भारतीय मूल के मॉरीशस निवासियों को प्रवासी भारतीय नागरिकता कार्ड वितरित, मिलेगा आजीवन वीजा
183वें भारतीय आगमन दिवस में भाग लेने मॉरीशस गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां प्रवासियों को प्रवासी भारतीय नागरिकता (ओसीआई) कार्ड प्रदान किए। इस कार्ड को धारण करने प्रवासी भारतीयों को आजीवन वीजा की अनुमति मिल जाएगी।जनवरी, 2017 में 14वें प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर भारत सरकार ने मॉरीशस के भारतीय मूल के नागरिकों को विशेष ओसीआई कार्ड देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री योगी ने सांसद तुलसीदास बेनीदीन एवं मॉरीशस विश्वविद्यालय के प्रवक्ता जतिन जोखू, अवकाश प्राप्त शिक्षिका प्रमिला जगन्नाथ एवं देविका सहित अनेक प्रवासी भारतीयों को ये कार्ड प्रदान किए।
नई दिल्ली में 'वर्ल्ड फूड इंडिया-2017' का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में 'वर्ल्ड फूड इंडिया-2017' का उद्घाटन किया। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से पहली बार भारत इस तरह के किसी कार्यक्रम की मेजबानी कर रहा है। यह 3 से 5 नवंबर तक चलेगा। इस अंतर्राष्ट्रीय मेले में भारत के अलग-अलग राज्यों से 6 हजार से भी ज्यादा लोग और कंपनियां हिस्सा लेंगे। इसमें 9 सेमिनार होंगे और 20 देशों के खानपान का प्रदर्शन होगा। इसमें 30 देशों की 200 कंपनियां शामिल हो रही हैं। पहले दिन विभिन्न कंपनियों के साथ 13 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।डीआरडीओ ने किया गाइडेड बम का सफल परीक्षण
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने 'ग्लाइड बम' यानी गाइडेड बम का ओडिशा के चांदीपुर में सफल परीक्षण किया। परीक्षण में यह 70 किलोमीटर दूर निशाने पर जाकर लगा और लक्ष्य को पूरी तरह नेस्तानाबूद कर दिया। यह हथियार 'स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन' (सॉ) कहलाता है। अब तक इस बम के तीन परीक्षण किए गए और तीनों ही सफल रहे। पहला परीक्षण 23 मई, 2016 को बेंगलुरु में जगुआर लड़ाकू विमान से किया गया। दूसरा परीक्षण 24 दिसंबर, 2016 को ओडिशा में सुखोई-30एमकेआइ लड़ाकू विमान से किया गया।उल्लेखनीय है कि जर्मनी ने सबसे पहले इस तरह के बम का परीक्षण किया था। जर्मनी ने सितंबर 1943 में फ्रिट्ज एक्स नामक 1400 किग्रा वजनी बम को इतालवी युद्धपोत रोमा पर सितंबर 1943 में छोड़ा था। भारत के पास 'सुदर्शन' नामक लेजर गाइडेड बम पहले से ही है। इसे डीआरडीओ की एरोनॉटिकल डेवलपमेंट इस्टैब्लिश्मेंट लैब (एडीई) ने बनाया है।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें