मंगलवार, 8 मई 2018

8 मई 2018 : विश्व थैलेसीमिया दिवस

विश्व थैलेसीमिया दिवस

(World Thalassemia Day)

  • प्रतिवर्ष 8 मई को विश्व थैलेसीमिया दिवस सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है।
  • थैलेसीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी में शरीर में लाल रक्त कण बनने बंद हो जाते हैं। इससे शरीर में रक्त की कमी हो जाती है। पीडि़त को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है।
  • सामान्य रूप से शरीर में मौजूद लाल रक्त कणों की उम्र लगभग 120 दिन होती है, लेकिन थैलेसीमिया के कारण इनकी उम्र कम हो जाती है।
  • आने वाली संतान को थैलेसीमिया रोग से बचाने के लिए विवाह पूर्व वर-वधू का एचबीए-2 टेस्ट कराना चाहिए।
  • थैलेसीमिया रोग में रोगी को हरी पत्तेदार सब्जी, गुड़, मांस, अनार, तरबूज, चीकू कम खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि बार-बार रक्त चढ़ाए जाने के कारण शरीर में लौह तत्व की मात्रा बढ़ी हुई होती है।
  • थैलेसीमिया का इलाज 'बोन मेरो ट्रांसप्लांट' से संभव है।
  • वर्तमान में वैज्ञानिक थैलेसीमिया के इलाज के लिए नई तकनीक 'स्टेम सैल थैरेपी' पर कार्य कर रहे हैं।
  • शिशु के नाखून और जीभ पीले हो रहे हैं, बच्चे के जबड़े और गाल असामान्य हो गए हैं, शिशु का विकास रुकने लगा है, वह अपनी उम्र से काफी छोटा नजर आने लगे, चेहरा सूखा हुआ रहे, वजन न बढ़े, हमेशा कमजोर और बीमार रहे, सांस लेने में तकलीफ हो और पीलिया या जॉइंडिस का भ्रम हो तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

*विश्व थैलेसिमिया दिवस दिवस-2018 का विषय/थीम*

Thalassaemia past, present and future: Documenting progress and patient’s needs worldwide

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