04 मई, 2018 के समसामयिक समाचार (करेंट अफेयर्स-2018)
स्वीडिश एकेडमी का फैसला- वर्ष 2018 का साहित्य का नोबेल किसी को नहीं दिया जाएगा
- नोबेल पुरस्कार की एक ज्यूरी मेंबर के पति के मी-टू कैंपेन में आरोपी होने के कारण सन् 2018 में किसी को साहित्य का नोबेल नहीं दिया जाएगा।
- कवयित्री फ्रोस्टेनसन उस समय स्वीडिश एकेडमी की ज्यूरी मेंबर थीं, जब उनके फ्रेंच पति फोटोग्राफर जीन क्लाउड अरनॉल्ट पर मी-टू कैंपेन में 18 महिलाओं के यौन उत्पीडऩ का आरोप लगा था।
- स्वीडिश एकेडमी ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पुरस्कार की घोषणा संभव नहीं है। वर्ष 2018 का साहित्य का नोबेल भी अगले वर्ष 2019 में दिया जाएगा।
- नोबेल पुरस्कार की ज्यूरी मेंबर की संख्या 12 होती है। लेकिन फ्रोस्टेनसन के इस्तीफे के बाद अब 11 ज्यूरी मेंबर ही बचे हैं। ज्यूरी पूरी किए बगैर परिणाम नहीं दिया जा सकता। नोबेल के नियमों के मुताबिक- जो भी ज्यूरी मेंबर चुना जाता है, उसे ताउम्र पद पर रहना होता है। वो इस्तीफा नहीं दे सकता। हालांकि एकेडमी उस व्यक्ति को पद से हटा सकती है।
- उल्लेखनीय है कि 1901 में शुरू हुए नोबेल पुरस्कारों के 117 वर्ष के इतिहास में यह आठवीं बार है यह साहित्य का नोबेल प्रदान नहीं किया जाएगा। इससे पूर्व सन् 1914, 1918, 1935, 1940, 1941, 1942 और 1943 में साहित्य का नोबेल किसी को नहीं दिया गया।
'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान पर राष्ट्रीय सम्मेलन- अभियान में 244 और जिले शामिल
- नई दिल्ली में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
- महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में हरियाणा, पंजाब और राजस्थान ने बाजी मारी है।
- जनवरी, 2015 में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान देश के 161 जिलों में शुरू किया गया था।
- अब यह अभियान 244 और जिलों तक फैलाया जाएगा।
- बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी, 2015 को हरियाणा के पानीपत में की थी।
- उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में लिंगानुपात 943 है। वहीं सर्वाधिक लिंगानुपात वाला राज्य केरल (1084) और न्यूनतम लिंगानुपाल वाला राज्य हरियाणा (879) है।
रेलवे का फैसला- महिलाओं के लिए आरक्षित कोच अब ट्रेन के बीच में होंगे और उनका रंग भी अलग होगा
- रेलवे ने 'वर्ष 2018 : महिलाओं के लिए सुरक्षा वर्ष' के तहत कदम उठाते हुए महिलाओं के लिए आरक्षित कोच अब ट्रेन के बीच में लगाने का निर्णय किया है।
- महिलाओं के लिए आरक्षित कोच का रंग अलग होगा, वहीं इसमें सीसीटीवी कैमरे भी लगे होंगे। इसकी खिड़कियां तार की जाली से ढकी होगी।
- महिलाओं की सुरक्षा के लिए गठित समिति ने ये सुझाव दिए थे। इस समिति में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी, सदस्य (यातायात) मोहम्मद जमशेद एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
- महिलाओं के लिए आरक्षित कोचों में टीटीई या आरपीएफ दस्ते के साथ महिलाओं को रखने का भी फैसला लिया गया है।
जीएसटी काउंसिल की 27वीं बैठक में फैसला- कारोबारियों को माह में सिर्फ एक रिटर्न दाखिल करनी होगी
- वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की 27वीं बैठक में फैसला हुआ है कि अब कारोबारियों को माह में सिर्फ एक रिटर्न दाखिल करनी होगी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई।
- जीएसटी काउंसिल ने निर्णय बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की अध्यक्षता वाले मंत्रिसमूह की सिफारिशों के आधार पर किया है।
- नई जीएसटी रिटर्न प्रणाली छह माह बाद लागू होगी।
- जिन व्यापारियों का टर्नओवर निल है, उन्हें तीन माह में एक बार ही रिटर्न भरना होगा।
- जीएसटी में रिटर्न की यह व्यवस्था तीन चरणों में लागू होगी। पहले चरण में जीएसटीआर-1 और जीएसटीआर-3बी रिटर्न भरने की मौजूदा व्यवस्था अगले छह माह तक जारी रहेगी। इस अवधि में जीएसटीआर-2 और जीएसटीआर-3 फॉर्म निलंबित ही रहेंगे। दूसरे चरण में नया सिंगल मासिक रिटर्न लागू किया जाएगा और उन्हें अस्थायी तौर पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की सुविधा होगी। तीसरे चरण में अस्थायी टैक्स क्रेडिट की सुविधा वापस ले ली जाएगी और व्यापारियों को, उन डीलरों के सेल इन्वॉइस अपलोड करने के बाद ही इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलेगा, जिससे उन्होंने सामान खरीदा है। तीसरा चरण मई 2019 के आसपास शुरू होगा।
चर्चा में रहे चेहरे
अमेरिका के न्यूयॉर्क में न्यायाधीश बनीं भारतवंशी दीपा अंबेकर
- भारतवंशी दीपा अंबेकर अमेरिका में जज बनने वाली दूसरी भारतवंशी महिला बन गई हैं।
- 41 वर्षीय दीपा अंबेकर को न्यूयॉर्क सिटी के सिविल कोर्ट में कार्यवाहक जज नियुक्त किया गया है।
- अंबेकर ने मिशिगन यूनिवर्सिटी से अंडर ग्रेजुएट डिग्री लेने के बाद रटगर्स लॉ स्कूल से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने तीन साल तक न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में सीनियर लेजिस्लेटिव अटॉर्नी के तौर पर भी काम किया।
- उल्लेखनीय है कि वर्ष 2015 में चेन्नई में जन्मीं राज राजेश्वरी को आपराधिक अदालत में न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
महमूद अब्बास फिर बने फलस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष
- फलस्तीन के रामल्ला शहर में फलस्तीनी नेशनल परिषद (पीएनसी) की बैठक में महमूद अब्बास फिर से फलस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष चुने गए।
- बैठक में यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के अमेरिका के निर्णय के खिलाफ विशेष रणनीति पर चर्चा की गई।
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