बुधवार, 13 दिसंबर 2017

23 नवंबर, 2017 के समसामयिक समाचार

नई दिल्ली में 5वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन साइबर स्पेस 2017 का आगाज

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में 5वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस ऑन साइबर स्पेस 2017 का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि साइबरस्पेस को हमलों से बचाने के लिए साइबर योद्धा तैयार करने की जरूरत है। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में इंटरनेट से जुड़े हर पहलू पर चर्चा होगी।  सम्मेलन में वीडियो कान्फ्रेंसिंग तथा व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर फ्रांस, जापान, इजरायल और ब्रिटेन सहित 124 देशों के दस हजार प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस सम्मेलन में मुख्यत: चार विषयों- साइबर फॉर इन्क्लूसिब ग्रोथ, साइबर फॉर डिजिटल इन्क्लूजन, साइबर फॉर सिक्योरिटी और साइबर फॉर डिप्लोमेसी पर चर्चा की जाएगी।
इससे पहले इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन 2011 में लंदन में, 2012 में बुडापेस्ट में, 2013 में सिओल में और 2015 में हेग नीदरलैंड में किया गया था।

रोहिंग्या मुसलमानों की स्वदेश वापसी के लिए म्यांमार और बांग्लादेश में समझौता

म्यांमार और बांग्लादेश सरकार में रोंहिग्या मुसलमानों की स्वदेश वापसी के लिए समझौता हुआ है। इसके तहत अगस्त के बाद से करीब 6 लाख से अधिक रोहिंग्या मुसलमानों ने म्यांमार से भागकर बांग्लादेश में शरण ली थी। समझौता म्यांमार की राजधानी नेपीतॉ में हुआ।

अब बांस को पेड़ नहीं माना जाएगा, राष्ट्रपति ने अध्यादेश को मंजूरी दी

केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर 1927 के भारतीय वन कानून में पेड़ की परिभाषा से बांस का उल्लेख हटाया है। इस अध्यादेश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य किसानों को बांस उगाने के लिए प्रेरित करना है ताकि सन् 2022 तक उनकी आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल हो सके। अब तक बांस ताड़, झाड़-झंखाड़ और बेंत के समान पेड़ की परिभाषा में शामिल था।

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