बुधवार, 4 मार्च 2026

4 मार्च 2026 : राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा)

राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा)

(National Safety Day)

आज का दिन : 4 मार्च 2026
 

  • देश में प्रतिवर्ष 4 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। 
  • यह दिवस पहली बार 4 मार्च 1972 को मनाया गया।
  • देश में बढ़ते औद्योगिक वातावरण में श्रमिकों व अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा के प्रति चेतना जगाने के लिए प्रतिवर्ष 4 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। 
  • भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के अधीन 4 मार्च, 1966 को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (National Safety Council-NSC) की स्थापना की गई। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के स्थापना दिवस को ही राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
  • नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रथम औद्योगिक सुरक्षा संगोष्ठी का आयोजन सन् 1965 में किया गया। इसमें राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने औद्योगिक सुरक्षा पर जोर दिया।
  • कार्यस्थलों पर सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य है।
  • इस दौरान देश में 4 मार्च से 10 मार्च तक राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान स्कूलों, संस्थाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनमें श्रमिकों व कर्मचारियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की बात कही जाती है।
  • सन् 1948 में भारत में कारखाना अधिनियम लागू हुआ।
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का मुख्यालय महाराष्ट्र के नवी मुंबई में स्थित है।
  • भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के रूप में उद्योग जगत से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति की नियुक्ति की जाती है। वर्तमान यानी सन् 2026 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष एस. एन. सुब्रहमण्यन और डायरेक्टर जनरल ललित आर. गाभने हैं।

    *राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस-2026 का विषय/थीम*

    Engage, Educate & Empower People to Enhance Safety.

    राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर ली जाने वाली प्रतिज्ञा

    • आज के दिन, मैं सत्यनिष्ठापूर्वक प्रतिज्ञा करता हूँ कि मैं पुन: अपने आपको सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के बचाव के प्रति समर्पित करूंगा और नियमों, विनियमों तथा कार्यविधियों के पालन हेतु यथाशक्ति प्रयत्न करूंगा और निश्चित रूप से इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिये प्रेरणादायक अभिवृत्तियों तथा आदतों का विकास करूंगा।
    • मेरी यह पूर्ण रूप से मान्यता है कि दुर्घटनाएँ तथा बीमारियाँ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को दुर्बल बनाती हैं तथा यह विकलांगता, मृत्यु, स्वास्थ्य के लिये हानिकारक एवं सम्पत्ति की क्षति, सामाजिक कष्ट तथा पर्यावरण के अपकृष्ट का कारण बनती हैं।
    • मैं स्वयं अपने, परिवार, संगठन, समाज एवं राष्ट्र के हित में दुर्घटनाओं, व्यावसायिक बीमारियों की रोकथाम तथा पर्यावरण के बचाव के लिये हर संभव प्रयत्न करूंगा।

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