पर्यटन मंत्रालय के 'धरोहर गोद लें योजना' के अंतर्गत 7 कंपनियों का चयन किया गया है। ये कंपनियां 14 स्मारकों को गोद लेंगी। गत 26 अक्टूबर, 2017 को इन कंपनियों को 'आशय पत्र' सौंपे गए। ये कंपनियां 'स्मारक मित्र' कहलाएंगी।
कंपनियां और उनके द्वारा गोद लिए गए स्मारक निम्न प्रकार हैं-
एसबीआई फाउंडेशन : जंतर-मंतर (दिल्ली)
टी के इंटरनेशनल लिमिटेड : सूर्य मंदिर (कोणार्क-ओडिशा), राजा रानी मंदिर (भुवनेश्वर-ओडिशा), रत्नागिरी स्मारक (ओडिशा)
यात्रा ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड: हम्पी (कर्नाटक), लेह पैलेस (जम्मू-कश्मीर), कुतुबमीनार (दिल्ली), अजंता गुफा (औरंगाबाद-महाराष्ट्र)
ट्रेवल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड : मत्तानचेरी पैलेस संग्रहालय (कोच्चि-केरल), सफदरजंग मकबरा (दिल्ली)
एडवेन्चर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन ऑफ इंडिया : गंगोत्री मंदिर क्षेत्र और गोमुख तक के मार्ग (उत्तराखंड), माउंट स्टोककांगरी (लद्दाख-जम्मू कश्मीर)
स्पेशल होलीडेज ट्रेवल प्राइवेट लिमिटेड व दिल्ली रोटरी क्लब : अग्रसेन की बावड़ी (दिल्ली)
एनबीसीसी : दिल्ली के पुराने किले
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ने विश्व पर्यटन दिवस अर्थात् 27 सितम्बर, 2017 को पर्यटन मंत्रालय की 'एक धरोहर गोद ले योजना' का शुभारंभ किया था। शुरुआती चरण में 57 प्रस्ताव मिले जिनमें से उपरोक्त 7 प्रस्तावों को मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान की है। यह योजना संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सहयोग से पर्यटन मंत्रालय का असाधारण प्रयास है। इसके जरिये देशभर के स्मारकों, धरोहरों और पर्यटन स्थलों को विकसित कर पर्यटक अनुकूल बनाने के लिए योजनाबद्ध और चरणबद्ध तरीके से पर्यटन संभावना तथा सांस्कृतिक महत्व को बढ़ाना है।
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