मंगलवार, 8 मई 2018

7 मई 2018 : सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस


सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस

(Border Roads Organisation Foundation Day)

  • सीमा सड़क संगठन का गठन 7 मई, 1960 को प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने किया था।
  • सीमा सड़क संगठन का उद्देश्य देश के दुर्गम तथा दूर-दराज सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण करना है।
  • सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसका मूल उद्देश्य देश के उत्तरी तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के तीव्र विस्तार में समन्वय स्थापित करना था।
  •  सीमा सड़क संगठन दल में भारतीय थल सेना तथा जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) से संबंधित कुशल अधिकारियों का समूह होता है जिसका नेतृत्व थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के हाथ में होता है।
  • सीमा सड़क संगठन अब तक देश के दुर्गम तथा दूर-दराज क्षेत्रों में लगभग 50,500 किलोमीटर सड़क का निर्माण, 42000 मीटर लंबाई के 430 बड़े स्थाई पुलों के निर्माण के अलावा 19 हवाई अड्डों का भी निर्माण कर चुका है। यह निर्माण कार्य उन क्षेत्रों में किया गया है जहां कोई निर्माण एजेंसियां शायद ही कार्य करने का साहस कर सके।
  • यह संगठन प्रतिवर्ष 95 सड़कों (3000 किलो मीटर) पर बर्फ हटाने का कार्य करता है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क बना रह सके।
  • सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री और उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री थे।
  • वर्तमान में रक्षा राज्य मंत्री सीमा सड़क विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
  • सीमा सड़क संगठन की ओर से किए गए/किए जा रहे कुछ दुर्गम व अति महत्वपूर्ण कार्यं निम्न हैं- हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति तथा पांगी घाटी में रोहतांग सुरंग का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में 720 मीटर लंबे दिगरू पुल का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के ही अकाजन-जोनाई-पासी घाट सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग 52) पर स्थित साइमन नदी पर निर्मित 480 मीटर लंबे पुल का निर्माण, जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में निर्माणाधीन जेड-मोड सुरंग आदि।
  • सीमा सड़क संगठन का ध्येय वाक्य है- श्रमेण सर्वम् साध्यम

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