अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
(International Women's Day)
- विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा अर्जित की गई उपलब्धियों को सम्मान देने और उनके प्रति सम्मान, प्रशंसा और समानता का भाव प्रकट करने के लिए ही प्रतिवर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र संघ ने सन् 1975 में अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष के दौरान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की घोषणा की थी।
- 28 फरवरी, 1909 में संयुक्त राज्य अमेरिका में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
- 19 मार्च, 1911 में आस्ट्रिया डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
- सन् 1917 में रूसी महिलाओं ने ऐतिहासिक हड़ताल की। रोटी और शांति की मांग को लेकर की गई इस हड़ताल के बाद जार ने महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिया। यह हड़ताल जूलियन कैलेंडर के अनुसार फरवरी के आखिरी रविवार को थी। आज सम्पूर्ण विश्व में प्रचलित ग्रेगेरियन कैलेंडर में यह तारीख 8 मार्च है।
- विश्व के अनेक देशों में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है। कुछ देशों में इस दिन महिलाओं के लिए अवकाश रहता है।
- विश्व के कुछ देशों इस दिन को मातृ दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
- भारत में भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस व्यापक स्तर पर मनाया जाता है।
- विश्व आर्थिक मंच की स्त्री-पुरुष असमानता रिपोर्ट-2017 के अनुसार भारत ने महिला-पुरुष असमानता को 67 प्रतिशत तक कम करने में सफलता पाई है। हालांकि महिला पुरुष समानता सूचकांक में भारत 21 पायदान फिसलकर 108वें स्थान पर आ गया है।
- वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र संघ ने लैंगिक समानता को लेकर 'ग्रह 50-50 सन् 2030' नाम से अभियान चला रखा है।
*अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2018 का विषय/थीम*
Time is Now: Rural and urban activists transforming women’s livesअब समय है : ग्रामीण और शहरी सक्रिय महिलाओं के जीवन में बदलाव का
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