घटना दिनांक : 26 जनवरी, 2019
- राष्ट्रीय रामनाथ कोविंद ने 26 जनवरी को नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित 70वें गणतंत्र दिवस समारोह में लांस नायक नजीर अहमद वानी शांति काल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार (मरणोपरांत) अशोक चक्र से सम्मानित किया। पुरस्कार को नजीर अहमद वानी की पत्नी महजबीन और उनकी मां राजा बानो ने प्राप्त किया ।
- नजीर वानी आतंकवाद का रास्ता छोड़कर 2004 में सेना में भर्ती हुए। उनके लिए उनकी बटालियन 162/टीए जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेंट्री पहली प्राथमिकता थी। वे अपने आस-पास के लोगों को लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए थे।
- 25 नवम्बर 2018 को शोपियां के हीरापुर गांव में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में नजीर वानी को कई गोलियां लगी। एक गोली उनके सिर में भी लगी। शहीद होने से पहले वानी ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सहित एक विदेशी आतंकवादी को ढेर कर दिया।
- नजीर वानी के परिवार में उनकी पत्नी महजबीन के अलावा दो बेटे हैं। नजीर वानी को दो बार 2007 और 2018 में सेना मेडल से सम्मानित किया गया था।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें