करेंट अफेयर्स 2018 : इसरो ने पीएसएलवी सी-43 से लॉन्च किए 31 सैटेलाइट
घटना दिनांक : 29 नवम्बर, 2018
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 29 नवंबर, 2018 को 31 सैटेलाइट लॉन्च किए।
- इसरो ने 31 सैटेलाइट को पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (पीएसएलवी) सी-43 द्वारा लॉन्च किया।
- पीएसएलवी सी-43 को आन्ध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 29 नवंबर को 9 बजकर 58 मिनट में छोड़ा गया।
- लॉन्च किए गए 31 सैटेलाइट में एक भारत का हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (HySIS) और 8 देशों के 30 दूसरे सैटेलाइट शामिल हैं।
- हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट को प्रक्षेपण के 17 मिनट 27 सेकंड बाद कक्षा में स्थापित कर दिया गया।
- भारत के अलावा अमेरिका के 23 सैटेलाइट और ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन (प्रत्येक का एक उपग्रह) शामिल हैं। इनमें एक माइक्रो और 29 नैनो सैटेलाइट हैं।
- इसरो द्वारा नवंबर माह में यह दूसरा प्रक्षेपण है। अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने 14 नवंबर को अपने अत्याधुनिक संचार उपग्रह जीसैट-29 को जीएसएलवी एमके 3-डी 2 के साथ प्रक्षेपित किया था।
- यह पीएसएलवी की 45वीं उड़ान रही। पीएसएलवी इसरो का तीसरी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान है। इस मिशन के डायरेक्टर आर हटन हैं।
भारत का हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट
- इसरो द्वारा लॉन्च किए गए हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट (HySIS) इस मिशन का प्राथमिक सैटेलाइट रहा। इसरो ने इस इमेजिंग सैटेलाइट को पृथ्वी की निगरानी के लिए विकसित किया है।
- इसके अलावा इस उपग्रह का उद्देश्य इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड फील्ड का अध्ययन करना है। HySIS एक विशेष चिप की मदद से तैयार किया जाता है जिसे तकनीकी भाषा में 'ऑप्टिकल इमेजिंग डिटेक्टर ऐरे' कहते हैं।
- हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट की मदद से पृथ्वी से 630 किमी दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद वस्तुओं के 55 विभिन्न रंगों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। इसके साथ ही हाइस्पेक्स इमेजिंग अंतरिक्ष से एक दृश्य के हर पिक्सल के स्पेक्ट्रम को पढऩे के अलावा पृथ्वी पर वस्तुओं, सामग्री या प्रक्रियाओं की अलग पहचान भी करती है। इससे पर्यावरण सर्वेक्षण, फसलों के लिए उपयोगी जमीन का आकलन, तेल और खनिज पदार्थों की खानों की खोज आसान होगी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें