रविवार, 1 फ़रवरी 2026

1 फरवरी 2026 : तटरक्षक दिवस

तटरक्षक दिवस

(Coast Guard Day)

आज का दिन : 1 फरवरी 2026

  • देश में प्रतिवर्ष 1 फरवरी को तटरक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • 1 फरवरी, 1977 को नौसेना मुख्यालय के अंतर्गत अंतरिम तटरक्षक संगठन की स्थापना हुई। इसीलिए प्रतिवर्ष 1 फरवरी को तटरक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • 18 अगस्त, 1978 को संसद ने अधिनियम पारित किया और 19 अगस्त, 1978 को वह लागू हुआ।
  • भारतीय तटरक्षक बल यानी इंडियन कोस्ट गार्ड की स्थापना के लिए केएफ रुस्तमजी समिति ने सिफारिश की थी, जिसका गठन सितंबर 1974 में किया गया था।
  • भारतीय तटरक्षक बल का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसे पांच जोन (क्षेत्र) में बांटा गया है। 
  • ये पांच जोन इस प्रकार हैं-
    1. तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय उत्तर-पश्चिम, गांधीनगर, गुजरात
    2. तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय पश्चिम, मुख्यालय मुंबई, महाराष्ट्र
    3. तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय पूर्व, चेन्नई, तमिलनाडु
    4. तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय उत्तर-पूर्व, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
    5. तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय, पोर्ट ब्लेयर, अंडमान निकोबार
  • भारतीय तटरक्षक बल का मुख्य उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्र एवं तटों को सुरक्षित रखना है। तटरक्षक बल हमारे समुद्र तथा तेल, मत्सय एवं खनिज सहित अपतटीय संपत्ति की सुरक्षा; संकटग्रस्त नाविकों की सहायता तथा समुद्र में जान माल की सुरक्षा; समुद्र, पोत-परिवहन, अनाधिकृत मछली शिकार, तस्करी और स्वापक से संबंधित समुद्री विधियों का प्रवर्तन; समुद्री पर्यावरण और पारिस्थितिकी का परिरक्षण तथा दुर्लभ प्रजातियों की सुरक्षा; वैज्ञानिक आंकडे एकत्र करना तथा युद्ध के दौरान नौसेना की सहायता करने सहित हमारे समुद्र तथा अपतटीय परिसम्पत्तियों का संरक्षण करता है।
  • भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना के समय इस संगठन को भारतीय नौसेना के दो पोत 'कृपाण' और 'कटार' मिले। साथ ही पांच गश्ती नौकाएं पम्बन, पुरी, पुलैकैट, पणजी तथा पनवेल मिलीं
  • बाज की तरह हमारे समुद्री क्षेत्र की निगरानी में जुटे तटरक्षक बल में वर्तमान में 159 पोत और 70 विमान हैं।  इसी बेड़े के बल पर यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तटरक्षक बल बना हुआ है। 12 जनवरी, 2023 को भारतीय तटरक्षक महानिदेशक वी.एस. पठानिया ने अत्याधुनिक त्वरित गश्ती जलपोत कमला देवी को तटरक्षक बेड़े में शामिल किया था।
  • भारतीय तटरक्षक बल का आदर्श वाक्य 'वयं रक्षाम:' है। जिसका अर्थ है- 'हम रक्षा करते हैं'।
  • तटरक्षक ध्वज का नीला रंग पोत की सरकारी सेवा को दर्शाता है। तटरक्षक ध्वज के शीर्ष के बाएं हिस्से में राष्ट्रीय ध्वज है तथा ध्वज के फहरने वाले हिस्से में तटरक्षक चिन्ह है। तटरक्षक ध्वज को मुंबई में 19 अगस्त 1978 को भारतीय तटरक्षक के उद्घाटन समारोह में पहली बार फहराया गया था।
  • 1 दिसंबर 2002 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने भारतीय तटरक्षक बल को राष्ट्र के प्रति की गई सेवाओं की एवज में ध्वज प्रदान किया था।
  • भारतीय तटरक्षक बल के प्रथम महानिदेशक वाइस एडमिरल ए वी कामथ थे। वहीं वर्तमान यानी सन् 2026 में भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि हैं। उन्होंने 15 अक्टूबर, 2024 को भारतीय तटरक्षक बल के 26वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया था।


राष्ट्रपति तटरक्षक पदक और तटरक्षक पदक 2026

  • 26 जनवरी 1990 से प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय तटरक्षक कर्मियों को राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (पीटीएम) और तटरक्षक पदक (टीएम) से सम्मानित किया जाता है।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गणतंत्र दिवस, 2026 के अवसर पर अदम्य वीरता और विशिष्ट/सराहनीय सेवा के लिए निम्नलिखित भारतीय तटरक्षक कर्मियों को राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (पीटीएम) और तटरक्षक पदक (टीएम) से सम्मानित किया है:-
  • (क) राष्ट्रपति तटरक्षक पदक (विशिष्ट सेवा)
    (i) आईजी इक़बाल सिंह चौहान, टीएम
    (ii) आईजी दतविन्दर सिंह सैनी, टीएम
  • (ख) तटरक्षक पदक (वीरता)
    (i) कमांडेंट (जेजी) शैलेन्द्र सिंह बिष्ट
    (ii) गौतम यादव, पी/एनवीके(आरपी)
    (iii) बांती कुमार, पी/एनवीके(आरपी)

  • (ग) तटरक्षक पदक (वीरता) - मरणोपरांत
    (i) स्व. कमांडेंट राकेश कुमार राणा
    (ii) स्व. कमांडेंट (जेजी) विपिन बाबू
    (iii) स्व. पी/एनवीके(आरपी) करण सिंह

  • (घ) तटरक्षक पदक (उत्कृष्ट सेवा)
    (i) डीआईजी विनोद कुमार परमार
    (ii) डीआईजी अरुण कुमार भारद्वाज
    (iii) डीआईजी सुधाकर पाटिल
    (iv) कमांडेंट इंदु पी
    (v) तपस कुमार बनर्जी, पी/एडीएच(आरओ)

  • अति विशिष्ट सेवा पदक
    एडीजी डॉनी माइकल, पीटीएम, टीएम

  • विशिष्ट सेवा पदक
    डीआईजी के.एस. सीताराम

  • उत्तम जीवन रक्षा पदक
    पी/एनवीके/(एमई) सौम्यरंजन बेहेरा

जय हिन्द

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