वर्ष 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी इंग्लैंड को मिली, बर्मिंघम में होंगे
राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) ने वर्ष 2022 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर का चुनाव किया है। सीजीएफ के अध्यक्ष लुइस मार्टिन ने आस्ट्रेलिया, मलेशिया और कनाडा का आभार जताया, जिन्होंने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की दावेदारी पेश की थी। ये खेल बर्मिंघम में 27 जुलाई, 2022 से 7 अगस्त, 2022 तक होंगे। वर्ष 2018 के राष्ट्रमंडल खेल 4 अप्रेल से 15 अप्रेल के बीच ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड में आयोजित होंगे।भारत ने सन् 2010 में आयोजित 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी। यह आयोजन नई दिल्ली में 3 से 14 अक्टूबर 2010 में किया गया था।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
हाल ही अमेरिका की ओर से यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ठुकरा दिया है। यरुशलम को इजराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता नहीं देने संबंधी तुर्की और यमन की ओर से पेश प्रस्ताव का भारत समेत 128 देशों ने समर्थन किया। जबकि अमेरिका और इजरायल समेत सिर्फ नौ देशों ने ही प्रस्ताव के विरोध में वोट दिया। इन नौ देशों में अमेरिका के अलावा ग्वाटेमाला, होंडुरास, इजरायल, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, पलाउ, टोगो और नोरू शामिल हैं।राष्ट्रीय राजमार्ग निवेश संवर्द्धन प्रकोष्ठ का गठन
राजमार्ग क्षेत्र में घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग निवेश संवर्द्धन प्रकोष्ठ (एनएचआईपीसी) का गठन किया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस प्रकोष्ठ का गठन भारतमाला परियोजना को शुरू करने के बाद किया है। यह प्रकोष्ठ वैश्विक निवेश संस्थानों, निर्माण कंपनियों डेवलपरों और कोष प्रबंधकों को भारत में सड़क निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं में संलग्न करने पर ध्यान लगाएगा।साहित्य अकादमी पुरस्कार-2017 की घोषणा
हिंदी के लिए रमेश कुंतल मेघ को साहित्य अकादमी पुरस्कारसाहित्य अकादमी के वार्षिक साहित्य पुरस्कार-2017 की घोषणा कर दी गई है। प्रतिवर्ष 24 भाषाओं में दिए जाने वाले इन सम्मानों में हिंदी के लिए वरिष्ठ साहित्यकार रमेश कुंतल मेघ को उनकी कृति 'विश्वमिथकसरित्सागर' के लिए प्रदान किया जाएगा। यह कृति साहित्यिक समीक्षा के वर्ग में चुनी गई है।
ये पुरस्कार 1 जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2015 के दौरान पहली बार प्रकाशित पुस्तकों के लिए दिया जाएगा।
साहित्य अकादमी पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। पुरस्कारों की अनुशंसा 24 भारतीय भाषाओं की निर्णायक समितियों द्वारा की गई है और साहित्य अकादमी के अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में हुई अकादमी के कार्यकारी मंडल की बैठक में इसे अनुमोदित किया गया।
हिंदी भाषा में साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार प्रतिभा अग्रवाल को बांग्ला में लिखित शंभु मित्र की पुस्तक 'अभिनय नाटक मंच' के अनुवाद के लिए दिया जाएगा।
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