अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस
(International Olympic Day)
आज का दिन : 23 जून 2024
- प्रतिवर्ष 23 जून को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाया जाता है।
- पहली बार अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस 23 जून, 1948 को मनाया गया। इसी दिन 23 जून 1894 को पियरे द कुबर्तिन ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समीति (आईओसी) की स्थापना की थी। 1948 में आईओसी ने 23 जून स्थापना दिवस को ही अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के रूप में मनाना शुरू किया।
- ओलंपिक दिवस मनाने का उद्देश्य खेलों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। साथ ही इन खेलों में अधिक से अधिक खिलाड़ी भाग लें, यह भी प्रयास करना है।
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2024 के ओलंपिक दिवस पर लेट्स मूव एंड सेलेब्रेट थीम पर लोगों को खेल के मनोरंजन में शामिल होने और इस प्रतिष्ठित एथलीट उत्सव को मनाने के लिए आमंत्रित किया है।
- प्रतिवर्ष 23 जून को ओलंपिक दिवस दौड़ का आयोजन किया जाता है। यह दौड़ 1987 से लगातार आयोजित हो रही है। ओलंपिक समिति के सभी सदस्य देशों में इस दौड़ का आयोजन किया जाता है।
ओलंपिक के बारे में तथ्यात्मक जानकारी
- माना जाता है कि प्राचीन ओलंपिक खेलों की शुरुआत करीब 2,777 साल पहले ग्रीस में जीयस के पुत्र हेराकल्स ने की थी।
- प्रथम आधुनिक ओलंपिक खेल 6 से 15 अप्रेल, 1896 में एथेंस में हुए।
- अंतराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लुसाने शहर में है।
- आईओसी का अध्यक्ष 8 वर्ष के लिए चुना जाता है। इसके पहले अध्यक्ष यूनान यानी ग्रीस के डेमेट्रियस विकेलस थे। वर्तमान यानी 2024 में इसके अध्यक्ष जर्मनी के थॉमस बाक हैं। बाक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के 9वें अध्यक्ष हैं। सन् 2013 में इनको आठ वर्ष के लिए चुना गया था, लेकिन वर्ष 2020 में होने वाले टोकियो ओलंपिक का आयोजन वर्ष 2021 में होने के कारण इनका कार्यकाल 4 साल बढ़ाकर 2025 तक कर दिया गया है।
- अब तक तीन बार ओलंपिक खेलों का आयोजन नहीं हो पाया। दोनों विश्व युद्धों के दौरान 1916, 1940 और 1944 के ओलंपिक आयोजित नहीं हो पाए थे। कोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 में होने वाले ओलंपिक खेलों का आयोजन भी आगे खिसकाकर 23 जुलाई से 8 अगस्त 2021 तक किया गया।
- वर्ष 2021 में हुए टोक्यो ओलंपिक-2020 में भारत ने कुल सात पदक जीते। जिसमें एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक है। ओलंपिक में भारत की ओर से स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज चोपड़ा दूसरे खिलाड़ी और पहले एथलीट हैं। इससे पहले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
- ओलंपिक चिह्न में रिंग यानी छल्लों के रंग नीला, पीला, काला, हरा और लाल है। यह छल्ले इस प्रकार बने होते हैं कि ‘W’ का आकार बनाते है। महाद्वीपों के अनुसार इनका रंग इस प्रकार है-1. लाल रंग-अमेरिका, 2. हरा रंग-ऑस्ट्रेलिया, 3. पीला रंग-एशिया, 4. नीला रंग-यूरोप और 5. काला रंग-अफ्रीका।
- पहली बार ओलंपिक ध्वज 1920 में बेल्जियम के एंटवर्प में आयोजित ओलंपिक खेलों में फहराया गया। इसका मॉडल पियरे द कुबर्तिन ने 1914 में बनाया था।
- ओलंपिक खेलों के आयोजन की शुरुआत मशाल जलाकर की जाती है, जो खेलों के दौरान लगातार जलती रहती है। 1936 में आयोजित बर्लिन ओलंपिक में मशाल जलाने की प्रथा को पुनर्जीवित किया गया था।
- यूनान के संगीतकारों स्पिरॉस सामारॉस और कोस्तिम फालामॉस ने 10वीं शताब्दी में ओलंपिक गान की रचना की।
- 1924 के पेरिस ओलंपिक खेलों में ओलंपिक गांव की अवधारणा शुरू हुई। इसके तहत ओलंपिक खेलों के दौरान खिलाडिय़ों के लिए अलग से ओलंपिक गांव का निर्माण किया जाता है।
- 32वें ओलंपिक खेलों का आयोजन जापान की राजधानी टोकियो में किया गया। पहले इनका आयोजन वर्ष 2020 में किया जा रहा था, लेकिन कोविड-19 यानी कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दिया गया। बाद में इनका आयोजन 23 जुलाई से 8 अगस्त, 2021 तक किया गया। इन खेलों के शुभंकर यानी मैस्कट हैं- 'मिराइतोवा' और 'सोमाइटी'।
- 33वें ओलंपिक खेल 26 जुलाई से 11 अगस्त, 2024 तक फ्रांस के पेरिस में आयोजित किए जाएंगे। पेरिस ओलंपिक-2024 के शुभंकर का नाम 'ओलंपिक फ्रीज' है। यह एक प्रकार की लाल टोपी है। फ्रिजीयन कैप फ्रांसीसी क्रांति के दौर में स्वतंत्रता की परिचायक बनी थी।
ओलंपिक में भारत का सफर
- सन् 1900 में पहली बार भारत की ओर से एकमात्र एथलीट नॉर्मन प्रिचर्ड ने भाग लिया। जिन्होंने एथलेटिक्स में दो सिल्वर जीते।
- आधिकारिक रूप से भारत ने 1920 में एंटवर्प (बेल्जियम) ओलंपिक खेलों में भाग लिया। इन ओलंपिक खेलों में भारत के मात्र पांच एथलीट या खिलाडिय़ों ने भाग लिया था। प्रसिद्ध उद्योगपति दोराबजी टाटा को भारतीय ओलंपिक संघ बनाने की पहल करने का श्रेय दिया जाता है। दोराबजी टाटा ने ही बॉम्बे के तत्कालीन गवर्नर जॉर्ज लॉयड से सम्पर्क करके 1920 के ओलंपिक में भारत को खेलने की अनुमति ली। भारतीय एथलीटों का चयन पुणे के डेक्कन जिमखाना में किया, टाटा यहां के अध्यक्ष थे। भारत की ओर से 1920 के एंटवर्प ओलंपिक में पुरमा बनर्जी (100 और 400 मीटर), फडेप्पा चौगुले (10 हजार मीटर और मैराथन), सदाशिव दातार (मैराथन), कुमार नवाले और दिनका राव शिंदे (कुश्ती) ने भाग लिया था। पुरमा बनर्जी ओलंपिक में भारत की पहली ध्वजवाहक बनीं।
- 19020 से अब तक भारत ने मात्र 28 पदक जीते हैं, जिनमें 9 स्वर्ण, 7 रजत और 11 कांस्य पदक शामिल हैं। अब तक सबसे ज्यादा पदक हॉकी में जीते गए हैं।
- भारतीय ओलम्पिक परिषद की स्थापना 1924 ई. में की गयी थी और सर जे.जे टाटा इसके प्रथम अध्यक्ष थे। वर्तमान यानी 2024 में इसकी अध्यक्ष पीटी उषा हैं। उडऩ परी के नाम से विख्यात रहीं पीटी उषा भारतीय ओलंपिक परिषद की पहली महिला अध्यक्ष हैं। इसके अलावा वे पहली ओलंपियन हैं, जो इस पद को संभाल रही हैं।
*अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस-2024 का विषय/थीम*
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