राष्ट्रीय हथकरघा दिवस
(National Handloom Day)
आज का दिन : 7 अगस्त, 2026
- प्रतिवर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है।
- प्रथम राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उद्घाटन 7 अगस्त 2015 को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था।
- 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर 7 अगस्त, 2026 को राष्ट्र स्तरीय समारोह नई दिल्ली के राष्ट्रीय भवन सांस्कृतिक केन्द्र (आरबीसीसी) में आयोजित किया जाएगा। मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी। कार्यक्रम के दौरान हथकरघा क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पांच संत कबीर पुरस्कार और राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर भारत की समृद्ध और विविध हथकरघा बुनाई परंपराओं का उत्सव मनाने वाले चार स्मारक डाक टिकट भी जारी किए जाएंगे।
- साथ ही समारोह के दौरान दो प्रकाशनों— अर्थ. रूट. थ्रेड आल डायड हैंडलूम टैक्सटाइल्स ऑफ सेंट्रल इंडियाव और हथकरघा पुरस्कार पुस्तक 2025 —का भी विमोचन किया जाएगा।
- 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, देश भर में सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। राज्य सरकारें, विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय के तहत बुनकर सेवा केंद्र, शीर्ष हथकरघा निकाय, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान और भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान, राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम, राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय आदि सहित शिक्षा संस्थान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं।
- राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाने की प्रेरणा 7 अगस्त, 1905 को शुरू किए गए स्वदेशी आंदोलन से मिली है। इस आंदोलन का उद्देश्य स्वदेशी उद्योगों और विषेश रूप से हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित करना था।
- हथकरघा देश की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और देश के ग्रामीण और अर्ध-ग्रामीण हिस्सों में आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इस क्षेत्र में अधिकतम संख्या महिला श्रमिकों की है।
- इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हथकरघा-बुनाई समुदाय के देश में सामाजिक व आर्थिक विकास में योगदान पर प्रकाश डालना हैं।

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