केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल स्थापना दिवस
(Central Reserve Police Force Foundation Day)
आज का दिन : 27 जुलाई 2020
(Central Reserve Police Force Foundation Day)
आज का दिन : 27 जुलाई 2020
![]() |
| crpf logo |
- 27 जुलाई, 1939 को ब्रिटिश सरकार ने 'क्राउन रिप्रेंजेन्टेटिव पुलिस' के नाम से नीमच (मध्य प्रदेश) में प्रथम बटालियन का गठन किया। इस बल का कार्य भारत की तत्कालीन रियासतों में आंदोलनों एवं राजनीतिक अशांति तथा साम्राज्यिक नीति के रूप में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना था।
- स्वतंत्रता के बाद 28 दिसम्बर, 1949 को संसद के एक अधिनियम द्वारा इस बल का नाम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (के.रि.पु. बल) कर दिया गया। जिसे सीआरपीएफ के नाम से भी जाना जाता है।
- वर्ष 2020 के समारोह का आयोजन सीआरपीएफ के नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित मुख्यालय में किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह सीआरपीएफ के 82वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करेंगे। साथ ही वह देशभर में तैनात बल के कर्मियों को वीडियो लिंक के जरिये संबोधित भी करेंगे। शाह की ओर से मध्य प्रदेश के नीमच में शहीदों को पुष्पांजलि भी दी जाएगी।
- वर्तमान यानी सन् 2020 में सीआरपीएफ के महानिदेशक डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी हैं। डॉ. माहेश्वरी उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।
200 से अधिक बटालियनें लगी हैं देश सेवा में
- आजादी के बाद सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन का गठन किया गया। इसके बाद सन् 1956 में तीसरी बटालियन बनी और आज इसकी 200 से अधिक बटालियनें देश सेवा में लगी हैं।
- बल के प्रमुख कार्यों में कानून व्यवस्था में राज्यों का सहयोग करना तथा देश के आंतरिक हिस्सों में असामाजिक तत्वों से निपटना है। इसके अलावा अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इसी बल का कार्य है।
- सन् 1950 में ही पूर्व भुज, तत्कालीन पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ (पीईपीएसयू) तथा चंबल के बीहड़ों के इलाकों में सीआरपीएफ की टुकडिय़ों द्वारा किये गये कार्यों को सर्वत्र सराहना मिली। पाकिस्तानी घुसपैठियों के हमलों के दौरान भी बल को पाकिस्तानी सीमा पर तैनात किया गया।
भारत के हॉट स्प्रिंग (लदाख) पर पहली बार 21 अक्तूबर 1959 को चीनी हमले को केरिपुबल ने नाकाम किया। केरिपुबल के एक छोटे से गश्ती दल पर चीन द्वारा घात लगाकर हमला किया गया जिसमें बल के दस जवानों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत की याद में देश भर में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। - 1962 के चीनी आक्रमण के दौरान एक बार फिर बल ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना को सहायता प्रदान की। इस आक्रमण के दौरान सीआरपीएफ के 8 जवान शहीद हुए। पश्चिमी और पूर्वी दोनों सीमाओं पर 1965 और 1971 में भारत पाक युद्ध में भी बल ने भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया।
- श्रीलंका में भारतीय शांति सेना के साथ भी सीआरपीएफ की महिलाओं की एक टुकड़ी सहित 13 कंपनियां गई थीं। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के एक अंग के रूप में हैती, नामीबिया, सोमालिया और मालद्वीप में भी सीआरपीएफ जवानों ने अपनी भूमिका अदा की है।
- चाहे 80 के दशक का पंजाब का आतंकवाद हो या नक्सल ग्रस्त अशांत इलाके सीआरपीएफ ने इन जगहों पर शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है और कर रहा है।
- वर्तमान यानी सन् 2020 में सीआरपीएफ के महानिदेशक डॉ. आनंद प्रकाश माहेश्वरी हैं। डॉ. माहेश्वरी उत्तर प्रदेश कैडर के 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें