रविवार, 4 जनवरी 2026

4 जनवरी 2026 : विश्व ब्रेल दिवस

विश्व ब्रेल दिवस

(World Braille Day)

आज का दिन : 4 जनवरी 2026

  • प्रतिवर्ष 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाया जाता है।
  • दृष्टि-बाधित लोगों को अक्षर ज्ञान कराने वाली ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल की जयंती 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाया जाता है।
  • लुई ब्रेल का जन्म उत्तरी फ्रांस के कूपवरे शहर में 4 जनवरी 1809 को हुआ था।
  • वैसे तो ब्रेल दिवस काफी पहले से मनाया जा रहा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 6 नवम्बर, 2018 को प्रतिवर्ष 4 जनवरी को विश्व ब्रेल दिवस मनाने प्रस्ताव पारित किया।
  • प्रथम ब्रेल दिवस 4 जनवरी, 2019 को मनाया गया। 4 जनवरी, 2026 को आठवां लुई ब्रेल दिवस मनाया जा रहा है।
  • ब्रेल लिपि में उभरे हुए बिन्दुओं के जरिये अक्षर और संख्या लिखे जाते हैं। इसके अलावा ब्रेल लिपि में संगीत, गणित और वैज्ञानिक प्रतीक व चिन्ह भी लिखे जाते हैं, ताकि पुस्तकें और पत्रिकाएं भी स्पर्श के जरिये पढ़ी जा सकें।
  • संयुक्त राष्ट्र के विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में, लगभग 2 अरब 20 करोड़ लोगों को नजर की कमजोरियों और विकलांगता की स्थिति के साथ जीना पड़ रहा है। इनमें से लगभग 1 अरब लोगों को नजर की ऐसी कमजोरी अथवा विकलांगता है जिसे रोका जा सकता था, या उन पर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया है।
  • कोरोना महामारी के दौरान यूएन एजेंसियों सहित अनेक ऐसे प्रयास हुए जिनसे दृष्टिबाधितों को ब्रेल लिपि में आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध करवाई गईं।
  • हमारे देश में दृष्टिबाधित दिव्यांगों को करेंसी नोट की पहचान हो सके इसके लिए रुपये के हर नोट पर ब्रेल लिपि में भी छपाई की गई है। भारत दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जिसकी करेंसी पर  ब्रेल लिपि में भी लिखा गया है।
  • भारत में नेशनल एटलस एंड थीमैटिक मैपिंग ऑर्गनाइजेशन (एनएटीएमओ) दृष्टिबाधित छात्रों के लिए डिजिटल एम्बॉसिंग तकनीक का उपयोग करके बनाए गए ब्रेल मानचित्र उपलब्ध करवा रहा है। इस उपलब्धि के लिए एनएटीएमओ को वर्ष 2017 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से 'दिव्यांगों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी हस्तक्षेप' का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
  • भारत में सन् 2009 में लुई ब्रेल के द्विशताब्दी जन्म दिवस की स्मृति को बनाए रखने के लिए एक डाक टिकट जारी किया गया।

लुई ब्रेल ने 15 वर्ष की उम्र में बनाई थी ब्रेल लिपि

  • लुई ब्रेल तीन वर्ष की उम्र में अपनी दृष्टि खो बैठे। उसके बाद उन्होंने उभरे हुए बिंदुओं के सहारे एक भाषा निर्मित की, जिसे महसूस करके दृष्टिहीन व्यक्ति पढ़ सकता है। ब्रेल एक प्रकार की कूट भाषा है। 
  • लुई ब्रेल ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में ब्रेल लिपि बना दी थी। सन् 1824 तक यह दुनिया के लगभग सभी देशों के दृष्टिहीनों के उपयोग में लाई जाने लगी थी।
  • ब्रेल लिपि को उभरे हुए बिन्दुओं की श्रृंखला पर अंगुलियां रखकर या उन्हें अंगुलियों से छूकर पढ़ा जाता है, जो कि 1 से 6 बिन्दुओं की एक व्यवस्था या प्रणाली होती है। ये बिन्दु अक्षर, संख्या और संगीत व गणितीय चिन्हों के संकेतकों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • ब्रेल लिपि को टाइपराइटर की ही तरह दिखने वाली एक मशीन- ब्रेलराइटर के जरिये लिखा जा सकता है, या फिर पेंसिल जैसी किसी नुकीली चीज (स्टायलस) और ब्रेल स्लेट (पट्ट) का इस्तेमाल करके, कागज पर, बिन्दु उकेर कर लिखा जा सकता है।

 

शनिवार, 3 जनवरी 2026

3 जनवरी 2026 : अन्तरराष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस

 आज का दिन : 3 जनवरी 2026

अन्तरराष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस
(International Mind-Body Wellness Day)

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  • प्रतिवर्ष 3 जनवरी को अन्तरराष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस मनाया जाता है।
  • स्वस्थ जीवन के लिए शरीर का स्वस्थ होना ही काफी नहीं है, बल्कि मन यानी माइंड को भी स्ट्रेस फ्री रखना जरुरी है। इसीलिए हर साल 3 जनवरी को अन्तरराष्ट्रीय मन-शरीर कल्याण दिवस मनाया जाता है।
  • इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों को उनकी सेहत के प्रति जागरुक करना है।
  • वर्तमान समय में मोबाइल, लैपटॉप, सोशल मीडिया पर घंटों तक इन्वॉल्व होने के कारण हमारे शरीर और मन पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए दिन में कुछ घंटे इनसे दूरी बनाकर अन्य एक्टिविटीज में ध्यान लगाना चाहिए।
  • एक स्वस्थ जीवन के लिए भरपूर नींद भी जरूरी होती है, जो आपको पूरे दिन तरोताजा रखती है।


