राष्ट्रीय युवा दिवस
(National Youth Day)
आधुनिक भारत के चिंतक और युवा संन्यासी स्वामी विवेकानन्द की जयंती को ही राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 1985 को 'अंतरराष्ट्रीय युवा वर्ष' घोषित किया। इसी वर्ष से भारत सरकार ने भी स्वामी विवेकानन्द के जन्म दिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।भारतीय नवजागरण के अग्रदूत स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी सन् 1863 को कलकत्ता में हुआ था। इनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। वे रामकृष्ण परमहंस के शिष्य बने। संन्यासी के रूप में स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में 11 सितंबर, 1893 को आयोजित विश्व धर्म संसद में जो भाषण दिया था उसकी प्रतिध्वनि युगों-युगों तक सुनाई देती रहेगी। उन्होंने युवाओं को 'उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक कि अपने लक्ष्य तक न पहुंच जाओ।' का मंत्र दिया।
1896 में विवेकानंद ने 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की। मात्र 39 वर्ष की अवस्था में उन्होंने 4 जुलाई 1902 को बेलूर के रामकृष्ण मठ में उन्होंने ध्यानमग्न अवस्था में महासमाधि धारण कर प्राण त्याग दिए।
भारत सरकार का युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा महोत्सव का आयोजन करता है। इस वर्ष 22वां राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2018 उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव की थीम/विषय 'संकल्प से सिद्धि' रखा गया है।
प्रथम युवा महोत्सव 1995 में भोपाल में आयोजित किया गया था।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें