शुक्रवार, 2 जून 2023

इसरो ने लॉन्च किया NVS-01 नेविगेशन सैटेलाइट

NVS का पूरा नाम Navigational Satellite

  • 29 मई 2023 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने नाविक सीरीज के पहले सेटेलाइट NVS-01 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
  • इंडियन रीजनल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (IRNSS) का परिचालन नाम NavIC है। नाविक का पूरा नाम Navigation with Indian Constellation है।
  • सात नाविक उपग्रहों में से NVS-01 पहला सेटेलाइट है।
  • NVS-01 भारत के नेक्स्ट जेनरेशन नेविगेशन सेटेलाइट सीरीज का पहला सेटेलाइट है।
  • नाविक भारत और भारतीय मुख्य भूमि के आसपास 1500 किमी तक फैले क्षेत्र में सटीक रीयल टाइम लोकेशन और समय सेवाएं प्रदान कर रहा है। नाविक सेटेलाइट सिस्टम से भारत के पड़ोसी देशों को भी जीपीएस सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
  • एनवीएस-01 के लॉन्च होने के बाद अब जीपीएस सेवाओं के लिए गूगल मैप और एपल मैप पर हमारी निर्भरता कुछ कम होगी।
  • एनवीएस-01 का वजन 2,232 किलोग्राम है। तारामंडल के वर्तमान के उपग्रहों में यह सबसे वजनी सेटेलाइट है।
  • श्रीहरिकोटा से रवाना हुए प्रक्षेपण यान GSLV-F12 ने NVS-01 को सफलतापूर्वक इसकी कक्षा में स्थापित कर दिया है।

एनवीएस-01 सेटेलाइट की विशेषताएं

  • एनवीएस-01 में भारत में ही विकसित रुबिडियम परमाणु घड़ी लगाई गई है। यह परमाणु घड़ी स्पेस एप्लिकेशन सेंटर अहमदाबाद में तैयार की गई महत्वपूर्ण तकनीक है।
  • L1 सिग्नल : ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस में सर्वाधिक उपयोग की जाने वाली फ्रीक्वेंसी है। एनवीएस-01 द्वारा इस फ्रीक्वेंसी पर सिग्नल भेजे जाएंगे जो चेतावनी देने वाले उपकरणों के लिए भी बहुत उपयोगी होंगे।
  • एनवीएस-01 सेटेलाइट में 2.4 केवी का पावर जनरेट करने की क्षमता वाली लिथियम-ऑयन बैटरी लगाई गई है।

नाविक का उपयोग

  • जल-थल-नभ में नेविगेशन यानी जीपीएस के रूप में
  • आपातकालीन सेवाओं में
  • मोबाइल उपकरणों में स्थान-आधारित सेवाओं में
  • सटीक कृषि जियोडेटिक सर्वे में
  • समुद्री मत्स्य पालन में
  • उपग्रहों के लिए कक्षा निर्धारण में
  • वित्तीय संस्थानों, पावर ग्रिड व अन्य महत्वपूर्ण सरकारी एजेंसियों के लिए इंटरनेट समय सेवाओं के रूप में
  • देश की सामरिक जरूरतों में

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