) की वित्तीय प्रोत्साहन राशि शामिल है। पुरस्कार विजेताओं को विशेष रूप से डिजाइन की गई ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाते है। राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार-2026 की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।

    2 अक्टूबर, 1959 को हुई थी देश में पंचायती राज की शुरुआत

  • देश में लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत करने के लिए सत्ता का विकेन्द्रीकरण करना एक अच्छा कदम है। इसी उद्देश्य से सन् 1957 में बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया।
  • बलवंत राय मेहता समिति ने अपनी सिफारिश में जनतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की जिसे पंचायती राज कहा गया है। समिति ने 3 स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था की बात कही थी-
    1. ग्राम स्तरीय पंचायत
    2. प्रखंड (ब्लॉक) स्तरीय पंचायत
    3. जिला स्तरीय पंचायत
  • पंचायती राज व्यवस्था लागू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य था। 
  • पंचायती राज योजना का शुभारम्भ 2 अक्टूबर, 1959 को प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर जिले में किया था।

गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

23 अप्रेल 2026 : विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस

विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस

(World Book and Copyright Day)

आज का दिन : 23 अप्रेल 2026

  • प्रतिवर्ष 23 अप्रेल को पूरी दुनिया में विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख निकाय संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने सन् 1995 में पहली बार विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाया।
  • आम बोलचाल में विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस को 'विश्व पुस्तक दिवस' भी कहा जाता है।
  • विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाने का उद्देश्य किताबों का हमारे जीवन में महत्व बताने के साथ ही लोगों और किताबों के बीच की दूरी पाटना है।
  • 23 अप्रेल को ही विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस मनाना मात्र प्रतीकात्मक है। अप्रेल में इस दिवस को मनाना महान साहित्यकारों विलियम शेक्सपियर, मिगुएल सर्वेंट्स और इंका गार्सिलसो डे ला वेगा आदि को श्रद्धांजलि देना है, जिनका जन्म अथवा निधन इस महीने (अप्रेल) में हुआ है 
  • इंटरनेट के इस युग में भी पुस्तकों का अपना अलग ही महत्व है। इसी महत्व को बताते हुए प्रतिवर्ष विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस के माध्यम से लोगों को पुस्तकों के प्रति आकर्षित किया जाता है।
  • वल्र्ड बुक कैपिटल एडवाइजरी कमेटी की अनुशंसा पर यूनेस्को की महानिदेशक आंड्रे एजोले ने वर्ष 2025 के विश्व पुस्तक दिवस के लिए ब्राजील के रियो डी जेनेरियो को विश्व पुस्तक राजधानी नामित किया है। साथ ही वर्ष 2026 के लिए वर्ल्ड बुक कैपिटल के रूप में मोरक्को के राजधानी शहर रबात का चयन किया गया है।
  • यूनेस्को ने वर्ष 2003 में नई दिल्ली को 'वर्ल्ड बुक कैपिटल' नामित किया था।


आज का दिन : 23 अप्रेल 2026

अंग्रेजी भाषा दिवस

(English Language Day)

स्पेनिश भाषा दिवस

(Spanish Language Day)

  • संयुक्त राष्ट्र की छह आधिकारिक भाषाओं में दो मुख्य भाषाओं अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा का दिवस 23 अप्रेल को मनाया जाता है। 23 अप्रेल को अंग्रेजी भाषा के महान साहित्यकार विलियम शेक्सपियर की जन्मतिथि और पुण्यतिथि दोनों होने के कारण इस दिन को अंग्रेजी भाषा दिवस के रूप में मनाया जाता है। 23 अप्रेल को ही स्पेनिश भाषा के महान लेखक मिगुएल डे सर्वेंट्स की पुण्यतिथि भी है। इसलिए इस दिन को स्पेनिश भाषा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। ये दिवस संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संचार विभाग की ओर से मनाए जाते हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र की 6 ऑफिशियल लैंग्वेज का दिवस निम्न प्रकार मनाया जाता है-
  • चीनी : 20 अप्रैल
  • फ्रेंच : 20 मार्च
  • अंग्रेजी : 23 अप्रैल
  • स्पेनिश : 23 अप्रैल
  • रूसी : 6 जून
  • अरबी : 18 दिसंबर
  • ये दिवस वर्ष 2010 से मनाए जा रहे हैं।

बुधवार, 22 अप्रैल 2026

22 अप्रेल 2026 : पृथ्वी दिवस

पृथ्वी दिवस

(Earth Day)

आज का दिन : 22 अप्रेल 2026

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  • प्रतिवर्ष 22 अप्रेल को पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।
  • 22 अप्रेल, 1970 को पहली बार पृथ्वी दिवस मनाया गया। इस वर्ष दुनिया 55वां पृथ्वी दिवस मना रही है।
  • पृथ्वी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक करना है। 
  • सितंबर, 1960 में अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने वसंत ऋतु में पर्यावरण के प्रति राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया। इसी के मद्देनजर बाद में 22 अप्रेल, 1970 को पहला पृथ्वी दिवस मनाया गया। 
  • यह वह दौर था जब पर्यावरण राजनीतिक सरकारों की प्राथमिकता में शामिल नहीं था। इसलिए पृथ्वी दिवस की शुरुआत एक प्रकार से पर्यावरण शिक्षा के रूप में की गई। बाद में इसने एक आंदोलन का रूप ले लिया और लगभग पूरी दुनिया में 22 अप्रेल को पृथ्वी दिवस मनाया जाने लगा।
  • अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन को 'फादर ऑफ अर्थ डे' भी कहा जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सन् 2009 में प्रतिवर्ष 22 अप्रेल को International Mother Earth Day के रूप में मनाने का प्रस्ताव पारित किया। इससे पूर्व संयुक्त राष्ट्र की ओर से सन् 2008 को 'अंतरराष्ट्रीय पृथ्वी ग्रह वर्ष' के रूप में मनाया गया था।
  • हमारे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने वाला पृथ्वी दिवस हमें जागरूक करता है कि हम हमारे इस अनमोल ग्रह की देखभाल और सुरक्षा करें।
  • यूएन की ओर से 2021-2030 के दशक को 'पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर संयुक्त राष्ट्र का दशक' के रूप में मनाया जा रहा है।
  • संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार धरती से प्रतिवर्ष 10 मिलियन हैक्टेयर जंगल खत्म हो रहे हैं। यह आइसलैंड के क्षेत्रफल से भी अधिक है। जैव विविधता के कारण रोग फैलाने वाले जीवाणुओं का तेजी से प्रसार करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए एक स्वस्थ ईको सिस्टम हमें बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
  • संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी 'विश्व मौसम विज्ञान संगठन' की ओर से 19 मार्च 2025 को  'वैश्विक जलवायु की स्थिति-2024' (State of the Global Climate 2024) रिपोर्ट जारी की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में भूमंडलीय तापमान में वृद्धि पेरिस समझौते की निर्धारित सीमा 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा के निकट पहुंच गई है। संभावना है कि सितंबर 2029 तक विश्व का तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो। पिछले 20 में से 19 माह में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा से अधिक रहा है। वर्ष 2024 में पिछले 65 वर्षों के मुकाबले महासागरीय तापमान में भी सबसे अधिक वृद्धि देखी गई। वर्ष 2022-2024 की अवधि में ग्लेशियरों के पिघलने की गति भी बहुत अधिक रही।

*विश्व पृथ्वी दिवस-2026 का विषय/थीम*

Our Power, our Planet

शनिवार, 18 अप्रैल 2026

18 अप्रेल 2026 : विश्व विरासत दिवस

विश्व विरासत दिवस

(World Heritage Day)

आज का दिन : 18 अप्रेल 2026
  • प्रतिवर्ष 18 अप्रेल को विश्व विरासत दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के मुख्य घटक 'संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन' यानी यूनेस्को की ओर से पहली बार विश्व विरासत दिवस 18 अप्रेल, 1983 को मनाया गया। वर्तमान में विश्व स्तर पर इसे इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (ICOMOS) द्वारा मनाया जाता है।
  • विश्व विरासत दिवस को International Day for Monuments and Sites के नाम से भी जाना जाता है।
  • हमारे पूर्वजों की अनमोल वस्तुओं को संजोकर रखना और उनके प्रति लोगों को जागरूक करना ही विश्व विरासत दिवस या विश्व धरोहर दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है।
  • इतिहास में जाएं तो एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने 1968 ई. में विश्व प्रसिद्ध इमारतों और प्राकृतिक स्थलों की रक्षा के लिए एक प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र के सामने 1972 ई. में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान रखा गया, जहां ये प्रस्ताव पारित हुआ। भारत नवंबर, 1977 में इसका हिस्सा बना।
  • 18 अप्रैल, 1978 ई. में विश्व के कुल 12 स्थलों को विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया गया। यह कार्य 'यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज सेंटर' के तहत किया गया। इस दिन को तब 'विश्व स्मारक और पुरातत्व स्थल दिवस' के रूप में मनाया जाता था। 
  • वर्तमान यानी 2025 में विश्व धरोहर सूची में 1223 स्थल शमिल हैं। इनमें 952 सांस्कृतिक स्थल, 231 प्राकृतिक स्थल और 40 स्थल शामिल हैं। दुनिया के 196 देश अक्टूबर, 2024 तक विश्व धरोहर सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं।
  • भारत के 43 स्थल विश्व विरासत सूची में शामिल हैं और यूनेस्को की संभावित सूची में 62 स्थल शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही मुख्य सूची में स्थान मिलने की उम्मीद है।
  • हाल ही नई दिल्ली में 21 से 31 जुलाई 2024 तक विश्व धरोहर समिति का 46वां सत्र आयोजित किया। यह भारत की मेजबानी में आयोजित विश्व धरोहर समिति का पहला सत्र है। इसमें 140 से अधिक देशों के लगभग 2900 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने 18 अप्रेल, 2026 को विश्व विरासत दिवस पर देश के एएसआई स्मारकों में आगंतुकों का प्रवेश नि:शुल्क रखने की घोषणा की है।

'एक विरासत को अपनाओ' कार्यक्रम

  • भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से 'एक विरासत को अपनाओ' कार्यक्रम 2017 में शुरू किया गया था। वर्ष 2023 में 'एक विरासत को अपनाओ 2.0' के रूप में इसे नया रूप दिया गया। यह कार्यक्रम निजी और सार्वजनिक कंपनियों को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) फंड का उपयोग संरक्षित स्मारकों पर सुविधाओं को विकसित करने की अनुमति देता है। अब तक इस कार्यक्रम के तहत 21 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। हमारे देश में 3,697 प्राचीन स्मारक और पुरातात्विक स्थल हैं, जिन्हें राष्ट्रीय महत्व का घोषित किया गया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई इनका संरक्षण और रखरखाव करती है।
  • देश का पहला पुरातत्व अनुभव संग्रहालय: हाल ही केंद्रीय गृहमंत्री ने 16 जनवरी, 2025 को गुजरात के वडनगर में देश के पहले पुरातत्व अनुभव संग्रहालय का उद्घाटन किया। 
  • इसके अलावा हाल ही भारत की तीन साहित्यिक कृतियों- रामचरितमानस, पंचतंत्र और सहृदयलोकस्थान को मेमोरी ऑफ द वल्र्ड कमेटी फॉर एशिया एंड द पैसिफिक-2024 में अंकित की गई।

भारत के विश्व विरासत स्थल

  • वर्ष 1983 ई. में पहली बार यूनेस्को ने भारत के चार ऐतिहासिक स्थलों ताजमहल, आगरा का किला, अजंता और एलोरा की गुफाओं को विश्व विरासत स्थलों की सूची में शामिल किया था। आज देश के अनेक महत्वपूर्ण स्थल यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल हैं। अब तक भारत के 44 स्थान विश्व विरासत सूची में स्थान पा चुके हैं।

भारत के संभावित विश्व विरासत स्थल

क्रमविश्व धरोहर स्थल अधिसूचित वर्षराज्य
1.आगरा का किला1983आगरा, उत्तर प्रदेश
2.अजंता गुफाएं1983महाराष्ट्र
3.एलोरा गुफाएं1983महाराष्ट्र
4.ताजमहल1983आगरा, उत्तर प्रदेश
5.सूर्य मंदिर1984ओडिशा
6.महाबलीपुरम में स्मारकों का समूह1984तमिलनाडू
7.काजीरंगा नेशनल पार्क 1985असम
8.केवलादेव नेशनल पार्क1985राजस्थान
9.मानस वन्यजीव अभयारण्य1985असम
10.गोवा के चर्च और कॉन्वेंट1986गोवा
11.खजुराहो स्मारकों का समूह1986मध्यप्रदेश
12.हम्पी में स्मारकों का समूह1986कर्नाटक
13.फतेहपुर सीकरी1986आगरा, उत्तरप्रदेश
14.एलिफेंट गुफाएं1987महाराष्ट्र
15.ग्रेट लिविंग चोल मंदिर1987तमिलनाडू
16.पट्टडकल में स्मारकों का समूह1987कर्नाटक
17.सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान1987बंगाल
18.नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान1988पश्चिम बंगाल
19.सांची में बौद्ध स्मारक1989मध्यप्रदेश
20.हुमायूं का मकबरा, दिल्ली1993दिल्ली
21.कुतुब मीनार और उसके स्मारक, दिल्ली1993दिल्ली
22.भारत के पर्वतीय रेलवे (ये तीन हैं)1999 
 1. दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल),
 2. कालका-शिमला (हिमाचल प्रदेश),
 3. नीलगिरि (तमिलनाडु)
23.महाबोधि मंदिर परिसर2002बोधगया, बिहार
24.भीमबेटका के रॉक शेल्टर2003मध्यप्रदेश
25.छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (पूर्व में विक्टोरिया टर्मिनस)2004महाराष्ट्र
26.चंपानेर-पावागढ़ पुरातत्व पार्क2004गुजरात
27.लाल किला परिसर2007दिल्ली
28.जंतर मंतर, जयपुर2010दिल्ली
29.पश्चिमी घाट2012कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र
30.राजस्थान के पहाड़ी किले (कुल 6 किले)2013राजस्थान
 इसमें राजस्थान के चित्तौडगढ़़, कुंभलगढ़, सवाई माधोपुर, जैसलमेर, जयपुर और झालावाड़ में स्थित छह राजसी किले शामिल हैं।
31.रानी की वाव (रानी की बावड़ी)2014पाटन, गुजरात
32.महान हिमालयी राष्ट्रीय उद्यान2014हिमाचल प्रदेश
33.नालंदा, बिहार में नालंदा महाविहार का पुरातत्व स्थल2016बिहार
34.कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान2016सिक्किम
35.ले कोर्बुजिए का वास्तुशिल्प कार्य, आधुनिक आंदोलन में एक उत्कृष्ट योगदान2016चंडीगढ़
36.अहमदाबाद शहर2017गुजरात
37मुंबई के विक्टोरियन गोथिक और आर्ट डेको एन्सेम्बल2018मुंबई
38.जयपुर शहर2019राजस्थान
39.काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर2021तेलंगाना
40.धोलावीरा: एक हड़प्पा शहर2021गुजरात
41.शांतिनिकेतन 2023 पश्चिम बंगाल
42.होयसल के पवित्र मंदिर समूह2023कर्नाटक
43.मोइदम्स: अहोम राजवंश की टीला-दफन प्रणाली2024असम
44.    भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य    2025    महाराष्ट्र और तमिलनाडु
 

यूनेस्को की संभावित सूची में भारत के 62 स्थल और शामिल हैं। उम्मीद है कि इन्हें भी जल्द ही विश्व विरासत सूची में शामिल किया जाएगा।
 

*विश्व विरासत दिवस-2026 का विषय/थीम*

“Disaster and Conflict Resilient Heritage – Preparedness, Response and Recovery”


रविवार, 5 अप्रैल 2026

5 अप्रेल 2026 : राष्ट्रीय समुद्री दिवस

राष्ट्रीय समुद्री दिवस

(National Maritime Day)

आज का दिन : 5 अप्रेल 2026

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  • देश में प्रतिवर्ष 5 अप्रेल को राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया जाता है।
  • राष्ट्रीय समुद्री दिवस भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से मनाया जाता है।
  • 5 अप्रेल 1919 को बॉम्बे (मुंबई) से लंदन के लिए पहले भारतीय वाणिज्यिक पोत एसएस लॉयल्टी को रवाना किया गया था। इसी ऐतिहासिक समुद्री यात्रा के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया जाता है।
  • एसएस लॉयल्टी जहाज का स्वामित्व सिंधिया स्टीम नेविगेशन कंपनी लिमिटेड के पास था, जो उस समय की सबसे बड़ी स्वदेशी पोत परिवहन कंपनी थी।
  • पहली बार यह दिवस 5 अप्रेल 1964 को मनाया गया था। वर्ष 2026 में 63वां राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय समुद्री दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य भारत की गौरवशाली समुद्री परंपरा और इतिहास का उत्सव मनाना है।
  • वैश्विक स्तर पर सितंबर माह के अंतिम गुरुवार को विश्व समुद्री दिवस मनाया जाता है।
  • भारत सरकार के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर से प्रति दो वर्ष में भारत समुद्री सप्ताह का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2025 में यह उत्सव मुंबई में 27 से 31 अक्टूबर, 2025 तक आयोजित किया गया। भारत समुद्री सप्ताह के दौरान 100 देशों और 1,00,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
  • प्रधानमंत्री ने वर्ष 2021 में 'मैरीटाइम इंडिया विजन-2030' जारी किया था। इसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों में भारतीय समुद्री उद्योग को विश्व के शीर्ष मानकों के समकक्ष लाना है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौकरियों में 12 प्रतिशत स्थानों पर भारतीय कार्य कर रहे हैं। अब मैरीटाइम इंडिया विजन-2030 के तहत यह आंकड़ा 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। भारत ने एसटीसीडब्ल्यू कन्वेंशन और समुद्री श्रम कन्वेंशन (एमएलसी) दोनों पर हस्ताक्षर कर रखे हैं।
  • वर्तमान में भारत में 146 समुद्री प्रशिक्षण संस्थान हैं। वही देश में भारतीय नाविकों की संख्या 280,000 से अधिक है।

सागरमाला परियोजना

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14 अप्रेल, 2016 को सागरमाला योजना को लॉन्च किया था। यह योजना भारत की 7500 किमी लंबी तटरेखा, 14,500 किमी के नौचालन योग्य संभावित जलमार्गों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार जलमार्गों में रणनीतिक स्थान का उपयोग करने के लिए शुरू की गई। सागरमाला योजना का मुख्य उद्देश्य देश में पत्तन आधारित विकास करना है। सागरमाला योजना या कार्यक्रम में प्रमुख रूप से 5 घटक शामिल हैं। ये हैं-1. पत्तन यानी पोट्र्स का आधुनिकीकरण एवं नए पत्तनों का विकास, 2. पत्तन संपर्कता बढ़ाना, 3. पत्तन आधारित औद्योगिकीकरण, 4. तटीय समुदाय का विकास और 5. भारत में तटीय पोत परिवहन एवं अंतर्देशीय जलमार्ग को प्रोत्साहित करना।

राष्ट्रीय समुद्री दिवस पुरस्कार

  • पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय की ओर राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर समुद्री क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिष्ठित हस्तियों को पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। हालांकि अभी तक पुरस्कारों की घोषणा नहीं की गई है। ये पुरस्कार इस प्रकार हैं-
  • 1. सागर सम्मान वरुण पुरस्कार: भारतीय नौवहन और/या संबद्ध समुद्री उद्योगों में निरंतर और उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को पहचान और सम्मान देने के लिए वरुण पुरस्कार ।
  • 2. उत्कृष्टता के लिए सागर सम्मान पुरस्कार: भारतीय नौवहन या भारतीय समुद्री उद्योग में नौवहन व्यवसाय, वाणिज्यिक संचालन, मानव संसाधन विकास, समुद्री प्रौद्योगिकी और औद्योगिक संबंधों के प्रबंधन के क्षेत्रों में वरिष्ठ कार्यात्मक स्तर पर व्यक्तियों को उनकी आजीवन असाधारण और विशिष्ट उपलब्धियों या प्रदर्शन के लिए पहचान और सम्मान ।
  • 3. वीरता के लिए सागर सम्मान पुरस्कार: भारतीय नाविकों (अधिकारियों सहित) को भारत या अन्य जगहों पर मर्चेंट नेवी में उनके शौर्यपूर्ण अनुकरणीय कार्यों के लिए वीरता पुरस्कार।
  • 4. उत्कृष्ट समुद्री प्रशिक्षण संस्थान, उत्कृष्ट भारतीय शिपिंग कंपनी, नाविकों के उत्कृष्ट भारतीय नियोक्ता, नाविकों के उत्कृष्ट विदेशी नियोक्ता, उत्कृष्ट भारतीय बंदरगाह और उत्कृष्ट भारतीय टर्मिनल को भारतीय नौवहन और भारतीय नाविकों के लिए उनके द्वारा निरंतर योगदान दिए जाने के साथ ही साथ उन्हें अधिकतम प्रयास करने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान और पुरस्कार।

राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर

  • पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय गुजरात के लोथल में 'राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर' (एनएमएचसी) का निर्माण कर रहा है। एनएमएचसी का निर्माण ऐतिहासिक सिंधु घाटी सभ्यता क्षेत्र में किया जा रहा है। 3500 करोड़ रुपए की इस परियोजना की आधारशिला मार्च, 2019 में रखी गई थी। इसके पहले चरण का कार्य इसी वर्ष 2025 में पूर्ण होने की संभावना है। यह देश का अपनी तरह का पहला परिसर होगा जहां भारत की समृद्ध और विविध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

1 अप्रेल 2026 : ओडिशा दिवस

ओडिशा दिवस

(Odisha Day)

आज का दिन : 1 अप्रेल 2026

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  • प्रतिवर्ष 1 अप्रेल को ओडिशा दिवस मनाया जाता है। इसे ‘उत्कल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
  • ब्रिटिश शासन के अंतर्गत 1 अप्रेल 1936 को ओडिशा को अलग राज्य के रूप में पहचान मिली थी। तब यह बंगाल प्रेसीडेंसी का एक हिस्सा था। इसी उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष उत्कल दिवस मनाया जाता है।
  • ओडिशा प्राचीनकाल में कलिंग साम्राज्य का भाग था। इस पर मौर्य सम्राट अशोक की विजय और उसके बाद उनके हृदय परिवर्तन की घटना इतिहास प्रसिद्ध है।
  • वर्तमान यानी 2026 में ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी हैं।

सोमवार, 30 मार्च 2026

30 मार्च 2026 : अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस

अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस

(International Day of Zero Waste)

आज का दिन : 30 मार्च 2026

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  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहला अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस 30 मार्च 2023 को मनाया जा रहा है।
  • तुर्किए सहित 105 देशों की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 14 दिसंबर, 2022 को इस दिवस को मनाने का प्रस्ताव पारित किया।
  • अपशिष्ट यानी कचरा आज पूरी दुनिया के लिए समस्या बन गया है। अगर समय रहते इसे रीसायकिल करने पर काम नहीं किया गया तो आने वाले समय में यह विकराल रूप धारण कर लेगा।
  • अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस संयुक्त राष्ट्र के 2030 के सतत विकास लक्ष्य 11 और 12 की प्राप्ति में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया में प्रतिवर्ष 2224 बिलियन टन ठोस अपशिष्ट पैदा होता है, जिसमें से मात्र 55 प्रतिशत ही प्रबंधित या रीसायकिल हो पाता है।
  • इसी प्रकार प्रतिवर्ष 931 मिलियन टन खाद्यान्न बर्बाद होता है और 14 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा जल में शामिल होकर उसे दूषित करता है। हर मिनट एक ट्रक के बराबर प्लास्टिक कचरा समुद्र में फेंका जा रहा है।
  • शून्य अपशिष्ट पहल से कचरे का बेहतर प्रबंधन कर हम पर्यावरण की रक्षा, खाद्य सुरक्षा और मानव स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ सकते हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वर्तमान में सबसे बड़ी समस्या ई-कचरा है। इस ई-कचरे का 75 प्रतिशत सुरक्षित रूप से प्रबंधित नहीं किया जा रहा है।

*अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस-2026 का विषय/थीम*
Zero Waste Starts on Your Plate

शुक्रवार, 27 मार्च 2026

27 मार्च 2026 : विश्व रंगमंच दिवस

विश्व रंगमंच दिवस

(World Theatre Day)

आज का दिन : 27 मार्च 2026

  • प्रतिवर्ष 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है।
  • अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (International Theatre Institute-ITI) की ओर से पहली बार 27 मार्च, 1962 को विश्व रंगमंच दिवस मनाया गया।
  • विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) को मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में रंगमंच को बढ़ावा देना और लोगों को रंगमंच के सभी रूपों के मूल्यों से अवगत कराना है।
  • रंगमंच से संबंधित संस्थाओं और समूहों द्वारा इस दिन को विश्व रंगमंच दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है।
  • विश्व रंगमंच दिवस-2026 पर अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (ITI) द्वारा मुख्य कार्यक्रम का आयोजन 25 से 27 मार्च, 2026 तक लक्जमबर्ग शहर में आयोजित किया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संदेश

  • अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान प्रतिवर्ष विश्व रंगमंच दिवस पर दुनिया के किसी विशिष्ट रंगकर्मी को विश्व के रंगकर्मियों को संदेश देने के लिए आमंत्रित करता है।
  • सन् 1962 में पहला अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संदेश फ्रांस की जीन काक्टे ने दिया था।
  • वर्ष 2002 में अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संदेश भारत के प्रसिद्ध रंगकर्मी गिरीश कर्नाड द्वारा दिया गया था।


अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (आईटीआई)

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  • सन् 1948 में अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच संस्थान की स्थापना यूनेस्को की सहायता से थिएटर और नृत्य की दुनिया से जुड़े लोगों ने की।
  • अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान 100 से अधिक केंद्रों और दुनिया भर में सहयोग से प्रदर्शित कला के सबसे बड़े संगठन के रूप में विकसित हुआ।
  • आईटीआई यूनेस्को, पेरिस में हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस और विश्व रंगमंच दिवस का आयोजन करता है।

भारत में नाट्यकला

  • ऐसा माना जाता है कि नाट्यकला का विकास सर्वप्रथम भारत में ही हुआ।
  • प्राचीन वैदिक ग्रंथ ऋग्वेद के कतिपय सूत्रों में यम और यमी, पुरुरवा और उर्वशी आदि के कुछ संवाद हैं। इन संवादों में नाट्यजगत से जुड़े लोग नाटक के विकास का चिह्न पाते हैं।
  • कहा जाता है कि ऋग्वेद के इन्हीं संवादों से प्रेरणा ग्रहण कर नाटककारों ने नाटकों की रचना की और क्रमश: नाट्यकला का विकास होता गया।
  • इसी विकास क्रम में भरतमुनि ने उसे शास्त्रीय रूप प्रदान किया। भरतमुनि ने भारतीय नाट्य और काव्यशास्त्र का आदिग्रन्थ 'नाट्यशास्त्र' लिखा है।
  • संस्कृत के प्रसिद्ध नाटककार कालिदास को 'भारत का शेक्सपीयर' कहा जाता है।

सोमवार, 23 मार्च 2026

23 मार्च 2026 : विश्व मौसम विज्ञान दिवस

विश्व मौसम विज्ञान दिवस

(World Meteorological Day)

आज का दिन : 23 मार्च 2026

विश्व मौसम विज्ञान दिवस-2026 की थीम

"Observing today, protecting tomorrow."

  • प्रतिवर्ष 23 मार्च को विश्वभर में विश्व मौसम विज्ञान दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र की एक इकाई के रूप में विश्व मौसम विज्ञान संगठन की स्थापना दिवस 23 मार्च, 1950 को की गई थी। इसलिए प्रतिवर्ष 23 मार्च को विश्व मौसम विज्ञान दिवस (World Meteorological Day) मनाया जाता है।
  • विश्व मौसम विज्ञान दिवस (vishw mausam vigyan diwas) को मनाने का उद्देश्य लोगों को मौसम विज्ञान तथा जलवायु में हो रहे परिवर्तनों के बारे में जागरूक करना है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार पिछले 50 वर्षों में 11000 से अधिक मौसम आधारित प्राकृतिक आपदाओं में 2 मिलियन से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इन आपदाओं से 3.64 ट्रिलियन यूएस डॉलर का आर्थिक नुकसान भी हुआ है। इसका मुख्य कारण दुनिया के प्रति 3 व्यक्तियों में से एक का पूर्व चेतावनी प्रणाली यानी अर्ली वार्निंग सिस्टम से नहीं जुड़ा होना रहा।
  • 11 अक्टूबर, 1947 को हुई संधि के अनुसार 23 मार्च, 1950 को विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) की स्थापना करना तय किया गया। इसके बाद 23 मार्च, 1950 को इस संगठन की स्थापना की गई।
  • विश्व मौसम विज्ञान संगठन का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में स्थित है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग

  • अंग्रेजी शासनकाल में 15 जनवरी, 1875 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में भारतीय मौसम विभाग की स्थापना की गई। सन् 1905 में इसे शिमला, 1928 में पुणे और 1944 में दिल्ली स्थानांतरित किया गया। वर्तमान में यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन कार्यरत विभाग है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का मुख्य कार्य मौसम संबंधी अनुमान लगाना और मौसम की भविष्यवाणी करना है। वर्तमान यानी 2026 में मृत्युंजय महापात्र भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक हैं।

 *विश्व मौसम विज्ञान दिवस-2026 का विषय/थीम*

"Observing today, protecting tomorrow."

23 मार्च 2026 : शहीद दिवस

शहीद दिवस (बलिदान दिवस)

(Shaheed Diwas)

आज का दिन : 23 मार्च 2026

  • देश में प्रतिवर्ष 23 मार्च को शहीद दिवस (बलिदान दिवस) मनाया जाता है।
  • 23 मार्च, 1931 को अंग्रेज सरकार ने भारत माता के तीन सपूतों- भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी थी। उन्हीं अमर शहीदों की याद में 23 मार्च का दिन शहीद दिवस/बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इन तीनों वीरों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के लिए ही शहीद दिवस मनाया जाता है।
  • अदालती आदेश के मुताबिक भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव को 24 मार्च, 1931 को सुबह करीब 8 बजे फांसी लगाई जानी थी। लेकिन अंग्रेज सरकार ने 23 मार्च, 1931 को ही इन तीनों को लाहौर सेंट्रल जल में देर शाम करीब सात बजे फांसी लगा दी और शव रिश्तेदारों को न देकर रातों रात ले जाकर सतलुज नदी के किनारे जला दिए।
  • अंग्रेजी हुकूमत ने भगतसिंह और अन्य क्रांतिकारियों की बढ़ती लोकप्रियता और 24 मार्च को होने वाले विद्रोह की वजह से 23 मार्च को ही भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दे दी थी।
  • शहीद भगत सिंह सेवा दल (एसबीएस फाउंडेशन) की ओर से शहीद दिवस की पूर्व संध्या पर नई दिल्ली में 'बसंती चोला दिवस' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एसबीएस फाउंडेशन की स्थापना 1995 में पद्मश्री से सम्मानित डॉ. जितेन्द्र सिंह शंटी ने की थी।
  • पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वर्ष 2022 के शहादत दिवस से राज्य में इस दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की थी।
  • देश में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से 23 मार्च, 2026 को हरियाणा के फरीदाबाद में युवाओं की अगुवाई वाली राष्ट्रव्यापी शहीद दिवस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। वर्ष 2026 के शहीद दिवस की थीम/विषय च्च्मेरा भारत, मेरी जिम्मेदारीज्ज् रखी गई है।

भगतसिंह

भगतसिंह

  • सिक्ख परिवार में पंजाब के लायलपुर में 28 सितंबर, 1907 को शहीद-ए-आजम भगतसिंह का जन्म हुआ।
  • भगतसिंह के पिता गदर पार्टी के नाम से प्रसिद्ध एक संगठन के सदस्य थे, जो भारत की आजादी के लिये काम करता था।
  • भगतसिंह ने अपने साथियों- राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव और जय गोपाल के साथ मिलकर लाला लाजपत राय पर हुए लाठी चार्ज के खिलाफ  लड़ाई की।
  • 8 अप्रैल, 1929 को अपने साथियों के साथ केन्द्रीय विधायी सभा में 'इंकलाब जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए बम फेंक दिया था। यह बम विस्फोट किसी की जान लेने के लिए नहीं बल्कि कुंभकर्णी नींद में डूबी अंग्रेज सरकार को जगाने के लिए किया गया था।
  • क्रांतिकारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और 23 मार्च, 1931 को लाहौर के जेल में शाम 7:33 बजे फांसी पर लटका दिया गया। उनके शरीर का दाह संस्कार सतलुज नदी के किनारे हुआ था। वर्तमान में हुसैनवाला (भारत-पाकिस्तान सीमा) में राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर, एक बहुत बड़े शहीदी मेले का आयोजन उनके जन्म स्थान फिरोजपुर में किया जाता है।

राजगुरु

राजगुरु
  • राजगुरु का पूरा नाम शिवराम हरि राजगुरु था।
  • राजगुरु का जन्म 24 अगस्त 1908 को पुणे जिले के खेडा गाँव में हुआ।
  • 6 वर्ष की आयु में पिता का निधन हो जाने से बहुत छोटी उम्र में ही ये वाराणसी विद्याध्ययन करने एवं संस्कृत सीखने आ गये थे। इन्होंने हिन्दू धर्म-ग्रंन्थों तथा वेदों का अध्ययन तो किया ही लघु सिद्धान्त कौमुदी जैसा क्लिष्ट ग्रन्थ बहुत कम आयु में कण्ठस्थ कर लिया था।
  • राजगुरु को कसरत (व्यायाम) का बेहद शौक था और वे छत्रपति शिवाजी की छापामार युद्ध-शैली के बड़े प्रशंसक थे।
  • वाराणसी में विद्याध्ययन करते हुए राजगुरु का सम्पर्क अनेक क्रान्तिकारियों से हुआ। चन्द्रशेखर आजाद से इतने अधिक प्रभावित हुए कि उनकी पार्टी हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी से तत्काल जुड़ गये।
  • आजाद की पार्टी के अन्दर इन्हें रघुनाथ के छद्म-नाम से जाना जाता था; राजगुरु के नाम से नहीं।
  • राजगुरु एक अच्छे निशानेबाज भी थे। साण्डर्स का वध करने में इन्होंने भगत सिंह तथा सुखदेव का पूरा साथ दिया था।

सुखदेव

सुखदेव

  • महान क्रांतिकारी सुखदेव का पूरा नाम सुखदेव थापर था।
  • सुखदेव का जन्म पंजाब के शहर लायलपुर में 15 मई 1907 को हुआ।
  • लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिये जब योजना बनी तो साण्डर्स का वध करने में इन्होंने भगत सिंह तथा राजगुरु का पूरा साथ दिया था।
  • सुखदेव ने सन् 1929 में जेल में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार किये जाने के विरोध में राजनीतिक बन्दियों द्वारा की गयी व्यापक हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग भी लिया था।
  • गांधी-इर्विन समझौते के सन्दर्भ में इन्होंने एक खुला खत गांधी के नाम अंग्रेजी में लिखा था जिसमें इन्होंने महात्मा जी से कुछ गम्भीर प्रश्न किये थे।

रविवार, 22 मार्च 2026

22 मार्च 2026 : बिहार दिवस

बिहार दिवस

(Bihar Diwas)

आज का दिन : 22 मार्च 2026


  • प्रतिवर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है।
  • 22 मार्च 1912 को बंगाल प्रेसिडेंसी से अलग कर बिहार राज्य की स्थापना की गई थी। इसी उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष 22 मार्च को बिहार दिवस मनाया जाता है। यह 114वां बिहार दिवस है। बिहार सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से च्च्उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहारज्ज् थीम पर तीन दिवसीय बिहार दिवस का आयोजन 22 से 24 मार्च, 2026 तक किया जा रहा है।
  • सन् 1935 में उड़ीसा (ओडिशा) को इससे अलग कर राज्य बनाया गया।
  • बिहार को राज्य का दर्जा 26 जनवरी 1950 को मिला।
  • सन् 2000 में झारखंड को इससे अलग कर राज्य का दर्जा प्रदान किया गया।
  • वर्तमान यानी सन् 2026 में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) हैं।


बिहार के बारे में अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • बिहार 21077' उत्तरी अक्षांश से 27031' उत्तरी अक्षांश व 83020' से 88017' पूर्व देशान्तर के मध्य स्थित है। 
  • बिहार के पूर्व में पश्चिम बंगाल, पश्चिम में उत्तर प्रदेश, दक्षिण में झारखण्ड एवं उत्तर में नेपाल है।
  • बिहार की राजधानी- पटना।
  • बिहार का कुल क्षेत्रफल है- 94,163 वर्ग किलोमीटर।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार की जनसंख्या- 10,40,99,452
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में लिंगानुपात- 918/1000 पुरुष पर।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार बिहार में साक्षरता दर- 61.8 प्रतिशत।
  • बिहार में उच्च न्यायालय पटना में स्थित है।
  • बिहार का राज्य पशु-गौर और राज्य पक्षी-गौरेया या घरेलू गौरेया है।
  • दो छोटे स्वास्तिक के मध्य बोधि वृक्ष बिहार का राजकीय चिह्न है।
  • बिहार की मुख्य भाषाएं- हिन्दी, मगही [मागधी], भोजपुरी, अंगिका, मैथिली हैं।
  • बिहार में द्विसदनीय विधायिका है। इसके अंतर्गत विधानसभा में 243 सदस्य एवं विधान परिषद् में 75 सदस्य हैं। 
  • बिहार से लोकसभा के लिए 40 एवं राज्यसभा के लिए 16 सदस्य चुने जाते हैं।

*बिहार दिवस-2025 का विषय/थीम*
'उन्नत बिहार, विकसित बिहार'

गुरुवार, 19 मार्च 2026

19 मार्च 2026 : राजस्थान दिवस (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, संवत् 2083)

राजस्थान दिवस

(Rajasthan Day)


आज का दिन : 19 मार्च 2026

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, संवत् 2083

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  • प्रतिवर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ‘राजस्थान दिवस’ मनाया जाता है।
  • वर्ष 2024 तक 30 मार्च को राजस्थान दिवस मनाया जाता रहा है। राजस्थान सरकार ने वर्ष 2025 में विक्रम संवत् की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को यह दिवस मनाने का निर्णय किया था।
  • वर्ष 2026 में 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (संवत् 2083) है, इसलिए इसी दिन राजस्थान दिवस मनाया जा रहा है।
  • राजस्थान सरकार के अनुसार संवत् 2006 की चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के शुभ मुहूर्त पर राजस्थान की स्थापना की हुई थी और उस दिन ग्रेगोरियन कैलेंडर में तिथि 30 मार्च 1949 थी।
  • 30 मार्च, 1949 को जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर जैसी बड़ी रियासतों का विलय होकर ‘वृहत्तर राजस्थान संघ’ बना था। इसी दिन को राजस्थान की स्थापना का दिन माना जाता है।
  • राजस्थान दिवस-2026 पर राजस्थान सरकार की ओर से 17 से 19 मार्च तक तीन दिवसीय आयोजन किया जा रहा है।
  • वर्तमान यानी सन् 2026 में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हैं।

ऐसे हुए राजस्थान का गठन

  • देश की आजादी के समय राजस्थान या राजपूताना में 22 देशी रियासतें थीं। इनमें एक रियासत अजमेर मेरवाडा प्रांत को छोड़ कर शेष देशी रियासतों पर देशी राजा महाराजाओं का ही राज था। अजमेर-मेरवाडा प्रांत पर ब्रिटिश शासकों का कब्जा था। राजस्थान के एकीकरण में भारत सरकार के तत्कालीन देशी रियासत और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल और उनके सचिव वी. पी. मेनन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण थी। इनकी सूझबूझ से ही राजस्थान के वर्तमान स्वरूप का निर्माण हुआ।
  • 18 मार्च 1948 को शुरू हुई राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया कुल सात चरणों में 1 नवंबर 1956 को पूरी हुई।
  • राजस्थान के एकीकरण के सात चरण
  • 18 मार्च, 1948 को अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली रियासतों का विलय होकर ‘मत्स्य संघ’ बना। धौलपुर के तत्कालीन महाराजा उदयसिंह राजप्रमुख व अलवर राजधानी बनी।
  • 25 मार्च, 1948 को कोटा, बूंदी, झालावाड़, टोंक, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, किशनगढ़ व शाहपुरा का विलय होकर राजस्थान संघ बना।
  • 18 अप्रेल, 1948 को उदयपुर रियासत का विलय। नया नाम ‘संयुक्त राजस्थान संघ’ रखा गया। उदयपुर के तत्कालीन महाराणा भूपाल सिंह राजप्रमुख बने।
  • 30 मार्च, 1949 में जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर और बीकानेर रियासतों का विलय होकर ‘वृहत्तर राजस्थान संघ’ बना था। यही दिन राजस्थान की स्थापना का दिन माना जाता है। अब इसे हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाएगा।
  • 15 अप्रेल, 1949 को ‘मत्स्य संघ’ का वृहत्तर राजस्थान संघ में विलय हो गया।
  • 26 जनवरी, 1950 को सिरोही रियासत को भी वृहत्तर राजस्थान संघ में मिलाया गया।
  • 1 नवंबर, 1956 को आबू, देलवाड़ा तहसील का भी राजस्थान में विलय हुआ, मध्य प्रदेश में शामिल सुनेल टप्पा का भी विलय हुआ।

राजस्थान के बारे में अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • राजस्थान 2303’ उत्तर अक्षांश से 30012’ उत्तरी अक्षांश एवं 69030’ पूर्वी देशान्तर से 78017’  पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है।
  • राजस्थान का क्षेत्रफल- 3,42,239 वर्ग किलोमीटर है। यह क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है।
  • राजस्थान की राजधानी जयपुर है। इसे पिंकसिटी यानी गुलाबीनगर के नाम से भी जाना जाता है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की जनसंख्या- 6,85,48,437 है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान में लिंगानुपात- 928/1000 पुरुष पर है।
  • वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की साक्षरता दर- 66.1 प्रतिशत है।
  • राजस्थान के दो राज्य पशु हैं- चिंकारा एवं ऊंट। चिंकारा वन्य जीव श्रेणी में तो ऊंट पालतू पशु श्रेणी में राज्य पशु है।
  • राजस्थान का राज्य पक्षी- गोडावण है।
  • राजस्थान का राज्य वृक्ष- खेजड़ी है।
  • राजस्थान का राज्य खेल- बास्केटबॉल है।
  • राजस्थान का राज्य पुष्प- रोहिड़ा है।
  • राजस्थान का अधिकांश भाग मरुस्थलीय है। यहां थार का रेगिस्तान है।
  • राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान, उत्तर में पंजाब, उत्तर-पूर्व में हरियाणा, पूर्व में उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश एवं दक्षिण पश्चिम में गुजरात है।
  • राजस्थान में बेड़च, बनास, गम्भीरी, कोठारी, चम्बल, पार्वती, बाणगंगा, काली सिन्ध, खारी, माही, लूणी, घग्घर प्रमुख नदियां हैं।
  • राजस्थान में डीडवाना, सांभर, पंचभद्रा, लूणकरणसर, जयसमंद, राजसमंद, पिछोला, पुष्कर, आनासागर, नक्की एवं सिलिसेढ़ प्रमुख झीलें हैं।
  • राजस्थान में गुरु शिखर [माउंट आबू], सेर [माउंट आबू], अचलगढ़ [सिरोही], तारागढ़ [अजमेर] प्रमुख पर्वत चोटियां हैं। ये सभी विश्व की प्राचीन वलित पर्वत शृंखला अरावली की चोटियां हैं। अरावली का अधिकांश भाग राजस्थान में ही है।
  • राजस्थान की विधानसभा में सदस्यों की संख्या 200 है।
  • राजस्थान से लोकसभा के लिए 25 सदस्य चुने जाते हैं। वहीं राज्यसभा के लिए 10 सदस्य चुने जाते हैं।
  • राजस्थान में राष्ट्रीय अभयारण्य - रणथम्भौर नेशनल पार्क (सवाई माधोपुर), केवलादेव नेशनल पार्क (भरतपुर), सरिस्का टाइगर रिजर्व (अलवर) और मुकुंदरा राष्ट्रीय अभयारण्य (कोटा-चित्तौडगढ़़)। बूंदी जिले में स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व चौथा और धौलपुर-करौली राज्य का पांचवां टाइगर रिजर्व है।
  • देश में राजस्थान का सीमेंट उत्पादन में प्रमुख स्थान है।
  • राजस्थान देश का सबसे बड़ा बाजरा उत्पादक राज्य है।

रविवार, 15 मार्च 2026

15 मार्च 2026 : विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस

(World Consumer Rights Day)

आज का दिन : 15 मार्च 2026

विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस थीम 2026

  • प्रतिवर्ष 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है।
  • विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाने का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करना है।
  • यह दिवस कन्ज्यूमर्स इंटरनेशनल की ओर से मनाया जाता है। वर्तमान में 100 देशों में इसके 200 से अधिक उपभोक्ता समूह सदस्य हैं।
  • विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाने की प्रेरणा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी से मिली। अमेरिकी कांग्रेस यानी संसद में कैनेडी ने 15 मार्च 1962 को उपभोक्ताओं के अधिकारों की आवाज उठाई थी। इसी विशेष दिन की स्मृति में यह दिवस 15 मार्च को मनाया जाता है।
  • पहली बार विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस 15 मार्च 1983 को मनाया गया।
  • भारत में 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है।
  • हमारे देश में सबसे पहले 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986' लागू किया गया। इसमें कई संशोधन किए गए। वर्तमान में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की जगह उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019 लागू किया गया है। इसे लोकसभा ने 30 जुलाई, 2019 को और राज्यसभा ने 06 अगस्त, 2019 को पारित किया तथा इसे 20 जुलाई, 2020 को लागू किया गया। संसद में इसे तत्कालीन उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने पेश किया था। इस अधिनियम का मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं को हल करने के लिए जरूरी कदम उठाना है।
  • उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के अनुसार उपभोक्ता उस व्यक्ति को माना गया है जो अपनी आवश्यकताओं के लिए वस्तुओं और सेवाओं की खरीद और उपभोग करता है। वाणिज्यिक उद्देश्य यानी बेचने के लिए क्रय करने वाले को उपभोक्ता नहीं माना गया है। अधिनियम में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही प्रकार के लेन-देन को शामिल किया गया है।


*विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस-2026 का विषय/थीम*

Safe Products, Confident Consumers