रविवार, 27 नवंबर 2022

हिन्दी भाषा - अनुच्छेद प्रश्न व उत्तर-19

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले अनुच्छेद/गद्यांश/गद्यावतरण (hindi passage) संबंधी अभ्यास प्रश्न

निम्नांकित गद्यावतरण को पढ़कर नीचे दिये गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रत्येक राष्ट्राभिमानी के हृदय में अपने देश, अपने देश की संस्कृति तथा भाषा के प्रति प्रेम और अभिमान सहज ही होता है। वह अपने राष्ट्र, अपनी जन्मभूमि और राष्ट्रभाषा के लिए प्राणों का उत्सर्ग करने को सदैव तत्पर रहता है। जिस देश के निवासियों के हृदय में यह उत्सर्ग भावना नहीं होती वह राष्ट्र, पराधीन होकर अपनी सुख-शान्ति और समृद्धि सदा के लिए खो बैठता है। देशभक्ति और सार्वजनिक हित के बिना राष्ट्रीय महत्ता का अस्तित्व ही नहीं रह सकता। यह भावना उसे इस बात का प्रयत्न करने को प्रेरित करती है कि वह अन्याय से दुर्बलों की रक्षा कर अनौचित्य का निवारण करे, धर्म पर स्थित रहे और न्याय के लिए लड़े। समाज को हानि पहुँचाकर अनुचित लाभ उठाना एकदम अस्वीकार कर दे, अपने समाज के प्रति कत्र्तव्य से मुख मोड़कर उसे धोखा न दे।

प्रश्न 1. गद्यांश का सही शीर्षक है-
(अ) राष्ट्र की सुख-शान्ति
(ब) राष्ट्र के प्रति कत्र्तव्य
(स) राष्ट्राभिमान
(द) राष्ट्रीय महत्त्व

प्रश्न 2. पराधीन राष्ट्र खो बैठता है-
(अ) अपनी न्याय-चेतना
(ब) अपनी उत्सर्ग भावना
(स) अपनी भाषा
(द) अपनी समृद्धि

प्रश्न 3. गद्यांश में किस शब्द का प्रयोग नहीं है?
(अ) अधर्म
(ब) हानि
(स) उत्सर्ग
(द) भक्ति

प्रश्न 4. प्रत्येक राष्ट्राभिमानी के हृदय में अभिमान होता है-
(अ) देश की सुख-शान्ति के लिए।
(ब) देश की महत्ता के लिए।
(स) देश की भाषा के लिए।
(द) देश की समृद्धि के लिए।

प्रश्न 5. देशभक्ति प्रेरित करती है-
(अ) अनुचित लाभ हेतु लडऩे के लिए।
(ब) पराधीनता के लिए युद्ध करने हेतु।
(स) अन्याय हेतु लड़ने के लिए
(द) अनौचित्य का निवारण करने के लिए।

उत्तर - 1. (स), 2. (द), 3. (अ), 4. (स), 5. (द)

हिंदी अनुच्छेद/गद्यांश/गद्यावतरण (passage in hindi) संबंधी यह पैराग्राफ यूपीपीसीएस की ओर से आयोजित परीक्षा में पूछा गया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें