सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस
(Border Roads Organisation Foundation Day)
आज का दिन : 7 मई 2026
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- सीमा सड़क संगठन का गठन 7 मई, 1960 को किया गया। इसीलिए प्रतिवर्ष 7 मई को सीमा सड़क संगठन स्थापना दिवस मनाया जाता है।
- सीमा सड़क संगठन का मुख्य कार्य देश के दुर्गम तथा दूर-दराज सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों और पुलों का निर्माण करना है।
- सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसका मूल उद्देश्य देश के उत्तरी तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क के तीव्र विस्तार में समन्वय स्थापित करना था।
- वर्ष 2026 में 67वां सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) दिवस मनाया जा रहा है।
- सीमा सड़क संगठन दल में भारतीय थल सेना तथा जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) से संबंधित कुशल अधिकारियों का समूह होता है जिसका नेतृत्व थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल के हाथ में होता है।
- सीमा सड़क संगठन अब तक देश के दुर्गम तथा दूर-दराज क्षेत्रों में 50,500 किलोमीटर से अधिक सड़क का निर्माण, 42000 मीटर लंबाई के 430 से अधिक बड़े स्थाई पुलों के निर्माण के अलावा 19 हवाई अड्डों का भी निर्माण कर चुका है। यह निर्माण कार्य उन क्षेत्रों में किया गया है जहां कोई निर्माण एजेंसियां शायद ही कार्य करने का साहस कर सके।
- हाल ही सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने देश के बाकी हिस्सों से पंजाब के कासोवाल एन्क्लेव को जोडऩे के लिए रावी नदी पर निर्धारित समय से काफी पहले एक नये स्थायी पुल का निर्माण करते हुए इसे उपयोग के लिए खोल दिया है। लगभग 35 वर्ग किलोमीटर का यह क्षेत्र इससे पूर्व सीमित भार क्षमता के पंटून पुल के माध्यम से जुड़ा था।
- सीमावर्ती इलाकों जैसे सिक्किम, भूटान, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय, जम्मू और कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और अंडमान व निकोबार में जीवन को चलाये रखने में वहां के लोगों का सीमा सड़क संगठन पर पूरा भरोसा है।
- यह संगठन प्रतिवर्ष 95 सड़कों (3000 किलो मीटर) पर बर्फ हटाने का कार्य करता है ताकि सीमावर्ती क्षेत्रों का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क बना रह सके।
- सीमा सड़क संगठन की स्थापना के समय इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री और उपाध्यक्ष रक्षा मंत्री थे। वर्तमान में रक्षा राज्य मंत्री सीमा सड़क विकास बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
- वर्तमान यानी सन् 2026 में सीमा सडक़ संगठन के महानिदेशक (डीजीबीआर) लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह हैं।
- सीमा सड़क संगठन की ओर से किए गए/किए जा रहे कुछ दुर्गम व अति महत्वपूर्ण कार्यं निम्न हैं- हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति तथा पांगी घाटी में अटल सुरंग (रोहतांग सुरंग) का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में 720 मीटर लंबे दिगरू पुल का निर्माण, अरुणाचल प्रदेश के ही अकाजन-जोनाई-पासी घाट सड़क (राष्ट्रीय राजमार्ग 52) पर स्थित साइमन नदी पर निर्मित 480 मीटर लंबे पुल का निर्माण, जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में निर्माणाधीन जेड-मोड सुरंग आदि।
- सीमा सड़क संगठन का ध्येय वाक्य है- श्रमेण सर्वम् साध्यम।

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