गुरुवार, 25 जनवरी 2018

15 जनवरी 2018 : थल सेना दिवस

थल सेना दिवस

(Army Day)

15 जनवरी, 1949 को लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. करिअप्पा  भारतीय थल सेना के शीर्ष कमाडंर बने थे यानी भारतीय सेना की कमान पूरी तरह से भारतीय हाथों में आ गई थी। इसी उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष थल सेना दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की सीमाओं की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीरों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का है। सेना दिवस पर दिल्ली छावनी के करिअप्पा परेड मैदान में थल सेनाध्यक्ष परेड की सलामी लेते हैं। सेना द्वारा दम-खम का प्रदर्शन किया जाता है। इसी दिन शाम को सेना प्रमुख चाय पार्टी आयोजित करते हैं, जिसमें तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनकी मंत्रिमंडल के सदस्य शामिल होते हैं। थल सेना का मुख्यालय नई दिल्ली में है।



लेफ्टिनेंट जनरल के.एम. करिअप्पा (पूरा नाम कोडंडेरा मडप्पा करिअप्पा) ने भारतीय सेना के अंतिम अंग्रेज शीर्ष कमांडर जनरल रॉय फ्रांसिस बुचर से यह पदभार ग्रहण किया था। बाद में करिअप्पा को फील्ड मार्शल की उपाधि दी गई। उस समय भारत की सेना लगभग 2 लाख थी, लेकिन आज इसमें लगभग 13 लाख से अधिक सैनिक-असैनिक शामिल हैं।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें