1 मई 2018 : अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस
(International Labour Day)
- प्रतिवर्ष पूरे विश्व में 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है। इसे श्रमिक दिवस, मई दिवस भी कहा जाता है।
- श्रमिक दिवस मजदूर वर्ग की ताकत और विकास में मजदूरों यानी श्रमिकों की भूमिका को रेखांकित करता है।
- पश्चिमी दुनिया में औद्योगिक क्रांति के फलस्वरूप जन्में श्रमिक वर्ग को उनके अधिकार और अलग पहचान दिलाने के लिए ही मजदूर दिवस मनाने की शुरुआत हुई।
- दुनिया में पहली बार 18वीं सदी के मध्य इंग्लैंड में मजदूर संगठनों का उदय हुआ।
- 1884 में अमेरिका की न्यूयार्क सेंट्रल लेबर यूनियन ने मजदूर दिवस परेड के लिए सितंबर माह के पहले सोमवार का दिन तय किया।
- अमेरिका में मजदूर वर्ग के लिए 8 घंटे के कार्य दिवस की मांग को लेकर श्रमिक संगठनों ने 1 मई, 1886 को देशव्यापी हड़ताल की। यहीं से 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई।
- इंग्लैंड में श्रमिक दिवस का प्रथम आयोजन 4 मई, 1890 को हुआ।
- चीन में मई दिवस का प्रथम आयोजन 1924 में हुआ।
- वियतनाम में पहली बार मई दिवस 1975 में मनाया गया।
- पूरी दुनिया में श्रमिकों के उत्थान में लगे 'अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन' की स्थापना सन् 1919 में की गई।
- भारत में मजदूर दिवस प्रथम बार सन् 1923 ई. में मनाया गया। सन् 1923 में कम्युनिस्ट नेता सिंगारवेलु चेट्टियार के नेतृत्व में मद्रास (चेन्नई) में देश का प्रथम श्रमिक दिवस मनाया गया।
*अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस-2018 का विषय/थीम*
Uniting Workers for Social and Economic Advancementसामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए श्रमिकों को एकजुट करना
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