अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस
(International Everest Day)
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| International Everest Day-2026 |
- प्रतिवर्ष 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस मनाया जाता है।
- 29 मई, 1953 को सुबह लगभग 11:30 बजे न्यूजीलैंड के सर एडमंड हिलेरी और नेपाल के शेरपा पर्वतारोही तेनजिंग नोर्गे ने 8848.86 मीटर ऊंचे एवरेस्ट शिखर पर पहला कदम रखा था।
- एवरेस्ट की सफलता के लिए हिलेरी को नाइट की उपाधि दी गई थी। इस अभूतपूर्ण सफलता के कारण प्रतिवर्ष 29 मई को अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस मनाया जाता है।
- इस दिन इतिहास में पहली बार कोई व्यक्ति समुद्र तल से 8848.86 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा था।
- माउंट एवरेस्ट की सफलता पर्वतारोहण के इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है। यह मानव उपलब्धि की सीमाओं और मानव दृढ़ता की क्षमता को दर्शाती है।
- माउंट एवरेस्ट को संस्कृत और नेपाली में सागरमाथा, तिब्बती में चोमोलुंगमा और चीनी में जुमुलंगमा फेंग भी कहा जाता हैं।
- नेपाल के कामी रीता शेरपा माउंट एवरेस्ट पर सर्वाधिक बार फतह हासिल करने वाले पर्वतारोही हैं। उन्होंने 27 मई, 2025 को अपनी 31वीं चढ़ाई पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। कामी रीता ने यह विश्व रिकॉर्ड भारतीय सेना की एडवेंचर विंग के एवरेस्ट अभियान की टीम का मार्गदर्शन करते हुए बनाया। कामी रीता ने 1992 में अपनी पर्वतारोहण यात्रा शुरू की थी। उन्होंने पहली बारी 1994 में एवरेस्ट फतह किया था।
- करेंट अफेयर्स की दृष्टि से बात करें तो हाल ही 18 मई 2025 को राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी के पर्वतारोहण दल ने माउंट एवरेस्ट फतह किया है। एनसीसी का एवरेस्ट फतह का यह तीसरा सफल अभियान है। इससे पहले 2013 और 2016 में भी एनसीसी कैडेट टीम ने सफलता प्राप्त की थी। एनसीसी की 10 सदस्यीय टीम में 5 गर्ल्स और 5 बॉयज कैडेट थे।
- इसी प्रकार 27 मई, 2025 को भारतीय सेना के पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है थी। इसी चढ़ाई में नेपाल के कामी रीता शेरपा ने 31वीं बार माउंट एवरेस्ट को फतह करने का रिकॉर्ड बनाया था।

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