रविवार, 28 जुलाई 2024

28 जुलाई 2024 : विश्व हेपेटाइटिस दिवस

विश्व हेपेटाइटिस दिवस
(World Hepatitis Day)

आज का दिन : 28 जुलाई 2024

  • विश्व हेपेटाइटिस दिवस प्रत्येक वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से प्रतिवर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक डॉ. बारुख ब्लंबरबर्ग के जन्मदिवस 28 जुलाई को मनाया जाता है।  डॉ. बारुख ने हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी) की खोज की तथा वायरस के लिए नैदानिक परीक्षण तथा टीका विकसित किया।
  • हेपेटाइटिस लीवर (यकृत) की सूजन है। रोग की स्थिति आत्म-सीमित या दीर्घकालिक हेपेटाइटिस हो सकती है, जो कि लीवर पर निशान (लीवर का सिकुडऩा) या लीवर कैंसर विकसित कर सकती है। हेपेटाइटिस वायरस पांच प्रकार 'हेपेटाइटिस ए वायरस (एचएवी), हेपेटाइटिस बी वायरस (एचबीवी), हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी), हेपेटाइटिस डी वायरस (एचडीवी) और हेपेटाइटिस ई वायरस (एचवीवी)' का होता है। हेपेटाइटिस ई वायरस (एचवीवी) विश्व में हेपेटाइटिस का सबसे सामान्य कारण (प्रकार) है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार प्रतिवर्ष 11 लाख मौतें हेपेटाइटिस बी व सी के इंफेक्शन के कारण होती हैं। जन्म लेने के बाद मात्र 42 प्रतिशत बच्चों के ही हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन लग पाती है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने हेपेटाइटिस को 2030 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए डब्ल्यूएचओ ने सभी देशों से हेपेटाइटिस बी व सी के मामलों को 90 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है।
  • वर्ष 2019 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के लिए फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन को गुडविल एंबेसडर नियुक्त किया था।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन और वर्ल्ड हेपेटाइटिस एलायंस ने 9 से 11 अप्रेल, 2024 तक पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में वर्ल्ड हेपेटाइटिस समिट का आयोजन किया। इस समिट की थीम ‘Integrate Accelerate Eliminate’ रखी गई थी।

हेपेटाइटिस के बारे में जानने योग्य तथ्य

  • नब्बे प्रतिशत से अधिक नए हेपेटाइटिस बी संक्रमण मां-से-बच्चे में संचारित और बाल्यावस्था के दौरान होते है।
  • अन्य उच्च जोखिम वाले समूहों में निम्नलिखित शामिल हैं:- लोग, जो कि इंजेक्शन के माध्यम से मादक पदार्थों का उपभोग करते हैं। पुरूष, जो कि पुरूषों के साथ यौन संबंध रखते हैं; लोग, जो कि टैटू या एक्यूपंक्चर कराते है; लोग, जो कि हेपेटाइटिस बी से पीडि़त भागीदार के साथ रहते है; स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता।
  • वायरल हेपेटाइटिस बी और सी प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियां हैं। छियानवे प्रतिशत मृत्यु दर का कारण वायरल हेपेटाइटिस है।
  • साठ प्रतिशत से अधिक लीवर कैंसर के मामले वायरल हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण के परीक्षण और उपचार में विलंब के कारण होते हैं।
  • वैश्विक स्तर पर वायरल हेपेटाइटिस बी और सी से 325 मिलियन लोग प्रभावित होते हैं, जो कि वर्षभर में 1.4 मिलियन लोगों की मौत का कारण बनता है।
  • अधिकांशत: इंजेक्शन के माध्यम से मादक पदार्थ उपभोग और कुछ देशों में स्वास्थ्य देखभाल सुविधा केंद्रों में असुरक्षित इंजेक्शन के कारण एचसीवी से पीडि़त वयस्कों में संक्रमण जारी रहता है।
  • हेपेटाइटिस की रोकथाम, निदान, उपचार और पूरी तरह से उपचारित किया जा सकता है।
  • हेपेटाइटिस को कैसे रोकें?
  • वायरल हेपेटाइटिस की रोकथाम और उन्मूलन को सहक्रियात्मक बचाव और उपचार हस्तक्षेपों के विभिन्न प्रकार की उचित सेवा विस्तारण के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

प्राथमिक रोकथाम

  • समाज में हेपेटाइटिस के सभी प्रकारों के बारे में जागरूकता प्रसारण रोग के संचारण को कम करने में मदद करता है।
  • एचएवी और एचबीवी की रोकथाम के लिए टीकाकरण उपयोग।
  • रक्त और रक्त उत्पादों के माध्यम से संक्रमण रोकने के लिए सावधानी और स्वैच्छिक अवैतनिक रक्तदान के आधार पर रक्त आपूर्ति को प्रोत्साहन।
  • स्वास्थ्य देखभाल सुविधा केंद्रों में संक्रमण नियंत्रण सावधानियों के साथ-साथ सुरक्षित इंजेक्शन पद्धति।
  • भागीदारों की संख्या में कमी और अवरोध सुरक्षात्मक उपायों (कंडोम) (एचबीवी, एचआईवी और संभवत: एचसीवी संचारण के खिलाफ सुरक्षा) के उपयोग सहित सुरक्षित यौन अभ्यास।
  • इंजेक्शन के माध्यम से मादक पदार्थ उपभोग करने वाले लोगों में एचबीवी, एचसीवी, एचएवी और एचआईवी संचारण रोकने के लिए हानिकारक कटौती पद्धति।
  • स्वास्थ्य देखभाल कार्यकत्र्ताओं के लिए व्यावसायिक सुरक्षा उपाय।
  • हेपेटाइटिस ए और ई को रोकने के लिए साफ़ और सुरक्षित जल आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, गुणवत्तापरक स्वच्छता, हाथ धोना।
  • लीवर संबंधित हानि (जैसे कि अल्कोहल और धूम्रपान) को कम करने के लिए परामर्श।

द्वितीयक रोकथाम:

  • प्रारंभिक निदान और उपचार दूसरों में रोग संचारण और जटिलताएं रोकता है।
  • पुष्टि परीक्षण की शुरुआत तथा रक्त दाताओं की अधिसूचना और परामर्श, जिनके दान किए गए रक्त में परीक्षण के दौरान प्रतिक्रियात्मक परिणाम पाए गए हैं, रक्तदान करने के लिए आने वाले स्पर्शोन्मुख व्यक्तियों को शीघ्र निदान और चिकित्सा सहायता के लिए अद्वितीय अवसर प्रदान करता हैं।
  • राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी): स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने 'विश्व हेपेटाइटिस दिवस' के अवसर पर राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया था। यह सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) 3.3 लक्ष्य प्राप्त करने के लिए भारत में वायरल हेपेटाइटिस की रोकथाम और नियंत्रण के लिए एक एकीकृत पहल है, जिसका लक्ष्य 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस को समाप्त करना है।

*विश्व हेपेटाइटिस दिवस-2024 का विषय/थीम* 

It's time for action

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें