'गिविंग प्लेज' से जुड़े इंफोसिस चेयरमैन नंदन नीलेकणि
दुनिया की सबसे अमीरों में शामिल बिल गेट्स और वॉरेन बफेट की पहल पर शुरू हुए 'गिविंग प्लेज' से अब आईटी कंपनी इंफोसिस के चेयरमैन और उनकी पत्नी रोहिणी भी जुड़ गए हैं। इससे जुडऩे वालों को अपनी जिंदगी के दौरान या वसीयत के जरिए कम से कम आधी संपत्ति परोपकार के काम के लिए दान करनी होती है।
भारत में नीलेकणि दंपती से पहले विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी, बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ और शोभा डिवेलपर्स के प्रमोटर पी एन सी मेनन इस पर दस्तखत कर चुके हैं।
गोवा में भारत के 48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का आगाज
गोवा के पणजी स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में भारत के 48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह शुरू हुआ। समारोह का शुभारंभ फिल्म अभिनेता शाहरुख खान ने किया। इस मौके पर केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी, एआर रहमान, अनुपम खेर, सुभाष घई, विशाल भारद्वाज, नाना पाटेकर सहित अनेक देशी-विदेशी फिल्मी हस्तियां मौजूद थीं।
रेलवे ने खडग़पुर में बनाया एशिया का सबसे बड़ा इंटरलॉकिंग सिस्टम
रेलवे ने पश्चिम बंगाल के खडग़पुर में एशिया का सबसे बड़ा सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग (एसएसआई) सिस्टम लगाया है। इस सिस्टम के जरिए स्टेशन मास्टर ट्रेनों के 800 अलग-अलग रूट सेट कर सकेंगे। अब तक रूट रिले इंटरलॉकिंग सिस्टम से 423 रूट ही सेट हो सकते थे। इस आधुनिक तकनीक से समय की बचत के साथ दुर्घटना की आशंका भी कम होगी।
बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव ने जीता एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स
बुल्गारिया के टेनिस खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव ने लंदन में आयोजित एटीपी वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब जीत लिया है। वे यह खिताब जीतने वाले बुल्गारिया के पहले खिलाड़ी हैं। वहीं वे 1988 के बाद ऐसे पहले खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपने पहले ही एटीपी फाइल्स में खिताब जीता है।
आईएफएफआई जूरी के प्रमुख बने राहुल रवेल
फिल्म निर्देशक राहुल रवेल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (आईएफएफआई) की जूरी के नए अध्यक्ष होंगे। वे सुजोय घोष का स्थान लेंगे। सुजोय ने फिल्म फेस्टिवल में शामिल एस दुर्गा व न्यूड नामक दो फिल्में हटाने के विरोध में त्याग पत्र दे दिया था।
चीन ने तैयार की 'डोंगफेंग-41' मिसाइल, 12,000 किमी तक मार कर सकेगी
हथियारों की होड़ में आगे निकलते हुए चीन ने लगभग पूरी दुनिया को जद में लेने वाली मिसाइल 'डोंगफेंग-41' तैयार कर ली है। अत्याधुनिक तकनीक से युक्त यह मिसाइल अगले साल सेना को सौंपी जाएगी। सन् 2012 में चीन ने इस मिसाइल कार्यक्रम की घोषणा की थी और तब से अब तक आठ बार इसके सफल परीक्षण किए जा चुके हैं।
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