सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर प्रबंध समिति के प्रस्तावों को मंजूरी दी
बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक उज्जैन (मध्य प्रदेश) स्थित महाकाल का अभिषेक अब आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) वाटर से होगा। ऐसा शिवलिंग के संरक्षण के लिए किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 27 अक्टूबर, 2017 को इस संबंध में महाकाल शिवलिंग के संरक्षण के लिए पूजा-अर्चना के नए दिशा-निर्देशों वाले मंदिर प्रबंध समिति के प्रस्तावों को मंजूरी दी। अब शिवलिंग पर चीनी पाउडर की जगह खांडसारी मली जाएगी, वहीं एक श्रद्धालु सिर्फ आधा लीटर आरओ जल व सवा लीटर पंचामृत या दूध चढ़ा पाएगा। एक अन्य प्रस्ताव के अनुसार भस्म आरती के समय शिवलिंग सूखे सूती कपड़े से ढका जाएगा।
उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर के शिवलिंग के क्षरण की शिकायतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कलक्टर की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी।

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