आज का दिन : 26 अप्रेल 2020
विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस
(World Intellectual Property Day)
- विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन की ओर से प्रतिवर्ष 26 अप्रेल को 'विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस' मनाया जाता है।
- प्रथम बार विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस सन् 2000 में मनाया गया था।
- 26 अप्रेल, 1970 को विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन की स्थापना का समझौता लागू हुआ था, इसलिए विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस मनाने के लिए इस दिन को चुना गया।
- विश्व बौद्धिक सम्पदा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य पेटेंट, ट्रेडमार्क, इंडस्ट्रियल डिजाइन, कॉपीराइट जैसे बौद्धिक सम्पदा अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
- वर्ष 2020 में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी के कारण विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन की ओर से सभी निर्धारित कार्यक्रम निरस्त करते हुए वर्चुअल चैनल पर इस दिवस को मनाने का निर्णय किया गया है। साथ ही लोगों से सोशल मीडिया पर #worldipday का उपयोग कर दिवस को मनाने का आह्वान किया गया है।
- बौद्धिक संपदा की परिभाषा के अनुसार, किसी व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा सृजित कोई रचना, संगीत, साहित्यिक कृति, कला, खोज, नाम अथवा डिजाइन आदि, उस व्यक्ति अथवा संस्था की 'बौद्धिक संपदा' कहलाती है। व्यक्ति अथवा संस्था को अपनी इन कृतियों पर प्राप्त अधिकार को 'बौद्धिक संपदा अधिकार' कहा जाता है।
- विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन की ओर से प्रतिवर्ष एक विषय विशेष का चयन कर अभियान चलाया जाता है। वर्ष 2020 के लिए यह विषय है- Innovate for a Green Future.
- विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन संयुक्त राष्ट्र की महत्वपूर्ण एजेंसी है। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनेवा में स्थित है। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश इसके सदस्य बन सकते हैं। लेकिन इसकी सदस्यता बाध्यकारी नहीं है। भारत 1975 में विश्व बौद्धिक सम्पदा संगठन का सदस्य बना था।
भारत बौद्धिक सम्पदा अधिकार संबंधी स्थिति
- भारत विश्व व्यापार संगठन का संस्थापक सदस्य है, इसलिए भारत ने व्यापार संबंधी बौद्धिक सम्पत्ति अधिकारों (टीआरआईपीएस) से संबंधित करार का समर्थन किया है। इसके अनुसार भारत सहित सभी सदस्य देश परस्पर वार्ता से निर्धारित किए गए प्रतिमानों और मानकों का पालन अनुबंधित समय सीमा के अंतर्गत करेंगे।
- देश में एक बौद्धिक सम्पत्ति अधिकार प्रणाली स्थापित है, जो विश्व व्यापार संगठन के अनुरूप है और सभी स्तरों पर चाहे वह सांविधिक, प्रशासनिक अथवा न्यायिक हो, पूर्णत: कार्यरत है।
- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में, औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग के अधीन 'महानियंत्रण, पेटेंट, डिजाइन और ट्रेड मार्क' के कार्यालय का गठन किया गया है। यह पेटेण्ट, डिजाइन, ट्रेडमार्क और भौगोलिक निदर्शन से संबंधित सभी मामलों को प्रकाशित करता है।
- इसके साथ ही देश में स्वत्वाधिकारों (कॉपीराइट्स) और इससे संबंधित अधिकारों के पंजीकरण सहित सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के शिक्षा विभाग में एक कॉपीराइट कार्यालय की स्थापना की गई है।
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