बुधवार, 30 दिसंबर 2015

51वें ज्ञानपीठ पुरस्कार की घोषणा

ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय साहित्य जगत के सर्वोच्च साहित्य पुरस्कारों में शामिल है। टाइम्स ऑफ इंडिया समूह द्वारा संचालित भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की ओर से प्रदान किए जाने वाले इस पुरस्कार की स्थापना 1961 में की गई। इसके प्रथम विजेता मलयालम भाषा के लेखक जी. शंकर कुरुप (1965) थे। वहीं वर्ष 2015 (51वां ज्ञानपीठ पुरस्कार) के लिए यह पुरस्कार गुजराती लेखक रघुवीर चौधरी को प्रदान किया गया है। वर्तमान में इसके विजेता को 11 लाख रुपए, प्रशस्ति पत्र, वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा और शॉल प्रदान किया जाता है। शुरुआत में इसकी धनराशि एक लाख रुपए थी। पूर्व में यह पुरस्कार लेखक-साहित्यकार की एकल कृति के लिए प्रदान किया जाता था। बाद में भारतीय साहित्य में संपूर्ण योगदान (लाइफ टाइम अचीवमेंट) के लिए भी प्रदान किया जाने लगा। हिन्दी भाषा के लेखकों ने इस पुरस्कार को सर्वाधिक 10 बार जीता है। वहीं कन्नड़ भाषा के साहित्यकारों ने इसे 8 बार प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की स्थापना सन् 1961 में की गई थी, लेकिन प्रथम पुरस्कार वर्ष 1965 में प्रदान किया गया। ट्रस्ट के गठन के बाद साहित्य मनीषियों ने इस पुरस्कार के स्वरूप का निर्धारण करने के लिए कई गोष्ठियां की, तब जाकर वर्ष 1965 में पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार का निर्णय लिया गया।



51वें ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता रघुवीर चौधरी

गुजराती के प्रसिद्ध साहित्यकार रघुवीर चौधरी को वर्ष 2015 का ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। उनका जन्म 1938 में हुआ। चौधरी गुजराती भाषा के चौथे लेखक हैं जिन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनसे पूर्व उमाशंकर जोशी, पन्ना लाल पटेल और राजेंद्र शाह को यह सम्मान मिल चुका है। उपन्यास, कविता और नाटक जैसी साहित्यिक विधाओं में महत्वपूर्ण लेखन करने वाले चौधरी की प्रसिद्ध रचनाओं में अमृता, सहवास, अंतर्वास, पूर्वरंग, वेणु वात्सल, तमाशा, त्रिलोगी उपर्वास, सोमतीर्थ और वृक्ष पतनमा आदि प्रमुख हैं। उन्होंने 80 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना 'रूद्र महालय' है, जिसे गुजराती साहित्य की अमूल्य निधि माना जाता है।
पुरस्कार के लिए रघुवीर चौधरी के नाम का चयन ज्ञानपीठ चयन बोर्ड की बैठक में हुआ। इसके अध्यक्ष प्रख्यात साहित्यकार डॉ. नामवर सिंह, सदस्य प्रो. शमीम हनीफ, हरीश त्रिवेदी, प्रोफेसर सुरंजन दास, रमाकांत रथ, चंद्रकांत पाटिल, प्रो. आलोक राय, दिनेश मिश्र और लीलाधर मंडलोई थे।

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार


नामवर्षभाषा
1जी. शंकर कुरुप1965मलयालम
2ताराशंकर बंद्योपाध्याय1966बांग्ला
3डॉ. के.वी.पुतप्पा1967कन्नड़
उमाशंकर जोशी1967गुजराती
4.सुमित्रानंदन पंत1968हिन्दी
5.फिराक गोरखपुरी1969उर्दू
6.विश्वनाथ सत्यनारायण1970तेलुगू
7.विष्णु डे1971बंगाली
8.रामधारीसिंह दिनकर1972हिन्दी
9.दत्तात्रेय रामचंद्र बेन्द्रे1973कन्नड़
गोपीनाथ मोहंती1973उडिय़ा
10.विष्णु सखाराम खाण्डेकर1974मराठी
11.पी.वी.अकिलंदम1975तमिल
12.आशापूर्णा देवी1976बांग्ला
13.के.शिवराम कारंत1977कन्नड़
14.स.ही.वात्सायन 'अज्ञेय'1978हिन्दी
15.वीरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य1979असमी
16.एस.के.पोटाकट1980मलयालम
17.अमृता प्रीतम1981पंजाबी
18.महादेवी वर्मा1982हिन्दी
19.मास्ती वेंकटेश आयंगर1983कन्नड़
20.थाकाझी शिवशंकर पिल्लई1984मलयालम
21.पन्नालाल पटेल1985गुजराती
22.सच्चिदानंद राउत राय1986उडिय़ा
23.विष्णुवामन शिरवाडकर1987मराठी
24.डॉ. सी. नारायण रेड्डी1988तेलुगू
25.कर्तुल एन. हैदर1989उर्दू
26.वी.के. गोकाक1990कन्नड़
27.सुभाष मुखोपाध्याय1991बांग्ला
28.नरेश मेहता1992हिन्दी
29.सीताकांत महापात्र1993उडिय़ा
30.यू.आर.अनंतमूर्ति1994कन्नड़
31.एम.टी. वासुदेवन अय्यर1995मलयालम
32.महाश्वेता देवी1996बांग्ला
33.अली सरदार जाफरी1997उर्दू
34.गिरीश कर्नाड1998कन्नड़
35.निर्मल वर्मा1999हिन्दी
गुरुदयाल सिंह1999पंजाबी
36.इंदिरा गोस्वामी2000असमी
37.राजेन्द्र केशवलाल शाह2001गुजराती
38.डी. जयकांतन2002तमिल
39.विन्दा करांदीकर2003मराठी
40.रहमान राही2004कश्मीरी
41.कवि कुंवर नारायण2005हिंदी
42.रवीन्द्र केलकर2006कोंकणी
सत्यव्रत शास्त्री2006संस्कृत
43.ओ. एन. वी. कुरुप2007मलयालम
44.अखलाक मोहम्मद खान 'शहरयार'2008उर्दू
45.अमरकांत व श्रीलाल शुक्ल2009हिंदी
46.चन्द्रशेखर कंबर2010कन्नड़
47.डॉ. प्रतिभा राय2011उडिय़ा
48.डॉ. रावुरी भारद्वाज2012तेलुगू
49.केदारनाथ सिंह2013हिंदी
50.भालचन्द्र नेमाड़े2014मराठी
51.रघुवीर चौधरी2015गुजराती

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