रविवार, 28 जनवरी 2018

12 दिसंबर, 2017 के समसामयिक समाचार (करेंट अफेयर्स 2017)

देश में पहली बार उड़ा सी-प्लेन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साबरमती रिवर फ्रंट से मेहसाणा के धरोई बांध तक किया सफर

पानी के साथ ही जमीन से उड़ान भरने और उतरने वाला सी-प्लेन पहली बार देश में उड़ा। यह उड़ान थी गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवर फ्रंट से मेहसाणा के धरोई बांध तक की। सी-प्लेन के पहले यात्री थे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। यह प्लेन कनाडा के कैप्टन जॉन गाउलेट ने उड़ाया। कनाडा में सी-प्लेन सेवा सबसे अधिक है।
सी-प्लेन की सबसे खास बात यह है कि यह पानी और जमीन दोनों जगह से उड़ान भर सकता है और दोनों ही जगह इसे लैंड कराया जा सकता है। इसे एम्फीबियोस एयरक्राफ्ट भी कहा जाता है। सी-प्लेन को उड़ान भरने के लिए ज्यादा लंबे रनवे की जरूरत नहीं होती। यह 300 मीटर लंबे रनवे से ही उड़ान भर सकता है। इस वजह से सी-प्लेन के जरिए नदी और तालाबों से भी उड़ान भरी जा सकती है। इसके लिए सिर्फ  फ्लोटिंग जेट्टी की आवश्यकता है।
देश में ऐसे विमान लाने के लिए निजी क्षेत्र की विमान कंपनी स्पाइसजेट ने जापानी कंपनी सेतोची होल्डिंग्स के साथ समझौता (एमओयू) किया है। पूर्वोत्तर के राज्यों और छोटे द्वीपों पर इनका परिचालन पारंपरिक विमानों की तुलना में आसान और ढांचागत सुविधा पर बहुत ज्यादा खर्च किए बिना संभव होगा।
बताया जाता है कि 1913 में दुनिया में सी-प्लेन का इस्तेमाल शुरू हुआ था। जर्मनी ने द्वितीय विश्व युद्ध में सी-प्लेन का कई बार इस्तेमाल किया था।

मैट्यूज मोराविएकी बने पोलैंड के प्रधानमंत्री

मैट्यूज मोराविएकी ने पोलैंड के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वे वर्तमान में वित्त मंत्री थे। उन्होंने बीआटा जीडलो का स्थान लिया। जीडलो को देश का उपप्रधानमंत्री बनाया गया है। सत्तारुढ़ लॉ एंड जस्टिस पार्टी ने विदेशों में पोलैंड की छवि सुधारने के प्रयासों और आगामी चुनावों की तैयारियों के तहत गत सप्ताह जीडलो को पद से हटा दिया था।

अबू धाबी में फोरम फॉर प्रमोटिंग पीस इन मुस्लिम सोसाइटी की चौथी कॉन्फ्रेंस का आयोजन

संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में फोरम फॉर प्रमोटिंग पीस इन मुस्लिम सोसाइटी की चौथी कॉन्फ्रेंस का तीन दिवसीय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विश्व के 700 से अधिक अग्रणी इस्लामिक विद्वानों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। संयुक्त अरब अमीरात के सहिष्णुता मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान और मुस्लिम सोसाइटी में शांति प्रचार के लिए बने इस फोरम के अध्यक्ष शेख अब्दल्लाह बिन बय्याह की अगुवाई में इस कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। उन्होंने इस्लाम के शांतिपूर्ण पक्ष को पेश करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुस्लिम वर्ल्ड लीग के ईसा ने कहा कि इस्लाम के साथ जो सबसे बुरी चीज हुई, वह है -गलत व्याख्या, जिसे चंद लोगों ने अपने लाभ के लिया किया।  इस फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व 'रामिश सिद्दीकी' कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र ने पहले दिवाली 'पॉवर ऑफ वन' अवार्ड से 6 राजनयिकों को किया सम्मानित

न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पहले दिवाली 'पॉवर ऑफ वन' अवार्ड से 6 राजनयिकों को सम्मानित किया गया। ये अवार्ड अमेरिकी डाक सेवा द्वारा पिछले साल दिवाली स्टाम्प जारी किए जाने की पहली वर्षगांठ पर प्रदान किए गए। अवार्ड पाने वालों में संयुक्त राष्ट्र में ब्रिटिश राजदूत मैथ्यू रिक्रॉफ्ट, संयुक्त राष्ट्र में लेबलॉन के राजदूत नवाफ सलाम, संयुक्त राष्ट्र में भारतीय महिला प्रमुख लक्ष्मी पुरी, संयुक्त राष्ट्र में मिस्र के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि मगेद अब्देलअजीज, संयुक्त राष्ट्र में मोल्दोवा के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि इयॉन बोत्नारू और संयुक्त राष्ट्र में उक्रेन के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि यूरी सर्गेयेव शामिल हैं।
कार्यक्रम के सह-आयोजक बेलारूस, जार्जिया और भारत के स्थायी मिशन थे, जबकि सह-प्रायोजकों में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, श्रीलंका, थाईलैंड, स्पेन, कुवैत और अल्जीरिया समेत करीब दो दर्जन देश शामिल हैं।
इस अवसर पर कजाखिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि कैरात उमारोव ने कहा कि योग दिवस की तरह अंतरराष्ट्रीय दिवाली दिवस मनाई जानी चाहिए।

उत्तर प्रदेश सरकार का फैसला- अब अर्द्ध कुंभ को 'कुंभ' और कुंभ को 'महाकुंभ' कहा जाएगा

उत्तर प्रदेश सरकार ने हिन्दू धर्म के विशाल धार्मिक आयोजन कुंभ और अद्र्ध कुंभ का नाम परिवर्तित किया है। अब प्रति 6 वर्ष में आयोजित होने वाले अर्द्ध कुंभ को 'कुंभ' और प्रति 12 वर्ष में होने वाले 'कुंभ' को महाकुंभ कहा जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुंभ (अर्द्धकुंभ) 2019 का लोगो जारी करने के बाद कही। कुंभ 2019 की टैगलाइन है चलो, चलो, चलो, कुंभ चलो।
माना जाता है कि आदि शंकराचार्य ने इलाहाबाद, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में कुंभ की शुरूआत की थी।  हाल ही यूनेस्को ने कुंभ मेले को भारत के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता दी है।

राजस्थान सरकार का फैसला- अब मीसा बंदी कहे जाएंगे लोकतंत्र रक्षक

आपालकाल के दौरान आतंरिक सुरक्षा कानून (मीसा) के तहत जेल गए बंदियों को अब राजस्थान में 'लोकतंत्र रक्षक' के नाम से जाना जाएगा। वसुंधरा सरकार के मंत्रिमंडल ने इस पर मुहर लगा दी है। मीसा बंदियों को पूर्व की तरह 12000 रुपए प्रति माह की पेंशन मिलती रहेगी।


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