अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
(International Mother Language Day)
आज का दिन : 21 फरवरी 2021
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| International Mother Language Day 2021 theme |
- प्रतिवर्ष 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है।
- अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को मनाने का उद्देश्य संसार में उपलब्ध भाषाओं-बोलियों और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना है।
- 17 नवंबर, 1999 को यूनेस्को ने अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस को मनाने की स्वीकृति दी थी। इसके बाद वर्ष 2000 से प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र ने सन् 2022-2032 तक के दशक को 'स्वदेशी भाषाओं का दशक' घोषित किया है।
- संयुक्त राष्ट्र ने बांग्लादेश की पहल पर अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने की घोषणा की थी। बांग्लादेश ने 21 फरवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया हुआ है।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार दुनिया में बोली जाने वाली अनुमानित 6000 भाषाओं में से कम से कम 43 प्रतिशत लुप्तप्राय हैं।
- वर्ष 2020 में जहां दुनिया कोविड-19 महामारी से संघर्ष करती रही, वहीं 2021 में भी यह संकट कम नहीं हुआ है। इसलिए संयुक्त राष्ट्र ने सभी से आह्वान किया है कि वे बहुभाषी शिक्षा की प्रतिबद्धता पूरी करें। ये सन् 2022-2032 तक मनाए जाने वाले 'स्वदेशी भाषाओं का दशक' के लक्ष्य प्राप्त करने में सहायक होगा।
- संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने सन् 2008 को अन्तर्राष्ट्रीय भाषा वर्ष घोषित किया था।
- संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2019 को 'अंतरराष्ट्रीय स्वदेशी भाषाओं का वर्ष' घोषित किया था। इसका प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 19 दिसंबर 2016 को अपनाए गया।
- दुनिया की आधी से अधिक आबादी केवल 23 भाषाओं में संवाद करती है।
- यूनेस्को के अनुसार, पिछली सदी में लगभग 600 भाषाएं गायब हो गई हैं, और वे हर दो सप्ताह में एक भाषा की दर से गायब होती रहती हैं। यदि वर्तमान रुझान जारी रहा तो इस सदी के अंत से पहले दुनिया की 90 प्रतिशत भाषाओं के गायब होने की संभावना है।
भारत में भाषाएं
- भारत में अनेक भाषाएं बोली जाती हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में बोली जाने वाली भाषाओं की संख्या 1652 है।
- संविधान सभा द्वारा संविधान की आठवीं अनुसूची के तहत 14 भाषाओं को प्रादेशिक भाषा की मान्यता दी गई थी।
- वर्तमान में संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की संख्या 22 है।
- संविधान के अनुच्छेद 350-क के तहत प्रत्येक राज्य प्राथमिक स्तर पर बालकों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा की पर्याप्त सुविधाओं की व्यवस्था करने का प्रयास करेगा।
*अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस-2021 का विषय/थीम*
Fostering multilingualism for inclusion in education and society

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