नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस
(International Day of Clean Air for blue skies)
आज का दिन : 7 सितम्बर 2024
- प्रतिवर्ष 7 सितंबर को 'नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' मनाया जाता है। इसे 'अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' भी कहा जाता है।
- 'नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' एक ऐसा दिवस जो सीधा हमारे नियमित स्वास्थ्य से जुड़ा है। अगर वायु ही स्वच्छ नहीं होगी, तो इस धरती पर जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल होगा।
- इंसानी जीवन और सम्पूर्ण पृथ्वी पर स्वच्छ वायु के महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र की ओर से पहली बार 7 सितंबर, 2020 को यह दिवस मनाया गया।
- 'नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' मनाने का प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर, 2019 को पारित किया।
- स्वच्छ वायु का महत्व मात्र हमारे स्वास्थ्य से नहीं जुड़ा है, यह धरती पर जीवन को चलाने, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के लिए भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
- यूएन के संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की ओर से 'नीले आसमान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' मनाया जाता है।
- यूएन का ही 'जलवायु तथा स्वच्छ वायु गठबंधन' भी इसी दिशा में कार्यरत है। भारत भी इस गठबंधन का हिस्सा है।
भारत में वायु प्रदूषण में सुधार के प्रयास
- सितंबर 1974 देश में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का गठन जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के अंतर्गत किया गया था। इसके बाद बोर्ड को केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अन्तर्गत शक्तियां व कार्य सौंपे गए।
- भारत सरकार ने वर्ष 2014 में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुरू किया था। इसके तहत वर्तमान में आठ मानकों पर प्रदूषण के स्तर पर नजर रखी जा रही है। ये हैं-पीएम 2.5, पीएम 10, सल्फर डाइऑक्साइड, ओजोन, कार्बन मोनोऑक्साइड, अमोनिया, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और सीसा।
- इसके अलावा अच्छी गुणवत्ता वाले पेट्रोल व डीजल (बीएस-द्ब1) को अपनाया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
- जनवरी, 2020 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की शुरुआत की थी। इसमें वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वर्ष 2017 को आधार वर्ष माना गया तथा प्रदूषणकारी कणों पीएम 10 (पार्टिकुलेट मैटर) और पीएम 2.5 के अनुपात को 2024 तक 20 से 30 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य रखा गया है। तब इस योजना में 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 102 शहरों की पहचान की गई।
विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट-2024
- मार्च, 2024 में स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी कंपनी 'आइक्यू एयर' ने 'विश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2023' जारी की। यह रिपोर्ट 134 देशों के 7812 शहरों के पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) पर आधारित है। 134 देशों में भारत का स्थान तीसरा रहा। एशिया के तीन देश पहले तीन स्थानों पर है। राजधानी शहरों में नई दिल्ली (भारत) प्रथम स्थान पर रही। रिपोर्ट के अनुसार पहले पांच स्थानों पर रहे देश इस प्रकार हैं-1. बांग्लादेश, 2. पाकिस्तान, 3. भारत, 4. तजाकिस्तान और 5. बुर्किन फासो।
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