कारगिल विजय दिवस
(Kargil Vijay Diwas)
आज का दिन : 26 जुलाई 2020
- भारतीय सेना के जाबांजों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को 26 जुलाई, 1999 को 'कारगिल युद्ध' में वापस भागने पर मजबूर कर दिया था। इसी विजय के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष यह दिवस मनाया जाता है।
- वर्ष 2020 में 21वां करगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है।
- इस दिवस को प्रतिवर्ष मनाने का उद्देश्य देश के वीर सपूतों की वीरता और उनके बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करना है।
- जम्मू और कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र के कारगिल की पहाडिय़ों पर मई, 1999 में पाकिस्तानी घुसपैठियों (पाकिस्तानी सैनिकों) ने कब्जा जमा लिया। इसका जवाब देते हुए भारतीय थल सेना और वायु सेना ने इन्हें खदेड़कर पुन: क्षेत्र पर कब्जा किया।
- वर्ष 2020 में कोरोना महामारी (कोविड-19) के कारण द्रास में होने वाला समारोह सादगीपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा। द्रास वॉर मेमोरियल पर हमेशा की तरह सेना के हेलीकॉप्टर फूल बरसाकर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। सेना की उत्तरी कमान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी द्रास वार मेमोरियल पर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित करेंगे। करगिल में कैप्टन सौरभ कालिया क्रिकेट प्रतियोगिता भी नहीं हो पाई है। इससे पहले प्रतिवर्ष कारगिल विजय दिवस से एक सप्ताह पूर्व ही द्रास में कार्यक्रम शुरू हो जाते थे। इनमें कई प्रतियोगिताएं होती थीं।
- इसी प्रकार अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कर्नल संजय कुमार सिंह ने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष सभी पूर्व सैनिक 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस महोत्सव अपने आवास से ही मनाएं।
चरवाहे ताशी नामग्याल ने दी थी घुसपैठ की सूचना
- एक चरवाहे ताशी नामग्याल ने भारतीय सेना को कारगिल में पाकिस्तान सेना के घुसपैठ कर कब्जा जमा लेने की सूचना 3 मई 1999 को दी थी। नामग्याल उस इलाके में अपने याक को ढूंढऩे गए थे, तब उनकी नजर पाकिस्तानी घुसपैठियों पर गई और उन्होंने इसकी सूचना भारतीय सैनिकों को दी।
- भारतीय सेना को कारगिल के युद्ध में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तानी सैनिक ऊंची पहाडिय़ों पर बैठे थे और हमारे सैनिकों को गहरी खाई में रहकर उनसे मुकाबला करना था। भारतीय जवानों को आड़ लेकर या रात में चढ़ाई कर ऊपर पहुंचना पड़ रहा था यह बहुत जोखिमपूर्ण था।
- कारगिल युद्ध में 527 जवान शहीद हुए और 1363 जवान घायल हुए।
- द्रास में कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों की स्मृति में 'वॉर मेमोरियल' बनाया गया है।
- कारगिल युद्ध के बाद भारतीय वीरों को वीरता पुरस्कार से नवाजा गया। देश के सबसे बड़े वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से गोरखा राइफल्स के लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे (मरणोपरांत), द ग्रेनेडियर्स के ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव, जम्मू कश्मीर राइफल्स के राइफलमैन संजय कुमार और कैप्टन विक्रम बत्रा (मरणोपरांत) को सम्मानित किया गया।
- भारतीय वायुसेना के जाबांजों ने कारगिल में जिस ऑपरेशन के तहत दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया, उसे 'सफेद सागर' नाम दिया गया था।
- कारगिल युद्ध के दौरान नौसेना ने भी दुश्मन के छक्के छुड़ाने में योगदान दिया था। नौसेना की ओर से 'ऑपरेशन तलवार' नाम से रक्षा अभियान चलाया गया था।
- जनरल वी.पी. मलिक ने कारगिल युद्ध पर एक पुस्तक लिखी है, जिसका नाम है- 'कारगिल : एक अभूतपूर्व विजय'
- कारगिल युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे।
- करगिल युद्ध की 21वीं वर्षगांठ के अवसर पर वर्ष 2020 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय स्तर की क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
- बॉलीवुड ने भी करगिल युद्ध पर कई फिल्मों का निर्माण किया है। इनमें एलओसी करगिल (2003), स्टम्प्ड (2003), लक्ष्य (2004), मौसम (2011) शामिल हैं।
जय हिन्द! जय हिन्द की सेना!!

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