रविवार, 26 फ़रवरी 2023

हिन्दी भाषा - अनुच्छेद प्रश्न व उत्तर-21

विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले अनुच्छेद/गद्यांश/गद्यावतरण (hindi passage) संबंधी अभ्यास प्रश्न

निम्नांकित गद्यावतरण को पढ़कर नीचे दिये गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
कुछ महापुरुष तटस्थ होकर चिंतन करते हैं और अन्वीक्षण, चिंतन, मनन, विश्लेषण, संश्लेषण आदि के आधार पर नई व्यवस्था की कल्पना करते हैं तथा नए मूल्यों, नए आदर्शों तथा नई आस्थाओं का सृजन करते हैं। नई व्यवस्था देने वाले ऐसे तटस्थ चिंतक धन्य होते हैं क्योंकि केवल आलोना करते रहना तो सरल है किन्तु उपाय बताना कठिन है। माक्र्स ने कुछ उपाय बताए और लेनिन ने उन्हें मूर्त रूप दिया। रूसो, लास्की आदि ने भी उपाय बताए, उन्हें साकार करना अन्य जन पर निर्भर रहा। किन्तु कुछ महापुरुष और भी आगे बढ़ गए। उन्होंने केवल उपाय नहीं बताया बल्कि स्वयं एकनिष्ठा से उस पर आचरण करने के लिए जुट गए। महात्मा गाँधी ने जो समझा वही कहा और जो कहा वही किया। उनके विचार, कथनी और करनी एक ही थे। उनमें अपनी बात कहने और आचरण करने का साहस था। उनका जीवन अपने सुझाए हुए उपायों एवं आदर्शों के आधार पर विहित प्रयोगों और अनुभवों की सजीव शृंखला है। महात्मा गाँधी काल के प्रवाह के साथ नहीं बहे। वे युग प्रवर्तक हो गए। गाँधी महान् और अलौकिक पुरुष थे।

प्रश्न 1. उक्त गद्यांश का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?
(अ) मार्क्सवाद
(ब) आदर्शवाद
(स) कर्मवाद
(द) समाजवाद

प्रश्न 2. इस गद्यांश में लेखक के मुख्य रूप से क्या वर्णित किया है?
(अ) मात्र महात्मा गाँधी के चरित्र की विशिष्टता का कारण बताया है।
(ब) महात्मा गाँधी के सत्याग्रह आंदोलन का महत्व मात्र समझाया है।
(स) कुछ महापुरुषों का चरित्र-चित्रण किया है।
(द) मार्क्स के सिद्धान्तों की व्याख्या की है।

प्रश्न 3. इस गद्यांश में लेखक ने यूरोप के कुछ महापुरुषों के विषय में क्या कहा है?
(अ) उन्होंने कुछ नए आदर्श स्थापित किए।
(ब) उन्होंने उपाय तो बताए पर उनका कार्यान्वयन दूसरों पर छोड़ दिया।
(स) ये यथार्थवादी थे।
(द) उन्होंने नए मूल्यों की स्थापना की।

प्रश्न 4. इस गद्यांश में लेखक ने महात्मा गाँधी के विषय में क्या कहा?
(अ) उनकी कथी और करनी में अंतर था।
(ब) वे केवल आदर्शवादी थे।
(स) वे केवल सिद्धांतवादी थे।
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

प्रश्न 5. 'तटस्थ चिंतन' से क्या अभिप्राय है?
(अ) निष्पक्ष होकर सोच-विचार करना।
(ब) गंभीर चिंतन करना।
(स) एकांत में बैठकर सोचना।
(द) स्वांत: सुखाय ऊहापोह करना।

उत्तर - 1. (स), 2. (अ), 3. (ब), 4. (द), 5. (अ)


हिंदी अनुच्छेद/गद्यांश/गद्यावतरण (passage in hindi) संबंधी यह पैराग्राफ यूपीपीसीएस की ओर से आयोजित परीक्षा में पूछा गया।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें