विश्व बाघ दिवस
(World Tiger Day)
आज का दिन : 29 जुलाई 2020
- विश्व बाघ दिवस प्रतिवर्ष 29 जुलाई को मनाया जाता है।
- सन् 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुए बाघ सम्मेलन में विश्व बाघ दिवस यानी वर्ल्ड टाइगर डे मनाने का निर्णय लिया गया था।
- बाघ सम्मेलन में शामिल हुए 13 देशों ने सन् 2022 तक बाघों की संख्या में दोगुनी बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा था।
- विश्व बाघ दिवस अथवा अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने का उद्देश्य बाघों के संरक्षण के बारे में जागरुकता बढ़ाना है।
- हमारा राष्ट्रीय पशु भी बाघ है। आजादी बाद से सन् 1972 तक हमारा राष्ट्रीय पशु सिंह था। इसके बाद बाघ यानी रॉयल बंगाल टाइगर को आकर्षक सुन्दरता, ताकत, फुर्तीलेपन और अपार शक्ति के कारण भारत के राष्ट्रीय पशु के रूप में स्वीकार किया गया।
- रॉयल बंगाल टाइगर यानी राजसी बाघ (Panthera Tigris) एक धारीदार जानवर है। इसकी मोटी पीली रोंयेदार चमड़ी पर गहरी काली धारियां होती हैं। यह बाघ परिवार की एक उप-प्रजाति है और भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार एवं दक्षिण तिब्बत के क्षेत्रों में पाई जाती है।
- वनों में शिकार और जरूरी संसाधनों की कमी के कारण देश में बाघों की संख्या में गंभीर गिरावट आई है।
- भारत में बाघों के संरक्षण के लिए अप्रेल, 1973 में 'प्रोजेक्ट टाइगर' (बाघ परियोजना) शुरू किया गया। इस परियोजना के तहत अब तक बाघों के लिए लगभग 39 आरक्षित क्षेत्रों की स्थापना की गई है।
- भारत में बाघों को बचाने के लिए 'बाघ बचाओ परियोजना' चल रही है, यह 16 राज्यों में संचालित होती है।
- सबसे अधिक बाघ बचाओ संरक्षित स्थल मध्य प्रदेश में है।
भारत में वर्ष 2018 में हुई बाघ गणना : दुनिया के 70 फीसदी टाइगर हैं देश में
- वर्ष 2018 में हुई बाघ गणना की प्रारंभिक रिपोर्ट पिछले विश्व बाघ दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जारी की थी। इसी गणना की विस्तृत रिपोर्ट विश्व बाघ दिवस से एक दिन पूर्व केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार इस समय देश में बाघों की संख्या बढ़कर 2967 हो गई है। पिछली गणना के मुकाबले 741 बाघों की बढ़ोतरी हुई है। यानी वर्तमान में भारत में दुनिया के लगभग 70 प्रतिशत बाघ हैं।
- राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने दुनिया में 13 देशों की पहचान की है, जहां बाघ पाए जाते हैं। भारत ने इन 13 देशों में बाघ संरक्षण की मुहिम चलाने का निर्णय लिया है। ये 13 देश हैं- बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, रूस, म्यांमार, नार्थ कोरिया, अफगानिस्तान, लाओस, कंबोडिया, वियतनाम, थाईलैंड, इंडोनेशिया और श्रीलंका।
- देश में बाघों के संरक्षण का काम राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की देखरेख में ही चल रहा है।
- इससे पहले बाघों की गणना को लेकर 2006, 2010 और 2014 में रिपोर्ट जारी हो चुकी है।
बाघों की 6 प्रमुख प्रजातियां
- पूरी दुनिया में बाघों की मुख्यत: 6 प्रजातियां पाई जाती हैं। ये इस प्रकार हैं-
- साइबेरियन बाघ : यह प्रजाति साइबेरिया के सुदूर पूर्वी इलाके अमर-उसर में पाई जाती है। उत्तर-पूर्वी चीन में हुंचुन नेशनल साइबेरियाई टाइगर नेचर रिजर्व रूस के सुदूर पूर्व में भी यह साइबेरियन बाघ की प्रजाति पाई जाती है।
- बंगाल टाइगर: इस प्रजाति को पेंथेरा टिगरिस के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार एवं दक्षिण तिब्बत के क्षेत्रों में पाई जाती है। इसी प्रजाति के बाघ को हमारे राष्ट्रीय पशु होने का गौरव प्राप्त है।
- इंडोचाइनीज बाघ : यह प्रजाति कंबोडिया, चीन, बर्मा, थाईलैंड और वियतनाम में पाई जाती है।
- मलायन बाघ : यह प्रजाति मलय प्रायद्वीप में पाई जाती है।
- सुमात्रा बाघ : यह प्रजाति सुमात्रा द्वीप में पाई जाती है।
- साउथ चाइना बाघ : यह प्रजाति दक्षिण चीन में पाई जाती है।
भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान एवं अभयारण्य जहां बाघों को संरक्षण प्रदान किया गया है
| राज्य | उद्यान/अभयारण्य | स्थिति |
|---|---|---|
| मध्यप्रदेश | कान्हा-किसली नेशनल पार्क | बालाघाट |
| पंचमढी वन्य जीव अभयारण्य | होशंगाबाद | |
| सतपुड़ा, नेशनल पार्क | होशंगाबाद | |
| सिंथौली वन्य जीव अभयारण्य | रायसेन | |
| रातापानी वन्य जीव अभयारण्य | रायसेन | |
| उत्तराखंड | जिम कार्बेट नेशनल पार्क | नैनीताल |
| गोविंद पशु विहार | उत्तरकाशी | |
| मालन पशुविहार | गढ़वाल | |
| बिहार | भीमबंध वन्य जीव अभयारण्य | मुंगेर |
| राजगीर वन्य जीव अभयारण्य | राजगीर | |
| छत्तीसगढ़ | संजय राष्ट्रीय उद्यान | सरगुजा |
| इन्द्रावती नेशनल पार्क | बस्तर | |
| राजस्थान | रणथम्भौर नेशनल पार्क | सवाई माधोपुर |
| सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य | अलवर | |
| ओडिशा | सिमलीपाल वन्यजीव अभयारण्य | मयूरभंज |
| उत्तरप्रदेश | दुधवा नेशनल पार्क | लखीमपुर खीरी |

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