विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले अनुच्छेद/गद्यांश/गद्यावतरण (hindi passage) संबंधी अभ्यास प्रश्न
निम्नांकित गद्यावतरण को पढ़कर नीचे दिये गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
शीलयुक्त व्यवहार मनुष्य की प्रकृति और व्यक्तित्व को उद्घाटित करता है। उत्तम, प्रशंसनीय और पवित्र आचरण ही शील है। शीलयुक्त व्यवहार प्रत्येक व्यक्ति के लिए हितकर है। इससे मनुष्य की ख्याति बढ़ती है। शीलवान व्यक्ति सबका हृदय जीत लेता है। शीलयुक्त व्यवहार से कटुता दूर भागती है। इससे शंका और संदेह की स्थितियाँ कभी उत्पन्न नहीं होतीं। इससे ऐसा सुखद वातावरण सृजित होता है जिसमें सभी प्रसन्नता का अनुभव करते हैं। शीलवान व्यक्ति अपने संपर्क में आने वाले सभी लोगों को सुप्रभावित करता है। शील इतना प्रभुत्वपूर्ण होता है कि किसी कार्य के बिगडऩे की नौबत नहीं आती।
अधिकारी-अधीनस्थ, शिक्षक-शिक्षार्थी, छोटे-बड़ों आदि सभी के लिए शीलयुक्त व्यवहार समान रूप से आवश्यक हैं। शिक्षार्थी में शील का अभाव है तो वह अपने शिक्षक से वांछित शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकता। शीलवान अधिकारी या कर्मचारी में आत्मविश्वास की वृद्धि स्वत: ही होने लगती है और साथ ही साथ उसके व्यक्तित्व में शालीनता आ जाती है। इस अमूल्य गुण की उपस्थिति में अधिकारी वर्ग और अधीनस्थ कर्मचारियों के बीच, शिक्षकगण और विद्यार्थियों के बीच तथा शासक और शासित के बीच मधुर एवं प्रगाढ़ संबंध स्थापित होते हैं और प्रत्येक वर्ग की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। इस गुण के माध्यम से छोटे से छोटा व्यक्ति बड़ों की सहानुभूति अर्जित कर लेता है।
शील कोई दुर्लभ और दैवीय गुण नहीं है। इस गुण को अर्जित किया जा सकता है। पारिवारिक संस्कार इस गुण को विकसित और विस्तारित करने में बड़ी भूमिका अदा करते हैं। मूल भूमिका तो व्यक्ति स्वयं अदा करता है। चिंतन, मनन, सत्संगति, स्वाध्याय और सतत अभ्यास से इस गुण की सुरक्षा और इसका विकास होता है। सुसंस्कृत मनुष्य के चरित्र का यह शील अभिन्न अंग है। यह गुण मनुष्य को सच्चे अर्थों में मानव बनाता है। इस अमूल्य गुण को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाना प्रत्येक मनुष्य का परम कर्तव्य है। इससे मनुष्य की गरिमा बढ़ती है और उसके व्यक्तित्व में चार चांद लग जाते हैं।
प्रश्न 1. शील गुण के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों में-
(अ) स्नेह घटने लगता है
(ब) परस्पर संदेह बढ़ता है
(स) कटुता एवं वैमनस्य स्थापित होता है
(द) मधुर एवं प्रगाढ़ संबंध स्थापित होता है
प्रश्न 2. शील गुण किस प्रकार अर्जित किया जा सकता है?
(अ) स्वयं के चिंतन, मनन, सत्संगति एवं सतत अभ्यास से
(ब) मित्रों के साथ समय बिताने से
(स) ख्याली पुलाव पकाने से
(द) प्रतदिनि नियमित व्यायाम से
प्रश्न 3. शील युक्त व्यवहार प्रत्येक व्यक्ति के लिए हितकर है क्योंकि इससे
(अ) पुण्य प्राप्त होता है
(ब) दीर्घ आयु प्राप्त होती है
(स) कटुता दूर होती है
(द) बहुत अधिक सम्पत्ति मिलती है
प्रश्न 4. शीलवान व्यक्ति अपने संपर्क में आने वाले लोगों को कैसे प्रभावित करता है?
(अ) सबको गर्मजोशी से स्वागत द्वारा प्रभावित करता है
(ब) सुखद वातावरण के सृजन द्वारा प्रभावित करता है
(स) साधन सुलभ कराने के द्वारा प्रभावित करता है
(द) लोगों को नि:स्वार्थ सेवा द्वारा प्रभावित करता है
उत्तर - 1. (द), 2. (अ), 3. (स), 4. (ब)
हिंदी अनुच्छेद/गद्यांश/गद्यावतरण (passage in hindi) संबंधी यह पैराग्राफ यूपीपीसीएस की ओर से आयोजित परीक्षा में पूछा गया।
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