आज का दिन : नवंबर का चौथा रविवार
एनसीसी गीत के बोल
हम सब भारतीय हैं, हम सब भारतीय हैं।
अपनी मंजिल एक है, हा हा हा एक है, हो हो हो एक है।
हम सब भारतीय हैं।
कश्मीर की धरती रानी है, सरताज हिमालय है,
सदियों से हमने इस को अपने खून से पाला है।
देश की रक्षा की खातिर हम शमशीर उठा लेंगे,
हम शमशीर उठा लेंगे।
बिखरे-बिखरे तारे हैं हम, लेकिन झिलमिल एक है,
हा हा हा एक है, हो हो हो एक है,
हम सब भारतीय है।
मंदिर, गुरूद्वारे भी हैं यहाँ, और मस्जिद भी है यहाँ,
गिरिजा का है घडिय़ाल कहीं मुल्ला की कहीं है अजां
एक ही अपना राम हैं, एक ही अल्लाह ताला है,
एक ही अल्लाह ताला हैं।
रंग बिरंगे दीपक हैं हम, लेकिन जगमग एक है,
हा हा हा एक है, हो हो हो एक है।
हम सब भारतीय हैं, हम सब भारतीय हैं।
राष्ट्रीय कैडेट कोर दिवस
National Cadet Corps Day
- राष्ट्रीय कैडेट कोर दिवस यानी एनसीसी डे प्रतिवर्ष नवंबर माह के चौथे रविवार को मनाया जाता है। वर्ष 2019 में यह दिन 24 नवंबर के दिन आया है।
- एनसीसी यानी राष्ट्रीय कैडेट कोर एक भारतीय सैन्य कैडेट कोर है। स्कूल और कॉलेज के छात्र इसमें स्वेच्छा से भाग लेते हैं।
- पं. एच.एन. कुंजरू की अध्यक्षता में गठित कैडेट कोर समिति ने एनसीसी की स्थापना की सिफारिश की थी। 'राष्ट्रीय कैडेट कोर' 16 जुलाई, 1948 को 'रक्षा मंत्रालय' के अंतर्गत 1948 में एन.सी.सी. XXXI एक्ट के तहत अस्तित्व में आया।
- रक्षा मंत्रालय ने एनसीसी के गठन से पूर्व ही राष्ट्रीय कैडेट कोर के पहले निदेशक के रूप में कर्नल गोपाल गुरुनाथ बेवूर को निदेशक बनाया। 31 मार्च, 1948 को कर्नल गोपाल ने पदभार संभाला।
- वर्तमान यानी सन् 2019 में एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौपड़ा हैं।
- स्थापना के समय यानी वर्ष 1948 में मात्र 20,000 कैडेट ही राष्ट्रीय कैडेट कोर में सम्मिलित हुए थे। वर्तमान में इसमें लगभग 13 लाख से अधिक कैडेट हैं।
- राष्ट्रीय कैडेट कोर का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं में चरित्र, भाई-चारा, अनुशासन, नेतृत्व, धर्म-निरपेक्ष दृष्टिकोण, साहसिक भावना और नि:स्वार्थ सेवा के आदर्श विकसित करना है। इसके अलावा देश के लिए संगठित, प्रशिक्षित और प्रेरित युवा मानव संसाधन तैयार करना भी एनसीसी का उद्देश्य है।
- एनसीसी में तीन तरह के प्रमाण पत्र (ए, बी व सी) प्रदान किए जाते हैं। इनमें से बी या सी सर्टिफिकेट प्राप्त कैडेट्स को सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन या अन्य जगह विशेष छूट प्राप्त होती है।
- केन्द्रीय सलाहकार समिति की 12 अक्टूबर, 1980 को हुई 12वीं बैठक में एनसीसी के आदर्श वाक्य 'एकता और अनुशासन' को मंजूरी दी गई थी।
प्रतिज्ञा
- एनसीसी के कैडेट्स को यह प्रतिज्ञा दिलाई जाती है-"हम राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट, पूर्ण सत्यभाव से यह प्रतिज्ञा करते हैं, कि हम हमेशा भारत की एकता को कायम रखेंगे। हम अपने देश के अनुशासित व उत्तरदायी नागरिक बनने का संकल्प करते हैं। हम अपने साथीयों के हित में तथा निस्वार्थ भाव से सकारात्मक सामुदायिक विकास की प्रतिज्ञा करते हैं।"
एनसीसी ध्वज
- एनसीसी के वर्तमान ध्वज को 1954 में चुना गया। ध्वज में तीनों रंग इसके अलग-अलग कोर की तीनों सेवाओं को इंगित करते हैं। जैसे- लाल रंग सेना के लिए, गहरा नीला रंग नौसेना के लिए और हल्का नीला रंग वायु सेना को दर्शाता है। ध्वज के मध्य में कमल वल्ली से आवृत्त एनसीसी अक्षर और स्वर्णिम एनसीसी क्रेस्ट है जो ध्वज को एक रंगीन स्वरुप और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।
एनसीसी का गीत
- एनसीसी का आधिकारिक गान 'कदम मिला के चल' को 1963 में स्वीकृति मिली और रक्षा मंत्रालय के अनुमोदन के साथ 1969 में इसका पंजीकरण किया गया। लेकिन 1974 से इस गीत को बदलने के लिए विभिन्न प्रयोग शुरू हुए और अंत में वर्तमान गीत तय हो गया। यह गीत इस प्रकार है-
एनसीसी गीत के बोल
हम सब भारतीय हैं, हम सब भारतीय हैं।
अपनी मंजिल एक है, हा हा हा एक है, हो हो हो एक है।
हम सब भारतीय हैं।
कश्मीर की धरती रानी है, सरताज हिमालय है,
सदियों से हमने इस को अपने खून से पाला है।
देश की रक्षा की खातिर हम शमशीर उठा लेंगे,
हम शमशीर उठा लेंगे।
बिखरे-बिखरे तारे हैं हम, लेकिन झिलमिल एक है,
हा हा हा एक है, हो हो हो एक है,
हम सब भारतीय है।
मंदिर, गुरूद्वारे भी हैं यहाँ, और मस्जिद भी है यहाँ,
गिरिजा का है घडिय़ाल कहीं मुल्ला की कहीं है अजां
एक ही अपना राम हैं, एक ही अल्लाह ताला है,
एक ही अल्लाह ताला हैं।
रंग बिरंगे दीपक हैं हम, लेकिन जगमग एक है,
हा हा हा एक है, हो हो हो एक है।
हम सब भारतीय हैं, हम सब भारतीय हैं।
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