गुरुवार, 25 दिसंबर 2025

25 दिसंबर 2025 : सुशासन दिवस

सुशासन दिवस

(Good Governance Day)

आज का दिन : 25 दिसंबर 2025

  • प्रतिवर्ष 25 दिसंबर को सुशासन दिवस मनाया जाता है।
  • देश में 25 दिसंबर, 2014 से प्रतिवर्ष सुशासन दिवस मनाया जा रहा है।
  • भारत के 10वें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर यह दिवस मनाया जाता है। सुशासन दिवस मनाने का उद्देश्य देश में पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता से लोगों को अवगत कराना है।
  • अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था। उनका निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे।

19 से 25 जनवरी, 2025 तक 'सुशासन सप्ताह'

  • भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग की ओर से देश भर में 19 से 25 दिसंबर, 2025 तक सुशासन सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान 700 से अधिक जिलों में 'प्रशासन गांव की ओर' अभियान का आयोजन किया गया।
  • 25 दिसंबर, 2019 को सुशासन दिवस पर भारत सरकार की ओर से 'सुशासन सूचकांक' (जीजीआई)का शुभारंभ किया गया था।

बुधवार, 24 दिसंबर 2025

24 दिसंबर 2025 : राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस

राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस

(National Consumer Day)

आज का दिन : 24 दिसंबर 2025

  • देश में प्रतिवर्ष 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है।
  • सन् 2000 से प्रतिवर्ष 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जा रहा है।
  • 24 दिसंबर, 1986 को राष्ट्रपति ने 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986' को मंजूरी दी थी, इसलिए 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। इसे राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस भी कहा जाता है।
  • राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस 2025 के अंतर्गत उपभोक्ता संरक्षण, उपभोक्ता जागरूकता और उनकी संस्थागत मजबूती के संवर्धन के लिए कई चीजों की नई शुरुआत के कार्यक्रम एवं नई घोषणाए होंगी। साथ ही उपभोक्ता के शिकायतों का डिजिटल निराकरण, क्वालिटी का आश्वासन और विभिन्न उपभोक्ता संरक्षण संस्थाओं में आपसी समन्वय पर मुख्य जोर दिया जाएगा। 
  • केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने वर्ष 2023 में 13 डार्क पैटर्न्स की पहचान की थी। जिनमें झूठी जानकारी, छुपी हुई खरीदारी, सहमति के लिए मजबूर करना, जबरन कार्रवाई, सदस्यता का जाल, इंटरफेस हस्तक्षेप, छल-कपट, धीरे-धीरे बढ़ती कीमतें, छुपा हुआ विज्ञापन और परेशान करना, छल-कपट वाली शब्दावली, दुर्भावनापूर्ण मैलवेयर आदि शामिल हैं। इस अवसर पर प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा संकल्प-पत्र पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इनमें रिलायंस रिटेल समूह, टाटा संस समूह, जोमैटो, ओला और स्विगी आदि 13 ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
  • 'उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986' में व्यापक संशोधनों को 15 मार्च, 2003 को लागू किया गया।
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम को कानून के रूप में लागू किया जाना देश में उपभोक्ता आंदोलन में ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जाता है।
  • उपभोक्ता अधिकारों को संरक्षित करने वाला यह दिवस हमें विदित कराता है कि हम चाहे किसी व्यवसाय, आयु, लिंग, समुदाय, धार्मिक विचारधारा से जुड़े हों, अंतत: हर व्यक्ति एक उपभोक्ता है। 
  • उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य त्रुटिपूर्ण वस्तुओं, सेवाओं में कमी तथा अनुचित व्यापार प्रचलनों जैसे विभिन्न प्रकार के शोषणों के खिलाफ उपभोक्ताओं को प्रभावी सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराना है। इस दिन लोगों को उपभोक्ता आंदोलन के महत्व को रेखांकित करने का अवसर मिलता है, साथ ही प्रत्येक उपभोक्ता को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में अधिक जागरूक करने की आवश्यकता भी रेखांकित होती है।
  • विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस प्रति वर्ष 15 मार्च को मनाया जाता है।

उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019

  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 की जगह उपभोक्ता संरक्षण विधेयक, 2019 लागू किया गया है। इसे लोकसभा ने 30 जुलाई, 2019 को और राज्यसभा ने 06 अगस्त, 2019 को पारित किया तथा इसे 20 जुलाई, 2020 को लागू किया गया। संसद में इसे तत्कालीन उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने पेश किया था। इस अधिनियम का मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं की समस्याओं को हल करने के लिए जरूरी कदम उठाना है।
  • उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 के अनुसार उपभोक्ता उस व्यक्ति को माना गया है जो अपनी आवश्यकताओं के लिए वस्तुओं और सेवाओं की खरीद और उपभोग करता है। वाणिज्यिक उद्देश्य यानी बेचने के लिए क्रय करने वाले को उपभोक्ता नहीं माना गया है। अधिनियम में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही प्रकार के लेन-देन को शामिल किया गया है।
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10 के प्रावधानों के अनुसार, 24 जुलाई, 2020 को केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) की स्थापना की गई।
  • प्राधिकरण के प्रमुख के रूप में एक मुख्य आयुक्त के साथ केवल दो अन्य आयुक्त सदस्यों की व्यवस्था की गई है। इनमें से एक सामान से संबंधित मामलों को जबकि दूसरा सेवाओं से संबंधित मामलों को देखेगा। उपभोक्ता मामले विभाग की अपर सचिव निधि खरे पहली मुख्य आयुक्त बनीं।
  • इसका मुख्यालय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होगा लेकिन केंद्र सरकार देश के अन्य हिस्सों में क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित कर सकती है। सीसीपीए में एक इन्वेस्टिगेशन विंग बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता एक महानिदेशक को दी गई है।
  • अधिनियम में राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तरों पर उपभोक्ता विवाद निवारण आयोगों (CDRCs) की स्थापना का प्रावधान किया गया है।


उपभोक्ता मामले विभाग

  • उपभोक्ता मामले विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत दो विभागों में से एक है। देश में बुनियादी उपभोक्ता आंदोलन को गति देने के लिए एक विशिष्ट विभाग की आवश्यकता के दृष्टिकोण से, जून 1997 में इसे एक अलग विभाग के रूप में गठित किया गया था।
  • विभाग को निम्नलिखित कार्य सौंपे गए हैं-
  • उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का कार्यान्वयन
  • भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 का कार्यान्वयन
  • बाट और माप मानकों का कार्यान्वयन - विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009
  • पैकबंद वस्तुओं का विनियमन
  • आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (1955 का 10) (आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, मूल्य और वितरण संबंधी मामलों को विशेष रूप से किसी अन्य विभाग द्वारा निपटाया नहीं गया)
  • चोर बाजारी निवारण और आवश्यक वस्तु प्रदाय अधिनियम, 1980 (1980 का 7)
  • आवश्यक वस्तुओं की कीमतों और उपलब्धता की निगरानी
  • आंतरिक व्यापार
  • विधिक मापविज्ञान में प्रशिक्षण
  • संप्रतीक और नाम (अनुचित प्रयोग निवारण) अधिनियम, 1952
  • अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए जैव ईंधन के संबंध में विनिर्दिष्टता, मानक और संहिता तैयार करना और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करना
  • उपभोक्ता सहकारी समितियां
  • राष्ट्रीय परीक्षण शाला

*राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस-2025 का विषय/थीम*

Efficient and Speedy Disposal through Digital Justice
 

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025

23 दिसंबर 2025 : किसान दिवस

किसान दिवस

(Farmers Day)

आज का दिन : 23 दिसंबर 2025


  • देश में प्रतिवर्ष 23 दिसंबर को किसान दिवस मनाया जाता है।
  • देश के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती 23 दिसंबर को प्रतिवर्ष किसान दिवस मनाया जाता है।
  • भारत की जनसंख्या का अधिकांश हिस्सा आज भी कृषि कार्यों में जुटा हुआ है। उनकी मेहनत से ही हमें भोजन मिलता है। किसानों की मेहनत को सम्मान देने के लिए ही किसान दिवस मनाया जाता है।
  • चौधरी चरण सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 23 दिसंबर 1902 को हुआ था।
  • चौधरी चरण सिंह 28 जुलाई 1979 से 14 जनवरी 1980 तक भारत के प्रधानमंत्री पद पर रहे। इस दौरान उन्होंने किसानों के हित के लिए कई नीतियां बनाईं।
  • वर्ष 1952 में चौधरी चरण सिंह की मेहनत के कारण ही 'जमींदारी उन्मूलन विधेयक' पारित हो सका। 
  • एक जुलाई 1952 को यूपी में उनके प्रयासों से ही जमींदारी प्रथा का उन्मूलन हुआ और गरीबों को अधिकार मिला।
  • किसानों के हित में उन्होंने 1954 में उत्तर प्रदेश भूमि संरक्षण कानून को पारित कराया।
  • चौधरी चरण सिंह ने वर्ष 1979 में भारत के वित्तमंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना की।
  • उन्होंने 'इंडियाज इकोनॉमिक पोलिसी: गांधीयन ब्ल्यू प्रिन्ट' नाम की किताब लिखी जिसमें भारतीय अर्थव्यवस्था की समस्याओं का गांधीवादी नीति से समाधान सुझाया गया है।
  • उनके नाम पर हरियाणा के हिसार में 'चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय' स्थापित किया गया है। यह दुनिया के बड़े कृषि विश्वविद्यालयों में शामिल है। 
  • देश में प्रतिवर्ष 15 अक्टूबर को 'राष्ट्रीय महिला किसान दिवस' भी मनाया जाता है।
  • भारतीय सांख्यिकी कार्यालय के सिचुएशन असेसमेंट सर्वे के अनुसार वर्ष 2018 में देश में किसानों की वार्षिक औसत आय 1,22,616 रुपए थी यानी लगभग 10,218 रुपए मासिक। हालांकि राज्य स्तर पर देखें तो सबसे अधिक आय मेघालय के किसानों की हैं। यहां किसानों की आय 26,973 रुपए औसत प्रति माह है। जबकि सबसे कम मासिक कमाई ओडिशा के किसानों की है। ओडिशा के किसान औसतन मात्र 4013 रुपए मासिक ही कमाते हैं। मात्र 12 राज्य ऐसे हैं, जिनमें किसानों की औसत मासिक आय 10 हजार रुपए से ऊपर है। यूपी, एमपी, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना आदि जैसे बड़े राज्यों में किसानों की औसत आय 10 हजार रुपए से भी कम है।

सोमवार, 22 दिसंबर 2025

22 दिसंबर 2025 : राष्ट्रीय गणित दिवस

राष्ट्रीय गणित दिवस

(National Mathematics Day)

आज का दिन : 22 दिसंबर 2025

  • प्रतिवर्ष 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जाता है।
  • सन् 2012 से प्रतिवर्ष 22 दिसंबर से भारत में राष्ट्रीय गणित दिवस मनाया जा रहा है।
  • 22 दिसंबर 2012 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास अयंगर रामानुजन की 125वीं जयंती पर गणित दिवस मनाने की घोषणा की थी।
  • भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास अयंगर रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को हुआ था। वह कोयंबटूर के ईरोड गांव के एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे थे।
  • रामानुजन ने अपने जीवनकाल में गणित के विश्लेषण एवं संख्या सिद्धांत के क्षेत्रों में विस्तृत योगदान दिया था। इन्हें आधुनिक काल के महानतम गणितज्ञों में गिना जाता है।
  • श्रीनिवास रामानुजन ने बहुत ही कम उम्र में अपनी प्रतिभा से फ्रैक्शन, इनफ्राइनाइट सीरिज, नंबर थ्योरी, मैथेमेटिकल एनालिसिस आदि के बारे में अपने योगदान से गणित की दुनिया में एक अन्यतम उदाहरण स्थापित किया।
  • गणित के क्षेत्र में आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त, महावीर, भास्कर द्वितीय जैसी भारत की महान हस्तियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रविवार, 21 दिसंबर 2025

21 दिसंबर 2025 : विश्व ध्यान दिवस

 आज का दिन : 21 दिसंबर 2025

विश्व ध्यान दिवस
(World Meditation Day)

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  • आज 21 दिसंबर, 2025 को दूसरा विश्व ध्यान दिवस मनाया जा रहा है।
  • वर्ष 2024 में प्रथम विश्व ध्यान दिवस मनाया गया था।
  • भारत सहित अन्य देशों की पहल पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 6 दिसंबर, 2024 को 'विश्व ध्यान दिवस' मनाने का प्रस्ताव पारित किया।
  • विश्व ध्यान दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को उच्च स्तर के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य से लाभान्वित होने में मदद करना है।
  • प्रथम विश्व ध्यान दिवस से एक दिन पूर्व यूएन में भारत के स्थाई मिशन की ओर से 19 दिसंबर, 2025 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने प्रतिभागियों के लिए एक विशेष ध्यान सत्र आयोजित किया।
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ल्ड मेडिटेशन डे के लिए 21 दिसंबर तय करने का भी विशेष कारण है। उत्तरी गोलार्ध में 20 से 30 दिसंबर के बीच सूर्य का उत्तरायण आरंभ होता है। यानी सूर्य देव उत्तर की ओर अपनी यात्रा आरंभ करते हैं। इस बार यह खगोलीय घटना 21 दिसंबर को हो रही है, इसलिए प्रथम विश्व ध्यान दिवस 21 दिसंबर को मनाया जा रहा है। भारत में इस दिन को शीतकालीन संक्रांति के रूप में माना जाता है और इस दिन देश में सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात होती है।
  • संयुक्त राष्ट्र ने विश्व ध्यान दिवस मुख्यत: भारत की पहल पर मनाना शुरू किया है। यूएन में भारत के अलावा अंडोरा, बांग्लादेश, बुल्गारिया, बुरुंडी, डोमिनिक रिपब्लिक, आइसलैंड, लिंचेस्टीन, लक्जमबर्ग, मॉरिशस, मैक्सिको, मोनाको, मंगोलिया, मोरक्को, नेपाल, पुर्तगाल, स्लोवेनिया और श्रीलंका ने भी विश्व ध्यान दिवस मनाने की पहल का समर्थन किया।
  • ध्यान एक प्राचीन अभ्यास है, जिसमें वर्तमान क्षण पर अपना ध्यान या चिंतन केंद्रित किया जाता । यह विभिन्न संस्कृतियों विशेषकर भारतीय संस्कृति का हजारों वर्षों से अभिन्न अंग रहा है। आज दुनियाभर में इसे अपनाया जा रहा है।


21 दिसंबर 2025 : विश्व बास्केटबॉल दिवस

विश्व बास्केटबॉल दिवस
(World Basketball Day)

आज का दिन : 21 दिसंबर 2025

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World Basketball Day 2025

  • प्रतिवर्ष 21 दिसंबर को विश्व बास्केटबॉल दिवस मनाया जाता है।
  • वर्ष 2023 में पहली बार विश्व बास्केटबॉल दिवस मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 25 अगस्त, 2023 को यह दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया। यह दूसरा विश्व बास्केटबॉल दिवस है।
  • बास्केटबॉल खेल पहली बार 21 दिसंबर, 1891 को स्प्रिंगफील्ड, मैसाचुसेट्स, यूएसए में इंटरनेशनल वाईएमसीए ट्रेनिंग स्कूल में खेला गया था। इस खेल को कनाडा के शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षक डॉ. जेम्स नाइस्मिथ ने सर्दियों के दौरान अपने छात्रों को सक्रिय रखने के लिए विकसित किया था।
  • सन् 1936 के बर्लिन ओलंपिक में पहली बार बास्केटबॉल को शामिल किया गया। वर्तमान में बास्केटबॉल दुनिया में सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से खेले जाने वाले खेलों में से एक है।
  • संयुक्त राष्ट्र की ओर से वर्ष 2030 एजेंडा में खेल को सतत विकास के एक महत्वपूर्ण प्रवर्तक के रूप में मान्यता दी गई है।
  • वर्तमान यानी वर्ष 2025 में अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल फेडरेशन (FIBA) के अध्यक्ष कतर के शेख सऊद अली अल थानी हैं। थानी 2027 तक अध्यक्ष बने रहेंगे। 
  • भारत में बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया की स्थापना 1950 में की गई। वर्तमान यानी वर्ष 2025 में इसके अध्यक्ष आधव अर्जुन हैं।

शनिवार, 20 दिसंबर 2025

20 दिसंबर 2025 : अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस

अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस

(International Human Solidarity Day)

आज का दिन : 20 दिसंबर 2025

  • प्रतिवर्ष 20 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 22 दिसंबर, 2005 को अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया था। यह दिवस सन् 2006 से मनाया जा रहा है।
  • 20 दिसंबर, 2002 को संयुक्त राष्ट्र ने 'विश्व एकता फंड' की स्थापना की थी, जो संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का एक हिस्सा है। इसका उद्देश्य गरीबी दूर करते हुए सामाजिक विकास पर ध्यान केंद्रित करना है।
  • संपूर्ण विश्व में मानवता की एकता को दर्शाना ही अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस को मनाने का उद्देश्य है।
  • अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस पर दुनिया के सभी देश अपनी जनता के बीच शांति, भाईचारा, प्रेम, सौहार्द और एकता का संदेश प्रसारित करते हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस विविधता भरी हमारी दुनिया की एकता के लिए है। यह दिन सभी देशों की सरकारों को याद दिलाता है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए अपने वादे-संधियां याद रखें और उनका पालन करें।
  • संयुक्त राष्ट्र का यह दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य सभी लोगों का सतत विकास खासकर गरीबी दूर करने की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाना है।

रविवार, 14 दिसंबर 2025

14 दिसंबर 2025 : राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस

(National Energy Conservation Day)

आज का दिन : 14 दिसंबर 2025

  • प्रतिवर्ष पूरे देश में 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है।
  • विद्युत मंत्रालय के अधीनस्थ ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा हर साल 14 दिसंबर को 'राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार' का आयोजन किया जाता है।पहली बार वर्ष 1991 में यह दिवस मनाया गया था।
  • राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को ऊर्जा के महत्व के साथ ही इसकी बचत और इसके माध्यम से ऊर्जा के संरक्षण बारे में जागरूक करना है।
  • ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत 'ऊर्जा दक्षता ब्यूरो' (Bureau of Energy Efficiency-BEE) की स्थापना की गई। ऊर्जा मंत्रालय के अधीन यह संवैधानिक निकाय है जो देश में ऊर्जा का उपयोग कम करने और नीतियां बनाने और उन्हें लागू करवाने में सहायता करता है।
  • ऊर्जा दक्षता एवं संरक्षण के महत्व के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की ओर से दिसंबर में 'राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह' मनाया जाता है। इस बार यह सप्ताह 14 से 20 दिसंबर, 2025 तक मनाया जाएगा।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले 35वें राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस-2025 के समारोह में भाग लेंगी। समारोह में राष्ट्रपति राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार और राष्ट्रीय पेंटिंग प्रतियोगिता पुरस्कारों के विजेताओं को सम्मानित करेंगी।
  • विद्युत मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर स्कूली बच्चों में ऊर्जा बचत का संदेश प्रसारित करने के लिए उनके मध्य राष्ट्र स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार

  • विद्युत मंत्रालय के मार्गदर्शन में ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) हर साल 14 दिसंबर को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर औद्योगिक इकाइयों, संस्थानों व प्रतिष्ठानों को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार (एनईसीए) से सम्मानित करके ऊर्जा खपत को कम करने में उनके प्रयासों को मान्यता देता है और प्रोत्साहित करता है। पहली बार ये पुरस्कार 14 दिसंबर, 1991 को प्रदान किए गए थे।
  • वर्ष 2021 में संस्थान की ओर से एक नए पुरस्कार- राष्ट्रीय ऊर्जा दक्षता नवाचार पुरस्कार शुरू किया गया। इस पहल का उद्देश्य 'नवाचार ऊर्जा दक्षता प्रौद्योगिकी' को मान्यता देना है। इसके साथ ही उद्योगों और क्षेत्रों को उनकी इकाइयों में नवाचार ऊर्जा दक्षता प्रयासों को विकसित करने के बारे में प्रेरित करने के लिए प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करना है।

गुरुवार, 11 दिसंबर 2025

11 दिसंबर 2025 : अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस

अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस

(International Mountain Day)

आज का दिन : 11 दिसंबर 2025

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International Mountain Day 2025 theme - Glaciers matter for water, food and livelihoods in mountains and beyond

  • प्रतिवर्ष 11 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2002 में प्रतिवर्ष 11 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाने का निर्णय लिया था। इसके बाद पहली बार 11 दिसंबर, 2003 को पहला इंटरनेशनल माउंटेन डे (International Mountain Day) मनाया गया।
  • अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस को मनाने की पृष्ठभूमि वर्ष 1992 में पर्यावरण और विकास पर हुए संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में तैयार हुई थी। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2002 को 'अंतरराष्ट्रीय पर्वत वर्ष' के रूप में मनाया था।
  • एक बार फिर पर्वतों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2022 को सतत् पर्वतीय विकास का अंतरराष्ट्रीय वर्ष (International Year of Sustainable Mountain Development, 2022) के रूप में मनाया था। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 'सतत् पर्वतीय विकास का अंतरराष्ट्रीय वर्ष-2022Ó को मनाने का संकल्प 16 दिसंबर, 2021 को लिया था।
  • अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस मनाने का उद्देश्य पहाड़ों के महत्व और जैव समृद्धता के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही इनका विकास करना है। इस दिन को पहाड़ों में उत्साह के साथ मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पर्वतों पर दुनिया की 15 प्रतिशत यानी लगभग 1.1 बिलियन आबादी निवास करती है। वहीं दुनिया के 30 प्रतिशत जैव विविधता वाले क्षेत्र पहाड़ों पर पाए जाते हैं। सबसे बड़ी बात दुनिया की आधी आबादी को पीने का मीठा पानी का स्रोत भी पहाड़ ही हैं। लेकिन आज यही जीवनदायिनी पहाड़ अपने अस्तित्व के लिए जूझ रहे हैं। पहाड़ों के ग्लेशियर ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव से पिघल रहे हैं।
  • यूएन के अनुसार दुनिया को भोजन उपलब्ध कराने वाली 20 प्रजातियों में से 6 (मक्का, आलू, जौ, टमाटर, सेब, ज्वार) पहाड़ों से ही उत्पन्न हुई हैं। पहाड़ धरती के 27 प्रतिशत हिस्से पर मौजूद हैं।
  • सनातन संस्कृति में दीपावली पर्व के दौरान गोवर्धन के रूप में 'पर्वत पूजा' सम्मिलित है। इसके अलावा भी हमारे देश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्वत/पहाड़ों की परिक्रमा, पूजा आदि की परंपरा है।

*अंतरराष्ट्रीय पर्वत दिवस-2025 का विषय/थीम*

Glaciers matter for water, food and livelihoods in mountains and beyond

बुधवार, 10 दिसंबर 2025

10 दिसंबर 2025 : मानवाधिकार दिवस

मानवाधिकार दिवस

(Human Rights Day)

आज का दिन : 10 दिसंबर 2025

  • प्रतिवर्ष 10 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र की ओर से मानवाधिकार दिवस मनाया जाता है।
  • 10 दिसंबर, 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा पत्र को आधिकारिक मान्यता प्रदान की थी। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र ने सन् 1950 में 10 दिसंबर को प्रतिवर्ष 'मानवाधिकार दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की।
  • मानवाधिकार दिवस को मनाने का उद्देश्य धरती के प्रत्येक मानव को जीवन, स्वतंत्रता, न्याय, समानता और सम्मान सबका अधिकार मिले, यही प्रयास करना है। इन मौलिक अधिकारों का प्रत्येक व्यक्ति स्वाभाविक रूप से हकदार है और ये अधिकार कानून द्वारा संरक्षित भी हैं।
  • 10 दिसंबर, 2025 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से विशेष कार्यक्रम नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इसकी मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी।

भारत में है राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

  • भारत में 28 सितंबर, 1993 को मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम अस्तित्व में आया।
  • मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत 12 अक्टूबर, 1993 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का गठन किया गया।
  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कार्यक्षेत्र में नागरिक और राजनीतिक के साथ आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकार भी आते हैं। जैसे बाल मजदूरी, एचआईवी/एड्स, स्वास्थ्य, भोजन, बाल विवाह, महिला अधिकार, हिरासत और मुठभेड़ में होने वाली मौत, अल्पसंख्यकों और अनुसूचित जाति और जनजाति के अधिकार आदि।
  • वर्तमान यानी सन् 2024 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की कार्यवाहक अध्यक्ष विजया भारती सयानी हैं।
  • मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम के अनुच्छेद 21 के अन्तर्गत राज्यों को राज्य मानवाधिकार आयोग गठन का अधिकार दिया गया।
  • राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अनुसार 12 अक्टूबर, 1993 को अपनी स्थापना के बाद से 30 नवंबर, 2024 तक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सामने कुल 23,14,794 मामले आए। इनमें से 23,07,587 मामलों का निपटारा किया गया। इसी प्रकार पिछले वर्ष 1 दिसंबर, 2023 से 30 नवंबर, 2024 तक आयोग ने कुल 66,378 मामलों का निपटारा किया, जिन में 65,973 मामले इसी अवधि में दर्ज किए गए थे।

संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद

  • संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानव अधिकार आयोग की स्थापना वर्ष 1946-47 में आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् की एक कार्यात्मक समिति के रूप में की थी।
  • दिसम्बर 1993 में महासभा ने मानवाधिकार गतिविधियों के प्रति जिम्मेदारी निश्चित करने के लिए मानवाधिकार उच्चायुक्त का पद सृजित किया।
  • 15 मार्च, 2006 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक नई मानवाधिकार परिषद् के गठन का प्रस्ताव पारित किया। इस 47 सदस्यीय मानवाधिकार परिषद् ने 53 सदस्यीय मानवाधिकार आयोग का स्थान लिया है। आयोग को 16 जून, 2006 को समाप्त कर दिया गया तथा 19 जून, 2006 को परिषद् की प्रथम बैठक आयोजित की गई।
  • न्यायसंगत भौगोलिक वितरण के आधार पर परिषद की सीटों को 5 क्षेत्रीय समूहों में बांटा गया है जो इस प्रकार हैं : अफ्रीकन देश : 13 सीट, एशिया-प्रशांत के देश - 13 सीट, पूर्वी यूरोपियन देश - 6 सीट, लैटिन अमेरिकी एवं कैरिबियन देश - 8 सीट और पश्चिमी यूरोप व अन्य देश - 7 सीटें।
  • संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार परिषद स्थायी है और प्रत्यक्ष रूप से महासभा के अधीनस्थ है। यह कहीं भी एवं किसी भी देश में मानवाधिकारों के उल्लंघन का गहन विश्लेषण कर सकेगी। 

स्विट्जरलैंड के जुगर् लाउबर 2025 के लिए अध्यक्ष चुने गए

  • वर्तमान यानी 2024 में मोरक्को के उमर जिनबर अध्यक्ष हैं। इनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त हो रहा है। हाल ही हुए चुनावों में स्विट्जरलैंड के जुर्ग लाउबर को मानवाधिकार परिषद का अध्यक्ष चुना गया है। लाउबर का कार्यकाल 1 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर, 2025 तक रहेगा। इसके अलावा तीन उपाध्यक्षों बांग्लादेश के तारिक मोहम्मद अरिफुल इस्लाम (एशिया), रोमानिया के रजवान रुसु (यूरपो) और कांगो के पॉल एम्पोले लोसोको इफाम्बो (अफ्रीका) भी चुना गया। चौथे उपाध्यक्ष का चुनाव बाद में लैटिन अमेरिकी और कैरिबियन देशों के समूह से किया जाएगा।

भारत अब तक छह बार बना मानव अधिकार परिषद का सदस्य

  • संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत अब तक सात बार सदस्य चुना गया है। भारत का सातवां कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है। 
  • हाल ही हुए चुनावों में 193 सदस्यीय महासभा ने 47 सदस्यों की मानवाधिकार परिषद के लिए 18 नए सदस्यों का चुनाव किया, जिनका तीन साल का कार्यकाल 1 जनवरी, 2025 से शुरू होगा। 18 नए सदस्य देश इस प्रकार हैं-थाईलैंड, साइप्रस, कतर, दक्षिण कोरिया, मार्शल आइसलैंड, बेनिन, कान्गो, इथोपिया, गाम्बिया, केन्या, बोलीविया, कोलंबिया, मैक्सिको, चैक रिपब्लिक, उत्तरी मेसिडोनिया, आईसलैंड, स्पेन और स्विट्जरलैंड। इन सदस्यों के चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में सऊदी अरब का नहीं चुना जाना रहा।

*मानवाधिकार दिवस-2025 का विषय/थीम*

Human Rights, Our Everyday Essentials

मंगलवार, 9 दिसंबर 2025

9 दिसंबर 2025 : अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस

अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस

(International Anti-Corruption Day)

आज का दिन : 9 दिसंबर 2025

antarrashtriya-bhrashtachar-virodhi-diwas-2024
अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस-2025 की थीम
Uniting with Youth Against Corruption: Shaping Tomorrow's Integrity

  • प्रतिवर्ष 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कन्वेशन को 31 अक्टूबर, 2003 को अपनाया। असेंबली ने भ्रष्टाचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इससे निपटने और रोकने में कन्वेंशन की भूमिका के लिए 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के रूप में नामित किया। यह कन्वेंशन दिसंबर 2005 में लागू हुआ। इस तरह पहली बार अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस 9 दिसंबर, 2005 को मनाया गया।
  • अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाने का उद्देश्य भ्रष्टाचार विरोधी, शांति, सुरक्षा और विकास के बीच महत्वपूर्ण संबंध को उजागर करना हैं।
  • *अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस-2025 का विषय/थीम*

    Uniting with Youth Against Corruption: Shaping Tomorrow's Integrity
     

सोमवार, 8 दिसंबर 2025

8 दिसंबर 2025 : सेना सेवा कोर दिवस

सेना सेवा कोर दिवस
(Army Service Corps Day)

आज का दिन : 8 दिसंबर 2025


 

  • प्रतिवर्ष 8 दिसंबर को सेना सेवा कोर दिवस मनाया जाता है।
  • 8 दिसंबर 1950 को राष्ट्रपति ने भारतीय सेना कोर को बैज में राष्ट्रीय प्रतीक का उपयोग करने और अपनी सेवाओं की मान्यता के रूप में दाहिने कंधे पर लाल डोरी पहनने की मंजूरी दी थी, इसीलिए 8 दिसंबर को सेना सेवा कोर दिवस मनाया जाता है।
  • पहली बार 8 दिसंबर, 1952 को सेना सेवा कोर दिवस मनाया गया।
  • सेना सेवा कोर भारतीय सेना की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी प्रशासनिक सेवा है।
  • भारतीय सेना सेवा कोर का आदर्श वाक्य 'सेवा अस्माकं धर्मः' है।
  • सेना सेवा कोर की स्थापना एक वाहिनी के रूप में सन् 1760 में ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं के प्रशासनिक घटक के रूप में की गई थी।
  • प्रथम विश्व युद्ध में इसने विदेशी अभियानों में भाग लिया। वर्ष 1923 में इस वाहिनी को 'भारतीय सेना सेवा कोर' नाम दिया गया और वर्ष 1935 में रॉयल उपसर्ग प्रदान किया गया।
  • वर्ष 1950 में भारत के गणतंत्र बनते ही कोर ने रॉयल उपसर्ग हटा दिया और 'रॉयल भारतीय सेना सेवा कोर' से 'भारतीय सेना सेवा कोर' बन गई।
  • सेना सेवा कोर ने तीन महाद्वीपों और शुष्क रेगिस्तानों से लेकर बर्फीले पहाड़ों, जंगलों और ऊंचाई वाले क्षेत्र तक सभी प्रकार के क्षेत्रों में लडाकू बलों के अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
  • सेना सेवा कोर को स्वतंत्रता से पूर्व 568 सम्मान मिले। आजादी के बाद एक महावीर चक्र, 14 वीर चक्र, 4 कीर्ति चक्र, एक शोक चक्र, 21 शौर्य चक्र और 134 सेना पदक मिल चुके हैं।
  • सेना सेवा कोर ने खिलाडिय़ों को भी प्रोत्साहित किया है। सेवा कोर में 4 अर्जुन पुरस्कार, तीन हॉकी ओलंपियन, साहसी 'टोरनेडो' मोटरसाइकिल टीम, घुड़सवारी आदि हैं।

8 दिसंबर 2025 : दक्षेस चार्टर दिवस

दक्षेस चार्टर दिवस

(SAARC Charter Day)

आज का दिन : 8 दिसंबर 2025

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  • प्रतिवर्ष 8 दिसंबर को दक्षेस चार्टर दिवस मनाया जाता है।
  • सन् 1985 में 8 दिसंबर के दिन दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) की स्थापना की गई थी। इसलिए प्रतिवर्ष इस दिन को 'सार्क चार्टर डे' के रूप में मनाया जाता है।
  • विश्व के इस सबसे प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठन के सदस्य भारत, बांग्लादेश, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान, श्रीलंका और भूटान थे। बाद में अप्रेल, 2007 में अफगानिस्तान इसका आठवां सदस्य बना।
  • दक्षेस यानी सार्क का पूरा नाम है- South Asian Association for Regional Cooperation Day (SAARC).
  • दक्षेस की स्थापना का मुख्य उद्देश्य दक्षिण एशिया में मानव संसाधन, कृषि, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास करना है।
  • बांग्लादेश के तत्कालीन राष्ट्रपति जियाउर रहमान के प्रस्ताव पर दक्षेस की स्थापना की गई।
  • दक्षेस का मुख्यालय नेपाल की राजधानी काठमांडू में है। विभिन्न सदस्य देशों में सार्क के क्षेत्रीय केन्द्र सक्रिय हैं।
  • महासचिव संगठन का संचालन करते हैं, जिसकी नियुक्ति सदस्य देशों की मंत्रिपरिषद् करती है। महासचिव का पद देशों की वर्णमाला क्रम के अनुसार मिलता है। संगठन में निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं और द्विपक्षीय और विवादास्पद मामलों से बचा जाता है।
  • वर्तमान यानी सन् 2025 में  बांग्लादेश के मोहम्मद गोलाम सरवर दक्षेस के महासचिव हैं। उनकी नियुक्ति 25 अक्टूबर, 2023 को हुई।
  • भारत की ओर से अब तक दो ही व्यक्ति सार्क के महासचिव बने हैं। ये हैं- के. किशोर भार्गव और शील शर्मा।
  • सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों की बैठकें यानी शिखर सम्मेलन वर्ष में एक बार और विदेश सचिवों की बैठकें वर्ष में दो बार आयोजित की जाती हैं।
  • दक्षेस में 8 सदस्य देशों के अलावा कुछ अन्य देशों को पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया। इनमें अमेरिका, चीन, जापान, म्यांमार, दक्षिण कोरिया, ईरान, यूरोपीय संघ, मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
  • नवंबर, 2016 में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाले 19वें शिखर सम्मेलन को भारत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान के बहिष्कार के कारण स्थगित करना पड़ा था। इससे पूर्व 18वां शिखर सम्मेलन 26-27 नवंबर, 2014 को नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुआ था। वर्ष 2014 से सार्क की अध्यक्षता नेपाल के पास है।
  • पाकिस्तान ने 2018 में भी 19वें शिखर सम्मेलन का आयोजन करना चाहा लेकिन भारत ने पाकिस्तान में होने वाले शिखर सम्मेलन के बहिष्कार का निर्णय बरकरार रखा। वर्ष 2020 में भी एक बार फिर 19वें शिखर सम्मेलन के लिए पाकिस्तान ने प्रयास किया, लेकिन कोविड-19 महामारी के चलते सदस्य देशों ने इसे टाल दिया। इसके बाद से अभी तक 19वें शिखर सम्मेलन का आयोजन नहीं हो सका है।