मंगलवार, 20 अक्टूबर 2020

आज का दिन : विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस

विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस

World Osteoporosis Day



आज का दिन : 20 अक्टूबर, 2020


world-osteoporosis-day

  • इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन की ओर से विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस प्रतिवर्ष 20 अक्टूबर को मनाया जाता है।
  • विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस को मनाने का उद्देश्य हड्डियों की सुरक्षा और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए लोगों को जागरूक करना है। यह दिवस ऑस्टियोपोरोसिस की रोकथाम, निदान एवं उपचार के लिए वैश्विक जागरूकता पैदा करने के प्रति समर्पित है।
  • ऑस्टियोपोरोसिस मूलत: हड्डियों के ऊतकों की खराबी है। इस रोग के कारण हड्डियां नाजुक एवं कमजोर हो जाती हैं,  जिसके परिणामस्वरूप रीढ़ की हड्डी विशेषकर कूल्हे एवं कलाई के फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • महिलाओं को मुख्यत: पचास वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों की तुलना में ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त होने का खतरा अधिक होता है।
  • इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन की ओर से ऑस्टियोपोरोसिस के प्रति जागरुकता पैदा करने के लिए प्रतिवर्ष एक कैम्पेन चलाया जाता है। वर्ष 2020 के लिए चलाए जाने वाले कैम्पेन का शीर्षक है-
  • Real men build their strength from within


ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • महिलाओं में अधिकांशत: यह रोग रजोनिवृत्ति के पश्चात् पाया जाता है।
  • ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त होने का खतरा पचास वर्ष की आयु से अधिक उम्र के लोगों को अधिक होता है।
  • वंशानुगत अर्थात् ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त होने वाले माता-पिता या भाई-बहनों के पारिवारिक सदस्यों में ऑस्टियोपोरोसिस के विकसित होने का जोखिम अधिक होता है।
  • कम कैल्शियम एवं कम आहार का सेवन भी ऑस्टियोपोरोसिस रोग को आमंत्रण है।
  • स्टेरॉयड जैसी दवाओं का लंबे समय तक सेवन भी इस रोग का मुख्य कारण है।
  • आजकल की तनावपूर्ण जीवन शैली भी ऑस्टियोपोरोसिस रोग होने में सहायक है। इसके साथ ही  अधिक बैठे रहने वाली/निष्क्रिय जीवनशैली, धूम्रपान एवं शराब का सेवन इस रोग को बुलावा देता है।


ऑस्टियोपोरोसिस से पीड़ित रोगी में लक्षण

  • समय के साथ लम्बाई में कमी।
  • शरीर का झुकना/झुकाव।
  • कूल्हे या रीढ़ की हड्डी का फ्रैक्चर।


हड्डियों को इन उपायों से मजबूत करें

  • नियमित व्यायाम से हड्डियों को कमजोर होने से रोका जा सकता है।
  • कैल्शियम और विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थों का उपयोग करें। इनमें दूध, दही एवं हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल हैं। वहीं प्राकृतिक धूप के संपर्क में रहना भी आवश्यक है।
  • धूम्रपान एवं शराब के सेवन से बचें।
  • तनाव भरी जीवनशैली से राहत पाने के लिए नियमित योग एवं ध्यान करें।



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें